सावन के अंतिम सोमवार पर नगरवन महादेव गुड़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब, 30 से अधिक गांवों से सैकड़ों शिवभक्त 10 किमी पैदल चलकर किया जलाभिषेक, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा पूरा क्षेत्र,भक्तों के उत्साह ने बनाया माहौल पूरी तरह शिवमय

नारायणपुर। सावन के अंतिम सोमवार को नारायणपुर क्षेत्र का नगरवन महादेव गुड़ी शिव मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही कपरी नदी तट से लेकर नगरवन महादेव गुड़ी तक श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों से पहुंचे सैकड़ों महिला-पुरुष शिवभक्तों ने पवित्र नदियों के तट से कलश और लोटा में जल भरकर लगभग 10 किलोमीटर की पदयात्रा की और नगरवन महादेव गुड़ी पहुंचकर विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सुबह बिलासपुर-हस्तिनापुर क्षेत्र के ईब नदी तट पर शिवभक्त एकत्र हुए। मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा गया और इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ नगरवन महादेव गुड़ी के लिए रवाना हुआ। हाथों में जल से भरे कलश और लोटा, माथे पर भक्ति का भाव और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर पैदल चलते रहे। इस धार्मिक यात्रा में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। करीब पांच वर्ष के नौनिहालों से लेकर 70 वर्ष तक के बुजुर्ग भी आस्था के इस सफर में कदम से कदम मिलाते नजर आए।

10 किलोमीटर तक गूंजता रहा हर-हर महादेव
हस्तिनापुर नदी तट से शुरू हुई यह कांवड़नुमा जलयात्रा पतराटोली, चिटकवाईन, नारायणपुर, मटासी और बरडांड़ होते हुए नगरवन महादेव गुड़ी शिव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में ‘बोल बम’, ‘जय महादेव’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा। डीजे पर बजते शिव भजनों और धार्मिक धुनों ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया। जगह-जगह लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत किया। ऐसा लग रहा था मानो सावन की भक्ति स्वयं सड़कों पर उतर आई हो।
इस वर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और गत वर्ष की तुलना में अधिक संख्या में भक्तों ने यात्रा में हिस्सा लिया। महिलाओं और पुरुषों के साथ युवाओं तथा बच्चों की भी बड़ी भागीदारी रही। कई श्रद्धालु पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए पैदल मंदिर पहुंचे।

मंदिर पहुंचते ही जलाभिषेक के लिए लगी कतार
नगरवन महादेव गुड़ी पहुंचने के बाद शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार लग गई। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार, क्षेत्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर की पहले से साफ-सफाई कराई गई थी तथा भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए। यात्रा के दौरान डीजे की धुन पर शिव भजनों की प्रस्तुति लगातार श्रद्धालुओं में उत्साह भरती रही।
जलाभिषेक के बाद भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद
जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और अनुशासन का माहौल बना रहा। सावन के अंतिम सोमवार पर नगरवन महादेव गुड़ी में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और भगवान शिव के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को उजागर किया।
आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही भूमिका
धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में गणेश कुमार चौहान, अशोक कुमार, टिकेश्वर यादव, संतोष भुइंया सरपंच, श्रीमती संतोषी यादव उपसरपंच, ललित सिंह, संतु राम, सुरेंद्र राम, ब्रजेंद्र राम, सरोज कुशवाहा, संजय कुशवाहा, अनिल बागे, नंदकुमार, लखन दीपक, दीपक आपटे, शिवकुमार सिंह, चंद्रशेखर, विशेश्वर महतो, गौतम सांडिल, रोहित राम, शोभित राम, बुधन राम, देवशंभू सिंह, तरुण सिंह, अनिता बाई, लुभावन राम, पंकज नागदेव, दिलेश्वर, संतोषी बाई, हेमंत राम, केदार सिंह, शेखर यादव, उमाशंकर खत्री, रामकेश्वर बंदे, विक्रम यादव, देवचरण राम, शंकर राम, पुरुषोत्तम सिंह, रितेश राम, बसंत यादव, निलेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिवभक्तों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सावन के अंतिम सोमवार पर निकली यह विशाल जलयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामूहिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का जीवंत दृश्य बन गई। दिनभर नगरवन महादेव गुड़ी परिसर में भक्ति की ऐसी बयार चली कि पूरा नारायणपुर क्षेत्र भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया।
