स्कूल खुलने से पहले मनोरा में स्वच्छता का महाअभियान, 237 स्कूलों और 27 छात्रावास-आश्रमों में जुटा प्रशासन; बीईओ से लेकर बीआरसीसी तक संभाल रहे मोर्चा
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स्कूल खुलने से पहले मनोरा में स्वच्छता का महाअभियान, 237 स्कूलों और 27 छात्रावास-आश्रमों में जुटा प्रशासन; बीईओ से लेकर बीआरसीसी तक संभाल रहे मोर्चा

जशपुर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत को स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से विकासखंड मनोरा में व्यापक शालेय स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर दी गई है। जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में 11 जून से 13 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत विकासखंड की 44 ग्राम पंचायतों में स्थित स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों में साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।

ग्रीष्मावकाश के कारण बंद पड़े विद्यालयों को 16 जून से पुनः विद्यार्थियों के स्वागत के लिए तैयार किया जा रहा है। अभियान के तहत शाला भवनों की सामान्य मरम्मत, कक्षाओं की साफ-सफाई, शौचालयों की सफाई, मध्यान्ह भोजन कक्षों की व्यवस्था, विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों और खरपतवारों की सफाई सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों में शिक्षकों, शालेय कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनोरा रघुनाथ राम के मार्गदर्शन में पूरा अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम तथा बीआरसीसी आशुतोष शर्मा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अधिकारी स्वयं विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं और कर्मचारियों व ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं।

इसके अलावा मंडल संयोजक मनोज सिंह, संकुल स्तर पर नियुक्त नोडल प्राचार्य, संकुल समन्वयक और अन्य शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अभियान में लगातार सहभागिता निभा रहे हैं। प्रशासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग और बेहतर क्रियान्वयन के लिए 30 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।

बारिश के मौसम को देखते हुए स्कूल भवनों, छात्रावासों और आश्रमों में सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिसर में जलभराव, टूट-फूट और अन्य संभावित जोखिमों को दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

अभियान की खास बात यह है कि इसमें जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों, अभिभावकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। इससे विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित हो रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्वच्छ और आकर्षक विद्यालय परिसर विद्यार्थियों को स्कूल की ओर आकर्षित करेगा तथा नए शिक्षा सत्र में प्रवेश लेने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ेगा।

अभियान के तहत 11 जून को 15 ग्राम पंचायतों के 68 विद्यालयों में, 12 जून को 14 ग्राम पंचायतों के 85 विद्यालयों में तथा 13 जून को 16 ग्राम पंचायतों के 84 विद्यालयों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही विकासखंड के सभी 27 शासकीय छात्रावासों एवं आश्रमों में भी व्यापक साफ-सफाई और आवश्यक सुधार कार्य संपादित किए जाएंगे।

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