<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>बड़ी खबर - Kalam ki Awaz Feed</title><link>https://kalamkiawaz.com</link><description>Kalam ki Awaz Feed Description</description><item><title>जशपुर के छोटे से गांव घुईटांगर से एशियन गेम्स के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे अनिमेष कुजूर, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुलाकात कर दी बधाई</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6658/animesh-kujur-who-journeyed-from-the-small-village-of-ghuitangar-in-jashpur-to-the-international-stage-of-the-asian-games-has-brought-honor-to-chhattisgarh-by-winning-a-bronze-medal-chief-minister-vishnu-deo-sai-met-with-him-to-offer-his-congratulations-</link><description>
रायपुर 16 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाने वाले एथलीट श्री अनिमेष कुजूर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री कुजूर को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर की माटी के बेटे अनिमेष कुजूर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। भारतीय टीम द्वारा राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार करना इस उपलब्धि को और विशेष बनाता है।
मुख्यमंत्री ने श्री कुजूर से एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन, प्रशिक्षण और खेल यात्रा के संबंध में आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना यह साबित करता है कि प्रतिभा को उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले तो हमारे युवा दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस्तर से सरगुजा और जशपुर तक हमारे जनजातीय और ग्रामीण अंचलों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसी प्रतिभाओं की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास को युवाओं के सर्वांगीण विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक से अधिक पदक जीतें तथा प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष जैसे खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश में विकसित हो रही नई खेल संस्कृति को और मजबूत करती है। उनकी उपलब्धियां नई पीढ़ी में यह विश्वास जगाती हैं कि अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
श्री अनिमेष कुजूर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें और आने वाले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में देश के लिए और पदक जीतें।
*जशपुर के छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर*
उल्लेखनीय है कि श्री अनिमेष कुजूर मूलतः जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुईटांगर के निवासी हैं। उन्होंने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की 4100 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में भारतीय टीम की ओर से शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अर्जित किया। भारतीय टीम ने इस स्पर्धा में 41.06 सेकंड का समय दर्ज करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड में भी सुधार किया।
अनिमेष की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर है। जशपुर के ग्रामीण अंचल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने तक की उनकी यात्रा प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर श्री अनिमेष कुजूर के पिता श्री अमृत कुजूर, माता श्रीमती रीना कुजूर सहित एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6658/animesh-kujur-who-journeyed-from-the-small-village-of-ghuitangar-in-jashpur-to-the-international-stage-of-the-asian-games-has-brought-honor-to-chhattisgarh-by-winning-a-bronze-medal-chief-minister-vishnu-deo-sai-met-with-him-to-offer-his-congratulations-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:46:39 pm</pubDate></item><item><title>विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही और पारदर्शिता से तय होगी जिले के विकास की राह : प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6657/negligence-in-development-works-will-not-be-tolerated-the-path-of-the-district-s-development-will-be-determined-through-accountability-and-transparency-secretary-in-charge-sonmani-bora</link><description>
रायपुर. 16 अक्टूबर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ जिले में संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग बढ़ाने के साथ मानवीय संवेदनाओं एवं जनहित को सर्वोपरि रखने को कहा।
*आवास एवं राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश*
जिले के प्रभारी सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, विशेषकर एक वर्ष से लंबित मामलों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत और नगरीय निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्टडी-टूर और क्रॉस-लर्निंग विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए।
*स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर*
वन विभाग की समीक्षा के दौरान स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन एवं हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रभारी सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, कचरा पेटी और उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
*रैनबसेरों की सुविधाएं बेहतर बनाने कहा*
