अब किताबों से नहीं, प्रयोगों से समझेंगे भौतिकी! कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में सेजेस जशपुर में जिलेभर के शिक्षकों का विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित
जशपुरनगर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, जशपुर में जिले के सभी शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों के भौतिकी शिक्षकों एवं कक्षा 11वीं-12वीं के चयनित मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में प्रयोग आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना, शिक्षकों को आधुनिक एवं प्रभावी शिक्षण पद्धति से जोड़ना तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा रहे। उन्होंने भौतिकी विषय के अनेक महत्वपूर्ण प्रयोगों का स्वयं प्रदर्शन कर शिक्षकों और विद्यार्थियों को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाया। उन्होंने कहा कि यदि विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित रखा जाएगा तो विद्यार्थी उसे रटेंगे, लेकिन यदि प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा तो वे विषय को समझेंगे, उसके पीछे के सिद्धांतों को जानेंगे और विज्ञान के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित होगी।
प्रशांत कुशवाहा ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न उपकरणों एवं सामान्य सामग्रियों का उपयोग करते हुए कई रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में उपलब्ध सीमित संसाधनों से भी प्रभावी प्रयोग कराए जा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक अध्याय के साथ प्रयोगों को जोड़कर पढ़ाएं, ताकि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, तार्किक क्षमता और समस्या समाधान की सोच विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और व्यवहारिक ज्ञान विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करते हैं, परिणाम देखते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं, तब उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और स्थायी बन जाती है।
प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों से आए भौतिकी विषय के शिक्षकों के साथ-साथ प्रत्येक हायर सेकेंडरी विद्यालय से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को स्वयं प्रयोग करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझा।
कार्यक्रम में भौतिकी विषय के पाठ्यक्रम से जुड़े कुल 48 प्रायोगिक कार्यों का अभ्यास कराया गया। इनमें यांत्रिकी, गति एवं ऊर्जा, बल एवं घर्षण, विभिन्न प्रकार के मापन, ऊष्मा, विद्युत, घनत्व, ध्वनि, वायुदाब, गैसों के गुण, प्रकाश एवं प्रकाशिकी, परावर्तन एवं अपवर्तन, बर्नोली सिद्धांत, पृष्ठ तनाव तथा द्रवों के गुणों से संबंधित प्रयोग शामिल रहे। सभी प्रयोग चरणबद्ध तरीके से कराए गए तथा प्रत्येक प्रयोग के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी समाधान किया गया।
शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें कक्षा शिक्षण को और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। वहीं विद्यार्थियों ने भी प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान सीखने के अनुभव को उत्साहवर्धक बताया।
कार्यक्रम में जिला रोजगार अधिकारी दुर्गेश्वरी सिंह, जिला आबकारी अधिकारी महिमा पट्टावी, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता, सदस्य अवनीश पांडेय, जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, भौतिकी विषय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण जिले में विज्ञान शिक्षा को व्यवहारिक और नवाचारी स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रयोग आधारित शिक्षा का व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
