सरबकोंबो हायर सेकेंडरी स्कूल की बदहाली बनी विद्यार्थियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: वर्षों से स्थायी बिजली नहीं, खतरनाक एलटी लाइन, बालिका शौचालय के पास ट्रांसफार्मर और गड्डे सड़क से हर दिन हादसे का खतरा, जनप्रतिनिधियों ने शासन से तत्काल हस्तक्षेप की उठाई मांग

नारायणपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरबकोंबो में पिछले कई वर्षों से क्लास रूम में स्थायी विद्युत व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यालय टेंपररी विद्युत कनेक्शन के सहारे संचालित हो रहा है। स्थायी विद्युत व्यवस्था एवं आवश्यक विद्युतीकरण की स्वीकृति के लिए विद्यालय प्रबंधन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है। इसके साथ ही विद्यालय के आवश्यक जीर्णोद्धार की भी आवश्यकता है।
वहीं विद्यालय के बालिका शौचालय के समीप लगे ट्रांसफार्मर को सुरक्षा की दृष्टि से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। इस संबंध में बिजली विभाग को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया है।

इसके अलावा विद्यालय के समीप स्थित सड़क की स्थिति भी अत्यंत जर्जर है। सड़क के निर्माण एवं मरम्मत और क्लास रूम में वायरिंग मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग को कई बार पत्राचार एवं मांग प्रस्तुत की गई है। जर्जर सड़क के कारण विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्राम पंचायत से भी कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से आग्रह किया जा चुका है कि पंचायत अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं नियमानुसार आंशिक सहयोग प्रदान कर विद्यालय की भौतिक सुविधाओं के विकास एवं आवश्यक सुधार कार्यों में सहयोग कर सकती है। परन्तु पंचयात की लाफ़रवाही ने अब तक इस ओर ध्यान देना मुनासिब नही समझा है। इस संबंध में वार्ड पंच द्वारा ग्राम पंचायत को लिखित रूप से भी अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर पंचायत स्तर से अभी तक अपेक्षित ध्यान एवं पहल नहीं हो सकी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों का कहना है कि विद्यार्थियों के हित एवं विद्यालय की आवश्यकताओं को देखते हुए पंचायत को भी इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए।
ज्ञात हो कि विद्यालय के दो भवनों के बीच से गुजर रही एलटी (लो टेंशन) बिजली लाइन बच्चों और शिक्षकों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। बिजली का खुला तार भवन की खिड़की के बिल्कुल समीप से गुजर रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश और तेज हवा के दौरान जोखिम और बढ़ जाता है। विभाग को तत्काल लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या इंसुलेटेड केबल लगाने से किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बरामदा जर्जर, बड़े गड्ढे से विद्यार्थियों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
विद्यालय का बरामदा पूरी तरह जर्जर होकर जगह-जगह से टूट चुका है। बरामदे में कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिनमें एक बड़ा गड्ढा विद्यार्थियों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रतिदिन आने जाने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। विद्यार्थियों एवं पालकों ने संबंधित विभाग से बरामदे की शीघ्र मरम्मत कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्षेत्र की बीडीसी श्रीमती प्रिया सुरेश जैन ने बताया कि विद्यालय की इन समस्याओं को उन्होंने जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया है तथा विद्यालय में स्थायी विद्युत व्यवस्था, आवश्यक जीर्णोद्धार, बालिका शौचालय के समीप लगे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने एवं विद्यालय के समीप जर्जर सड़क के निर्माण एवं मरम्मत के संबंध में प्रस्ताव बनाकर उच्च कार्यालय से आवश्यक स्वीकृति एवं कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए इन कार्यों की आवश्यकता है। आशा है कि शासन एवं संबंधित विभाग विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए बहुत जल्द आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता है।
विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि शासन एवं संबंधित विभाग द्वारा विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए विद्यालय में स्थायी विद्युत व्यवस्था, आवश्यक जीर्णोद्धार, ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने तथा जर्जर सड़क के निर्माण एवं मरम्मत की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसफार्मर हटाने विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव
स्कूल में बालिका शौचालय के पास से ट्रांसफार्मर हटाने, स्कूल के क्लासरूम के बगल से बिजली के तारों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाकर बिजली विभाग को भेजा जाएगा।
नरेन्द्र सिन्हा, डीईओ
