<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>बड़ी खबर - Kalam ki Awaz Feed</title><link>https://kalamkiawaz.com</link><description>Kalam ki Awaz Feed Description</description><item><title>पत्थलगांव में मौसम का कहर और राहत का दोहरा वार: तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों पर संकट, लेकिन भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4339/pathalgaon-weather-wreaks-havoc-and-relief-heavy-storms-rain-and-hailstorms-threaten-crops-but-bring-significant-relief-from-the-scorching-heat-</link><description>
जशपुर। जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में मौसम ने शनिवार को अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया। दोपहर बाद आसमान में काले घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में मौसम ने और विकराल रूप ले लिया, जब बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि भी हुई।
तेज हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं, वहीं खेतों में खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खासकर आम, लीची और हरी सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई किसानों ने बताया कि ओलों की मार से फलों और सब्जियों को गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है।
हालांकि, इस अचानक बदले मौसम ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दी है। पिछले कई दिनों से पड़ रही तपती गर्मी और उमस के बीच यह बारिश किसी राहत की फुहार से कम नहीं रही। तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने सुकून की सांस ली।
</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4339/pathalgaon-weather-wreaks-havoc-and-relief-heavy-storms-rain-and-hailstorms-threaten-crops-but-bring-significant-relief-from-the-scorching-heat-</guid><pubDate>02-May-2026 8:47:09 pm</pubDate></item><item><title>शिक्षा के क्षेत्र में जशपुर का जलवा कायम : 5वीं में 99.90% और 8वीं में 99.61% रिजल्ट ने पूरे जिले को किया गौरवान्वित, जिला बना शिक्षा गुणवत्ता का नया मॉडल</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4338/jashpur-continues-to-shine-in-the-field-of-education-99-90-results-in-5th-grade-and-99-61-in-8th-grade-have-made-the-entire-district-proud-establishing-a-new-model-for-education-quality-</link><description>
जशपुर, 2 मई 2026। जिले में शिक्षा के क्षेत्र से एक बेहद सुखद और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है, जहां कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा के परिणामों ने पूरे जिले का मान बढ़ा दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा घोषित सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में विद्यार्थियों ने ऐसा शानदार प्रदर्शन किया है कि आंकड़े खुद सफलता की कहानी बयान कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कक्षा 5वीं में कुल 15,415 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 15,379 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,363 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस तरह इस कक्षा का कुल परिणाम 99.90 प्रतिशत रहा, जो लगभग शत-प्रतिशत के बराबर है। वहीं कक्षा 8वीं में भी विद्यार्थियों ने पीछे नहीं रहते हुए दमदार प्रदर्शन किया। इस कक्षा में 15,173 छात्रों का पंजीयन हुआ, जिनमें से 14,997 परीक्षा में बैठे और 14,938 विद्यार्थी पास हुए। यहां कुल परिणाम 99.61 प्रतिशत दर्ज किया गया।
रिजल्ट के आंकड़े यह साफ संकेत दे रहे हैं कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है, जबकि द्वितीय और तृतीय श्रेणी में भी अच्छी संख्या में छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। पूरक या असफल विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रहना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन रंग ला रही है।
गौरतलब है कि यह परीक्षा 16 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा का संचालन राज्य शासन और लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के तहत किया गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा है कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का नतीजा है और आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4338/jashpur-continues-to-shine-in-the-field-of-education-99-90-results-in-5th-grade-and-99-61-in-8th-grade-have-made-the-entire-district-proud-establishing-a-new-model-for-education-quality-</guid><pubDate>02-May-2026 8:33:11 pm</pubDate></item><item><title>मध्य प्रदेश में हुए क्रूज हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में सख्तीवाटर स्पोर्ट्स सुरक्षा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, कलेक्टरों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4336/chhattisgarh-tightens-its-grip-on-watersports-safety-after-madhya-pradesh-cruise-ship-accident-chief-minister-vishnudev-sai-issues-strict-instructions-to-collectors-stating-that-any-negligence-regarding-safety-standards-will-not-be-tolerated-</link><description>
रायपुर 2 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4336/chhattisgarh-tightens-its-grip-on-watersports-safety-after-madhya-pradesh-cruise-ship-accident-chief-minister-vishnudev-sai-issues-strict-instructions-to-collectors-stating-that-any-negligence-regarding-safety-standards-will-not-be-tolerated-</guid><pubDate>02-May-2026 3:25:55 pm</pubDate></item><item><title>जनगणना-2027 के अहम प्रशिक्षण से गायब रहना पड़ा भारी: आदेशों की अनदेखी और बार-बार नोटिस के बावजूद नहीं दिया जवाब, सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला पर गिरी निलंबन की गाज, प्रशासन का सख्त संदेशलापरवाही बर्दाश्त नहीं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4335/missing-crucial-census-2027-training-proved-costly-assistant-teacher-satyajit-nirala-was-suspended-for-ignoring-orders-and-failing-to-respond-despite-repeated-notices-the-administration-issued-a-stern-message-negligence-will-not-be-tolerated-</link><description>
जशपुर 2 मई 2026/संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण भवन नंबरिंग एवं मकान सूचीकरण कार्य हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण हेतु तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी दुलदुला द्वारा शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में दिनांक 15.04.2026 से 17.04.2026 तक 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण) दुलदुला के प्रतिवेदन क्रमांक 115/कानूनगो जनगणना/2026 दुलदुला, दिनांक 21.04.2026 के अनुसार श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी, ग्राम पतराटोली, तहसील-दुलदुला, जिला-जशपुर (छ.ग.) बिना किसी पूर्व सूचना एवं अनुमति के प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाये गये, जिसके संबंध में चार्ज अधिकारी दुलदुला द्वारा संबंधित को कारण बताओ नोटिस क्रमांक 114 दुलदुला दिनांक 19.04.2026 जारी कर जवाब मांगा गया परंतु संबंधित के द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर उक्त संबंध में कार्यालयीन पत्र क्र. 2174 जशपुर, दिनांक 21.04.2026 के माध्यम से संबंधित श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया परन्तु संबंधित के द्वारा वर्तमान स्थिति तक किसी भी प्रकार का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।
श्री सत्यजीत निराला के द्वारा जनगणना जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य में अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देशों की अवहेलना किया गया है। उक्त कृत्य गम्भीर लापरवाही, उदासीनता एवं कदाचरण के श्रेणी में आता है, जो छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 एवं 07 के सर्वथा विपरीत है।
अतः श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी, ग्राम पतराटोली, तहसील-दुलदुला, जिला जशपुर को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलम्बन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला नियत किया जाता है तथा निलम्बन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4335/missing-crucial-census-2027-training-proved-costly-assistant-teacher-satyajit-nirala-was-suspended-for-ignoring-orders-and-failing-to-respond-despite-repeated-notices-the-administration-issued-a-stern-message-negligence-will-not-be-tolerated-</guid><pubDate>02-May-2026 2:51:42 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर में 30 जंगली हाथियों का आतंक | 8 शावकों के साथ गांवों में घुसे, फसलें रौंदी, घरों को किया नुकसान, पीठाआमा जंगल में डेरा  ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग हाई अलर्ट पर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4334/thirty-wild-elephants-including-eight-cubs-invade-villages-trample-crops-and-damage-homes-they-camp-in-the-pithaama-forest-creating-panic-among-villagers-and-putting-the-forest-department-on-high-alert-</link><description>
जशपुरनगर 2 मई 2026 । जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के बड़े दल ने दहशत फैला दी है। करीब 30 हाथियों का झुंड, जिसमें 8 शावक भी शामिल हैं, लैलूंगा वन परिक्षेत्र से निकलकर पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गया है। हाथियों की इस अचानक आमद से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार हाथियों का यह दल फिलहाल पीठाआमा के जंगल में डेरा जमाए हुए है, लेकिन उनकी लगातार बदलती लोकेशन ने आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिल रही है, वन विभाग तत्काल आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट कर रहा है।
हाथियों के झुंड ने रास्ते में कई किसानों की केला पौधा ओर पेड़ों को बुरी तरह रौंद दिया है। इसके साथ ही बाड़ी में लगे सिंचाई पम्पों को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। जिससे गांवों में दहशत और बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जिस दिशा में हाथियों का दल बढ़ रहा है, उस दिशा के गांवों में लगातार मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी जा रही है। वन अमला गांव-गांव पहुंचकर लोगों को समझाइश दे रहा है कि वे हाथियों के पास न जाएं और न ही उन्हें भगाने की कोशिश करें, क्योंकि इससे स्थिति और खतरनाक हो सकती है।
वन विभाग ने साफ तौर पर ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें और रात के समय खेतों या जंगल की ओर जाने से बचें। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में पूरी टीम अलर्ट मोड पर है और हाथियों के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
