रमसमा में गुरुवार दोपहर आंधी-तूफान का भयानक कहर, पेड़ गिरने से कई मकान हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त, बिजली के पोल टूटने से पूरा गांव अंधेरे में डूबा


नारायणपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रमसमा, करमा, साहीडाँड़ और महुवाटोली क्षेत्र में गुरुवार दोपहर आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह विशालकाय पेड़ के बड़े बड़े डगाल टूटकर सड़कों और मकानों पर गिर पड़े, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आंधी-पानी के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर तक मौसम सामान्य था, लेकिन अचानक काले बादलों ने आसमान को ढंक लिया और तेज गर्जना के साथ आंधी शुरू हो गई। कुछ ही देर में तेज हवाओं और बारिश ने विकराल रूप ले लिया। तूफानी हवा इतनी तेज थी कि कई घरों के एल्वेस्टर और टीनशेड उड़ गए। ग्रामीण अपने घरों को संभालने में जुटे रहे, लेकिन तेज हवा के सामने किसी की नहीं चली।
ग्राम रमसमा में सबसे ज्यादा नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। ग्राम रमसमा में अजित और विजय और ढोढ़ीलोंगरा में विश्वनाथ,ओर एक ग्रामीण के मकान पर अचानक एक विशाल पेड़ टूटकर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही मकान की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दीवारों में भी दरारें आ गईं। घर के अंदर रखा घरेलू सामान भी मलबे और बारिश के कारण खराब हो गया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग सहम गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
आंधी-तूफान का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई। तेज हवा के कारण कई जगह मेन लाइन के बिजली पोल टूटकर गिर गए। रमसमा क्षेत्र में हजार वोल्ट लाइन के पोल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। वहीं एलटी लाइन के कई खंभे भी टूट गए, जिससे रमसमा सहित आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब गए और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
