स्कूल आ पढ़ेबर, जिंदगी ला गढ़ेबर... मटासी स्कूल में नवाचार के साथ मना शाला प्रवेश उत्सव, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
ताजा खबरें


बड़ी खबर

स्कूल आ पढ़ेबर, जिंदगी ला गढ़ेबर... मटासी स्कूल में नवाचार के साथ मना शाला प्रवेश उत्सव, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

नारायणपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटासी में शाला प्रवेश उत्सव इस बार पूरी तरह नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में सराबोर नजर आया। राज्य शासन के निर्देश तथा नवाचारी गतिविधियों की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया, जिससे बच्चों और पालकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
 
कार्यक्रम के लिए विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। दो दिन पहले से शाला प्रवेश उत्सव का बैनर लगाकर ग्रामीणों एवं पालकों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीडीसी संजय बंग, विशिष्ट अतिथि संकुल समन्वयक जुबराज यादव, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ राम, उपाध्यक्ष चंदन यादव, पालकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
 
विद्यालय में प्रवेश करते समय नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत के लिए अलता से पदचिह्न बनवाए गए, जिससे उनके कदमों की छाप विद्यालय परिसर में अंकित हुई। इसके बाद बच्चों के हाथों की रंगीन छाप ड्राइंग शीट पर ली गई। इस अनूठे स्वागत से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
 
मंच संचालन कर रहे शिक्षक शशि कुमार सिंह ने बच्चों को 'स्कूल आ पढ़ेबर, जिंदगी ला गढ़ेबर' का संदेश देते हुए बताया कि विद्यालय में आधुनिक एवं रोचक नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। इसके बाद नवप्रवेशी विद्यार्थियों का चंदन-रोली, पुष्प वर्षा एवं विशेष स्वागत बैज लगाकर अभिनंदन किया गया।
 
विद्यालय के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने नवप्रवेशी बच्चों के लिए विज्ञान के रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए। जल की तीन अवस्थाओं का प्रदर्शन तथा खाने के सोडा से निकलने वाली गैस द्वारा गुब्बारा फुलाने का प्रयोग बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रधान पाठिका श्रीमती सरिता नायक ने कहा कि विद्यालय में इसी प्रकार नवाचार आधारित शिक्षण से बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाया जाएगा।
 
इसके बाद बच्चों को रसगुल्ले खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया तथा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों और गणवेश का वितरण किया गया।
 
कार्यक्रम का एक अन्य विशेष आकर्षण पर्यावरण संरक्षण अभियान रहा। विद्यालय परिसर में सीड बॉल (बीज गेंद) रोपण कर सभी ने "सीड बॉल उगाबो, पर्यावरण बचाबो" का सामूहिक नारा लगाया और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
 
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ राम ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। संकुल समन्वयक जुबराज यादव ने पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश मिलने पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए नियमित अध्ययन का संदेश दिया। वहीं मुख्य अतिथि संजय बंग ने विद्यालय में खेल सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है।
 
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य एवं गायन प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। समापन अवसर पर "हमर सुघर छत्तीसगढ़" की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया।
 
अंत में प्रधान पाठिका श्रीमती सरिता नायक ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए नवाचार समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

Leave Your Comment

Click to reload image