श्री सर्वेश्वरी समूह का 66वां स्थापना दिवस 21 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा, नारायणपुर, सोगड़ा-गम्हरिया सहित देशभर की शाखाओं में प्रभातफेरी, ध्वजोत्तोलन, पूजन, विचार-गोष्ठी और सेवा गतिविधियों का होगा आयोजन
नारायणपुर। जनसेवा, सामाजिक सरोकार और मानव कल्याण के लिए संकल्पित श्री सर्वेश्वरी समूह का 66वां स्थापना दिवस आगामी सोमवार, 21 सितंबर 2026 को देशभर सहित विश्व के विभिन्न देशों में संचालित समूह की शाखाओं में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में संस्था के प्रधान कार्यालय अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी सहित सोगड़ा, गम्हरिया (जशपुर), चिटकवाइन (नारायणपुर) और अन्य शाखाओं में स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जशपुर जिले के सोगड़ा,गम्हरिया और नारायणपुर में स्थित समूह की आश्रम में भी स्थापना दिवस को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन की शुरुआत सुबह सफाई एवं श्रमदान के साथ होगी। इसके बाद प्रातः करीब साढ़े 5 बजे प्रार्थना गृह से प्रभातफेरी निकाली जाएगी। प्रभातफेरी नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः आश्रम परिसर पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालु एवं समूह के सदस्य सामूहिक रूप से शामिल होंगे।
प्रभातफेरी के पश्चात सुबह 9 बजे सर्वेश्वरी ध्वजोत्तोलन, पूजन एवं सफलयोनि के पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे आश्रम परिसर में ‘श्री सर्वेश्वरी समूह का हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव’ विषय पर पारिवारिक विचार-गोष्ठी आयोजित होगी। गोष्ठी में संस्था के उद्देश्यों, सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों तथा व्यक्ति और समाज के जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा तथा भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था की विभिन्न शाखाओं में भी सफाई-श्रमदान, प्रभातफेरी, ध्वजोत्तोलन, सफलयोनि पाठ, विचार-गोष्ठी और प्रसाद वितरण सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्री सर्वेश्वरी समूह के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था लंबे समय से जनसेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यों से जुड़ी हुई है। स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के प्रति संकल्प को दोहराने का अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से निर्धारित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।
