बरसात में बुरी तरह जर्जर हुआ वनमार्ग, गहरे गड्ढों में फंस रहे थे वाहन और परेशान हो रहे थे स्कूली बच्चे, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत का काम शुरू
ताजा खबरें


बड़ी खबर

बरसात में बुरी तरह जर्जर हुआ वनमार्ग, गहरे गड्ढों में फंस रहे थे वाहन और परेशान हो रहे थे स्कूली बच्चे, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत का काम शुरू

नारायणपुर। बादलखोल अभ्यारण्य के घने वन क्षेत्र के बीच बसे बुटूंगा, गायलूंगा और कलिया जैसे गांवों के ग्रामीणों के लिए बरसात का मौसम इस बार सड़क की बदहाली के कारण परेशानी भरा रहा। गांवों तक पहुंचने वाले वनमार्ग की हालत इतनी खराब हो गई थी कि जगह-जगह सड़क 2 से 3 फीट गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई थी। कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के बीच वाहनों का गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं था। सबसे अधिक परेशानी स्कूली विद्यार्थियों, स्कूल बसों, निजी बसों और छोटे वाहन चालकों को उठानी पड़ रही थी।

बछरांव से गायलूंगा तक जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। रोजाना दर्जनों छोटे-बड़े वाहन इस सड़क से होकर गुजरते हैं। स्कूल बसों का भी इसी मार्ग से आवागमन होता है। लेकिन लगातार बारिश के कारण कच्ची सड़क की हालत बिगड़ती चली गई। कई स्थानों पर सड़क का स्वरूप इस कदर बिगड़ गया कि वाहन चालकों को गड्ढों और कीचड़ के बीच रास्ता तलाशकर आगे बढ़ना पड़ता था। कई वाहन रास्ते में फंसने लगे थे, वहीं छोटे वाहनों के लिए तो यह मार्ग लगभग मुश्किल भरा हो गया था।

सड़क खराब, तो बढ़ गया कई किलोमीटर का सफर

सड़क की बदहाली का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं था। बुटूंगा, गायलूंगा और कलिया सहित आसपास के ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही थी। सड़क की खराब स्थिति के चलते छोटे वाहनों को कलिया से साहीडांड़ और फिर बगीचा मार्ग की ओर से होकर जाना पड़ रहा था। इससे ग्रामीणों का समय और दूरी दोनों बढ़ रही थी।

सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों को लेकर बनी हुई थी। बरसात के दौरान जब सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ हो गया था, तब स्कूल बसों के संचालन में भी दिक्कतें आने लगी थीं। अभिभावकों को भी बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर चिंता बनी रहती थी।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचाई आवाज

लगातार बिगड़ती सड़क की स्थिति को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचाई। ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग रखी, ताकि गांवों का संपर्क सुचारू हो सके और स्कूली बच्चों सहित आम राहगीरों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों की समस्या मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचते ही मामले में तत्काल पहल की गई। कैंप कार्यालय की ओर से अम्बिकापुर सीसीएफ को सड़क की स्थिति को देखते हुए जल्द मरम्मत कराने के लिए कहा गया। इसके बाद बादलखोल अभ्यारण्य के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नारायणपुर गेम रेंजर सिद्धार्थ भारती ने तत्काल सड़क मरम्मत का काम शुरू करा दिया।

सड़क पर मशीन और अमला उतरा, ग्रामीणों को मिली राहत की उम्मीद

मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को भरने और मार्ग को आवागमन के योग्य बनाने का काम किया जा रहा है। लंबे समय से बदहाल सड़क को लेकर परेशान ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत लेकर आई है। अब उम्मीद है कि सड़क के सुधरने के बाद स्कूल बसों सहित छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन पहले की अपेक्षा सुगम हो सकेगा।

बादलखोल अभ्यारण्य के बीच बसे इन गांवों के लिए सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में सड़क की मरम्मत शुरू होने से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित पहल की क्षेत्र में सराहना

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी, लेकिन बारिश के दौरान स्थिति बेहद खराब हो गई थी। ग्रामीणों ने जब अपनी समस्या मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचाई तो वहां से संबंधित अधिकारियों तक बात पहुंची और जल्द ही मरम्मत का काम शुरू हो गया।

क्षेत्रवासियों ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित पहल करने के लिए मुख्यमंत्री सहित कैंप कार्यालय के स्टाफ  के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से उनकी समस्या संबंधित अधिकारियों तक पहुंची और अब सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

Leave Your Comment

Click to reload image