दिल्ली से लौटे डीलिस्टिंग आंदोलन के सेनानियों का जशपुर में ऐतिहासिक सम्मान, गोड धोकर किया अभिनंदन,आंदोलन की सफलता पर सामूहिक भोज  समारोह आयोजित
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दिल्ली से लौटे डीलिस्टिंग आंदोलन के सेनानियों का जशपुर में ऐतिहासिक सम्मान, गोड धोकर किया अभिनंदन,आंदोलन की सफलता पर सामूहिक भोज  समारोह आयोजित

जशपुरनगर। दिल्ली में आयोजित डीलिस्टिंग आंदोलन में भाग लेकर लौटे जनजातीय समाज के सेनानियों का जशपुर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आंदोलन से लौटे प्रतिनिधियों का गोड धोकर अभिनंदन किया गया, वहीं उनकी सम्मान में सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि दिल्ली में आयोजित डीलिस्टिंग आंदोलन जनजातीय समाज के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि देशभर की लगभग 500 जनजातियों के दो लाख से अधिक प्रतिनिधियों ने आंदोलन में भाग लेकर अभूतपूर्व एकता और संगठन शक्ति का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान मंच द्वारा उठाई गई मांगों के प्रति देश के गृह मंत्री की सहमति जनजातीय समाज की लंबे समय से चली आ रही मांगों की स्वीकार्यता का संकेत है।

गणेश राम भगत ने कहा कि डीलिस्टिंग आंदोलन अब अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुका है और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शेष है। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों के संघर्ष, समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह लड़ाई जनजातीय पहचान, अधिकारों और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए लड़ी जा रही है।

उन्होंने बताया कि आंदोलन की सफलता और उसमें भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के सम्मान में जनजातीय परंपरा के अनुसार गोड धोकर अभिनंदन किया गया है। यह सम्मान जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और अपने योद्धाओं के प्रति सम्मान की परंपरा का प्रतीक है।

कार्यक्रम को सेवंती भगत, श्रीराम भगत, रोशन प्रताप सिंह, रामप्रकाश पांडे एवं डॉ. अभय बैरागी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से संगठित रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन लालदेव भगत ने किया। अंत में अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ. कांति प्रधान, श्रीमती सुशीला भगत, श्रीमती अंजू भगत, शियाराम भगत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं समाजजन मौजूद रहे।

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