नारायणपुर के पोखरा टोली में आधी रात से पहले कबाड़ से भरी खड़ी पिकअप में लगी आग, ड्राइवर सीट तक पहुंचीं लपटें; परिवार की तत्परता से टला बड़ा हादसा, हजारों का नुकसान
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नारायणपुर के पोखरा टोली में आधी रात से पहले कबाड़ से भरी खड़ी पिकअप में लगी आग, ड्राइवर सीट तक पहुंचीं लपटें; परिवार की तत्परता से टला बड़ा हादसा, हजारों का नुकसान

नारायणपुर। थाना क्षेत्र के पोखरा टोली में बुधवार रात कबाड़ से भरी खड़ी एक पिकअप वाहन में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में लपटें वाहन की ड्राइवर सीट तक पहुंच गईं। गनीमत रही कि समय रहते आग का पता चल गया और परिवार के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया। यदि आग बुझाने में थोड़ी और देर हो जाती, तो पूरा पिकअप वाहन जलकर खाक हो सकता था। घटना में कबाड़ के सामान के साथ वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। वाहन में आग कैसे लगी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुर थाना अंतर्गत पोखरा टोली निवासी सरफिऊद्दीन आजाद लंबे समय से कबाड़ का व्यवसाय करते हैं। वह रोजाना की तरह कबाड़ का सामान खरीदने और बेचने का काम करते हैं। बुधवार रात करीब 8 बजे उन्होंने अम्बिकापुर में बेचने के लिए कार्टून और अन्य कबाड़ का सामान अमरदीप एक्का के पिकअप वाहन क्रमांक UP 64 BT 2032 में लोड कराया था। सामान लोड करने के बाद पिकअप को अपने घर के सामने खड़ा कर दिया गया था, ताकि गुरुवार सुबह जल्दी अम्बिकापुर के लिए रवाना होकर कबाड़ का सामान बेचा जा सके।

रात करीब साढ़े 10 बजे तक सब कुछ सामान्य था। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति की नजर खड़ी पिकअप में लगी आग पर पड़ी। उसने तत्काल वाहन मालिक और कबाड़ व्यवसायी सरफिऊद्दीन आजाद को जगाकर घटना की जानकारी दी। आग लगने की खबर मिलते ही आजाद और उनके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उस समय आग वाहन में रखे कार्टून और अन्य कबाड़ के सामान को अपनी चपेट में ले रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवार के लोगों ने आनन-फानन में वाहन से कार्टून और अन्य सामान बाहर निकालना शुरू किया तथा आग बुझाने का प्रयास किया।

परिवार के लोगों की तत्परता और समय रहते किए गए प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक आग की लपटें पिकअप की ड्राइवर सीट तक पहुंच चुकी थीं। यदि आग का पता कुछ देर बाद चलता या उसे बुझाने में देरी होती, तो आग पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले सकती थी। इससे पिकअप के पूरी तरह जलने की आशंका थी। समय रहते आग बुझा दिए जाने से एक बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन घटना ने रात के समय खड़े वाहन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बंद खड़ी पिकअप में आग लगने से उठे सवाल

कबाड़ व्यवसायी सरफिऊद्दीन आजाद के अनुसार, उन्होंने रात करीब 8 बजे पिकअप में सामान लोड कराया था। इसके बाद खाना खाकर सोने चले गए थे। रात करीब साढ़े 10 बजे एक व्यक्ति ने उन्हें वाहन में आग लगने की जानकारी दी, जिसके बाद वे तत्काल बाहर निकले और आग बुझाने में जुट गए।

आजाद का कहना है कि वाहन बंद हालत में घर के सामने खड़ा था। ऐसे में उनके मन में आग लगने के कारणों को लेकर संदेह है। उन्हें आशंका है कि किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर वाहन में आग लगाई हो सकती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका की जांच पुलिस की पड़ताल के बाद ही हो सकेगी।

कबाड़ के सामान के साथ वाहन को भी नुकसान

इस घटना में पिकअप में लोड कार्टून और अन्य कबाड़ के सामान को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा आग की लपटें ड्राइवर सीट तक पहुंचने से वाहन भी प्रभावित हुआ है। कबाड़ व्यवसायी के अनुसार, आग लगने से हजारों रुपये के सामान का नुकसान हुआ है। वाहन को हुए नुकसान का आकलन अलग से किया जाना है। रात के समय अचानक हुई इस घटना से व्यवसायी को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

पुलिस में शिकायत की तैयारी, जांच के बाद सामने आएगा सच

घटना के बाद कबाड़ व्यवसायी सरफिऊद्दीन आजाद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहे थे। अब यह देखना होगा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले को किस रूप में लेती है और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाती है। यदि जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका सामने आती है, तो पुलिस संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर सकती है।

फिलहाल घटना को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। घर के सामने बंद खड़ी पिकअप में आग कैसे लगी? क्या यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम था या इसके पीछे किसी की शरारत अथवा जानबूझकर की गई हरकत थी? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा। अब सबकी नजर पुलिस में दर्ज होने वाली शिकायत और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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