विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं, जीवन को नई दिशा देने का माध्यम है : विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों ने मॉडल प्रदर्शनी के जरिए दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, मुख्य अतिथि ने नवाचार और अनुसंधान की भावना विकसित करने का दिया संदेश
ताजा खबरें


बड़ी खबर

विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं, जीवन को नई दिशा देने का माध्यम है : विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों ने मॉडल प्रदर्शनी के जरिए दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, मुख्य अतिथि ने नवाचार और अनुसंधान की भावना विकसित करने का दिया संदेश

जशपुरनगर। महान भारतीय रसायनज्ञ एवं प्रख्यात वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय की जयंती के अवसर पर सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर में विज्ञान दिवस का उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने आकर्षक वैज्ञानिक मॉडल, विज्ञान कविता पाठ, प्रश्नमंच तथा प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रार्थना सभा में भगवान ओम, मां सरस्वती, भारत माता एवं आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टूमनु गोसाई, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय समिति के व्यवस्थापक श्री रामनिवास अग्रवाल तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार यादव ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी एवं बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री टूमनु गोसाई ने कहा कि विज्ञान जिज्ञासा, तर्क और प्रयोग की संस्कृति विकसित करता है। विद्यार्थियों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहकर नए-नए प्रयोगों और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के जीवन को समर्पण, शोध और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर आधारित अनेक आकर्षक एवं उपयोगी वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने वैज्ञानिक सिद्धांतों, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक तथा दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग को सहज और प्रभावशाली तरीके से समझाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।

विद्यालय में आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के जीवन, उनके वैज्ञानिक योगदान, भारतीय रसायन विज्ञान के विकास में उनकी भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाने वाली चित्र प्रदर्शनी और प्रेरक जानकारी भी प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों ने इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महान वैज्ञानिक के व्यक्तित्व और कृतित्व को निकट से जानने का अवसर प्राप्त किया।

विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित विज्ञान कविता पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान की महत्ता और वैज्ञानिक सोच पर आधारित प्रभावशाली कविताओं का पाठ किया। वहीं विज्ञान प्रश्नमंच में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी ज्ञान क्षमता और तार्किक सोच का परिचय दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सीखने का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार यादव एवं अन्य आचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विज्ञान को समाज और राष्ट्र के विकास का आधार बताते हुए विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान, प्रयोगशीलता और नवाचार की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर ही देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में विद्यालय के आचार्य श्री राजेश कुमार बंदे एवं आचार्या श्रीमती अनुपमा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विभिन्न गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, सहयोगी आचार्यों तथा आयोजन को सफल बनाने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं दी गईं। विज्ञान दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।

Leave Your Comment

Click to reload image