बीती रात 30 हाथियों का दल पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के खड़ामाचा जंगल में प्रवेश किया है। लोगों को हाथियों से दूर रहने के लिए सतर्क किया जा रहा है। साथ ही 8 गांवो के लोगो को अलर्ट कर मुनादी कर दी गई है। कृपा सिंधु पैंकरा - वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4334/thirty-wild-elephants-including-eight-cubs-invade-villages-trample-crops-and-damage-homes-they-camp-in-the-pithaama-forest-creating-panic-among-villagers-and-putting-the-forest-department-on-high-alert-</guid><pubDate>02-May-2026 11:51:37 am</pubDate></item><item><title>सुशासन तिहार 2026 का भव्य आगाज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में घर-घर पहुंच रही सरकार, शिविरों में उमड़ा जनसैलाब और मौके पर ही समस्याओं का समाधान</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4333/-quot-good-governance-festival-2026-begins-in-a-grand-manner-under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-dev-sai-the-government-is-reaching-every-household-crowds-are-gathering-in-the-camps-and-problems-are-being-resolved-on-the-spot-quot-</link><description>
रायपुर, 02 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए।
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही श्री योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी।
शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी।
सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4333/-quot-good-governance-festival-2026-begins-in-a-grand-manner-under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-dev-sai-the-government-is-reaching-every-household-crowds-are-gathering-in-the-camps-and-problems-are-being-resolved-on-the-spot-quot-</guid><pubDate>02-May-2026 6:45:04 am</pubDate></item><item><title>रेत माफियाओं पर सरकार का सख्ती : सचिव पी. दयानंद की कलेक्टरों को सख्त चेतावनी, सीएम विष्णुदेव साय के आदेशों में जरा सी भी लापरवाही पड़ी भारी तो सीधे तय होगी जिम्मेदारी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4332/the-government-s-biggest-attack-on-the-sand-mafia-secretary-p-dayanand-issues-a-stern-warning-to-collectors-stating-that-any-negligence-in-complying-with-cm-vishnudev-sai-s-orders-will-result-in-immediate-responsibility-</link><description>सचिव की कलेक्टरों को दो टूक : अवैध रेत खनन पर सख्ती से हो कार्रवाई, सीएम के निर्देशों के पालन में लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ की बड़ी वर्चुअल बैठक
प्रदेश में रेत की आपूर्ति में न हो कमी, स्वीकृत खदानों से क्षमता अनुरूप उत्पादन कर आम जनता को उचित दर पर उपलब्ध कराएं रेत
खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही साय सरकार
पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए रॉयल्टी मुक्त रेत आपूर्ति का कड़ाई से हो पालन, इसकी आड़ में न हो अवैध गतिविधि

रायपुर 2 मई 2026// छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और पारदर्शिता के अपने संकल्प के अनुरूप कार्य करते हुए खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व क्षति और अवैध गतिविधि से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों को उचित दरों पर रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।       मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिज विभाग लगातार सक्रिय है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने 30 अप्रैल 2026 को प्रदेश में रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलोंरायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर, बलरामपुर और कांकेरके कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर खदानों के संचालन की गहन समीक्षा की।बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता को रेत उचित दरों पर उपलब्ध हो। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा न मिले।     खनिज सचिव श्री दयानंद ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से अधिक नीलामी की गई है, जबकि धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कलेक्टरों को तत्काल अधिक से अधिक खदानों की नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि नीलाम किए गए घाटों की खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही अवैध खनन वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत कार्रवाई की जाए तथा शिकायतों और मीडिया में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।         उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि खनिज विभाग के केंद्रीय उड़नदस्ता दल को किसी जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि वे इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस तरह की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं।     बैठक के अंत में खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।प्रदेश के किसी भी जिले में यदि अवैध खनन कार्य चल रहा हो और वहाँ ड्रोन सर्वे से अथवा केन्द्रीय उड़न दस्ता के दल द्वारा जाँच में अवैध उत्खनन का साक्ष्य पाया जाता है तो जिला कलेक्टर व खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं ज़िम्मेदार होंगे ।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4332/the-government-s-biggest-attack-on-the-sand-mafia-secretary-p-dayanand-issues-a-stern-warning-to-collectors-stating-that-any-negligence-in-complying-with-cm-vishnudev-sai-s-orders-will-result-in-immediate-responsibility-</guid><pubDate>02-May-2026 6:35:03 am</pubDate></item><item><title>बगिया क्लस्टर समृद्धि एम-कैड योजना से 13 गांव के 4933 हेक्टेयर में होंगी सिंचाई - मुख्यमंत्री श्री साय , जशपुर बनेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल जिला</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4331/4933-hectares-of-13-villages-will-be-irrigated-through-bagiya-cluster-samriddhi-m-cad-scheme-chief-minister-shri-sai-jashpur-will-become-a-national-model-district-for-modern-pressurized-irrigation-system</link><description>
जशपुरनगर 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना जशपुर जिले के लिए सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि हर बूंद से अधिक उत्पादन की सोच का प्रतीक है। इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल जिला बनेगा। परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके तहत जमीन के अंदर पाइप बिछेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण की भी समस्या नहीं होगी। पहले सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। अब इस योजना से पानी की कमी दूर होगी। साथ ही किसानों को पर्याप्त पानी भी मिलेगा। यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। देश में 23 राज्यों में 34 योजना स्वीकृत किए गए है। इसमें प्रदेश का एकमात्र बगिया क्लस्टर शामिल है। जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, आईजी श्री दीपक झा, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, एडीएम श्री प्रदीप साहू, समृद्धि के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री आलोक अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे।
  इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने क्षेत्रवासियों को सिंचाई कार्य शुभारम्भ की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिंचाई योजना से गांवों का सर्वांगीण विकास होगा। खेतों में जल की समुचित आपूर्ति होगी। जिससे किसान अधिक समृद्ध और खुशहाल होंगे। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बगिया क्लस्टर सिंचाई योजना आने वाले समय में किसानों के लिए वरदान साबित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होंगी।

*समृद्धि एम कैड परियोजना: पानी का होगा समुचित उपयोग, देश 34 परियोजनाओं में शामिल बगिया क्लस्टर* -
समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि एमकैड कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। एमकैड कार्यक्रम के अंतर्गत कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य 6 माह में पूर्ण किया जाएगा। बगिया समृद्धि योजना का संचालन एवं संधारण जल उपभोक्ता समिति के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात प्रारंभिक 5 वर्षों तक संचालन एवं संधारण कार्य ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, इसके बाद यह जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी। समिति में महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, पानी की हर बूंद का समुचित उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। परियोजना में विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। साथ ही जल के नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विज़िशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई परिसंपत्तियों पाइप नेटवर्क संरचना एवं जल प्रबंधन के संचालन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डेटा एवं विश्लेषण के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के साथ उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे दीर्घकालीन उत्पादकता, लाभप्रदता और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4331/4933-hectares-of-13-villages-will-be-irrigated-through-bagiya-cluster-samriddhi-m-cad-scheme-chief-minister-shri-sai-jashpur-will-become-a-national-model-district-for-modern-pressurized-irrigation-system</guid><pubDate>01-May-2026 7:53:36 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और कृषि मंत्री रामविचार नेताम पहुंचे बंदरचुंआ, स्वर्गीय विवेक अंधारे के ब्रह्मभोज में शामिल होकर व्यक्त की गहरी संवेदना, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नम आंखों से किया स्मरण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4330/chief-minister-vishnudev-sai-along-with-union-minister-tokhan-sahu-and-agriculture-minister-ramvichar-netam-reached-bandarchuna-expressed-deep-condolences-by-attending-the-brahmabhoj-of-late-vivek-andhare-public-representatives-and-villagers-remembered-him-with-moist-eyes-</link><description>
