शादी का झांसा देकर नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा
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शादी का झांसा देकर नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा

रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026। अभियान संवेदना के तहत महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी खरसिया पुलिस ने नाबालिग अवस्था में शारीरिक शोषण किए जाने की शिकायत पर आरोपी युवक छोटू राजपूत को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई है।

     मामले में दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को पीड़िता ने पुलिस चौकी खरसिया में आवेदन देकर खरसिया निवासी छोटू राजपूत के विरुद्ध शादी का प्रलोभन देकर पिछले करीब दो वर्षों से शारीरिक शोषण करने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में तत्काल कार्रवाई शुरू की। महिला विवेचक के माध्यम से पीड़िता के कथन दर्ज कराए गए तथा पीड़िता के अभिमत के अनुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया।

       पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि सितंबर 2024 में खरसिया के अटल आवास क्षेत्र में रहने वाले छोटू राजपूत से उसका परिचय हुआ था। आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर देकर उससे बातचीत शुरू की। पीड़िता के अनुसार, 22 सितंबर 2024 को आरोपी उसे घुमाने के बहाने खरसिया के जंगल की ओर ले गया और शादी करने का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी आरोपी ने कई बार उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने बताया कि वह करीब चार माह की गर्भवती है और अब आरोपी शादी करने से इनकार कर रहा है।

       पीड़िता के आवेदन पर चौकी खरसिया, थाना खरसिया में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 528/2026, धारा 64(2)(m) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 4 एवं 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल *आरोपी छोटू राजपूत पिता शौकी लाल राजपूत उम्र 30 साल निवासी वार्ड नं0 8 अटल आवास खरसिया* के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाना लाया। आवश्यक वैधानिक एवं मेडिकल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

     इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज तथा आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह और गोविन्द बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    अभियान संवेदना के तहत रायगढ़ पुलिस महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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