कृत्रिम रंगों को छोड़ प्रकृति के रंगों से सजी बच्चों की रंगोली, डीपाटोली प्राथमिक विद्यालय की अनूठी पहल ने दीपावली से पहले दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
नारायणपुर | कुनकुरी विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली अपने अनूठे नवाचारों के लिए जिले में चर्चित है। इसी तारतम्य में पर्यावरण संरक्षण और बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली में एक विशेष रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अनूठी प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि बच्चों ने कृत्रिम रंगों या प्लास्टिक आधारित सामग्रियों के बजाय विद्यालय की पुष्प वाटिका (गार्डन) से ताजे फूलों और पत्तियों का उपयोग कर आकर्षक और मनमोहक रंगोलियां तैयार कीं।
*इको-फ्रेंडली दीपावली का संदेश*
प्रतियोगिता के माध्यम से न केवल बच्चों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया। छात्र-छात्राओं ने आने वाले दीपावली पर्व पर लोगों से सिंथेटिक रंगों के बजाय पूरी तरह से इको-फ्रेंडली रंगोली तैयार करने की अपील की, ताकि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके। इस पहल ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
*कला के साथ-साथ गणितीय व वैज्ञानिक समझ का विकास*
प्राकृतिक फूलों और पत्तियों के साथ काम करते हुए बच्चों में असाधारण रचनात्मकता देखने को मिली। विभिन्न रंगों के फूलों के संयोजन और सुंदर पैटर्न (आकृतियों) को उकेरने से बच्चों में रंगों की पहचान के साथ-साथ डिजाइनिंग और ज्यामितीय पैटर्न की भी गहरी समझ विकसित हुई। प्रकृति के करीब रहकर सीखने का यह अनुभव बच्चों के लिए बेहद आनंददायक रहा।
*पर्यावरण सुरक्षा हमारी साझा जिम्मेदारी: प्रधान पाठक*
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि "पर्यावरण की सुरक्षा हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। आज के इन नन्हें बच्चों ने जिस प्रकार प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर सुंदर कलाकृति बनाई है, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।" उन्होंने बच्चों को दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और इसके संरक्षण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
रंगोली प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद परिणाम इस प्रकार रहे, प्रथम स्थान अमृता (कक्षा 5),द्वितीय स्थान सुष्मिता सिंह (कक्षा 5) एवं तृतीय स्थान भूमिका बाई (कक्षा 5) ने हासिल किया।
*शिक्षक ने बढ़ाया बच्चों का मनोबल*
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक महेश तिर्की ने सभी बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उनका मार्गदर्शन और प्रोत्साहन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है।
*उत्साहवर्धन और पुरस्कार वितरण*
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी बच्चों के उत्साह को बढ़ाने के लिए उन्हें विद्यालय परिवार की ओर से स्टेशनरी सामग्री प्रदान की गई तथा सभी प्रतिभागियों को बैच लगाकर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर जीत की खुशी और कुछ नया सीखने का संतोष साफ झलक रहा था।
यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास, कलात्मक अभिव्यक्ति और पर्यावरणीय मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण साबित हुआ।
