बागबहार में “ऑपरेशन शंखनाद” की बड़ी कार्रवाई: जंगल के रास्ते उड़ीसा ले जाए जा रहे 12 गौवंश मुक्त, 3 तस्कर गिरफ्तार, एक फरार — जशपुर पुलिस का सख्त संदेश 
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बागबहार में “ऑपरेशन शंखनाद” की बड़ी कार्रवाई: जंगल के रास्ते उड़ीसा ले जाए जा रहे 12 गौवंश मुक्त, 3 तस्कर गिरफ्तार, एक फरार — जशपुर पुलिस का सख्त संदेश 

जशपुर, 23 मार्च 2026। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बागबहार क्षेत्र में पुलिस ने जंगल के रास्ते पैदल ले जाए जा रहे 12 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं एक आरोपी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 मार्च 2026 को थाना बागबहार पुलिस की टीम नियमित जांच के सिलसिले में ग्राम कुकरगांव एवं खड़ामाचा की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को जंगल के रास्ते राजाअंबा की ओर से उड़ीसा राज्य ले जा रहे हैं और उन्हें बेरहमी से मारते-पीटते हुए हांक रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए मौके पर घेराबंदी की। पुलिस की आहट पाकर तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्कता दिखाते हुए पुलिस जवानों ने पीछा कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि एक आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम तरुण चौहान (45 वर्ष) निवासी फरसा टोली, शोभन नागवंशी (47 वर्ष) निवासी खड़ामाचा तथा सीताराम नागवंशी (42 वर्ष) निवासी कुकरगांव थाना बागबहार जिला जशपुर बताए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गौवंशों को उड़ीसा ले जा रहे थे।

पुलिस द्वारा जब आरोपियों से गौवंशों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, तो वे कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से 12 नग गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। सभी पशुओं का पशु चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, जिसमें उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।

इस मामले में थाना बागबहार में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

फरार आरोपी की पहचान पुलिस द्वारा कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक अशोक शर्मा के नेतृत्व में एएसआई हरिशंकर राम, प्रधान आरक्षक अरविंद साय पैंकरा तथा आरक्षक अनिल चौहान, पवन पैंकरा और अजय खेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जशपुर के पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि गौ तस्करी के मामलों में पुलिस पूरी तरह संवेदनशील है और “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जशपुर पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल 12 गौवंशों की जान बचाई जा सकी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय गौ तस्करी गिरोहों को भी कड़ा संदेश मिला है।

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