माँ की ममता को किया शर्मसार! 1 लाख 80 हजार में मासूम की खरीद-फरोख्त का खुलासा, कुनकुरी से पश्चिम बंगाल तक पहुंची पुलिस, बच्चे को सकुशल बचाया, मां सहित पांच आरोपी गिरफ्तार
जशपुर। रुपए के लालच में अपने ही मासूम बच्चे को बेचने का सनसनीखेज मामला जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक मां पर अपने लगभग तीन माह के बच्चे को कथित तौर पर ₹1 लाख 80 हजार में बेचने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुनकुरी पुलिस ने जांच तेज की और पश्चिम बंगाल तक पहुंचकर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे की मां सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना ने रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में 12 अगस्त 2026 को कुनकुरी निवासी लक्ष्मी बाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थिया के पुत्र शंकर चौहान को उसके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। शंकर चौहान, यशोदा यादव के साथ रहता था। यशोदा यादव ने 18 दिसंबर 2025 को एक बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि मार्च 2026 में बच्चे को रुपए के लालच में दूसरे लोगों के माध्यम से पश्चिम बंगाल में बेच दिया गया।
प्रार्थिया की शिकायत पर कुनकुरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 81 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(4) और 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू की।
जांच में सामने आया ₹1 लाख 80 हजार में सौदे का मामला
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी शुरू की। इस दौरान पश्चिम बंगाल निवासी सुकरू आलम उर्फ बंगाली को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्चे की खरीद-फरोख्त से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। आरोपी ने बच्चे को पश्चिम बंगाल निवासी शेख अलविन तक पहुंचाने की जानकारी दी।
इसके बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित कर पश्चिम बंगाल भेजी गई। वहां पुलिस ने शेख अलविन, उम्र 52 वर्ष, से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि मार्च 2026 में यशोदा यादव से संबंधित बच्चे को ₹1 लाख 80 हजार में खरीदकर अपनी बेटी को दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
पश्चिम बंगाल से सुरक्षित वापस लाया गया मासूम
पुलिस टीम ने बच्चे की बरामदगी के बाद आवश्यक पंचनामा तैयार किया और उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया। बरामद बच्चे की उम्र वर्तमान में लगभग 9 से 10 माह बताई गई है। बच्चे को सकुशल बरामद करना पुलिस के लिए इस मामले की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मां सहित पांच आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने बच्चे की मां यशोदा यादव, सुकरू आलम उर्फ बंगाली, शेख अलविन, निर्मला तिर्की और फूलकुंवारी यादव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की अग्रिम विवेचना कर रही है, ताकि बच्चे की खरीद-फरोख्त से जुड़े घटनाक्रम और सभी संबंधित पहलुओं की जानकारी सामने लाई जा सके।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
बच्चे की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह चंद्रा, सहायक उप निरीक्षक नीता कुर्रे, प्रधान आरक्षक अलीका पैंकरा और आरक्षक आलोक तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से मासूम को सुरक्षित संरक्षण में लेने में सफलता मिली है।
