नारायणपुर में बिजली व्यवस्था बदहाल: बूंदाबांदी होते ही घंटों गुल हो जाती है बिजली, उपभोक्ताओं में बढ़ता आक्रोश
नारायणपुर। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि तेज आंधी-तूफान की बात तो दूर, हल्की बूंदाबांदी होते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है और कई-कई घंटों तक लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। लगातार हो रही इस परेशानी से नारायणपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नारायणपुर सब स्टेशन से निकलने वाले लगभग हर फीडर में प्रतिदिन किसी न किसी स्थान पर फाल्ट हो रहा है। कभी तार टूट जाता है, तो कभी इंसुलेटर खराब हो जाता है। फाल्ट सुधारने में घंटों लग जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। लोगों का आरोप है कि समस्या लाइनमैनों की कार्यशैली में नहीं, बल्कि बिजली पोलों पर लगाए गए घटिया गुणवत्ता के तार, इंसुलेटर और अन्य विद्युत सामग्री में है, जो थोड़ी सी बारिश या हवा भी नहीं झेल पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्र के लोग बिजली की आंख-मिचौली से परेशान हैं, लेकिन इस वर्ष स्थिति और भी गंभीर हो गई है। लगभग रोजाना किसी न किसी फीडर में खराबी आने से कई घंटे तक बिजली बंद रहती है। इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, विद्यार्थियों और किसानों पर पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि यदि किसी कारणवश बिजली बिल समय पर जमा नहीं हो पाता तो विभाग बिना किसी रियायत के विलंब शुल्क (पेनल्टी) जोड़ देता है। वहीं दूसरी ओर विभाग नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में विफल साबित हो रहा है। लोगों का सवाल है कि जब उपभोक्ता समय पर भुगतान करने के लिए बाध्य हैं, तो विभाग अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा।
क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि रनपुर और साहीडाँड़ सब स्टेशन से जुड़े फीडरों में ऐसी समस्या देखने को नहीं मिल रही है। वहां बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारु बनी हुई है, जबकि केवल नारायणपुर सब स्टेशन से निकलने वाले फीडरों में लगातार फाल्ट आ रहे हैं। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नारायणपुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ही इतनी खराब क्यों है।
क्षेत्र के नागरिकों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नारायणपुर सब स्टेशन और उससे जुड़े फीडरों का तकनीकी निरीक्षण कर पुराने व जर्जर तारों, इंसुलेटरों तथा अन्य विद्युत उपकरणों को तत्काल बदलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए ताकि क्षेत्र में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
