मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच लाई रंग, बगिया क्लस्टर की आधुनिक एम-कैड योजना से किसानों को मिलेगा सालभर सिंचाई का भरोसा
जशपुरनगर 16 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा में भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान
किसानों के लिए समृद्धि की पाठशाला का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कलेक्टर श्री रोहित व्यास, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक शुभम पटोरी, घनश्याम पटेल, जनप्रतिनिधिगण और 13 ग्राम पंचायत के सरपंचगण,स्व सहायता समूह की महिलाएं और किसान लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने सभी लोगों को रथयात्रा की हार्दिक बधाई शुभकामनाए दी।
उन्होंने कहा किसानों के लिए बहुत अच्छी परियोजना की शुरुआत की गई है जिसमें किसानों को रबी और खरीफ की फसल लेने में आसानी होगी और किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे।
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी सोच परिणामस्वरूप बगिया में प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी किसानों और महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसानों के लिए अच्छी परियोजना है जिसका लाभ हमारे जशपुर के किसानों को मिलेगा।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के लिए समृद्धि की पाठशाला का आयोजन किया गया है जिसमें में 13 गांव के किसान शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जशपुर के किसानों को वृहद सिंचाई परियोजना का मॉडल दिखाने के लिए मध्यप्रदेश मोहनपुरा कुंडलिया में भ्रमण कराया गया।
कलेक्टर ने कहा इस परियोजना से सिंचाई के लिए पाइप जमीन से होकर जाती है।
किसानों के जमीन का भूमि अधिग्रहण करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
जशपुर जिले के कांसाबेल विकास खंड के ग्राम बगिया में भी ये प्रोजेक्ट शुरू किया गया है ताकि किसान समृद्ध और आर्थिक रूप से सक्षम बन सके।
कार्यक्रम में नेहा गुप्ता ने अपने अनुभव भी व्यक्त किए।
जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक श्री शुभम पटोरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस परियोजना के तीन स्तंभ है पहला जमीन के अंदर से पाइप के माध्यम से किसानों के खेतों में पानी पहुंचाना।
दूसरा है मैनेजमैंट जिसमें गांव के बीच से जल प्रबंधन समिति बनाया गया है जिनका कार्य देख रेख और पानी का समुचित प्रबंध होगा।
तीसरा है पानी का सही हिसाब किताब किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार पानी देना है।
उन्होंने कहा इसका लाभ यह है कि किसानों को वर्षा के पानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा किसान आसानी से दो या तीन फसल ले सकेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
जिसका लाभ 13 गांव के साथ आस पास के किसानों को प्रत्यक्ष रूप से मिल सकेगा।
विगत माह 1 मई को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया ।
समृद्धि एम-कैड योजना जशपुर जिले के लिए सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि हर बूंद से अधिक उत्पादन की सोच का प्रतीक है। इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल जिला बनेगा। परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके तहत जमीन के अंदर पाइप बिछेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण की भी समस्या नहीं होगी। पहले सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। अब इस योजना से पानी की कमी दूर होगी। साथ ही किसानों को पर्याप्त पानी भी मिलेगा। यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। देश में 23 राज्यों में 34 योजना स्वीकृत किए गए है। इसमें प्रदेश का एकमात्र बगिया क्लस्टर शामिल है। जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभ
समृद्धि एम कैड परियोजना: पानी का होगा समुचित उपयोग, देश 34 परियोजनाओं में शामिल बगिया क्लस्टर* -
समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि एमकैड कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। एमकैड कार्यक्रम के अंतर्गत कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य 6 माह में पूर्ण किया जाएगा। बगिया समृद्धि योजना का संचालन एवं संधारण जल उपभोक्ता समिति के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात प्रारंभिक 5 वर्षों तक संचालन एवं संधारण कार्य ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, इसके बाद यह जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी। समिति में महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, पानी की हर बूंद का समुचित उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। परियोजना में विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। साथ ही जल के नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विज़िशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई परिसंपत्तियों पाइप नेटवर्क संरचना एवं जल प्रबंधन के संचालन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डेटा एवं विश्लेषण के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के साथ उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे दीर्घकालीन उत्पादकता, लाभप्रदता और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा।
