स्कूलों में अब लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार का मनोरा स्कूल में औचक निरीक्षण, वर्षों से अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश,
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स्कूलों में अब लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार का मनोरा स्कूल में औचक निरीक्षण, वर्षों से अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश,

मनोरा, जशपुर। पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मनोरा का आकस्मिक निरीक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर अभिषेक कुमार ने किया। इस दौरान उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा तरुण कुमार पटेल एवं प्रोग्रामर अरुण कुमार चंद्रा उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया। लंबे समय से अनुपस्थित सहायक ग्रेड-3 बलदेव पैंकरा के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं अनुपस्थित व्याख्याता मधुरलता बंजारे एवं नैंसी तिर्की को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विद्यालय की अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय एवं शौचालयों की नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु समितियों के गठन, विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर फिल्टर लगाने, मध्यान्ह भोजन भवन के दरवाजों एवं खिड़कियों पर सुरक्षा जाली लगाने, परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाने तथा प्रार्थना सभा (असेंबली) के लिए मंच निर्माण कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा प्रत्येक कक्षा में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हेतु ट्यूब लाइट लगाने, कक्षावार छात्र संख्या एवं समय-सारणी को ब्लैकबोर्ड के समीप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने, फिजिक्स लैब का आधुनिकीकरण करने तथा कंप्यूटर लैब का विद्यार्थियों द्वारा नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कंप्यूटर लैब में विद्यार्थियों की गतिविधियों का वीडियो तैयार कर प्रगति प्रतिवेदन सहित जिला पंचायत कार्यालय जशपुर भेजने के लिए भी कहा गया। खेलकूद व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के अंत में सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि "हम विद्यालयों में केवल अधोसंरचना को ही मजबूत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अनुशासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रहे हैं, ताकि बच्चों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता न हो। शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

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