पुराने शिक्षकों के टीईटी संकट पर सरकार का सकारात्मक रुख, दिन में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ बैठक और रात में बगिया पहुंचा शिक्षक प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री साय ने सीधी बातचीत के बाद दिया बड़ा भरोसा बोले नौकरी की चिंता न करें शिक्षक
जशपुर/नारायणपुर। (निरंजन मोहन्ती) : छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से उत्पन्न स्थिति को लेकर दिनभर चली बैठकों और चर्चाओं के बाद देर रात शिक्षक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुनकुरी स्थित गृह निवास बगिया पहुंचा। रात करीब 11 बजे हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से सीधे संवाद किया और टीईटी से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया।
दिन में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठकों में भी विभागीय टीईटी के मुद्दे पर सरकार का सकारात्मक रुख सामने आया। इसके बाद शिक्षक प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पुराने शिक्षकों के सामने खड़ी समस्या, टीईटी की अनिवार्यता और इससे प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की।
देर रात होने के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कमरे में बैठकर उनकी पूरी बात सुनी। शिक्षकों ने पुराने शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता से पैदा हुई परिस्थितियों और सेवा सुरक्षा से जुड़े विषयों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता के कारण किसी प्रकार की नौकरी की चिंता नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि विभागीय परीक्षा के माध्यम से सेवा सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी और शासन शिक्षकों के हित में निर्णय लेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति के विषय में भी सकारात्मक पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख से शिक्षक प्रतिनिधियों में उम्मीद और संतोष का माहौल देखने को मिला।
मुलाकात के दौरान रक्षाबंधन पर्व की आत्मीयता भी देखने को मिली। प्रतिनिधिमंडल में शामिल तीन महिला शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी राखी का उपहार देकर बहनों के प्रति स्नेह व्यक्त किया। टीईटी की अनिवार्यता से जुड़ी चिंता के बीच मुख्यमंत्री से मिले सेवा सुरक्षा के भरोसे को शिक्षिकाओं ने राखी के रिटर्न गिफ्ट के रूप में महसूस किया। इस भावनात्मक पल ने देर रात हुई मुलाकात को और खास बना दिया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए शिक्षक प्रतिनिधिमंडल तय करने में जशपुर जिला शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर वे समय-समय पर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। टीईटी की अनिवार्यता से पुराने शिक्षकों के सामने उत्पन्न स्थिति को लेकर भी उन्होंने लगातार इस विषय को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री तक पहुंचने और शिक्षकों की बात सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने में उनकी भूमिका को शिक्षक वर्ग महत्वपूर्ण मान रहा है।
शिक्षक आंदोलन के बीच सबसे अहम मुद्दा पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता और उससे उत्पन्न सेवा संबंधी स्थिति का है। बुधवार को हुई चर्चाओं में इसी विषय पर समाधान की दिशा में बातचीत केंद्रित रही। मुख्यमंत्री की ओर से सेवा सुरक्षा को लेकर मिले भरोसे के बाद शिक्षकों में सकारात्मक संदेश गया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक रुख से लंबे समय से चली आ रही चिंता के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।
देर रात तक शिक्षकों की बात सुनना और उनकी समस्याओं पर सकारात्मकता के साथ चर्चा करना मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
