सारंगडाँड़ के दो बस्ती में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण परेशान, आठ दिन बाद भी नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर,वन्ही खेत में रोपा लगाने तरस रहा किसान
नारायणपुर। क्षेत्र के ग्राम सारंगडाँड़ की सरनाटोली और तेतरटोली बस्ती में पिछले आठ दिनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। दोनों बस्तियों को एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन करीब आठ दिन पहले ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के बाद अब तक इसे बदला नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित बिजली विभाग और जूनियर इंजीनियर को कई बार सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लगातार बारिश के बीच बिजली के नही रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
बताया गया कि इन दोनों बस्तियों में करीब डेढ़ सौ परिवार निवास करते हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने से लगभग 20 से 25 बिजली कनेक्शनधारी परिवार पूरी तरह बिजली से वंचित हैं, जबकि कुछ उपभोक्ताओं को एक ही फेस में बिजली मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के इस मौसम में आठ दिनों से बिजली डिम मिलने के कारण घरेलू कामकाज से लेकर रात में आवागमन तक मुश्किल हो गया है।
ट्रांसफार्मर खेत में लगा, किसान भी खेती से पिछड़ रहा
इस बिजली समस्या का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान की खेती भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार खराब ट्रांसफार्मर किसान ढरकु राम के खेत में लगा हुआ है। विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर बदले जाने की उम्मीद में किसान ने खेत में जुताई का काम रोक रखा है। इसी वजह से वह करीब एक सप्ताह से अपने खेत में धान का रोपा नहीं लगा पा रहा है। किसान का कहना है कि एक ओर वह विभाग के ट्रांसफार्मर बदलने का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खेती का महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है। बारिश के मौसम में धान की रोपाई समय पर नहीं होने से उसे खेती में नुकसान उठाने की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा यदि जल्द ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है तो उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा मिलने के साथ किसान ढरकु राम भी खेत में जुताई और धान रोपाई का काम शुरू कर सकेगा। ग्रामीणों के अनुसार खेती के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली समस्या के कारण किसान पहले ही एक सप्ताह पीछे हो चुका है।
हाथी प्रभावित क्षेत्र होने से रात में बढ़ा खतरा
आदिम जाति सेवा समिति नारायणपुर के अध्यक्ष वेद प्रकाश अंगिरा ने बताया कि करीब आठ दिन पहले ट्रांसफार्मर जल गया था। इसकी जानकारी संबंधित विभाग को कई बार दी गई, लेकिन अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के बीच बिजली बहुत ज्यादा डिम होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सारंगडाँड़ क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र भी है। ऐसे में रात के समय घरों और आसपास अंधेरा रहने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ जाती है। बारिश के मौसम में सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना रहता है। सही तरीके से बिजली नहीं होने के कारण रात में इनसे बचाव करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय किसी व्यक्ति को जहरीला जीव-जंतु काट ले तो बारिश और अंधेरे के बीच उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में बिजली व्यवस्था को केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए और दोनों बस्तियों में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। वहीं किसान ढरकु राम ने भी जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है, ताकि वह खेत की जुताई कर समय पर धान की रोपाई कर सके। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में अब और देरी उनकी परेशानी बढ़ा सकती है।