जशपुरनगर, 01 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ग्राम बंदरचुंआ, विकासखंड कुनकुरी पहुंचकर स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के आकस्मिक निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार से भेंट कर उनका ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।   केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय नागरिकों ने भी स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे को श्रद्धांजलि अर्पित किए। स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे मुख्यमंत्री के निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई तथा श्री विनायक अंधारे के सुपुत्र थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4330/chief-minister-vishnudev-sai-along-with-union-minister-tokhan-sahu-and-agriculture-minister-ramvichar-netam-reached-bandarchuna-expressed-deep-condolences-by-attending-the-brahmabhoj-of-late-vivek-andhare-public-representatives-and-villagers-remembered-him-with-moist-eyes-</guid><pubDate>01-May-2026 7:51:23 pm</pubDate></item><item><title>सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार अभियान का तृतीय दिवस जारी,जिला मुख्यालय स्थित दूध और दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र, डेयरी आदि का किया गया सघन निरीक्षण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4329/right-medicine-pure-diet-this-is-the-foundation-of-chhattisgarh-the-third-day-of-the-campaign-continues-intensive-inspection-was-conducted-at-the-milk-and-milk-products-selling-centres-dairy-etc-located-at-the-district-headquarters-</link><description>
*जशपुरनगर 1 मई 2026/* सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशन एवं जिला दंडाधिकारी जशपुर के नेतृत्व में चल रहे 15 दिवसीय सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार- अभियान के तृतीय दिवस खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय जशपुर नगर में कार्रवाई की गई।
*खाद्य सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा की गई कार्यवाही*  खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जशपुर नगर क्षेत्र में दूध और दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र, डेयरी आदि का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डेयरी में दूध की उपलब्धता, दूध से बनने वाले उत्पाद जैसे दही, पनीर, घी, लस्सी आदि के विनिर्माण की प्रक्रियाओं और रखरखाव के विषय में संबंधित खाद्य कारोबारियों को मौके पर आवश्यक जानकारी व दिशा-निर्देश दिए गए। शंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दही, गाय का दूध और पनीर के कुल 03 नमूने संकलित कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए। रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।   निरीक्षित प्रतिष्ठानों में विगत दिवस 29 अप्रैल को श्रीकृष्णा डेयरी, रांची रोड, नीलेश डेयरी, नीलेश स्वीट्स, नीलेश केक एंड डेलीनिड्स बस स्टैंड, अरुण डेयरी, बिरसा मुंडा चौक  और पुनीत डेयरी, कलेक्टर ऑफिस रोड शामिल हैं।      जिले में यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक सतत जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ एवं गुणवत्तायुक्त औषधि उपलब्ध कराना तथा खाद्य-औषधि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4329/right-medicine-pure-diet-this-is-the-foundation-of-chhattisgarh-the-third-day-of-the-campaign-continues-intensive-inspection-was-conducted-at-the-milk-and-milk-products-selling-centres-dairy-etc-located-at-the-district-headquarters-</guid><pubDate>01-May-2026 7:47:28 pm</pubDate></item><item><title>35 वर्षों की गौरवपूर्ण शासकीय सेवा का स्वर्णिम अध्याय पूर्ण  यशस्वी जशपुर के सहायक नोडल संजीव शर्मा को संकल्प शिक्षण संस्थान में भावभीनी विदाई,</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4328/a-golden-chapter-of-35-years-of-glorious-government-service-is-over-a-heartfelt-farewell-to-sanjeev-sharma-assistant-nodal-officer-of-the-successful-jashpur-at-sankalp-shikshan-sansthan-</link><description>
जशपुर 1 मई 2026 :संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में श्री संजीव शर्मा के सेवानिवृत्ति अवसर पर एक भावपूर्ण वातावरण में विदाई समारोह आयोजित हुआ। श्री शर्मा ने 09 दिसंबर 1991 से 30 अप्रैल 2026 तक अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में जशपुर जिले को आगे बढ़ाया है।
बिलासपुर में जन्मे संजीव शर्मा एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता डॉ. टी.डी. शर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं तथा माता श्रीमती पुष्पलता शर्मा का स्नेह व संस्कार उनके जीवन की आधारशिला रही हैं। एक छोटी सी टीम के साथ यशस्वी जशपुर के कार्यों का पूरे जिले में क्रियान्वयन अत्यंत चुनौतीपूर्ण और परिश्रम का कार्य है। जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका नेतृत्व एवं मार्गदर्शन सदैव सहकर्मियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।गार्डनिंग और बैडमिंटन के खेल का शौक रखने वाले संजीव शर्मा ने व्यायाम शिक्षक के रूप में शासकीय सेवा प्रारंभ की। अनुशासित जीवनचर्या और समय के पाबंद श्री शर्मा ने बालक स्कूल कुनकुरी , जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जशपुर (डाईट) आदर्श विद्यालय ,जशपुर तथा यशस्वी जशपुर में सहायक नोडल के रूप में अपनी सेवाएं दीं।सेवानिवृत्ति के दिन श्री शर्मा अपने परिवार के साथ समारोह में उपस्थित हुए। उनके बेटे चिराग, बेटी तनिष्का एवं दामाद रोहित मिश्रा एवं नातिन जीविका मिश्रा विशेष रूप से इंदौर से इस अवसर पर शामिल होने पहुंचे। विदाई समारोह में सभी की आंखें नम थीं। समारोह के दौरान बेटा चिराग और बेटी तनिष्का अपने पिता के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करते हुए अत्यंत भावुक हो गए, जिससे वातावरण और अधिक संवेदनशील हो गया। परिवार की नन्ही सदस्य जीविका ने भी अपने नाना जी के विदाई समारोह में शामिल होकर इस पल को और खास बना दिया। उनकी पत्नी श्रीमती हेमा शर्मा भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित रहीं। उन्होंने श्री शर्मा को सबसे अच्छे पिता और एक अच्छे पति के रूप में बताकर अपना स्नेह और सम्मान प्रकट किया।श्री संजीव शर्मा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शासकीय सेवा को पूरी ईमानदारी से निभाया है इसलिए वे आज पूरे संतोष से सेवानिवृत हो रहे हैं। उन्होंने सभी सहकर्मियों के साथ कार्य करने के अपने अनुभव भी बताएं और सभी का आभार भी व्यक्त किया।इस कार्यक्रम में प्राचार्य विनोद गुप्ता, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय सहित शिक्षक सीमा गुप्ता, अश्विनी सिंह, ममता सिन्हा, प्रभात मिश्रा, दिलीप सिंह, दीपक ग्वाला, राजेंद्र प्रेमी , शिवसुन्दर यादव, अवध किशोर सिंह,अधीक्षक शांति कुजूर तथा कार्यालय के स्टाफ दिलीप राम, दीपक महतो और प्रदीप सिंह उपस्थित रहकर अपने विचार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सीमा गुप्ता एवं श्रीमती ममता सिन्हा ने किया ।समारोह के अंत में श्री संजीव शर्मा को शाल- श्रीफल और उपहार भेंटकर कर सभी ने उनके स्वास्थ और सुखमय भविष्य की कामना कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4328/a-golden-chapter-of-35-years-of-glorious-government-service-is-over-a-heartfelt-farewell-to-sanjeev-sharma-assistant-nodal-officer-of-the-successful-jashpur-at-sankalp-shikshan-sansthan-</guid><pubDate>01-May-2026 6:31:12 pm</pubDate></item><item><title>आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी - लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं - मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4327/officials-should-behave-politely-with-the-public-listen-to-the-people-not-make-them-listen-to-you-chief-minister-s-clear-instructions-to-officials</link><description>
रायपुर, 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण शासन की छवि को प्रभावित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुनना प्रशासनिक अधिकारियों का पहला कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना और समस्याओं का समाधान करने की नीयत हो।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों में जनसमस्याओं के निराकरण को प्रभावी, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। जब कोई आम नागरिक किसी शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सकारात्मक अनुभव ही जनता के मन में विश्वास पैदा करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही प्रशासन की असली ताकत है।
उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता और विनम्रता भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार से स्थापित होता है। यदि अधिकारी जनता के साथ सरल, सहज, सहयोगात्मक और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का तरीका हर समय अपनाते हैं, तो प्रशासन स्वयमेव अधिक प्रभावी हो जाता है और शिकायतों की संख्या स्वतः कम होने लगती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ, संवेदनशील और सम्मानजनक बने। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस भावना को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ें और हर व्यक्ति को यह अहसास दिलाएं कि सरकार उसके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए सुशासन तिहार 2026 का आयोजन 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।इस दौरान पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों में आवेदन स्वीकार कर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन तिहार में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी तथा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक निरीक्षण और जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4327/officials-should-behave-politely-with-the-public-listen-to-the-people-not-make-them-listen-to-you-chief-minister-s-clear-instructions-to-officials</guid><pubDate>01-May-2026 2:13:49 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अविस्मरणीय यात्रा पुस्तक का किया विमोचन ,महिला पत्रकारों ने नारी शक्ति वंदन के संकल्प को महिला सशक्तिकरण की ओर बताया ऐतिहासिक कदम</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4326/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-released-the-book-avishmarniya-yatra-women-journalists-described-the-resolution-of-nari-shakti-vandan-as-a-historic-step-towards-women-empowerment-</link><description>
रायपुर, 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक अविस्मरणीय यात्रा का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।
इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4326/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-released-the-book-avishmarniya-yatra-women-journalists-described-the-resolution-of-nari-shakti-vandan-as-a-historic-step-towards-women-empowerment-</guid><pubDate>01-May-2026 5:45:26 am</pubDate></item><item><title>बगिया के विष्णु का विकास विज़न: सुशासन की नई परिभाषा गढ़ती साय सरकार, डबल इंजन की रफ्तार से किसान, आदिवासी, महिला और युवाओं तक पहुंच रही योजनाओं की बौछार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4325/development-vision-of-vishnu-of-the-garden-the-sai-government-is-redefining-good-governance-with-double-engine-speed-a-barrage-of-schemes-reaching-farmers-tribals-women-and-youth-</link><description>
रायपुर 1 मई 2026 :
छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदेश की पहचान धान का कटोरा के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें हरा सोना से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।
विगत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।
बगिया के विष्णु के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।
छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4325/development-vision-of-vishnu-of-the-garden-the-sai-government-is-redefining-good-governance-with-double-engine-speed-a-barrage-of-schemes-reaching-farmers-tribals-women-and-youth-</guid><pubDate>01-May-2026 5:43:00 am</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4324/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-extended-his-heartfelt-greetings-and-best-wishes-to-all-the-labour-heroes-of-the-state-on-international-labour-day-</link><description>रायपुर, 1 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके सुखमय, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 मई का यह महत्वपूर्ण दिवस उन परिश्रमी हाथों के सम्मान का प्रतीक है, जिनके अथक श्रम, समर्पण एवं निष्ठा से समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार सुदृढ़ होता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि श्रमिक वर्ग किसी भी राज्य और राष्ट्र की उन्नति का मूल आधार है। कृषि, उद्योग, निर्माण एवं सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समावेशी एवं सतत विकास की संकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा एवं अवसर प्राप्त हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्डके माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा एवं सामाजिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्रमिकों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, कौशल उन्नयन के अवसरों का लाभ उठाएं और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4324/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-extended-his-heartfelt-greetings-and-best-wishes-to-all-the-labour-heroes-of-the-state-on-international-labour-day-</guid><pubDate>01-May-2026 5:38:41 am</pubDate></item><item><title>अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व के संदेश से जग को आलोकित करने वाले भगवान गौतम बुद्ध की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4323/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-extended-his-heartfelt-greetings-to-the-people-of-the-state-on-the-birth-anniversary-of-lord-gautam-buddha-who-enlightened-the-world-with-the-message-of-non-violence-equality-and-universal-brotherhood-</link><description>
रायपुर,1 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी बौद्ध धर्मावलम्बियों सहित प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया। उनकी शिक्षा को विदेशों में भी लोगों ने अपनाया और लाखों अनुयायी उनके दिखाये मार्ग पर चलकर देश-दुनिया को शांति का संदेश दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौतम बुद्ध के उपदेश हर परिस्थिति और काल में प्रासंगिक हैं। उनकी दी गई शिक्षा हमें संयम से आगे बढ़ने का संदेश देती है। महात्मा बुद्ध के विचार और जीवन मूल्य एक बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4323/chief-minister-shri-vishnu-dev-sai-extended-his-heartfelt-greetings-to-the-people-of-the-state-on-the-birth-anniversary-of-lord-gautam-buddha-who-enlightened-the-world-with-the-message-of-non-violence-equality-and-universal-brotherhood-</guid><pubDate>01-May-2026 5:36:43 am</pubDate></item><item><title>मातृशक्ति के सम्मान, भागीदारी और अधिकारों को नई ताकत देने की दिशा में ऐतिहासिक पहलविधानसभा के विशेष सत्र में विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में रखा संकल्प, लोकतंत्र में महिलाओं के एक तिहाई प्रतिनिधित्व को बताया समावेशी विकास की मजबूत नींव</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4322/a-historic-initiative-to-strengthen-the-respect-participation-and-rights-of-women-vishnu-dev-sai-presented-a-resolution-in-support-of-the-nari-shakti-vandan-act-in-the-special-session-of-the-legislative-assembly-</link><description>*मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्ध  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*
रायपुर 1 मई 2026/छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान, समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए संसद और सभी विधानसभाओं में उनके लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि समाज में समान अवसर और संतुलित प्रतिनिधित्व की दिशा में भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयासों से देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका मिलेगी और विकास अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरती माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की भूमि है, जहां नारी को सदैव शक्ति के रूप में सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि सृजन और शक्ति की आधारशिला है। नवरात्रि में जिस शक्ति की हम पूजा करते हैं, वही शक्ति समाज में मातृरूप में विद्यमान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे शास्त्रों में वर्णित या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, उषा बारले जैसी विभूतियों ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। साथ ही, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई जैसी वीरांगनाओं के योगदान को भी उन्होंने प्रेरणास्रोत बताया। आधुनिक युग में कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी महिलाओं ने देश का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व का विस्तार समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्थागत सुधार और संतुलन पर विचार करना महत्वपूर्ण है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनसरोकारों के अनुरूप बन सके।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश में महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। इन प्रयासों ने महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी अधिक मजबूती से जुड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास, पेयजल, आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, जो समाज में सकारात्मकपरिवर्तन का संकेत है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक सशक्त उदाहरण है। बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में नेतृत्व कर रही हैं और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को परिवार और समाज में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक पहल की जा रही हैं, जिससे वे निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तिकरण केवल एक नीति का विषय नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने सभी वर्गों से इस दिशा में सहयोग और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि एक समतामूलक, सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4322/a-historic-initiative-to-strengthen-the-respect-participation-and-rights-of-women-vishnu-dev-sai-presented-a-resolution-in-support-of-the-nari-shakti-vandan-act-in-the-special-session-of-the-legislative-assembly-</guid><pubDate>01-May-2026 5:34:39 am</pubDate></item><item><title>राजनांदगांव को मिला खेल विकास का बड़ा तोहफा: अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी और आधुनिक स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ, मुख्यमंत्री के फैसले से युवाओं में नई उम्मीदें जगीं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4321/rajnandgaon-receives-a-major-gift-for-sports-development-the-path-is-clear-for-the-construction-of-a-state-of-the-art-cricket-academy-and-a-modern-stadium-the-chief-minister-s-decision-has-raised-new-hopes-among-the-youth-</link><description>
रायपुर, 1 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्रिकेट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।
इस दौरान विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4321/rajnandgaon-receives-a-major-gift-for-sports-development-the-path-is-clear-for-the-construction-of-a-state-of-the-art-cricket-academy-and-a-modern-stadium-the-chief-minister-s-decision-has-raised-new-hopes-among-the-youth-</guid><pubDate>01-May-2026 5:32:13 am</pubDate></item><item><title>अनियमितता पाए जाने पर कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई , चार दुकानों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिवस के लिए निलंबित</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4320/action-taken-against-agricultural-exchange-establishments-after-irregularities-were-found-fertilizer-sales-licenses-of-four-shops-suspended-for-21-days-</link><description>
 जशपुरनगर, 30 अप्रैल 2026/ खरीफ सीजन 2026 के प्रारंभ होते ही जिले में कृषि आदानों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) श्री एम.आर.भगत के द्वारा खरीफ पूर्व तैयारियों के तहत विभिन्न विकासखंडों में कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने तथा उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।  कार्रवाई के तहत मेसर्स अन्नु कृषि केन्द्र, कांसाबेल, मेसर्स अन्नु सीड्स कुनकुरी, मेसर्स मौसम बीज भंडार, कवई विकासखंड बगीचा तथा मेसर्स कृषि कल्प एग्रीकल्चर प्वाइंट, मुडाबहला विकासखंड पत्थलगांव के उर्वरक विक्रय लाइसेंस को उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के खंड 26 (A) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4320/action-taken-against-agricultural-exchange-establishments-after-irregularities-were-found-fertilizer-sales-licenses-of-four-shops-suspended-for-21-days-</guid><pubDate>30-Apr-2026 8:15:08 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से अमित राम का पार्थिव शरीर केरल से एयरलिफ्ट कर रांची होते हुए पहुंचा गृह ग्राम, शोकाकुल परिवार को मिला बड़ा सहारा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4319/with-the-prompt-action-of-the-chief-minister-s-camp-office-amit-ram-s-body-was-airlifted-from-kerala-to-his-native-village-via-ranchi-providing-immense-support-to-the-bereaved-family-</link><description>
जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील एवं त्वरित पहल के परिणामस्वरूप जिले के विकासखंड फरसाबहार अंतर्गत ग्राम पगुराबहार(सराईटोली) निवासी अमित राम का पार्थिव शरीर केरल के कोझिकोड से उनके गृह ग्राम सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया। अमित राम केरल के कोझिकोड में ट्रेन से यात्रा के दौरान दुर्घटनावश ट्रेन से नीचे गिरने की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के पश्चात शोकाकुल परिजनों ने पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम लाने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से सहायता हेतु निवेदन किया था।
*संवेदनशीलता और त्वरित पहल बनी परिवार का संबल*
 मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आवश्यक समन्वय स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप अमित राम के पार्थिव शरीर को विमान के माध्यम से केरल से रांची तक लाया गया। इसके पश्चात मुक्तांजली वाहन के जरिए उन्हें उनके गृह ग्राम पगुराबहार(सराईटोली) पहुंचाया गया। किसी प्रियजन की असमय मृत्यु परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक होती है, विशेषकर जब यह घटना घर से दूर घटित हो। ऐसे समय में पार्थिव शरीर को शीघ्र घर लाना परिजनों की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा की गई इस त्वरित एवं मानवीय पहल ने शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत और मानसिक संबल प्रदान किया है।
  *हर दुःख में सहभागी बनते हैं मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। वे केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह प्रदेशवासियों के सुख-दुःख में सदैव सहभागी रहते हैं। प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में हो, मुख्यमंत्री उसकी पीड़ा को समझते हुए हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं कैंप कार्यालय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4319/with-the-prompt-action-of-the-chief-minister-s-camp-office-amit-ram-s-body-was-airlifted-from-kerala-to-his-native-village-via-ranchi-providing-immense-support-to-the-bereaved-family-</guid><pubDate>30-Apr-2026 8:12:42 pm</pubDate></item><item><title>01 मई को जशपुर दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: कांसाबेल के बगिया में विकास कार्यों को देंगे गति, कुनकुरी के बंदरचुआं में स्वर्गीय विवेक अंधारे के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में होंगे शामिल</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4318/chief-minister-vishnu-dev-sai-will-be-on-a-visit-to-jashpur-on-may-1-he-will-accelerate-the-development-works-in-kansabel-s-bagiya-and-will-participate-in-the-brahmabhoj-programme-of-late-vivek-andhare-at-bandarchuan-in-kunkuri-</link><description>
जशपुरनगर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 01 मई को जशपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे प्रातः 11:10 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड, रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12:25 बजे विकासखंड कांसाबेल ग्राम बगिया पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री दोपहर 01:00 बजे बगिया में समृद्धि एम-कैड निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 3.15 बजे विकासखंड कुनकुरी के ग्राम बंदरचुआं पहुंचकर अपने निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के आकस्मिक निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:25 बजे बगिया हेलीपैड से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4318/chief-minister-vishnu-dev-sai-will-be-on-a-visit-to-jashpur-on-may-1-he-will-accelerate-the-development-works-in-kansabel-s-bagiya-and-will-participate-in-the-brahmabhoj-programme-of-late-vivek-andhare-at-bandarchuan-in-kunkuri-</guid><pubDate>30-Apr-2026 8:09:48 pm</pubDate></item><item><title>नारी शक्ति वंदन के संकल्प को मिला महिलाओं का व्यापक समर्थन , राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर जताया आभार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4317/the-resolution-to-worship-women-received-widespread-support-from-women-a-women-s-delegation-led-by-rajya-sabha-mp-smt-laxmi-verma-met-the-chief-minister-and-expressed-gratitude-</link><description>
रायपुर, 30 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।
इस अवसर पर महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र तथा इस संबंध में पारित शासकीय संकल्प के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा।
महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के उत्थान हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को और अधिक गति मिलेगी तथा महिलाओं की भागीदारी सभी क्षेत्रों में सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन जैसी ऐतिहासिक पहल समाज में समानता और न्याय के नए आयाम स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं विकास यात्रा की सशक्त सहभागी हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी है।मुख्यमंत्री ने महिला प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4317/the-resolution-to-worship-women-received-widespread-support-from-women-a-women-s-delegation-led-by-rajya-sabha-mp-smt-laxmi-verma-met-the-chief-minister-and-expressed-gratitude-</guid><pubDate>30-Apr-2026 4:50:54 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिस इंडिया छत्तीसगढ़ सुश्री अनुष्का सोन ने की सौजन्य मुलाकात : सदन का ऐतिहासिक सत्र सुनने विधानसभा पहुंची थी मिस इंडिया छत्तीसगढ़</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4316/miss-india-chhattisgarh-ms-anushka-son-paid-a-courtesy-call-on-chief-minister-shri-vishnudev-sai-miss-india-chhattisgarh-had-reached-the-assembly-to-listen-to-the-historic-session-of-the-house-</link><description>
रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज विधानसभा में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 सुश्री अनुष्का सोन ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर सुश्री अनुष्का ने मुख्यमंत्री को नारी सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर विशेष सत्र आयोजित करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।
सुश्री अनुष्का ने बताया कि वे आज विधानसभा की ऐतिहासिक कार्यवाही को सुनने विशेष रूप से पहुंची थीं और इस अनुभव को उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखना उनके लिए एक नई सीख रही, जिससे वे समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रोत्साहित कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो एक सशक्त और जागरूक समाज की पहचान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बेटियां शिक्षा, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सुश्री अनुष्का सोन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक बनें।
इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4316/miss-india-chhattisgarh-ms-anushka-son-paid-a-courtesy-call-on-chief-minister-shri-vishnudev-sai-miss-india-chhattisgarh-had-reached-the-assembly-to-listen-to-the-historic-session-of-the-house-</guid><pubDate>30-Apr-2026 4:39:36 pm</pubDate></item><item><title>हादसे में मृतक परिवार को बड़ी राहत: 2 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में लगाई थी गुहार, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4315/major-relief-for-the-families-of-those-killed-in-the-accident-financial-assistance-of-rs-2-lakh-approved-plea-made-at-cm-camp-office-bagiya-family-expresses-gratitude-to-chief-minister-shri-vishnudev-sai</link><description>
जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। हादसे में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति को कुछ मजबूती मिली है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम फरदबहार तहसील फरसाबहार निवासी स्वर्गीय विनोद साय की नदी में नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से गंभीर चोट लग गई थी। हादसे में उनका पैर बुरी तरह घायल हो गया था। परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।मृतक की पत्नी चिरंजीवी पैंकरा ने अपनी समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का रुख किया। उन्होंने आवेदन देकर तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा राशि दिलाने की मांग की। प्रारंभिक स्तर पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार को काफी परेशानी हो रही थी।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक पहल के बाद प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया और अंततः परिजनों को 2 लाख रुपए की बीमा राशि स्वीकृत कर दी गई। यह सहायता राशि मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।परिजनों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके दुःख की घड़ी में संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना भी की।
*सीएम कैंप कार्यालय बगिया बना लोगों के लिए उम्मीद की किरण*
बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय अब आमजन के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और जरूरतमंद अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि यहां आने वाले आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है।स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सड़क, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में लोगों को तत्काल समाधान मिलने लगा है। इससे ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन के प्रति लगातार मजबूत हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें लंबे समय तक भटकना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण हो रहा है। यही कारण है कि यह कार्यालय अब क्षेत्र में जनविश्वास का केंद्र बनता जा रहा है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4315/major-relief-for-the-families-of-those-killed-in-the-accident-financial-assistance-of-rs-2-lakh-approved-plea-made-at-cm-camp-office-bagiya-family-expresses-gratitude-to-chief-minister-shri-vishnudev-sai</guid><pubDate>30-Apr-2026 1:42:14 pm</pubDate></item><item><title>जंगल-पहाड़ों के बीच स्वास्थ्य की दस्तक: मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी वनांचलों की संजीवनी, साढ़े तीन माह में 2000 से अधिक ग्रामीणों को घर-घर मिला मुफ्त इलाज</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4314/health-reaches-the-forests-and-mountains-mobile-medical-units-become-the-sanjeevani-of-forest-areas-over-2000-villagers-received-free-door-to-door-treatment-in-three-and-a-half-months-</link><description>
​रायपुर, 30 अप्रैल 2026/  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और दुर्गम पहाड़ियों पर बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के लिए शासन की मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) एक वरदान साबित हो रही है। 'अस्पताल खुद ग्रामीण के द्वार' की परिकल्पना को साकार करते हुए, इस सेवा ने पिछले साढ़े तीन महीनों में 2035 लोगों को उनके ही मोहल्ले में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
*​पैदल चलने की मजबूरी हुई खत्म*
 ​पूर्व में इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सामान्य इलाज के लिए भी कई मील पैदल चलना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 से संचालित यह यूनिट विशेष पिछड़ी जनजाति 'कमार' बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और औराई सहित कसडोल क्षेत्र के अन्य गांवों में निरंतर कैंप लगा रही है। अब सुदूर बस्तियों के लोगों को शहर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
*​एक ही छत के नीचे जांच और दवा*
  ​इस चलते-फिरते अस्पताल में सुविधाओं का पूरा तामझाम मौजूद है। प्रत्येक यूनिट में एक मेडिकल ऑफिसर, लैब टेक्निशियन, नर्स और ड्राइवर की दक्ष टीम तैनात रहती है।​निःशुल्क जांच: बीपी, शुगर, मलेरिया और हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जांचें मौके पर ही की जाती हैं।अनुभवी डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा सलाह के साथ-साथ मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।
*​नियोजित व्यवस्था और मुनादी से सूचना*
  ​प्रशासन द्वारा कैंप लगाने की तिथि और स्थान एक माह पूर्व ही निर्धारित कर लिया जाता है। ग्रामीणों को समय पर सूचना मिले, इसके लिए गांव-गांव में मुनादी (ढोल बजाकर घोषणा) करवाई जाती है। इससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में लंबी कतारों और परिवहन के सीमित साधनों के कारण पहले हमारा पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। अब घर के पास इलाज मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
*​परंपरा से आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम*
   ​इस पहल का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों की सोच पर पड़ा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग जो पहले केवल बैगा-गुनिया या पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर थे, अब उनमें आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास जागा है। लोग अब बीमारियों को छिपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज को प्राथमिकता दे रहे हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4314/health-reaches-the-forests-and-mountains-mobile-medical-units-become-the-sanjeevani-of-forest-areas-over-2000-villagers-received-free-door-to-door-treatment-in-three-and-a-half-months-</guid><pubDate>30-Apr-2026 1:39:04 pm</pubDate></item><item><title>सुशासन तिहार 2026 का बड़ा अभियान: जशपुर जिले के 36 क्लस्टरों में लगेंगे समाधान शिविर, 5 मई से खूंटीटोली से होगी शुरुआत, एक ही मंच पर 11 से 18 गांवों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4313/a-major-campaign-for-good-governance-festival-2026-solution-camps-will-be-held-in-36-clusters-of-jashpur-district-starting-from-khuntitoli-on-may-5th-problems-of-11-to-18-villages-will-be-resolved-quickly-on-a-single-platform-</link><description>
जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सहित जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के 31 एवं नगरीय निकायों के 5 कुल 36 क्लस्टरों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक शिविर में एक क्लस्टर के लगभग 11 से 18 गांवों एवं नगरीय निकायों के एक क्लस्टर में 15 वार्डों के नागरिक शामिल होकर अपनी समस्याओं का आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सुशासन तिहार के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्त कर विभागीय अधिकारियों को भी विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपे है।
   जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पहला शिविर 05 मई 2026 को कांसाबेल क्षेत्र के खूंटीटोली में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न विकासखंडों में निर्धारित तिथियों के अनुसार शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत बगीचा जनपद क्षेत्र में नन्हेसर में शिविर 07 मई 2026, महुआ में 12 मई, पंडरापाठ में 15 मई, कुरडेग में 19 मई, टांगरडीह में 22 मई, सरबकोम्बो-आश्रम बाजारडांड में 27 मई तथा महुवाडीह में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कुनकुरी जनपद क्षेत्र अंतर्गत फरसाकानी में शिविर 06 मई, बोडोकछार में 13 मई तथा कलीबा में 21 मई 2026 को आयोजित होगा। जशपुर जनपद क्षेत्र में जामटोली में शिविर 11 मई, बड़ाकरौंजा में 18 मई तथा बोकी में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। दुलदुला क्षेत्र में सिमडा में शिविर 07 मई तथा कस्तुरा में 14 मई 2026 को आयोजित होगा। मनोरा क्षेत्र में खरसोता में शिविर 08 मई, रेमने में 15 मई तथा टेम्पू में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। पत्थलगांव क्षेत्र में किलकिला में शिविर 08 मई, घरजियाबथान में 15 मई, राजाआमा में 22 मई, पालीडीह में 26 मई तथा कोकियाखार में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कांसाबेल क्षेत्र में चोंगरीबहार में 13 मई तथा कुसुमताल में 20 मई 2026 को शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार फरसाबहार क्षेत्र में बनगांव में शिविर 07 मई, बाबूसाजबहार में 15 मई, भेलवा में 21 मई तथा अमडीहा में 27 मई 2026 को आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नगर पंचायत बगीचा में 13 मई, नगर पालिका पत्थलगांव में 09 मई, नगर पंचायत कोतबा में 13 मई, नगर पंचायत कुनकुरी में 11 मई तथा नगर पालिका जशपुर में 12 मई 2026 को शिविर लगाए जाएंगे।
   सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक अपने आवेदन लिखित रूप में शिविरों में प्रस्तुत कर सकेंगे, जिनका निराकरण अधिकतम 1 माह के भीतर किया जाएगा। यह पहल प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4313/a-major-campaign-for-good-governance-festival-2026-solution-camps-will-be-held-in-36-clusters-of-jashpur-district-starting-from-khuntitoli-on-may-5th-problems-of-11-to-18-villages-will-be-resolved-quickly-on-a-single-platform-</guid><pubDate>30-Apr-2026 1:36:35 pm</pubDate></item><item><title>मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बड़ा संदेश  हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान देने की दिशा में विष्णु देव साय सरकार का मजबूत संकल्प, योजनाओं से बदली लाखों परिवारों की तस्वीर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4312/a-big-message-on-international-labour-day-in-may-the-vishnu-deo-sai-government-is-committed-to-providing-work-to-every-hand-and-respect-to-every-worker-with-schemes-that-have-transformed-the-lives-of-millions-of-families-</link><description>
रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।
मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4312/a-big-message-on-international-labour-day-in-may-the-vishnu-deo-sai-government-is-committed-to-providing-work-to-every-hand-and-respect-to-every-worker-with-schemes-that-have-transformed-the-lives-of-millions-of-families-</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:51:15 am</pubDate></item><item><title>सरकारी प्रयास ने रचा इतिहास: निजी स्कूलों को दी कड़ी टक्कर, 100% रिजल्ट के साथ मेरिट में छाया आदिवासी अंचलों का हुनर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4311/government-s-prayas-creates-history-private-schools-face-tough-competition-with-100-results-tribal-areas-talent-shines-in-merit-</link><description>
रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा।
श्री बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है।हाईस्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी टॉप 10 मेरिट सूची में 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ स्थान अर्जित किया।
उल्लेखनीय है कि हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं। इनमें प्रयास आवासीय विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4311/government-s-prayas-creates-history-private-schools-face-tough-competition-with-100-results-tribal-areas-talent-shines-in-merit-</guid><pubDate>30-Apr-2026 6:11:00 am</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में जनजातीय सलाहकार परिषद की अहम बैठक सम्पन्न, बस्तर-सुरगुजा में दशकों की पिछड़ापन खत्म करने के लिए लिए गए ऐतिहासिक फैसले</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4310/an-important-meeting-of-the-tribal-advisory-council-was-held-under-the-chairmanship-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-historic-decisions-were-taken-to-end-decades-of-backwardness-in-bastar-surguja-</link><description>
रायपुर, 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
