महाआरती, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा के साथ संपन्न हुई पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा, कौशल्या साय ने संस्कृति और संस्कारों को अपनाने का किया आह्वान
ताजा खबरें


बड़ी खबर

महाआरती, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा के साथ संपन्न हुई पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा, कौशल्या साय ने संस्कृति और संस्कारों को अपनाने का किया आह्वान


दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का मंगलवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हुआ। अंतिम दिवस पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, संगीतमय एवं आध्यात्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान शिव बारात, हिमालय राज के महल में विवाह की रस्में, देवी-देवताओं का आगमन तथा भगवान शिव की सरलता और माता पार्वती की तपस्या का ऐसा सजीव चित्रण हुआ कि पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।कथावाचक ने कहा कि शिव–पार्वती विवाह त्याग, तप, श्रद्धा, समर्पण और आदर्श दाम्पत्य जीवन का प्रतीक है। माता पार्वती की कठोर साधना हमें यह संदेश देती है कि अटूट विश्वास और सच्ची भक्ति से ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। वहीं भगवान शिव का सरल एवं करुणामय स्वरूप मानवता, समानता और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।कथा के समापन अवसर पर भव्य भजन-कीर्तन, महाआरती एवं पुष्प वर्षा की गई। पूरा पंडाल "हर-हर महादेव", "जय भोलेनाथ", "जय माता पार्वती" एवं "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान से सुख, समृद्धि, शांति एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि—"श्री जगन्नाथ कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है। पांच दिनों तक कथा के माध्यम से हमें भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य चरित्रों से धर्म, प्रेम, सेवा, त्याग और समर्पण की प्रेरणा मिली है। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करती हूं कि इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा आने वाली पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ें। इतनी बड़ी संख्या में प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा को सफल बनाने के लिए आप सभी श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।


श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने जताया आभार

पांच दिवसीय कथा के सफल आयोजन पर श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पुलिस, मीडिया, स्वयंसेवकों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि सभी के सहयोग, सेवा भावना और श्रद्धा के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक एवं सफल बन सका।
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे रथयात्रा महोत्सव के आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी सपरिवार शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करें।

Leave Your Comment

Click to reload image