अर्नव चक्रवात का असर: दो दिनों की मूसलाधार बारिश से थमी जनजीवन की रफ्तार, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, ईब नदी लबालब तो नदी-नाले में भी भरा पानी
नारायणपुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नव’ का असर अब क्षेत्र में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक जारी बारिश के कारण आम जनजीवन की रफ्तार थम सी गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग जरूरी काम होने के बावजूद घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र की सड़कों पर भी पूरी तरह वीरानी छाई हुई है। सामान्य दिनों में जहां लोगों की आवाजाही और वाहनों की चहल-पहल देखने को मिलती थी, वहां अब बारिश के चलते सन्नाटा पसरा हुआ है।
लगातार हो रही बारिश का असर केवल आम लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पशु-पक्षियों और ग्रामीण जनजीवन पर भी पड़ रहा है। गांवों में गाय, बैल और बकरियों को चराई के लिए बाहर ले जाना मुश्किल हो गया है। बारिश के कारण पशुओं को खुले मैदानों और चरागाहों में ले जाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पशुपालकों के सामने भी पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है और आवश्यक कार्यों को छोड़कर लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
इधर, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। छोटी-बड़ी जलधाराओं में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। क्षेत्र की प्रमुख ईब नदी में भी पानी भर गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बारिश के प्रभाव को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश जारी रहने से नदी-नालों में पानी का बहाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे मौसम में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
चक्रवात अर्नव के प्रभाव और लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। बच्चों को खराब मौसम और बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी स्कूलों में लगातार दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद विद्यार्थियों को स्कूल जाने से राहत मिली है।
चक्रवात अर्नव के प्रभाव से क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार बारिश ने बाजार, सड़कों, ग्रामीण गतिविधियों और पशुपालन से जुड़ी दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। अब लोगों की नजरें मौसम के मिजाज पर टिकी हुई हैं और सभी बारिश थमने तथा जनजीवन सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
