प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिलेट्स की उन्नत खेती सीखेंगे जशपुर के किसान ,कृषि स्थायी समिति के सभापति श्री गेंद बिहारी सिंह ने हरी झंडी दिखाकर कृषक दल को गुमला किया रवाना
जशपुरनगर, 08 सितम्बर 2026/ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत चयनित जिला जशपुर में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कृषि विभाग द्वारा आत्मा योजनांतर्गत राज्य के बाहर कृषक भ्रमण-सह-मिलेट्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत विकासखण्ड बगीचा के कृषकों के दल को मिलेट्स की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र, गुमला (झारखण्ड) रवाना किया गया।
कृषक दल को जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति, जिला पंचायत जशपुर के सभापति श्री गेंद बिहारी सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जशपुर जिले की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियां मिलेट्स की खेती के लिए अनुकूल हैं। जिले में रागी, कोदो एवं कुटकी जैसे पौष्टिक अनाजों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक एवं वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था को अपनाकर मिलेट्स की खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र, गुमला में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारियों को गंभीरता से सीखने और उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त उपयोगी जानकारी को अपने गांव एवं आसपास के अन्य किसानों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान उन्नत कृषि पद्धतियों का लाभ उठा सकें।
भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट्स की उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, बीज उत्पादन, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा विपणन के संबंध में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही गुमला क्षेत्र में मिलेट्स की खेती के क्षेत्र में किए जा रहे सफल प्रयासों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों का किसानों को प्रत्यक्ष अवलोकन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत इस प्रकार के कृषक प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट के माध्यम से किसानों को सफल कृषि मॉडल से जोड़ने, मिलेट्स के रकबे एवं उत्पादकता में वृद्धि करने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने तथा किसानों के लिए आय के बेहतर अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे जिले के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ पौष्टिक एवं बाजार की दृष्टि से संभावनाशील फसलों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
