तीन साल से फरार सहारा इंडिया का ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, 3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ की ठगी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायगढ़, 21 जुलाई। रायगढ़ पुलिस के 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले में बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया के रायगढ़ कबीर चौक शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54) को पुलिस ने कोतरारोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अपने ससुराल कोतरारोड़ आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार किए। उसके कब्जे से सहारा इंडिया कंपनी के प्रशासनिक आदेश, फ्रेंचाइजी कार्यालय से जुड़े दस्तावेज और कंपनी के एमओयू की प्रतियां भी जब्त की गई हैं।
यह मामला वर्ष 2022 में सामने आया था, जब रायगढ़ निवासी विकास निगानिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सहारा इंडिया के अधिकारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का भरोसा दिलाकर उनसे, उनकी पत्नी और माता सहित कई लोगों से वर्ष 2017 में विभिन्न योजनाओं में करीब 40 लाख रुपये का निवेश कराया। परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिली।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर पैसा लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉण्ड जारी किए गए और सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। जिला प्रशासन, बैंकों और अन्य विभागों से प्राप्त दस्तावेजों की जांच के बाद सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों और क्षेत्रीय अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई।
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, पुष्पेन्द्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास और बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीश तिवारी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश कर चुकी है। आरोपियों से आईडी कार्ड, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज तथा कथित ठगी की रकम से खरीदी गई कार और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार अब तक रायगढ़ सहित अन्य जिलों के 3,848 निवेशकों से कुल ₹40,78,16,739 की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और नए साक्ष्य मिलने पर आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि "निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। रायगढ़ पुलिस आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है। आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।"
