गुरु सम्मान के साथ संस्कार, योग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश, शिक्षक दिवस पर डीपाटोली प्राथमिक विद्यालय में हुआ नवाचारी आयोजन, ब्रह्माकुमारी दीदियों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार अपनाने, मोबाइल के दुरुपयोग से बचने और नशामुक्त समाज बनाने के लिए किया प्रेरित
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गुरु सम्मान के साथ संस्कार, योग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश, शिक्षक दिवस पर डीपाटोली प्राथमिक विद्यालय में हुआ नवाचारी आयोजन, ब्रह्माकुमारी दीदियों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार अपनाने, मोबाइल के दुरुपयोग से बचने और नशामुक्त समाज बनाने के लिए किया प्रेरित

कुनकुरी/नारायणपुर : -
कुनकुरी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली में शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर नवाचारी गतिविधियों से परिपूर्ण एक भव्य एवं प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बी.के. दीदियों ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

समारोह का शुभारंभ बच्चों और शिक्षकों द्वारा मुख्य अतिथियों के आत्मीय और भावुक स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों ने अपने गुरुओं के प्रति आदर एवं कृतज्ञता प्रकट करते हुए शिक्षकों को कलम भेंट की। वहीं, शिक्षकों ने भी बच्चों को कलम, पेंसिल और कॉपी उपहार स्वरूप देकर उन्हें लगन से पढ़ाई करने और शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने के लिए प्रेरित किया। प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने बी.के.दीदियों को उपहार स्वरूप डायरी एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि बी.के. दीदियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षक, शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। बी. के. भारती ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का निर्माण करती है, शिक्षक विद्यार्थियों को भाषा, विज्ञान, गणित और कला जैसे विषयों में पारंगत बनाते हैं, जिससे वे व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार होते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षक के प्रति सम्मान एवं आदर भाव रखना चाहिए तथा उनकी हर बातों को गौर से सुनकर कार्य करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों एवं मोबाइल के दुरूपयोग पर भी गहन चर्चा की गई। बी.के. दीदियों ने बच्चों और उपस्थित जनसमूह को नशे की बुरी आदतों से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया।

बच्चों के विभिन्न योगासन को देखकर अतिथियों ने बच्चों की सराहना की तथा जीवन में योग के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस नवाचारी आयोजन ने न केवल शिक्षक और विद्यार्थियों के रिश्ते को मजबूत किया, बल्कि बच्चों में चरित्र निर्माण और सामाजिक दायित्व की भावना को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ।

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