आंधी से उजड़ी बिजली व्यवस्था पर वेतन संकट की मार : 3 माह से वेतन नहीं मिलने पर ठेका कर्मियों ने किया काम बन्द, टूटे बिजली पोलों की मरम्मत रुकी; तीसरे दिन भी अंधेरे में कई गांव, खाद-बीज केंद्र में बिजली गुल होने से किसानों का केवाईसी भी अटका
नारायणपुर। गुरुवार को आए तेज आंधी-तूफान के बाद नारायणपुर वितरण केंद्र अंतर्गत बिजली व्यवस्था अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। तूफान के कारण मेन लाइन और एलटी लाइन के एक दर्जन से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे क्षेत्र के कई गांवों और मोहल्लों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को लगातार मरम्मत कार्य कर कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन अब भी कई स्थान ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंच पाई है। इसी बीच तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज ठेका कर्मचारियों ने काम पर जाने से इंकार कर दिया, जिससे शेष क्षेत्रों में बिजली बहाली का कार्य भी प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को विभाग द्वारा बचे हुए क्षतिग्रस्त पोलों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति सामान्य करने की तैयारी थी, लेकिन ठेकेदार के अधीन कार्यरत बाह्य स्रोत कर्मचारियों ने वेतन भुगतान नहीं होने का हवाला देते हुए कार्य बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिला है और कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन ही दिया जाता रहा है। ऐसे में अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खातों में बकाया वेतन जमा नहीं हो जाता, तब तक वे किसी भी प्रकार का काम नहीं करेंगे।
ठेका कर्मियों का विरोध, कहा- “तीन महीने से नहीं मिला वेतन”
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का राशन-पानी खरीदना मुश्किल हो रहा है और उधारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने वाले हैं, बच्चों के एडमिशन, ड्रेस, किताबें, कॉपियां, फीस और अन्य आवश्यक खर्च सामने हैं, लेकिन महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण वे इन जिम्मेदारियों को पूरा करने में असमर्थ हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मेहनत करने के बावजूद यदि समय पर वेतन न मिले तो परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो जाता है।
ठेका कर्मचारियों के काम बंद करने का असर सीधे बिजली बहाली कार्य पर पड़ता दिखाई दे रहा है। जिन इलाकों में आंधी-तूफान के कारण बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं और जहां अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, वहां लोगों को और अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। लगातार तीसरे दिन भी अंधेरे में रह रहे ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने से मोबाइल चार्जिंग, पेयजल व्यवस्था और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में बिजली संकट ने परेशानी और बढ़ा दी है।
बिजली संकट का असर किसानों पर भी पड़ा भारी
बिजली संकट का असर किसानों पर भी देखने को मिला। नारायणपुर के चिटकवाइन धान मंडी केंद्र क्षेत्र में एक फेस की बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण खाद-बीज केंद्र में बिजली उपलब्ध नहीं हो सकी। यहां खाद और बीज लेने के लिए आवश्यक केवाईसी प्रक्रिया कराने दर्जनों किसान पहुंचे थे, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण ऑनलाइन कार्य बंद रहा और उनका केवाईसी नहीं हो सका। दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। किसानों के जाने के बाद में मंडी पहुंचकर विभाग के द्वारा बिजली ठीक करा दी गई। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में इस प्रकार की समस्या से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
ठेकेदार बोला- “आज शाम तक जमा हो जाएगा वेतन”
इस मामले में जब संवाददाता ने बाह्य स्रोत कर्मचारियों के ठेकेदार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और शनिवार शाम तक राशि उनके खातों में जमा हो जाएगी। ठेकेदार का कहना है कि भुगतान संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं तथा जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि कर्मचारियों ने इस दावे पर भरोसा जताने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार इसी तरह का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान समय पर नहीं हुआ। कर्मचारियों के अनुसार नियम के तहत प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण उन्हें अक्सर दो से तीन माह बाद वेतन मिलता है।
फिलहाल नारायणपुर क्षेत्र में आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था और ठेका कर्मचारियों के वेतन विवाद ने बिजली विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर लोग बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर कर्मचारी अपने बकाया वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कई गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने में और अधिक समय लग सकता है, जिससे आम जनता और किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
वेतन को लेकर ठेकेदार से बात हुई है शाम तक जमा कराने की बात बताया है,कुछ जगहों में बिजली बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है,संभवतः कुनकुरी से स्टाफ भेज कर जल्द ही बाकी जगहों की बिजली बहाल की जाएगी
लोकनाथ नेताम
असिस्टेंट इंजीनियर-बिजली विभाग - कुनकुरी
