स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग का अलर्ट मोड! एक भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा, गंदे स्कूल बर्दाश्त नहीं होंगे” ,बीईओ, एबीईओ और बीआरसीसी ने संभाली कमान - स्कूलों की साफ-सफाई से लेकर अधूरे प्रवेश और लापरवाही पर सख्त निगरानी

नारायणपुर 11 जून 2026 । नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत को लेकर कुनकुरी विकासखंड का शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। 16 जून से स्कूल खुलने से पहले ही विकासखंड के सभी शासकीय विद्यालयों में तैयारियों का दौर तेज हो गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पैंकरा, बीआरसीसी विपिन कुमार अम्बस्थ तथा सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एम.जी. तिर्की लगातार बैठकें लेकर स्कूलों की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। शिक्षा विभाग का फोकस इस बार सिर्फ स्कूल खोलने पर नहीं बल्कि पहले ही दिन से बच्चों को बेहतर और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर है।
9 जून से शुरू हुई बैठकों की श्रृंखला में सबसे पहले संकुल शैक्षिक समन्वयकों को बुलाकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद प्राचार्यों, माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों, प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों तथा अन्य कर्मचारियों की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि 16 जून को जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्हें ऐसा महसूस होना चाहिए कि विद्यालय पूरी तरह तैयार है और उनके स्वागत के लिए तत्पर है।
बैठकों में अधिकारियों ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने तक स्कूल बंद रहने के कारण अधिकांश विद्यालयों में साफ-सफाई प्रभावित हुई होगी। ऐसे में प्रत्येक विद्यालय को मिशन मोड में सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा-कक्षों की धूल साफ करने, शौचालयों की नियमित सफाई कराने, परिसर में उगी झाड़ियों को हटाने, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने तथा सभी डेस्क-बेंचों को व्यवस्थित रूप से लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर शत-प्रतिशत प्रवेश अभियान पर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकासखंड का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। कक्षा पांचवीं से छठवीं, आठवीं से नवमी और दसवीं से ग्यारहवीं में जाने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उनके प्रवेश की विशेष निगरानी करने को कहा गया है। इसके लिए प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूल स्तर के शिक्षकों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़ने की स्थिति में दिखाई देता है तो तत्काल उसके परिवार से संपर्क कर उसे पुनः विद्यालय से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश समय पर उपलब्ध कराए जाएं। किसी भी विद्यालय में पुस्तक या गणवेश वितरण में देरी न हो, इसकी जवाबदेही सीधे संस्था प्रमुखों की होगी। अधिकारियों ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही समय-सारिणी के अनुसार नियमित पढ़ाई प्रारंभ होनी चाहिए ताकि शुरुआती दिनों में पढ़ाई प्रभावित न हो।
इस दौरान जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शिक्षकों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और ग्रामीणों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उनका कहना था कि स्वच्छ विद्यालय और स्वच्छ गांव की अवधारणा तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी भागीदारी निभाएगा।
लगातार हो रही बैठकों और अधिकारियों की सक्रियता से यह साफ संकेत मिल रहा है कि कुनकुरी विकासखंड में इस बार नए शिक्षा सत्र की शुरुआत पूरी तैयारी, अनुशासन और शत-प्रतिशत नामांकन के लक्ष्य के साथ की जाएगी। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि न तो स्कूलों की तैयारी में कोई कमी बर्दाश्त होगी और न ही किसी बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित रहने दिया जाएगा। 16 जून से पहले पूरे विकासखंड में स्कूल रेडीनेस, स्वच्छता और प्रवेश अभियान को लेकर जोरदार गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