बैठक में नियद नेल्ला नार योजना की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में नियद नेल्ला नार 2.0 को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4310/an-important-meeting-of-the-tribal-advisory-council-was-held-under-the-chairmanship-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-historic-decisions-were-taken-to-end-decades-of-backwardness-in-bastar-surguja-</guid><pubDate>29-Apr-2026 5:55:31 am</pubDate></item><item><title>जहां सड़कें खत्म, वहां भी इलाज शुरू, सुकमा की पहाड़ियों में उम्मीद की रोशनी - 17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलता</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4309/where-roads-end-treatment-begins-a-ray-of-hope-in-the-sukma-hills-17-patients-referred-14-ayushman-cards-11-free-glasses-a-major-success-for-the-bastar-health-campaign-</link><description>
   रायपुर, 29 अफ़्रैल 2026 : स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका।
यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया।
इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4309/where-roads-end-treatment-begins-a-ray-of-hope-in-the-sukma-hills-17-patients-referred-14-ayushman-cards-11-free-glasses-a-major-success-for-the-bastar-health-campaign-</guid><pubDate>29-Apr-2026 8:01:50 pm</pubDate></item><item><title>जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अवैध उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ प्रहार, राजस्व सुरक्षा को मिली नई मजबूती </title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4308/zero-tolerance-policy-tightened-chief-minister-vishnu-deo-sai-led-a-crackdown-on-illegal-mining-and-transportation-strengthening-revenue-security-</link><description>
रायपुर 29 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।       राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।       खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।    इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4308/zero-tolerance-policy-tightened-chief-minister-vishnu-deo-sai-led-a-crackdown-on-illegal-mining-and-transportation-strengthening-revenue-security-</guid><pubDate>29-Apr-2026 7:59:36 pm</pubDate></item><item><title>वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4307/union-minister-shri-shivraj-singh-chouhan-lauds-chhattisgarh-s-preparedness-for-effective-implementation-of-vb-jiramji</link><description>
रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए सुविचारित, व्यापक एवं रणनीतिक पहल की जा रही है, जो ग्रामीण विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
     केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विशेष रूप से ग्राम चौपालों, ग्राम सभाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल को नवाचारपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचेगी तथा पारदर्शिता एवं मॉनिटरिंग को मजबूती मिलेगी।
    अपने पत्र में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने उल्लेख किया कि वन क्षेत्रों एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जो राज्य के समावेशी एवं सतत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को राज्य में मानव-दिवस सृजन रुझान को देखते हुए 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के सतत प्रयासों एवं बढ़ती कार्यगत आवश्यकता का सकारात्मक परिणाम बताया।
    केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य प्रशासन इसी प्रतिबद्धता एवं ऊर्जा के साथ योजनाओं के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन को नई गति देगी, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4307/union-minister-shri-shivraj-singh-chouhan-lauds-chhattisgarh-s-preparedness-for-effective-implementation-of-vb-jiramji</guid><pubDate>29-Apr-2026 7:56:48 pm</pubDate></item><item><title>तकनीक आधारित प्रचार ऐप से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंगरि,फॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4306/outdoor-media-monitoring-will-be-done-through-technology-based-quot-prachar-app-quot-now-every-hoarding-will-be-monitored-in-real-time-</link><description>
रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।
आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।
इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम प्रचार ऐप विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।
रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।
यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित प्रचार ऐप समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।
यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4306/outdoor-media-monitoring-will-be-done-through-technology-based-quot-prachar-app-quot-now-every-hoarding-will-be-monitored-in-real-time-</guid><pubDate>29-Apr-2026 7:55:26 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने घोषित किए 10वीं-12वीं के परिणाम : रायगढ़ के होनहारों ने प्रदेश में बजाया डंका, 8 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई ऐतिहासिक जगह,</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4305/chhattisgarh-board-of-secondary-education-declared-the-10th-12th-results-raigarh-s-bright-students-made-their-mark-in-the-state-with-8-students-securing-a-historic-place-in-the-top-10-</link><description>
रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आज कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। जिले से कक्षा 12 वीं में कुल 83.45 प्रतिशत और कक्षा 10 वीं में 80.06 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। वहीं प्रदेश स्तर पर टॉप-10 की सूची भी जारी की गई, जिसमें रायगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में जिले के दो विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल महलोई (पुसौर) की गिरिजा प्रधान ने 600 में से 590 अंक प्राप्त कर 98.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान हासिल किया, वहीं पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, घरघोड़ा के अहसान अली ने 600 में से 587 अंक प्राप्त कर 97.83 प्रतिशत के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया।      इसी प्रकार कक्षा 12वीं की टॉप-10 सूची में रायगढ़ जिले के 6 विद्यार्थियों ने स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, छाल के कृष महंत ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर 97.80 प्रतिशत के साथ टॉप-3 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, महापल्ली के लोकनाथ मेहर ने 486 अंक (97.20 प्रतिशत) के साथ टॉप-6 में स्थान प्राप्त किया। महेंद्र सिंह पटेल मेमोरियल आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदेली की शीतल साहू ने 484 अंक (96.80 प्रतिशत) के साथ टॉप-8 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, तरकेला की बबीता पटेल ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, खरसिया की लिसिका वर्मा ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया तथा प्रज्ञा हायर सेकेंडरी स्कूल, सोंडका की अंजली झा ने 482 अंक (96.40 प्रतिशत) के साथ टॉप-10 में अपनी जगह बनाई।      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कक्षा 12वीं (कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि, ललित कला एवं गृह विज्ञान) के लिए कुल 8,969 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 8,914 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 8,855 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 7,390 परीक्षार्थी सफल रहे। इस प्रकार कक्षा 12वीं का कुल परीक्षा परिणाम 83.45 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी प्रकार हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की परीक्षा में कुल 12,238 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 12,075 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 11,898 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 9,526 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं का कुल परीक्षा परिणाम 80.06 प्रतिशत रहा। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सतत प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4305/chhattisgarh-board-of-secondary-education-declared-the-10th-12th-results-raigarh-s-bright-students-made-their-mark-in-the-state-with-8-students-securing-a-historic-place-in-the-top-10-</guid><pubDate>29-Apr-2026 6:44:51 pm</pubDate></item><item><title>जंगल-जंगल छापा, भट्टियाँ ध्वस्त रायगढ़ में आबकारी का बड़ा एक्शन: 377 लीटर महुआ शराब और 1705 किलो लाहन जब्त, 2 गिरफ्तार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4304/jungle-to-jungle-raids-distilleries-demolished-major-excise-action-in-raigarh-377-liters-of-mahua-liquor-and-1705-kg-of-lahan-seized-2-arrested</link><description>
रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने जिले में कार्रवाई करते हुए अवैध महुआ शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से 377 लीटर से अधिक महुआ शराब एवं 1705 किलोग्राम महुआ लाहन की जप्ती की है। जिसमें 29 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से महुआ शराब जब्त की गई।      पहले मामले में थाना चक्रधरनगर के मनुवापाली निवासी गोविंद सेठ 50 वर्ष के पास से 18.720 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दूसरे मामले में थाना-घरघोड़ा अंतर्गत चारमार निवासी कांती बाई 46 वर्ष के कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।       आबकारी विभाग ने पिछले तीन दिनों में जिले के विभिन्न ग्रामीण और वन क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी की। ग्राम बड़गांव थाना तमनार, धरमपुरा थाना चक्रधरनगर, बिंजकोट थाना चक्रधरनगर और कर्रानारा थाना खरसिया के आसपास अवैध शराब निर्माण स्थलों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अवैध भट्टियों को नष्ट करते हुए कुल 344 लीटर महुआ शराब और 1705 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। आबकारी विभाग ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4304/jungle-to-jungle-raids-distilleries-demolished-major-excise-action-in-raigarh-377-liters-of-mahua-liquor-and-1705-kg-of-lahan-seized-2-arrested</guid><pubDate>29-Apr-2026 6:34:13 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4303/chief-minister-shri-vishnudev-sai-released-the-results-of-10th-and-12th-board-examinations-of-the-board-of-secondary-education-and-wished-the-students-</link><description>