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही कुष्ठ रोग, सिकलसेल और टीबीमुक्त अभियान के अंतर्गत जारी जांच एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव श्री बोरा ने नगर निगम आयुक्तों को रैनबसेरों की सुविधाएं बेहतर बनाने तथा शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क और बेहतर जल निकासी व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री बोरा ने बैठक में सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
वन मंडलाधिकारी श्री सी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, भिलाई नगर निगम की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, दुर्ग नगर निगम की आयुक्त सुश्री लीना कोसम, रिसाली नगर निगम की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
*नारकोटिक्स नियंत्रण की भी समीक्षा की*
दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान एनडीपीएस के मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने बैठक में बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। इसी प्रकार गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 262 से बढ़कर 330 हो गई है। मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य भी पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में अवैध नशा कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और अन्य जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6657/negligence-in-development-works-will-not-be-tolerated-the-path-of-the-district-s-development-will-be-determined-through-accountability-and-transparency-secretary-in-charge-sonmani-bora</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:45:26 pm</pubDate></item><item><title>विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की होगी निर्णायक भूमिका, युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : विश्व विजय सिंह तोमर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6656/the-youth-will-play-a-decisive-role-in-realizing-the-vision-of-viksit-bharat-2047-developed-india-2047-a-developed-chhattisgarh-will-be-built-through-the-talent-hard-work-and-innovation-of-its-youth-power-vishwa-vijay-singh-tomar</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मल्टीपर्पज स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में जिला स्तरीय युवा उड़ान 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
*युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प से बनेगा विकसित भारत : श्री तोमर*
छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार तथा कठिन परिश्रम से ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि युवा उड़ान कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त 2026 को बीजापुर जिले से किया गया था। इसी क्रम में आज 21वें जिले के रूप में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में इसका आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें देश एवं प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
श्री तोमर ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक जानकारियों और अफवाहों से सावधान रहने तथा किसी भी सूचना की सत्यता जांचने के बाद ही उस पर विश्वास करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक का सदुपयोग करने का संदेश दिया।
श्री तोमर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
*विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की सहभागिता आवश्यक : विधायक श्री मरपच्ची*
मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, परिश्रम और सकारात्मक सोच के माध्यम से न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
*शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले के युवाओं ने बढ़ाया गौरव : कलेक्टर*
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। जिले के युवाओं ने शिक्षा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, लक्ष्य निर्धारित करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने कौशल और क्षमताओं का निरंतर विकास करना चाहिए। राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके सामूहिक प्रयासों से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।
*नुक्कड़ नाटक से यातायात सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश*
कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने, सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने, नशे से दूर रहने और युवा राजवीर योजना के संबंध में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है। वहीं नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
*साइबर अपराधों से बचाव के लिए युवाओं को किया जागरूक*
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध फोन कॉल से सावधान रहने, व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी गोपनीय रखने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई।
युवाओं को बताया गया कि डिजिटल तकनीक का सुरक्षित एवं जागरूक उपयोग आज के समय की आवश्यकता है। साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता अपनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से बचा जा सकता है।
*वन नेशन, वन इलेक्शन की अवधारणा पर व्याख्यान*
कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार कुशवाहा ने वन नेशन, वन इलेक्शन विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को इस अवधारणा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, नागरिक जिम्मेदारियों और शासन व्यवस्था के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला स्तरीय युवा उड़ान 2026 कार्यक्रम युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने और विकसित भारत @2047 के संकल्प में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बना। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम, नवाचार और सामाजिक सहभागिता के बल पर वे विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6656/the-youth-will-play-a-decisive-role-in-realizing-the-vision-of-viksit-bharat-2047-developed-india-2047-a-developed-chhattisgarh-will-be-built-through-the-talent-hard-work-and-innovation-of-its-youth-power-vishwa-vijay-singh-tomar</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:28:57 pm</pubDate></item><item><title>जल जीवन मिशन को लेकर मुख्य सचिव विकासशील के कड़े निर्देश, शुद्ध पेयजल की नियमित जांच और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6655/chief-secretary-vikas-sheel-issues-strict-directives-regarding-the-jal-jeevan-mission-emphasizing-the-need-for-regular-testing-of-clean-drinking-water-and-ensuring-its-uninterrupted-supply-</link><description>रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की एक उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में जल जीवन मिशन के तहत तैयार बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद अब इसके सुचारू संचालन, संधारण (रखरखाव) और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति और जल संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में स्थित सभी आदिवासी बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। बैठक में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
     मुख्य सचिव ने राज्य में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और पेयजल की शुद्धता की निरंतर एवं कड़ाई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत कार्ययोजना और रणनीति पर गहन चर्चा की गई। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर संसाधनों और रूपरेखा की समीक्षा की गई। भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों के संरक्षण व सुरक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
     राज्य में संचालित सोलर व रेट्रोफिटिंग तथा बल्क वॉटर योजनाओं की वर्तमान प्रगति एवं वित्तीय भुगतानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन की गतिविधियों को तकनीकी एवं प्रबंधकीय रूप से सुदृढ़ करने हेतु जिला तकनीकी इकाई तथा परियोजना प्रबंधन इकाई की नियुक्ति को लेकर अहम निर्णय लिए गए। 
      विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हेतु प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। विशेष क्षेत्रों एवं बसाहटों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की गई। ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। 12 ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त निविदाओं की दरों की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।  जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव हेतु (ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस पॉलिसी) के नवीन ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा हुई।
      बैठक में जल-जीवन मिशन के तहत कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा जनभागीदारी को मजबूत करने पर बल दिया गया। योजनाओं के दीर्घकालिक और सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए गए है।
       बैठक में वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर श्री रिमिजियुस एक्का सहित महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6655/chief-secretary-vikas-sheel-issues-strict-directives-regarding-the-jal-jeevan-mission-emphasizing-the-need-for-regular-testing-of-clean-drinking-water-and-ensuring-its-uninterrupted-supply-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:27:24 pm</pubDate></item><item><title>सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी लाने सख्त हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, जांजगीर-चांपा और कोरबा में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6654/public-works-department-secretary-mukesh-kumar-bansal-has-adopted-a-stricter-stance-to-accelerate-the-construction-of-roads-and-bridges-he-inspected-construction-projects-in-janjgir-champa-and-korba-</link><description>
रायपुर. 16 अक्टूबर 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले का दौरा कर निर्माणाधीन सड़कों एवं पुलों का निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड पर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाते हुए शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने पामगढ़ और कोरबा में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर दोनों जिलों में निर्माणाधीन, स्वीकृत और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे।
विभागीय सचिव श्री बंसल को पामगढ़ रेस्ट हाऊस में बैठक के दौरान बिलासपुर सेतु संभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के धनवारपारा (सलनी)-नवागांव मार्ग पर बोराई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसके 905 मीटर में बी.टी. कार्य शेष है। सचिव श्री बंसल ने अधिकारियों को वर्तमान संपादित अनुबंध के अनुसार बी.टी. कार्य पूर्ण कराते हुए अनुबंध शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मांग के अनुसार 1200 मीटर अतिरिक्त बी.टी. सड़क के निर्माण के लिए पृथक पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने को कहा। श्री बंसल ने अधिकारियों को पी.डब्ल्यू.एम.आई.एस. (PWMIS) में पूर्व वर्षों के पूर्ण कार्यों के अंतिम पूर्ण देयक से संबंधित कार्यवाही पूर्ण कर अद्यतन डॉटा पी.डब्ल्यू.एम.आई.एस. में एन्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने पामगढ़ रेस्ट हाउस में अच्छी साफ-सफाई रखने तथा जरूरी मरम्मत के भी निर्देश दिए।
