पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में व्यापक तबादला आदेश जारी, 37 कार्यपालन अभियंता व सहायक अभियंताओं को मिली नई जिम्मेदारी, पथलगांव से लेकर कांकेर-गरियाबंद तक बदली प्रशासनिक व्यवस्था
रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। शासन की ओर से जारी आदेश में कुल 37 अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरित करते हुए आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
आदेश के अनुसार पथलगांव, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बिलासपुर, कोरिया, सरगुजा, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, दुर्ग, कांकेर सहित प्रदेश के कई जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
इस फेरबदल में कई कार्यपालन अभियंताओं को दूसरे जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता का प्रभार सौंपा गया है। आदेश में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभागों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण से जुड़े पदों में भी बदलाव किया गया है।
जशपुर जिले से जुड़ी महत्वपूर्ण पदस्थापना में पथलगांव के कार्यपालन अभियंता को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं एक सहायक अभियंता को कार्यपालन अभियंता के पद पर पथलगांव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदेश में बलरामपुर, कोरिया और सरगुजा क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के विभिन्न संभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने से संबंधित जिलों में विभागीय कार्यों के संचालन की व्यवस्था में बदलाव होगा।
इसी तरह कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी अधिकारियों की पदस्थापना बदली गई है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
सरगुजा संभाग में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं। अंबिकापुर, सूरजपुर और कोरिया से जुड़े विभागीय पदों में बदलाव किया गया है। वहीं राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, दुर्ग और कांकेर जैसे क्षेत्रों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
आदेश में सारंगढ़-बिलाईगढ़, मरवाही, मोहला, कोंडागांव, बस्तर और बेमेतरा सहित कई जिलों को भी शामिल किया गया है। कुछ अधिकारियों को एक से अधिक संभाग या कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विभागीय आदेश के मुताबिक यह स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं और इनके संबंध में मुख्यमंत्री की अनुमति प्राप्त होने का उल्लेख भी आदेश में है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नई पदस्थापनाओं वाला आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े विभिन्न संभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिलेगा। ग्रामीण विकास और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से जुड़े कार्यों के संचालन में नई पदस्थापनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
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