सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जशपुर पुलिस का अनूठा प्रयास: रील बनाकर जागरूकता फैलाने वाले प्रतिभागियों को एसएसपी ने किया सम्मानित, युवाओं को बताया बदलाव का वाहक
जशपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन, विशेषकर युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को नई ऊर्जा मिली है। "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" थीम पर आयोजित द्वितीय चरण की रील मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को मंगलवार को पुलिस कार्यालय जशपुर में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। विजेताओं को नगद पुरस्कार, हेलमेट, प्रमाण-पत्र और 3 लीटर पेट्रोल प्रदान कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की गई।
जशपुर पुलिस द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। प्रतियोगिता में जिलेभर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रीलों के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकार को देखते हुए पुलिस विभाग ने उनके प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे हेलमेट एवं सीट बेल्ट जागरूकता अभियान के तहत यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। अभियान का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों के मन में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया।
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद पुलिस कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में विजेताओं को आमंत्रित किया गया। समारोह के दौरान विष्णु बागान निवासी शिक्षक सैयद कैसर हुसैन को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ₹2001 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया। उन्होंने अपनी रील में सड़क सुरक्षा के महत्व को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया था। वहीं मनोज कुशवाहा ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर ₹1001 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट हासिल किया। तीसरे स्थान पर रहे नवाटोली निवासी अक्षय कुमार यादव को ₹501 नगद पुरस्कार एवं हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान विजेताओं ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाकर काफी हद तक रोका जा सकता है। विजेताओं ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें, बल्कि समाजहित के विषयों पर जागरूकता फैलाने में भी अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों तक संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में यदि युवा अपनी रचनात्मकता का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। रील मेकिंग प्रतियोगिता इसी सोच का परिणाम है, जिसमें युवाओं ने सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.आर. चौहान, प्रतियोगिता के विजेताओं के परिजन, मित्र और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने के लिए लगातार प्रयासरत है। रील मेकिंग और सेल्फी प्रतियोगिता जैसे नवाचारों से युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है और वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ रहे हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। एक छोटी सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है। जशपुर पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके।
