सीतापुर विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर भड़का राजस्व अमला, पटवारी संघ ने खोला मोर्चा; गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
जशपुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार से जुड़े विवाद ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नया मोड़ ले लिया है। मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज राजस्व पटवारी संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक शासकीय अधिकारी की गरिमा पर हमला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के शासन को खुली चुनौती देने जैसा गंभीर मामला है। संघ का आरोप है कि घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है, जिससे कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संघ का कहना है कि यदि इस मामले में समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
पटवारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की सभी मांगों का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघ बिना पूर्व सूचना के आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पटवारी संघ जशपुर के अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, संरक्षक अशोक मांझी, संगठन मंत्री भगवती चरण टंडन, चंद्रशेखर पटेल, यशवंत स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।
इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें शासन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि कर्मचारी संगठनों की बढ़ती नाराजगी आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।