श्री बंसल ने कोरबा में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सी.जी.आर.आई.डी.सी.एल. योजना के अंतर्गत प्रगतिरत कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा मार्ग (इंडस्ट्रियल कॉरीडोर) में खोलार नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का कार्य दिसम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्रैश बैरियर पर हैण्ड-रेल लगाने को कहा। उन्होंने कोरबा कलेक्टर को इंडस्ट्रियल कॉरीडोर मार्ग में खोलार नाला पर कटाव को रोकने रिटेनिंग वॉल एवं पिचिंग सहित अन्य प्रोटेक्शन कार्य के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सीपत-बलौदा-कोरबा (कुदुरमाल) मार्ग पर हसदेव नदी में उच्च स्तरीय फोरलेन पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने के भी निर्देश दिए।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6654/public-works-department-secretary-mukesh-kumar-bansal-has-adopted-a-stricter-stance-to-accelerate-the-construction-of-roads-and-bridges-he-inspected-construction-projects-in-janjgir-champa-and-korba-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:24:18 pm</pubDate></item><item><title>जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 74.80 लाख के विकास कार्यों की दी सौगात</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6653/sitting-on-the-ground-deputy-chief-minister-vijay-sharma-listened-to-the-problems-of-the-villagers-and-announced-development-projects-worth-74-80-lakh-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बातें सुनना, उनकी परेशानियों को समझना और गांव की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की घोषणा करना, उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा का यही सहज अंदाज ग्राम बंदौरा और ठकुराइनटोला में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान देखने को मिला। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मांगे और समस्याएं सुनीं और गांव के विकास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से चर्चा की। इस दौरान गांव वाले की मांग पर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 74.80 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। वहीं, बंदौरा में सड़क की खराब स्थिति की शिकायत सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को फोन कर सड़क उखाड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए।
*ग्रामवासियों की मांगों पर विकास कार्यों की मिली सौगात*   ग्राम बंदौरा में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक 10 में कबीर कुटी निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए और नवधा मंच निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की। इसके अलावा मुक्तिधाम में शेड निर्माण तथा गांव में शेड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए देने की घोषणा की। ग्राम ठकुराइनटोला में 7.80 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क, 10 लाख रुपए की लागत से सामाजिक भवन और मुक्तिधाम के लिए 6 लाख रुपये की घोषणा की गई। वहीं, ग्राम नयापारा पंचायत में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। इन कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
*सड़क की परेशानी बताई तो तत्काल अधिकारी को फोन कर सुधारने के दिए निर्देश*   ग्राम बंदौरा में ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति की समस्या उप मुख्यमंत्री के सामने रखी। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारी से फोन पर बात की और खराब सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए।
*गांवों के विकास के लिए लगातार हो रहे कार्य*   ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, धार्मिक पर्यटन और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो चुका है और इसके भवन का निर्माण किया जा रहा है। शहर में यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बिलासपुर रोड और रायपुर रोड से शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर 54 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
   उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए 146 करोड़ रुपए के कार्य किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 85 हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की सुविधा विकसित की जा रही है। इनमें से 50 स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा चुके हैं और शेष 35 स्कूलों में भी इन्हें लगाने की योजना है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। राज्य में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में महतारी सदन बनाने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6653/sitting-on-the-ground-deputy-chief-minister-vijay-sharma-listened-to-the-problems-of-the-villagers-and-announced-development-projects-worth-74-80-lakh-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:20:41 pm</pubDate></item><item><title>निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, कमियां मिलने पर मूल्यांकन राशि में होगी कटौती, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने किया पंचायतों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6652/no-compromise-on-quality-will-be-tolerated-in-construction-works-any-shortcomings-found-will-lead-to-a-deduction-from-the-assessed-project-value-district-panchayat-ceo-abhishek-kumar-inspected-construction-works-across-the-panchayats-</link><description>
 जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2026/ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी भवन, स्व-सहायता समूह भवन, स्टॉपडेम मरम्मत, नहर सफाई और सीसी रोड निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार मूल्यांकन करने और आवश्यकतानुसार देय राशि में कटौती करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*सारूडिह और कोमड़ो में निर्माण कार्यों का निरीक्षण*
जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत सारूडिह में निर्माणाधीन दो आंगनबाड़ी भवनों का जायजा लिया। यहां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों का नियमानुसार मूल्यांकन करने तथा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर प्रचलित नियमों के अनुसार मूल्यांकन राशि में कटौती करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन गार्डवाल का निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर विशेष ध्यान देने के को कहा।
*स्टॉपडेम मरम्मत और नहर सफाई का लिया जायजा*
ग्राम पंचायत किनकेल में स्टॉपडेम मरम्मत और नहर में गाद सफाई कार्य का निरीक्षण के दौरान सीईओ ने आसपास के क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई जाने वाली फसलों की जानकारी ली। साथ ही नहर से सिंचाई के माध्यम से ग्रामीणों एवं किसानों को होने वाले लाभ के संबंध में चर्चा की। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के बेहतर उपयोग, कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव के महत्व पर जोर दिया।
*केरे और देशदेखा में भवन निर्माण किया निरीक्षण*
जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम केरे में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को आवश्यक तेजी लाते हुए भवन का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, इसके पश्चात देशदेखा में निर्माणाधीन स्व-सहायता समूह भवन का निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन निर्माण की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों और अन्य आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए।
*सीटोंगा में सीसी रोड की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी*
जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने ग्राम पंचायत सीटोंगा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन और सीसी रोड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीसी रोड निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किए जाने तथा सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य का तकनीकी मानकों के आधार पर उचित मूल्यांकन करने तथा मूल्यांकन प्रतिवेदन में गुणवत्ता संबंधी कमियों का स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमानुसार देय राशि में कटौती करने को कहा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6652/no-compromise-on-quality-will-be-tolerated-in-construction-works-any-shortcomings-found-will-lead-to-a-deduction-from-the-assessed-project-value-district-panchayat-ceo-abhishek-kumar-inspected-construction-works-across-the-panchayats-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:16:59 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने सीईओ अभिषेक कुमार सख्त, खराब परीक्षा परिणाम पर कार्रवाई के निर्देश, अनुपस्थित कर्मचारियों की भी मांगी जानकारी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6651/ceo-abhishek-kumar-takes-a-strict-stance-on-improving-the-quality-of-education-in-jashpur-issues-directives-for-action-following-poor-examination-results-and-also-seeks-information-regarding-absent-staff-members-</link><description>जशपुर नगर/ 16 अक्टूबर 2026
यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत् सीईओ अभिषेक कुमार ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सभी बीईओ,एबीईओ और जिले के समस्त शासकीय हाई व हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में तिमाही परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति, एमबीयू और अपार आईडी की समीक्षा की। खराब परीक्षा परिणाम पर नाराजगी जाहिर करते हुए पत्थलगांव विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल फरसाटोली के व्याख्याता को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश उन्होंने दिए और खराब परीक्षा परिणाम देने वाले विषय शिक्षकों को इसी माह समीक्षा के लिए बुलाने का निर्देश भी दिया। साथ ही उन्होंने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्य को निर्देशित करते हुए लंबे से समय से अनुपस्थित और निलंबित कर्मचारियों की जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा।
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने स्वामी विवेकानंद विद्यालयो, गौ विज्ञान परीक्षा, सीएम हेल्पलाइन, वीएसके अप में शून्य अटेंडेंस,जाति प्रमाण पत्र शिविर और स्मार्ट क्लास के समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश प्राचार्य को दिए। विभागीय कार्यों को समय पर पूर्ण करने की बात भी उन्होंने कही।
बैठक में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने गुणवत्ता सुधार हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की। प्राचार्य से चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु प्रयास बढ़ाने की बात कही। शिक्षक पालक बैठक, विद्यालय में कराए गए प्रायोगिक कार्यों और शत् प्रतिशत परीक्षा परिणाम के दृष्टिकोण से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की।
