तीन साल तक बेटी की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले दरिंदे पिता को उम्रकैद, जशपुर की फास्ट ट्रैक सुनवाई में एक महीने के भीतर मिला इंसाफ
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तीन साल तक बेटी की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले दरिंदे पिता को उम्रकैद, जशपुर की फास्ट ट्रैक सुनवाई में एक महीने के भीतर मिला इंसाफ

जशपुर। जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र के एक अत्यंत संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में न्यायालय ने अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42 वर्ष) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के चलते मामले में एक माह के भीतर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया गया, जिसके बाद शीघ्र सुनवाई में आरोपी दोषसिद्ध हुआ।

माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने यह फैसला सुनाते हुए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।

पुलिस के अनुसार, 2 मई 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति पिछले तीन वर्षों से अपनी नाबालिग पुत्री के साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत के आधार पर थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 65(2), 296, 351(2), 115(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की, चिकित्सीय परीक्षण कराया, न्यायालय में बयान दर्ज कराए और अन्य सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने प्रकरण की विवेचना संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ पूरी करते हुए मात्र एक माह के भीतर जांच पूरी कर 17 जून 2026 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी कर अभियोजन पक्ष का मजबूती से पक्ष रखा, जिससे आरोपी को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना, प्रभावी अभियोजन और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध और सतर्क है।

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