रायपुर 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4303/chief-minister-shri-vishnudev-sai-released-the-results-of-10th-and-12th-board-examinations-of-the-board-of-secondary-education-and-wished-the-students-</guid><pubDate>29-Apr-2026 5:17:40 pm</pubDate></item><item><title>घर के अंदर छिपाकर बना रखा था नशे का गोदाम 6 कार्टून में 72 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, पुलिस की स ताबड़तोड़ रेड में अरुण यादव गिरफ्तार,NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4302/a-drug-warehouse-was-hidden-inside-the-house-72-liters-of-banned-cough-syrup-recovered-in-6-cartons-arun-yadav-arrested-in-a-sudden-police-raid-case-registered-under-ndps-act-</link><description>
जशपुर, 29 अप्रैल 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करते हुए जशपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पत्थलगांव क्षेत्र में एक युवक द्वारा घर में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर बेचने का मामला सामने आया, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 28 अप्रैल को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कांसाबेल थाना क्षेत्र के ग्राम पोंगरो कोडाबहरी निवासी 27 वर्षीय अरुण यादव, पत्थलगांव के ग्राम चंदागढ़ स्थित अपने किराए के कमरे में अवैध रूप से नशीली कफ सिरप का भंडारण कर बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर भेजा।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राम चंदागढ़ पहुंचकर संदिग्ध कमरे की घेराबंदी की और गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे के अंदर लकड़ी के तख्त के नीचे छिपाकर रखे गए छह कार्टून बरामद किए गए। इन कार्टूनों में 100-100 मिलीलीटर की कुल 720 बोतलें ONEREX नामक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप मिली, जिसकी कुल मात्रा 72 लीटर और अनुमानित कीमत ₹1,44,720 बताई गई है।
पूछताछ में पहले आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अवैध कारोबार की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लेकर नशीली सिरप को जब्त किया। साथ ही उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
इस मामले में आरोपी अरुण यादव के खिलाफ थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21(ग) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 28 अप्रैल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत पांडेय, सहायक उप निरीक्षक लखेश साहू, प्रधान आरक्षक कमलेश्वर वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अपने आसपास हो रही किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4302/a-drug-warehouse-was-hidden-inside-the-house-72-liters-of-banned-cough-syrup-recovered-in-6-cartons-arun-yadav-arrested-in-a-sudden-police-raid-case-registered-under-ndps-act-</guid><pubDate>29-Apr-2026 5:13:31 pm</pubDate></item><item><title>डिजिटल क्रांति का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया सेवा सेतु, अब 441 सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर, घर बैठे मिलेगा प्रमाण-पत्र से लेकर भुगतान तक हर सुविधा,ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4301/a-new-chapter-in-the-digital-revolution-chief-minister-vishnu-deo-sai-launches-seva-setu-now-441-government-services-are-available-at-one-click-from-certificates-to-payments-digital-services-will-reach-gram-panchayats-</link><description>
रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण सेवा सेतु का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब सेवा सेतु तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा सेतु राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और भाषिणी जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।
सेवा सेतु में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
सेवा सेतु में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।
वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।
भाषिणी के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।
नागरिक सेवा सेतु में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमनक़ सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4301/a-new-chapter-in-the-digital-revolution-chief-minister-vishnu-deo-sai-launches-seva-setu-now-441-government-services-are-available-at-one-click-from-certificates-to-payments-digital-services-will-reach-gram-panchayats-</guid><pubDate>29-Apr-2026 4:42:05 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026: बेटियों ने फिर मारी बाज़ी, 10वीं में 77.15% और 12वीं में 83.04% छात्र सफल, पिछले साल से बेहतर रहा रिजल्ट, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4300/chhattisgarh-board-exam-results-2026-girls-outshine-again-with-77-15-passing-in-class-10-and-83-04-in-class-12-results-are-better-than-last-year-ending-the-wait-for-millions-of-students-</link><description>
रायपुर, 29 अफ़्रैल 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आज जारी हुए हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकण्डरी (12वीं) परीक्षा वर्ष 2026 के परिणामों ने इस बार भी बेटियों की शानदार सफलता की कहानी दोहराई है। दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का परिणाम प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सामने आई है।
हाईस्कूल परीक्षा 2026 में कुल 3,21,677 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 3,16,730 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों के अनुसार 3,14,953 परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया, जिनमें से 2,43,016 विद्यार्थी सफल घोषित हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 77.15 रहा। इसमें बालिकाओं का पास प्रतिशत 81.03 और बालकों का 72.27 प्रतिशत दर्ज किया गया। परिणामों के विश्लेषण में सामने आया कि 1,40,108 छात्र प्रथम श्रेणी में, 96,721 द्वितीय श्रेणी में और 6,187 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 19,347 छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहे।
कुछ परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिनमें 15 छात्र नकल प्रकरण में, 143 जांच प्रक्रिया में और 1616 छात्रों के आवेदन पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 3 परीक्षार्थियों के परिणाम बाद में जारी किए जाएंगे।
यदि पिछले वर्ष से तुलना करें तो वर्ष 2025 में हाईस्कूल का परिणाम 76.53 प्रतिशत था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 77.15 प्रतिशत हो गया है, यानी लगभग 0.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
वहीं हायर सेकण्डरी परीक्षा 2026 में कुल 2,46,166 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें से 2,44,453 परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों में 2,43,898 विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी हुआ, जिनमें से 2,02,549 परीक्षार्थी सफल हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 83.04 रहा। यहां भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.04 प्रतिशत सफलता हासिल की, जबकि छात्रों का प्रतिशत 78.86 रहा।
12वीं में प्रथम श्रेणी में 1,27,334, द्वितीय श्रेणी में 72,402 और तृतीय श्रेणी में 2,806 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 7 छात्र पास श्रेणी में सफल हुए। वहीं 23,866 परीक्षार्थी एक या दो विषयों में असफल रहे। 63 छात्रों के परिणाम रोके गए हैं, जिनमें 5 नकल प्रकरण और 56 जांच के मामले शामिल हैं, जबकि 492 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 2 छात्रों के परिणाम बाद में घोषित होंगे।
पिछले वर्ष 2025 में हायर सेकण्डरी का परिणाम 81.87 प्रतिशत था, जो इस वर्ष बढ़कर 83.04 प्रतिशत हो गया है। इस प्रकार 1.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस वर्ष 10वीं के लिए 2,510 और 12वीं के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि 34 समन्वय केंद्रों से पूरी परीक्षा प्रक्रिया संचालित की गई।
छात्र अपने परीक्षा परिणाम मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटों cg.results.nic.in, results.cg.nic.in और cgbse.nic.in के अलावा डिजीलॉकर सहित विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों पर भी देख सकते हैं।
मण्डल की ओर से परीक्षा के सफल संचालन और परिणाम घोषित करने में सहयोग देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, मूल्यांकनकर्ताओं और सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं और असफल विद्यार्थियों को द्वितीय मुख्य (अवसर) परीक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4300/chhattisgarh-board-exam-results-2026-girls-outshine-again-with-77-15-passing-in-class-10-and-83-04-in-class-12-results-are-better-than-last-year-ending-the-wait-for-millions-of-students-</guid><pubDate>29-Apr-2026 4:11:26 pm</pubDate></item><item><title>देश में पहली पहल: दुर्ग का जेंडर-बैलेंस्ड सिस्टम बना रोल मॉडल, टूटते परिवारों को जोड़ने का संवेदनशील और संतुलित प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4299/national-first-durg-s-gender-balanced-system-becomes-a-role-model-a-sensitive-and-balanced-effort-to-unite-broken-families-becomes-a-national-example</link><description>
रायपुर, 29 अप्रैल 2026
तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ाचाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनावअनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।
दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है।
सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।
इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैपुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है।
वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है।
इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हैसीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।
यहां आने वाली शिकायतें समाज की एक गंभीर तस्वीर सामने रखती हैंबेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं।
अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।
दुर्ग का काउंसलिंग-फर्स्ट मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गोंसभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।
संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/4299/national-first-durg-s-gender-balanced-system-becomes-a-role-model-a-sensitive-and-balanced-effort-to-unite-broken-families-becomes-a-national-example</guid><pubDate>29-Apr-2026 1:51:00 pm</pubDate></item></channel></rss>