ऑपरेशन शंखनाद में जशपुर पुलिस का तस्करों पर बड़ा प्रहार, कंटेनर में अमानवीय तरीके से ठूंसकर ले जाए जा रहे 65 गौवंश मुक्त, झारखंड का आरोपी गिरफ्तार, रेकी में इस्तेमाल कार भी जब्त
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ऑपरेशन शंखनाद में जशपुर पुलिस का तस्करों पर बड़ा प्रहार, कंटेनर में अमानवीय तरीके से ठूंसकर ले जाए जा रहे 65 गौवंश मुक्त, झारखंड का आरोपी गिरफ्तार, रेकी में इस्तेमाल कार भी जब्त

जशपुर, 10 अक्टूबर 2026। जिले में गौवंश तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। थाना बगीचा क्षेत्र के ग्राम खंटाडांड़ में शनिवार तड़के पुलिस की संयुक्त टीम ने एक कंटेनर ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें गौवंशों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। बरामद गौवंशों में से दो की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मौके से कंटेनर चालक रेहान अंसारी (34 वर्ष), निवासी ग्राम सिसई, जिला गुमला, झारखंड को गिरफ्तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर ट्रक क्रमांक NL-01-AB-7655 को जब्त कर लिया गया है।

पुलिस की कार्रवाई में गौवंश तस्करी के लिए रास्ते की रेकी करने के संदेह में इस्तेमाल की जा रही मारुति सुजुकी एस-प्रेसो कार क्रमांक JH-01-BR-9492 को भी जब्त किया गया है। कार से संबंधित आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गौवंशों को अंबिकापुर की ओर से बगीचा के रास्ते झारखंड ले जाया जा रहा था। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी, भाग रहे कंटेनर को पीछा कर पकड़ा

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक झा ने जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों और विभिन्न प्रकार की तस्करी पर लगातार निगरानी रखने तथा संबंधित क्षेत्रों में समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में जशपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कंटेनर ट्रक क्रमांक NL-01-AB-7655 में बड़ी संख्या में गौवंशों को भरकर अंबिकापुर की ओर से बगीचा के रास्ते झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह, निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत तथा थाना बगीचा की पुलिस टीम को संयुक्त रूप से कार्रवाई के लिए लगाया गया।

पुलिस टीम ने थाना बगीचा क्षेत्र के ग्राम पेटा में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान 10 अक्टूबर की सुबह करीब 4:30 बजे संदिग्ध कंटेनर वहां पहुंचा। पुलिस टीम को देखकर चालक ने वाहन रोकने के बजाय दूसरे रास्ते से तेजी से भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए कंटेनर का पीछा किया और ग्राम खंटाडांड़ में उसे रोकने में सफलता हासिल की।

कंटेनर की तलाशी में सामने आई पशु क्रूरता की तस्वीर, दो गौवंश मृत मिले

कंटेनर को रोकने के बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाशी ली तो अंदर बड़ी संख्या में गौवंश भरे हुए मिले। कुल 65 गौवंश बरामद किए गए। उन्हें वाहन में अत्यंत अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर रखा गया था। परिवहन की इस स्थिति के कारण पशुओं की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता सामने आई। इनमें से दो गौवंशों की मृत्यु हो चुकी थी।

पुलिस ने वाहन चालक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम रेहान अंसारी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम सिसई, जिला गुमला, झारखंड बताया। गौवंशों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में गौवंशों को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बरामद गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। मृत गौवंशों का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए कंटेनर ट्रक को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

अंबिकापुर से झारखंड ले जाए जा रहे थे गौवंश, तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रेहान अंसारी ने बताया कि वह कंटेनर ट्रक को अंबिकापुर की ओर से लेकर झारखंड की तरफ जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गौवंश कहां से लाए गए थे, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे अवैध कारोबार में अन्य किन व्यक्तियों की भूमिका है।

जांच के दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता से संबंधित जानकारी मिलने की बात भी पुलिस ने कही है। संबंधित व्यक्तियों की पहचान और पतासाजी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गौवंशों के अवैध परिवहन में शामिल लोगों के साथ-साथ इस कारोबार को संचालित करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रास्ते की रेकी कर रही एस-प्रेसो कार जब्त, एक आरोपी फरार

इस कार्रवाई में पुलिस ने गौवंश तस्करी के लिए रास्ते की रेकी करने में इस्तेमाल की जा रही मारुति सुजुकी एस-प्रेसो कार क्रमांक JH-01-BR-9492 को भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, इस कार से संबंधित एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस अब जब्त कंटेनर और कार के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ ही दोनों वाहनों के इस्तेमाल तथा तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई को केवल गौवंशों की बरामदगी तक सीमित न रखते हुए तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज, विवेचना जारी

पुलिस ने आरोपी रेहान अंसारी के विरुद्ध थाना बगीचा में अपराध क्रमांक 264/26 दर्ज किया है। मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क)(घ) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना की जा रही है। फरार आरोपी की पतासाजी के साथ ही गौवंशों के स्रोत, परिवहन के उद्देश्य और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

जनवरी से अब तक 98 मामलों में 1108 गौवंश मुक्त, 131 आरोपी गिरफ्तार

जशपुर पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जनवरी 2026 से अब तक गौवंश तस्करी के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अवधि में जिले में गौवंश तस्करी से संबंधित कुल 98 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 1108 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है।

इन मामलों में कुल 131 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इसके अलावा गौवंश तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे पिकअप, ट्रक सहित कुल 36 वाहनों को जब्त किया गया है।

पुलिस का कहना है कि जिले में गौवंशों के अवैध परिवहन, तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

ग्राम खंटाडांड़ में की गई इस कार्रवाई में एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह, निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, उप निरीक्षक विवेक भगत, सहायक उप निरीक्षक नरेश मिंज तथा आरक्षक आशीष तिर्की, रमेश गृही और सुधीर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई में एक ओर जहां 65 गौवंशों को मुक्त कराया गया, वहीं दूसरी ओर तस्करी में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों को जब्त कर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।

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