जशपुर में तैयार हो रही वैज्ञानिक सोच वाली नई पीढ़ी, कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने 3D VR तकनीक, एयरक्राफ्ट पज़ल्स और विमान संरचना के रहस्यों को सीखा
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जशपुर में तैयार हो रही वैज्ञानिक सोच वाली नई पीढ़ी, कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने 3D VR तकनीक, एयरक्राफ्ट पज़ल्स और विमान संरचना के रहस्यों को सीखा

जशपुर, 03 अगस्त।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के विद्यार्थियों के लिए एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण का आयोजन संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में कराया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में विमानन विज्ञान, एयरोडायनामिक्स, नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं व्यावहारिक कौशल का विकास करना है।

संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देशन में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 40 विद्यार्थियों के लिए 5 दिवसीय आवासीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का आज तीसरा दिन संपन्न हुआ। 

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विद्यार्थियों को एयरोमॉडलिंग का परिचय, भौतिकी के मूल सिद्धांत, एयरोडायनामिक्स तथा एयरोमॉडलिंग में प्रयुक्त महत्वपूर्ण समीकरणों की जानकारी दी गई। इसके बाद उड़ान का इतिहास बताया गया, जिसमें विमानन के विकास की यात्रा को समझाया गया। पहले दिन ड्रैग, थ्रस्ट, लिफ्ट, विभिन्न प्रकार के विमानों तथा उनके कार्य सिद्धांतों पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।

पहले दिन के व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों ने पेपर प्लेन बनाना सीखा। इसके अलावा विमान, ग्लाइडर और हेलीकॉप्टर से संबंधित शैक्षणिक वीडियो दिखाए गए, जिनमें विंड टर्बूलेंस, थंडरस्टॉर्म और उनके उड़ान पर प्रभावों को भी समझाया गया।

दूसरे दिन एयरफॉइल, कैम्बर, कॉर्ड लाइन, लीडिंग एज, ट्रेलिंग एज, रडर तथा नाइट विज़न जैसी विमान संरचना एवं तकनीकी अवधारणाओं का अध्ययन कराया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने बूमरैंग की प्रायोगिक गतिविधि में भाग लेकर उसके वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझा। दोपहर के सत्र में सेंटर ऑफ ग्रैविटी, सेंटर ऑफ मास एवं सेंटर ऑफ प्रेशर की अवधारणाओं को  समझाया गया। साथ ही फाइटर एयरक्राफ्ट, विंड टनल तथा जापान की हाई-स्पीड ट्रेनों की एयरोडायनामिक डिजाइन पर आधारित वीडियो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने लकड़ी से निर्मित एयरक्राफ्ट पज़ल्स को हल कर विमान की संरचना और उसके विभिन्न भागों की व्यावहारिक समझ विकसित की। इसके बाद वीआर तकनीक के माध्यम से थ्रीडी विज़ुअलाइजेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विमान उड़ाने की प्रक्रिया, कॉकपिट का अनुभव तथा उड़ान के दौरान होने वाली गतिविधियों को आभासी रूप से देखा और समझा। 

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के आगामी दो दिनों में विद्यार्थियों को एयरोमॉडल तैयार करने, उड़ान परीक्षण, संतुलन, नियंत्रण एवं उन्नत एयरोमॉडलिंग तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजन में यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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