राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान में जशपुर का जलवा, रायपुर में जिले के सात शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान; नवाचारी शिक्षण, डिजिटल शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया जिले का गौरव
जशपुर, 17 जुलाई। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचारी शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले जशपुर जिले के सात शिक्षकों को रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत द्वारा "स्व. श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026" से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से पूरे जशपुर जिले के शिक्षा जगत में हर्ष और गौरव का वातावरण है। जिले के शिक्षकों की इस सफलता को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरिभूमि समूह के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् एवं समाजसेवी तथा एन.आर. स्टील, रायगढ़ के संस्थापक संजय अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पूर्णानंद मिश्रा तथा राष्ट्रपति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित श्रीमती प्रज्ञा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने चयनित शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचार, समर्पण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जशपुर जिले से सम्मानित होने वाले शिक्षकों में श्रीमती संतोषी डनसेना (प्रधानपाठक, शासकीय प्राथमिक शाला छिंदबहरी, पत्थलगांव), गणेश राम चौहान (प्रधानपाठक, शासकीय प्राथमिक शाला खुंटीटोली, कांसाबेल), श्रीमती नमिता खेस्स (सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला रायकोना), श्रीमती रीना रानी गोस्वामी (सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला नदीडीपा), कु. सुनैना तिर्की (सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला बड़ेगम्हरिया), श्रीमती अनुपमा कुजूर (सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला नदीडीपा) तथा अनिल कुमार कश्यप (सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला पैकू) शामिल हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार करने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है। सम्मानित शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता तथा बाल-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देकर शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में सीखने की रुचि बढ़ी है और विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हुआ है। यही कारण है कि उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
जिले के शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए इसे जशपुर जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन शिक्षकों के नवाचारी प्रयास जिले सहित पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देंगे तथा अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जशपुर जिले के शिक्षक अपनी मेहनत, समर्पण और नवाचार के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।
