नासिक के सह्याद्री फार्म्स से आधुनिक कृषि, प्रोसेसिंग और निर्यात प्रबंधन की बारीकियां सीखकर लौटे जशपुर के अधिकारी एवं एफपीओ प्रतिनिधि
जशपुर 3 अगस्त 2026/ जशपुर जिले में किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा आधुनिक फसल उपरांत प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 28 जुलाई 2026 को कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं जिले के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र के सह्याद्री फार्म्स, नासिक का एक दिवसीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण भ्रमण किया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस (Integrated Pack House - IPH) के सफल संचालन के लिए देश के अग्रणी किसान-स्वामित्व वाले कृषि एवं प्रसंस्करण मॉडल का अध्ययन करना था।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के सफल एफपीओ मॉडल, किसान सहभागिता, गुणवत्ता नियंत्रण, निर्यात प्रणाली तथा आधुनिक कृषि व्यवसाय प्रबंधन का विस्तृत अध्ययन किया। अधिकारियों ने जाना कि किस प्रकार किसानों के संगठन को मजबूत बनाकर उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की संपूर्ण श्रृंखला विकसित की गई है, जिससे हजारों किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा गया है। टीम ने एफपीओ की संरचना, पेशेवर प्रबंधन, बाजार आधारित उत्पादन प्रणाली तथा किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की कार्यप्रणाली को निकट से समझा।
प्रतिनिधिमंडल ने अंगूर, अनार सहित विभिन्न उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के खेतों का भ्रमण कर आधुनिक उत्पादन तकनीकों, ड्रिप सिंचाई, गुणवत्ता प्रबंधन, फसल कटाई उपरांत प्रक्रियाओं तथा निर्यातोन्मुख खेती की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, वैज्ञानिक खेती तथा वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप कृषि करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी साझा की।
अध्ययन भ्रमण का प्रमुख आकर्षण सह्याद्री फार्म्स के अत्याधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन प्लांट का निरीक्षण रहा। टीम ने अंगूर, अनार, केला, आम, स्वीट कॉर्न एवं टमाटर जैसे कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, धुलाई, पल्प निर्माण, एसेप्टिक पैकेजिंग, कोल्ड चेन, फ्रोजन स्टोरेज तथा निर्यात पैकेजिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने यह भी समझा कि किस प्रकार प्राथमिक कृषि उत्पादों को अर्ध-प्रसंस्कृत (Semi-finished) एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों में परिवर्तित कर किसानों को बेहतर बाजार एवं अधिक आय उपलब्ध कराई जा सकती है। सह्याद्री फार्म्स द्वारा किसानों की उपज को सीधे ब्रांडिंग एवं विपणन से जोड़ने की कार्यप्रणाली ने प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया।
यह अध्ययन भ्रमण जशपुर जिले के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि जिले के शहीदांड, बगीचा विकासखंड में शीघ्र ही आधुनिक इंटीग्रेटेड पैक हाउस की स्थापना प्रस्तावित है। यह केंद्र किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), स्टार्टअप्स एवं कृषि उद्यमियों के लिए आधुनिक ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग, संरक्षण एवं प्रसंस्करण सुविधाओं से युक्त कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य फसल उपरांत होने वाले नुकसान को कम करना, कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। प्रस्तावित इकाई में टमाटर, आम, नाशपाती, कटहल, लीची एवं खीरा सहित विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण की व्यवस्था की जाएगी।
प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस में आधुनिक ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग, संरक्षण एवं प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा तथा एफपीओ को बड़े खरीदारों, प्रोसेसिंग उद्योगों एवं निर्यात बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र जिले में कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग तथा बाजार संपर्क को नई दिशा प्रदान करेगा। साथ ही किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं कृषि उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि सह्याद्री फार्म्स से प्राप्त अनुभवों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को जशपुर के प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से एफपीओ सशक्तिकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क तथा किसानों के लिए दीर्घकालिक हैंडहोल्डिंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल से जशपुर के आदिवासी किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य प्राप्त होगा तथा जिले में कृषि को उत्पादन से आगे बढ़ाकर मूल्य संवर्धन आधारित कृषि व्यवसाय (Agri-Business) के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा।
