जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत विवेचना का असर, नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने व दुष्कर्म के दोषी आरोपी को 20 वर्ष कठोर कारावास, कुनकुरी विशेष न्यायलय ने सुनाया फैसला
जशपुरनगर, 10 अगस्त 2026। जिले में नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में जशपुर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और प्रभावी विवेचना के साथ आरोपियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में कुनकुरी स्थित विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एवं पॉक्सो) ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान, उम्र 32 वर्ष को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
माननीय भानु प्रताप सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी ने प्रकरण की सुनवाई के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा बीएनएस की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।
रथ मेले से लापता हुई थी 14 वर्षीय बालिका
मामला वर्ष 2025 का है। पुलिस के अनुसार 28 जून 2025 को 14 वर्षीय नाबालिग बालिका अपनी छोटी बहन के साथ रथ मेला देखने गई थी। शाम को छोटी बहन घर लौट आई, लेकिन बड़ी बहन के वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसके संबंध में जानकारी ली।
अगले दिन परिजनों ने बालिका की तलाश शुरू की। इस दौरान छोटी बहन से पूछताछ करने पर जानकारी सामने आई कि आरोपी सोनू चौहान नाबालिग बालिका को मेले से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा छोटी बहन को धमकी दिए जाने के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी थी।
काफी तलाश के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने 30 जून 2025 को चौकी कोल्हेनझरिया, थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
एक जुलाई को आरोपी के कब्जे से बरामद हुई नाबालिग
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान के कब्जे से बरामद कर लिया।
इसके बाद पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका का कथन महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष कराया गया। पुलिस के अनुसार अपने कथन में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे प्रेम एवं विवाह का झांसा देकर अपने साथ ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ पूरी की गई विवेचना
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया। इसके साथ ही संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा प्रकरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।
पुलिस द्वारा मामले में बीएनएस की धारा 137(2), 64(2)(m), पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे 1 जुलाई 2025 को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से न्यायिक रिमांड मिलने के बाद आरोपी को जिला जेल जशपुर भेज दिया गया।
पुलिस ने प्रकरण से संबंधित जब्त प्रदर्श एवं अन्य आवश्यक साक्ष्यों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा। एफएसएल से प्राप्त रिपोर्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी में मामले का विचारण हुआ।
पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी से दोषसिद्धि
प्रकरण में तत्कालीन चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया स.उ.नि. टेकराम सारथी तथा उप पुलिस अधीक्षक अजाक भावेश कुमार समरथ द्वारा की गई विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय के समक्ष मजबूत पक्ष रखा।
वहीं, लोक अभियोजक भरत राम यादव द्वारा मामले में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई। पुलिस की विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कठोर सजा
माननीय विशेष न्यायाधीश भानु प्रताप सिंह ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान को दोषसिद्ध करते हुए—
- धारा 137(2) बीएनएस के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड।
- धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायालय ने दोनों सजाओं को साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में न्यायालय द्वारा अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है।
नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में सख्त कार्रवाई का संदेश
इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों पर कानून की सख्ती और प्रभावी पुलिस विवेचना के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। जशपुर पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
