विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर परीक्षा परिणाम की दिशा में संकल्प कुनकुरी की पहल, शिक्षक-पालक सम्मेलन में त्रैमासिक परिणामों की समीक्षा के साथ तैयार हुई आगामी शैक्षणिक रणनीति
नारायणपुर/कुनकुरी। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करने में शिक्षक एवं पालकों के बीच नियमित संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संकल्प कुनकुरी में वर्तमान शैक्षणिक सत्र की त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा एवं आगामी शैक्षणिक रणनीति तैयार करने के लिए शिक्षक-पालक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने पालकों के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के त्रैमासिक परीक्षा परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के नामों की घोषणा की गई। वहीं अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्राचार्य वाई. आर. कैवर्त द्वारा बेस्ट परफॉर्मर बैच प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसमें कक्षा 9वीं से आराध्या लकड़ा, कक्षा 10वीं से लिसा राणा, कक्षा 11वीं से प्रखर पैंकरा तथा कक्षा 12वीं से दीपिका बाई को बेस्ट परफॉर्मर बैच प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
सम्मेलन में संस्थान के कोचिंग शिक्षकों द्वारा जेईई एवं नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के मॉक टेस्ट परिणामों की जानकारी भी पालकों के साथ साझा की गई। प्राचार्य वाई. आर. कैवर्त ने पिछले शैक्षणिक सत्र के बोर्ड परीक्षा परिणामों की जानकारी देते हुए जेईई एवं नीट में सफल हुए संस्थान के विद्यार्थियों की उपलब्धियों से अवगत कराया। साथ ही नए सत्र में और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से अपनाई जा रही नई अध्यापन व्यवस्था एवं शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी।
प्राचार्य कैवर्त ने पालकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई एवं शैक्षणिक प्रगति का नियमित रूप से आकलन करते रहें। बच्चों की कमजोरियों और उपलब्धियों पर शिक्षकों के साथ चर्चा करें तथा अपने सुझाव एवं अभिमत भी विद्यालय प्रबंधन तक पहुंचाएं, ताकि विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने अपने कक्षा शिक्षकों के साथ परीक्षा परिणामों की समीक्षा की तथा अपनी शैक्षणिक स्थिति, उपलब्धियों एवं सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षक, पालक और विद्यार्थी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति को नई दिशा देना रहा।
