विश्व पर्यावरण दिवस पर खरसोता स्कूल में हरित संकल्प का महाअभियान, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने किया सामूहिक वृक्षारोपण
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विश्व पर्यावरण दिवस पर खरसोता स्कूल में हरित संकल्प का महाअभियान, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने किया सामूहिक वृक्षारोपण

जशपुर, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में वन परिक्षेत्र मनोरा, वन मंडल जशपुर के तत्वावधान में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन परिक्षेत्राधिकारी श्री ललित साय पैकरा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने वन संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सामूहिक वृक्षारोपण किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा हरित वातावरण के महत्व पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत खरसोता की सरपंच श्रीमती पदमा ओहदार, बीडीसी सदस्य श्रीमती सरोज प्रधान, पूर्व बीडीसी श्री दिनेश्वर प्रधान, विद्यालय के प्राचार्य श्री दिनेश कुमार राम, जगमईत भगत, निर्मला भगत, रामपति साय, रोपना उरांव, बीना कुजूर, अष्टमी यादव, स्काउट-गाइड, इको क्लब एवं रेडक्रॉस के प्रभारी, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, वन विभाग के कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण ही सबसे प्रभावी उपाय है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन पौधों की सुरक्षा, संरक्षण और पर्यावरण बचाने के संकल्प के साथ हुआ।

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