बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें: जशपुर पुलिस ने स्कूल में चलाया जागरूकता अभियान, नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों को चेतावनी
जशपुर। जशपुर पुलिस ने जिले में सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और महिला-बाल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में शनिवार को सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर ने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, ट्रैफिक संकेतों का पालन, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए। साथ ही विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अभिभावकों से कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने संदेश दिया— "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।"
पुलिस ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिग द्वारा बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में नाबालिग के साथ-साथ अभिभावक और वाहन स्वामी पर भी कार्रवाई हो सकती है। नियमों के तहत ₹25 हजार तक का जुर्माना, 3 वर्ष तक की सजा, वाहन का पंजीयन निरस्त करने तथा 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जाने का प्रावधान है।
जशपुर पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की है।
