Breaking News : दिल दहला देने वाली घटना : भाई को बचाने कूदी बहन, दोनों की तालाब में डूबकर मौत — मां की आंखों के सामने बुझ गई दो मासूम जिंदगियां
महुआ बीनने के बाद नहाने गए थे पेडार तालाब, दलदल में फंसे भाई-बहन — ग्रामीणों ने झगर डालकर निकाले शव, गांव में पसरा मातम
नारायणपुर 08 मार्च 2026 । नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कलिया के बनखेता से रविवार को एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित पेडार तालाब में नहाने के दौरान भाई-बहन की डूबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मिली जानकारी के अनुसार बनखेता निवासी जितेंद्र दास के 8 वर्षीय पुत्र और 11 वर्षीय पुत्री की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण दोनों बच्चे अपनी मां कौशल्या दास के साथ खेत में महुआ बीनने गए थे।
महुआ बीनने के बाद नहाने गए थे तालाब
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक मां और दोनों बच्चे खेत में महुआ बीन रहे थे। इसके बाद तीनों पास ही स्थित पेडार तालाब में नहाने के लिए चले गए।
नहाने के दौरान कौशल्या दास कपड़े धोकर उन्हें सुखाने के लिए तालाब के किनारे चली गई। इसी दौरान 8 वर्षीय छोटा बेटा तालाब की गहराई में चला गया और अचानक डूबने लगा।
भाई को बचाने कूदी बहन, दोनों की चली गई जान
अपने छोटे भाई को डूबता देख 11 वर्षीय बड़ी बहन ने बिना देर किए उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। लेकिन तालाब में दलदल और अधिक गहराई होने के कारण वह भी पानी में फंस गई और दोनों भाई-बहन डूबने लगे।
जब मां कपड़े सुखाकर वापस लौटी तो उसने देखा कि दोनों बच्चे पानी में डूब रहे हैं। यह दृश्य देखकर वह बदहवास हो गई और तुरंत उन्हें बचाने के लिए तालाब में कूद पड़ी। उसने बच्चों को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन तालाब में दलदल और फिसलन होने के कारण वह सफल नहीं हो सकी।
इसके बाद कौशल्या दास ने आसपास महुआ बीन रहे ग्रामीणों को आवाज लगाई। आवाज सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और झगर डालकर काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव को तालाब से बाहर निकाला गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
पूरे गांव में छाया शोक
एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की एक साथ मौत से बनखेता गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां की आंखों के सामने दोनों बच्चों की जान चली जाने से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
