महासमुंद में नक्सलवाद को बड़ा झटका: 73 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, विशेष क्षेत्रीय समिति सदस्य ‘विकास’ भी शामिल 
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महासमुंद में नक्सलवाद को बड़ा झटका: 73 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, विशेष क्षेत्रीय समिति सदस्य ‘विकास’ भी शामिल 

 ओडिशा सीमा से लगे रायपुर–संबलपुर बेल्ट में माओवादी संगठन का नेटवर्क ध्वस्त

महासमुंद, 1 मार्च 2026 । जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को रविवार को बड़ी सफलता मिली। कुल 73 लाख रुपये के इनामी 15 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में प्रतिबंधित माओवादी संगठन का विशेष क्षेत्रीय समिति स्तर का सदस्य विकास भी शामिल है, जिसे संगठन का अहम कैडर माना जाता था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आत्मसमर्पण ओडिशा सीमा से लगे रायपुर–संबलपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान का परिणाम है।

सीमा क्षेत्र में सक्रिय था माओवादी नेटवर्क

महासमुंद जिला, जो के पूर्वी हिस्से में स्थित है और ओडिशा राज्य से सटा हुआ है, लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के कारण संवेदनशील रहा है। विशेष रूप से रायपुर–संबलपुर मार्ग से जुड़े वन क्षेत्र में माओवादी संगठन की सक्रियता देखी जाती रही है।

अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन और सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के चलते नक्सल संगठन कमजोर पड़ा है।

 विकास के आत्मसमर्पण से संगठन को गहरा आघात

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विकास विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य था और रणनीतिक गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी निभा रहा था। उसके ऊपर भारी इनाम घोषित था और वह कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है।

विकास के आत्मसमर्पण को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह स्थानीय स्तर पर भर्ती, प्रचार और रणनीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाता था।

 73 लाख का इनाम, कई गंभीर मामलों में संलिप्तता

आत्मसमर्पण करने वाले 15 नक्सलियों पर कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें कई पर सुरक्षा बलों पर हमले, सड़क अवरोध, हथियारबंद गतिविधियों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों की विधिवत काउंसलिंग की गई और उन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।

 पुनर्वास नीति का असर, जंगल से समाज की ओर वापसी

पुलिस का कहना है कि सरकार की पुनर्वास योजना, बढ़ती विकास गतिविधियां और लगातार दबाव की रणनीति के कारण नक्सल संगठन में निराशा बढ़ रही है। इसके चलते कई सक्रिय सदस्य आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

 पुलिस की अपील: हिंसा छोड़ें, विकास की राह चुनें

जिला पुलिस प्रशासन ने शेष सक्रिय नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताएं और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें।

महासमुंद में हुई यह सामूहिक आत्मसमर्पण की घटना नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्र में माओवादी संगठन का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है और आने वाले समय में स्थिति और बेहतर होगी।

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