अब हर गांव में होगा 'डिजिटल प्रहरी'! जशपुर पुलिस ने 1000 पुलिस मितानों को बांटी QR टी-शर्ट, अपराधियों पर रहेगी पैनी नजर
जशपुर, 16 जुलाई 2026। जशपुर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देते हुए जिले में पुलिस और आमजन के बीच भरोसे को मजबूत बनाने के लिए एक अभिनव पहल की है। पुलिस मितान सम्मेलन के दौरान लगभग 1000 पुलिस मितानों को विशेष "पुलिस मितान" टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए। यह क्यूआर कोड प्रत्येक पुलिस मितान के दोपहिया वाहन पर लगाया जाएगा, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल से स्कैन कर संबंधित पुलिस मितान का नाम, गांव, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेगा।
जशपुर जिले में वर्तमान में 5,012 पुलिस मितान सक्रिय हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सम्मेलन में थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, उपरकछार और करडेगा क्षेत्र के लगभग 1000 पुलिस मितानों ने भाग लिया।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मेलन में पुलिस मितान योजना के उद्देश्य, जिम्मेदारियों और उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस मितान गांव और पुलिस के बीच विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता मिलेगी।
सम्मेलन में बताया गया कि डिजिटल क्यूआर कोड व्यवस्था से ग्रामीणों को अपने क्षेत्र के पुलिस मितान तक तत्काल पहुंच मिल सकेगी। सड़क दुर्घटना, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर ठगी, संदिग्ध गतिविधियों, नशा संबंधी शिकायत, लापता व्यक्ति, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य किसी भी आपात स्थिति में लोग सीधे अपने पुलिस मितान से संपर्क कर सकेंगे। इससे सूचना तंत्र और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।
पुलिस मितानों को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि वे सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान भी चलाएंगे। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएंगे।
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पिछले माह आयोजित सड़क सुरक्षा अभियानों में पुलिस मितानों ने हेलमेट, सीट बेल्ट, यातायात नियमों के पालन, नशे में वाहन न चलाने तथा सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी पुलिस मितानों से सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक गांव को सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ग्राम कोटवारों से भी पुलिस मितानों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की गई ताकि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचे।
यातायात उप पुलिस अधीक्षक के.आर. चौहान ने पुलिस मितानों को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि जशपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा करना है। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमित उपयोग पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने राहवीर योजना (Good Samaritan Scheme) की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीर को शासन द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जशपुर पुलिस द्वारा पहले ही दो राहवीरों को सम्मानित कर उन्हें 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है।
एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी ने पुलिस मितानों से कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वहीं एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा ने कहा कि प्रत्येक पुलिस मितान अपने गांव का जिम्मेदार प्रहरी बनकर पुलिस और जनता के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाए।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा विषयक प्रस्तुतीकरण भी दिखाया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, दुर्घटना के समय प्राथमिक प्रतिक्रिया और जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्यों की जानकारी दी गई। अंत में सभी पुलिस मितानों ने समाज सेवा, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता और नशामुक्त जशपुर के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
