डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने संकल्प के विद्यार्थियों को सिखाई सफलता की वैज्ञानिक रणनीति, रिवर्स इंजीनियरिंग, विज़ुअलाइज़ेशन और माइंड ट्रेनिंग से हर लक्ष्य हासिल करने का दिया मंत्र
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डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने संकल्प के विद्यार्थियों को सिखाई सफलता की वैज्ञानिक रणनीति, रिवर्स इंजीनियरिंग, विज़ुअलाइज़ेशन और माइंड ट्रेनिंग से हर लक्ष्य हासिल करने का दिया मंत्र

जशपुरनगर।

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करने के लिए डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा और डिप्टी कलेक्टर प्रियंका रानी गुप्ता संस्थान पहुँचे। 

डिप्टी कलेक्टर समीर बडा ने विद्यार्थियों के साथ एक बेहद व्यावहारिक, वैज्ञानिक और प्रेरणादायक सत्र साझा किया। पिछले सत्र में वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौद्रिक प्रणाली और एआई जैसी तकनीकों की जानकारी देने के बाद, आज के सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता की सटीक रणनीतियों, माइंड साइकोलॉजी, न्यूट्रिशन और विषयगत तैयारी के एडवांस तरीकों के विषय में बताया।

सफलता के लिए रिसर्च, मार्गदर्शन और विज़ुअलाइज़ेशन जरूरी :


उन्होंने यह भी बताया कि केवल कड़ी मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि सही दिशा में रणनीतिक कौशल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सफलता के लिए कुछ रणनीतियां भी बताईं। जिसमें उन्होंने रिसर्च, मार्गदर्शन, विज़ुअलाइज़ेशन और प्रभावी अभ्यास के विषय में बताया। रिसर्च के अंतर्गत संबंधित विषय के व्यक्तियों के कार्यों की प्रकृति, मार्गदर्शन के अंतर्गत उस क्षेत्र में सफल व्यक्तियों की सलाह, पुस्तकें या इंटरव्यू आदि से जानकारी लेना, विज़ुअलाइज़ेशन के अंतर्गत हर परिस्थिति और लक्ष्य की पूर्व-कल्पना करके मानसिक व शारीरिक रूप से खुद को तैयार करना शामिल है। मशहूर स्विमर माइकल फेल्प्स का एक किस्सा बताते हुए उन्होंने इसे समझाया।


रिवर्स इंजीनियरिंग से लक्ष्य आधारित तैयारी :

डिप्टी कलेक्टर ने प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर प्लानिंग के लिए रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक सुझाई। उन्होंने बताया कि यदि डॉक्टर बनना है, तो पहले समझें कि डॉक्टर वास्तव में काम क्या करते हैं। प्रवेश परीक्षा और मुख्य परीक्षा के सिलेबस को स्वयं अपने हाथ से लिखें। सफल लोगों द्वारा लिखी गई पुस्तकों और उनकी रणनीतियों का गहराई से अध्ययन करें।


न्यूट्रिशन साइंस और ह्यूमन परफॉर्मेंस के वैज्ञानिक पहलू :

आगे मानव प्रदर्शन क्षमता बढ़ाने के अपने उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने माइंड ट्रेनिंग, न्यूट्रिशन साइंस और 'ह्यूमन परफॉर्मेंस' पर भी बात की। उन्होंने न्यूट्रिशन के महत्व पर बात करते हुए बताया कि क्यों शतरंज जैसे दिमागी खेल खेलने वाले खिलाड़ी अपने मस्तिष्क को सक्रिय रखने के लिए ओमेगा-3 का सेवन करते हैं। एफ-1 फॉर्मूला रेसर्स के रिएक्शन टाइम बेहतर करने वाली आई-एक्सरसाइज तथा सुमो पहलवानों के शरीर में विसरल फैट और सबक्यूटेनियस फैट के विषय में भी जानकारी दी।


नियमित अभ्यास से विकसित होती है मेमोरी :

मेमोरी ट्रेनिंग के अंतर्गत उन्होंने अनट्रेंड मेमोरी और ट्रेंड मेमोरी के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए नियमित अभ्यास से याददाश्त बढ़ाने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की।


जीवन में सही प्राथमिकताएं तय करना जरूरी :

खाली ग्लास को जीवन से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यदि ग्लास में पहले बेकार एवं अनुत्पादक चीजें भर देंगे तो उसमें अच्छी चीजें नहीं आ पाएंगी। इसलिए जीवन रूपी ग्लास में सबसे पहले उच्च गुणवत्ता वाले विचार, संस्कार और अपना लक्ष्य भरें।

आत्मविश्वास और सही रणनीति से हर लक्ष्य संभव:

उन्होंने कहा कि आप सभी विद्यार्थियों को भले ही अभी विषय की बहुत विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन आपमें सफलता पाने की अदम्य भूख है। यदि आप खुद पर विश्वास रखें और सही रणनीति बनाएं, तो दुनिया में कोई भी चीज असंभव नहीं है।

संस्थान के प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने इस प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सत्र के लिए डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा का आभार व्यक्त किया।
सत्र में शिक्षक अवनीश पांडेय, अश्विनी सिंह, दीपक ग्वाला, श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, श्रीमती सीमा गुप्ता सहित सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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