नारायणपुर सब स्टेशन की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, घंटों गुल हो रही बिजली से ग्रामीण हलाकान, कभी 33 केवी लाइन तो कभी फीडर में फाल्ट का हवाला, गणेश उत्सव में आरती-भजन के समय भी बिजली बंद, अलग फीडर का काम महीनों से अधूरा
नारायणपुर। नारायणपुर सब स्टेशन से आपूर्ति होने वाली बिजली व्यवस्था पिछले कुछ महीनों से बदहाल नजर आ रही है। क्षेत्र में आए दिन घंटों बिजली गुल रहने और बार-बार बिजली के आने-जाने से ग्रामीण एवं उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कभी 33 केवी लाइन में सप्लाई बंद होने की बात कही जाती है तो कभी किसी लाइन अथवा फीडर में ब्रेकडाउन और फाल्ट का हवाला देकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। दिनभर बिजली की आंख-मिचौली से क्षेत्र के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हल्की बारिश हो या तेज बारिश, बिजली आपूर्ति बाधित होना अब सामान्य बात हो गई है। बारिश शुरू होते ही कई-कई घंटे बिजली बंद रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यवसायियों और अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। लगातार बिजली कटौती के कारण लोगों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग की ओर से आए दिन बिजली बंद होने का कारण फाल्ट बताया जाता है। सवाल यह है कि यदि एक ही क्षेत्र में बार-बार फाल्ट हो रहा है तो उसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा है। हर बार फाल्ट आने के बाद लाइन सुधारकर बिजली बहाल कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। लगातार होने वाले फाल्ट यह सवाल भी खड़ा करते हैं कि आखिर विभाग द्वारा बिजली लाइनों और विद्युत उपकरणों का नियमित रखरखाव किस स्तर पर किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होने से पहले विद्युत लाइनों और उपकरणों के मेंटेनेंस को लेकर विभाग द्वारा तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से इन दावों पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लाइनों और विद्युत उपकरणों का समुचित रखरखाव किया गया होता तो मामूली बारिश में भी घंटों बिजली बंद रहने जैसी स्थिति बार-बार सामने नहीं आती। ऐसे में ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि कहीं विभाग का मेंटेनेंस केवल कागजों तक ही सीमित तो नहीं रह गया है।
गणेश उत्सव में आरती के समय बिजली गुल होने से श्रद्धालु नाराज
इन दिनों क्षेत्र के विभिन्न गांवों में गणेश उत्सव के तहत जगह-जगह भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रतिदिन शाम को गणेश पंडालों में आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। लेकिन कई स्थानों पर शाम के समय ही बिजली गुल हो जाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरती के समय बिजली बंद रहने से महिला-पुरुष श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान दूर-दूर से कीर्तन मंडलियां भी गांवों में पहुंच रही हैं। बिजली नहीं रहने के कारण कई बार भजन-कीर्तन के कार्यक्रम प्रभावित हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारू रखना जरूरी है, लेकिन इसी समय बार-बार बिजली बंद होना लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है।
घंटों कटौती, फिर फाल्ट का हवाला
क्षेत्र में प्रतिदिन घंटों बिजली कटौती होने की शिकायत सामने आ रही है। बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ताओं द्वारा विभाग से जानकारी लेने पर फाल्ट अथवा ब्रेकडाउन की बात कही जाती है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर फाल्ट हो रहा है तो विभाग द्वारा इसकी मूल वजह का पता लगाकर स्थायी सुधार क्यों नहीं किया जा रहा है। बार-बार होने वाले फाल्ट के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही विभाग के मैदानी रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में विभाग के जे ई से पूछने पर कहा कि मौसम खराब होने की वजह से कुनकुरी से सप्लाई बंद है,रनपुर की ओर से लिया गया है,परन्तु कुछ फाल्ट होने के कारण लाइन रुक नही रह है। जल्द ही फाल्ट सुधार कर बिजली बहाल कर दी जाएगी
अलग फीडर की मांग अब तक अधूरी
नारायणपुर क्षेत्र के लिए अलग फीडर की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के अनुसार अलग फीडर का काम शुरू करने के लिए महीनों पहले कई स्थानों पर विद्युत खंभे भी लगाए गए थे, लेकिन खंभे लगाने के बाद तार खींचने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण नारायणपुर का अलग फीडर आज तक चालू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नारायणपुर क्षेत्र के लिए अलग फीडर शुरू हो जाता है तो वर्तमान विद्युत व्यवस्था में काफी सुधार की उम्मीद है। अलग फीडर से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है और बार-बार होने वाली परेशानी को भी कम किया जा सकता है। लेकिन कार्य अधूरा रहने के कारण इसका लाभ क्षेत्र के उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है।
उच्च अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
अलग फीडर का काम पूरा नहीं होने को लेकर ग्रामीण उच्च अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब महीनों पहले खंभे लगाए जा चुके हैं तो फिर तार खींचने और फीडर को चालू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। काम की निगरानी और समय-सीमा में उसे पूरा कराने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है। इसके बावजूद कार्य अधूरा पड़ा है और इसका खामियाजा नारायणपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि नारायणपुर सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में बार-बार हो रहे फाल्ट की स्थायी तकनीकी जांच कराकर समस्या का समाधान किया जाए। साथ ही अधूरे पड़े अलग फीडर के कार्य को शीघ्र पूरा कर उसे चालू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को लगातार हो रही बिजली कटौती से राहत मिल सके। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में बार-बार व्यवधान से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और अब विभाग को केवल फाल्ट बताने के बजाय उसकी स्थायी वजह दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
