गुप्त नवरात्रि में रायपुर के माँ दक्षिण काली मंदिर में दिखा अद्भुत चमत्कार, अखंड ज्योत की लौ में भक्तों को हुए माँ महाकाली के दिव्य स्वरूप के दर्शन, जयकारों से गूंज उठा पूरा मंदिर परिसर
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गुप्त नवरात्रि में रायपुर के माँ दक्षिण काली मंदिर में दिखा अद्भुत चमत्कार, अखंड ज्योत की लौ में भक्तों को हुए माँ महाकाली के दिव्य स्वरूप के दर्शन, जयकारों से गूंज उठा पूरा मंदिर परिसर

रायपुर गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर आमानाका स्थित सिद्धपीठ माँ दक्षिण काली मंदिर में भक्तों को माँ के दर्शन का अद्भुत अनुभव हुआ। नवरात्रि के द्वितीय दिन सोमवार को अखंड ज्योत की लौ में माँ महाकाली का दिव्य स्वरूप प्रकट होता दिखाई दिया, जिसे देखकर पूरा मंदिर परिसर "जय माँ जगतजननी, जय माँ महाकाली" के जयकारों से गूंज उठा।

मंदिर में स्थापित मिट्टी के कलश पर रखा अखंड दीपक, जिसके नीचे त्रिशूल अंकित है और चारों ओर आम के पत्ते रखे गए हैं, उसकी लौ में भक्तों ने माँ के नेत्रों जैसी आभा के दर्शन किए। पुजारियों का कहना है कि गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना और माँ की गुप्त शक्तियों की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान माँ के दस महाविद्याओं की आराधना की जाती है।

द्वितीय दिवस पर माँ ब्रह्मचारिणी और माँ काली की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में की गई साधना का फल शीघ्र प्राप्त होता है और माँ अपने भक्तों के सभी कष्ट, भय और नकारात्मकता को दूर करती हैं।

सुबह की आरती के बाद से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने ज्योत के दर्शन कर मन्नतें मांगी और माँ से सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि पूरे 9 दिन तक यहाँ विशेष पूजन किया जा रहा है।साथ ही हर वर्ष की तरह पुरे नौ दिन शाम की आरती के बाद भोग प्रसादम वितरण किया जाता हैं.आज माता का अद्भुत चमत्कार नजर आया.आज बड़ी संख्या में लोग माता के इस दिव्य स्वरूप का दर्शन करने पहुंच रहे हैं.इस मंदिर में माता बाल स्वरूप में विराजमान हैं.कथाओ के अनुसार माँ इस रूप में भक्तो की मनोकामना बहुत जल्द पूरी करती हैं.

इस अलौकिक दृश्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा से पुकारने पर माँ अपने भक्तों को दर्शन अवश्य देती हैं।

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