बदलती तकनीक के बीच सही करियर चुनने का मंत्र, बरगांव में विद्यार्थियों को AI, रोजगार और स्वरोजगार की दी गई जानकारी
बरगांव। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में बुधवार को विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने के उद्देश्य से करियर गाइडेंस, पर्यावरण जागरूकता, जल एवं स्वच्छता पर केंद्रित संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ बदलती तकनीक, Artificial Intelligence (AI), रोजगार एवं स्वरोजगार के उभरते क्षेत्रों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. आशीष राजपाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती मधु मिश्रा एवं श्री राजेंद्र प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच श्रीमती आरती बाई एवं श्रीमती शारदा सिंह ने की। शाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे ।
‘सही समय पर सही दिशा का चुनाव ही सफलता की कुंजी’
मुख्य अतिथि प्रो. आशीष राजपाल ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करते हुए विभिन्न फैकल्टी एवं विषयों के आधार पर उपलब्ध करियर विकल्पों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक रोजगार विकल्पों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। तकनीक तेजी से बदल रही है और AI आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के अनेक क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता को पहचानने तथा उसी के अनुरूप विषय एवं करियर का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों, कौशल आधारित शिक्षा तथा स्वरोजगार की संभावनाओं की भी विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के लिए अभी से तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि श्रीमती मधु मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण को विद्यार्थियों के भविष्य और करियर से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में पर्यावरण से जुड़े विषय केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अनेक नए अवसर भी विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण एक गंभीर और महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण प्रबंधन, जैव विविधता तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए भविष्य में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति आत्मिक जुड़ाव विकसित करने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
‘एक पौधा मां के नाम’ से दिया भावनात्मक संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री राजेंद्र प्रेमी ने ‘एक पौधा मां के नाम’ गीत प्रस्तुत कर उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण से भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया। गीत के माध्यम से पौधों को मां और जीवन से जोड़ते हुए प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। वहीं इको क्लब के छात्र प्रभारी जय अंकित ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
जल, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम में जल संरक्षण और स्वच्छता को भी विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि स्वच्छ जल, स्वच्छ परिवेश और सुरक्षित पर्यावरण केवल वर्तमान पीढ़ी की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ विषय है।
कार्यक्रम में करियर और पर्यावरण को एक-दूसरे से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि भविष्य की सफलता केवल अच्छी नौकरी पाने में नहीं, बल्कि बदलती तकनीक के साथ स्वयं को विकसित करने, नए अवसरों का निर्माण करने और समाज एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने में भी है।इको क्लब प्रभारी डॉ मिथलेश पाठक ने कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया कार्यक्रम का सफल संचालन एवं प्रबंधन वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती ज्योति तिर्की ने किया ।कार्यकम को सफल बनाने में विद्यालय के व्याख्याता श्री लोचन साहू श्री प्रियन् ख़ेस श्रीमती सुमन केरकेट्टा श्रीमती जया सिंह,शीत अन्य कर्मचारी श्री राजेश राम बेटल तिग्गा का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही और उन्होंने करियर, AI, रोजगार, स्वरोजगार तथा पर्यावरण के प्रति संवेग और आत्मिक लगाव को समझा।
