हायर सेकेंडरी स्कूल लोधमा में निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत 16 छात्राओं को मिली साइकिलें, बेटियों की शिक्षा को मिली नई रफ्तार
नारायणपुर/कुनकुरी।
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल लोधमा में छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत मंगलवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं की 16 छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। योजना का उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है।
कार्यक्रम में सरपंच सीतापति साहनी, शाला विकास समिति सदस्य गीता साय, प्यारेलाल राय, पालकगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति रही। अतिथियों ने छात्राओं को साइकिलें प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण अंचलों की बेटियों के लिए शिक्षा का नया द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि अब छात्राओं को लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई नहीं होगी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। यह योजना बालिकाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नियमित रूप से विद्यालय आकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा, प्रधान पाठिका श्रीमती पुष्पा एक्का, कमलेश जोशी, श्रीमती मोनिका एक्का, कु. नीलिमा करकेट्टा, राजकुमार गुप्ता, श्रीमती अरुणा तिर्की, अजीत राम, आर. एस. नाग, श्रीमती प्रफुल्ला कुजूर, गजेंद्र साय, श्रीमती सुमन पटेल, मुरारी, ज्ञान प्रकाश, संदीप बेक, ललिता बाई सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
साइकिल वितरण के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। अभिभावकों ने भी शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे बेटियों की शिक्षा को नई गति मिलेगी और उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।