समीक्षा बैठक में यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, संजय दास, विनोबा के सोमनाथ साहू सहित सभी बीईओ, एबीईओ और बीआरसीसी सहित विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6651/ceo-abhishek-kumar-takes-a-strict-stance-on-improving-the-quality-of-education-in-jashpur-issues-directives-for-action-following-poor-examination-results-and-also-seeks-information-regarding-absent-staff-members-</guid><pubDate>16-Oct-2026 7:15:04 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की सड़क कनेक्टिविटी, 243.81 करोड़ के 18 कार्य स्वीकृत, दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन होगा आसान</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6650/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-road-connectivity-in-chhattisgarh-will-be-strengthened-18-projects-worth-243-81-crore-have-been-approved-which-will-facilitate-easier-travel-in-remote-and-forest-covered-regions-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में मजबूत और सुगम सड़क नेटवर्क के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के 18 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के लिए कुल 243 करोड़ 81 लाख 11 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें 12 पुल और 6 सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्य शामिल हैं। निविदाओं की स्वीकृति के बाद अब चयनित निर्माण एजेंसियों को शीघ्र कार्यादेश जारी कर इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाई देने के साथ प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति की मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़कें और पुल केवल आवागमन के साधन नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और सामाजिक बदलाव के मजबूत आधार हैं। लगभग 244 करोड़ रुपए के इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुलेंगे। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ ही लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच अधिक आसान होगी। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में मजबूत कनेक्टिविटी विकास की गति को और तेज करेगी।
बरसात की समाप्ति के बाद शुरू हुए वर्किंग सीजन का अधिकतम उपयोग करते हुए लोक निर्माण विभाग नए निर्माण कार्यों की निविदाओं को तेजी से स्वीकृति दे रहा है। पिछले महीने ही सड़कों और पुलों के 24 कार्यों के लिए 672 करोड़ रुपए से अधिक की निविदाओं को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद अब करीब 244 करोड़ रुपए के 18 नए कार्यों की निविदाओं को स्वीकृति मिलने से प्रदेश में सड़क और पुल अधोसंरचना के विस्तार को और गति मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इन 18 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी देने के बाद अब इन्हें शीघ्र शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को चयनित निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों को तत्परता से कार्यादेश जारी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
श्री साव ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नदी-नालों पर नए उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से स्थानीय लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच बारहमासी संपर्क मजबूत होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की सड़कें मजबूत हों, पुल सुरक्षित हों और नागरिकों का सफर सुगम एवं सुविधाजनक बने।
*निविदा समिति ने 243.81 करोड़ रुपए के कार्यों को दी मंजूरी*
लोक निर्माण विभाग की निविदा समिति की 12 अक्टूबर को आयोजित बैठक में इन 18 कार्यों की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की गई। विभाग ने सभी संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी को सबलेट नहीं किया जा सकेगा और कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित समयावधि में कार्य पूर्ण कराने तथा प्रशासकीय स्वीकृति एवं उपलब्ध आबंटन की सीमा में अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य संपादित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
*जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में सड़कों का होगा सुदृढ़ीकरण*
स्वीकृत सड़क कार्यों में जांजगीर-चांपा जिले के देवरी-तनौद-भुईगांव-शुक्लाभाठा-ससहा मार्ग के 17.40 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण शामिल है। इसके लिए 31 करोड़ 7 लाख 83 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। सूरजपुर जिले में रिंग रोड के 16.85 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 16 करोड़ 8 लाख 59 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी मिली है।
रायपुर जिले में समोदा-बनरसी-तुलसी मार्ग के 8.20 किलोमीटर हिस्से में पुल-पुलियों सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 40 लाख 32 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। बेमेतरा जिले में 9.20 किलोमीटर लंबे बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग के पुल-पुलियों सहित निर्माण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 97 हजार रुपए तथा मुख्य जिला मार्ग मदराली-कटई-बेलटुकरी में पुल-पुलियों सहित 10.80 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 11 करोड़ 38 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।
*रायपुर में फुण्डहर चौक पर बनेगा ओव्हरपास, रायपुरा में सर्विस रोड होगी चौड़ी*
राजधानी रायपुर में यातायात को अधिक सुगम बनाने के लिए भी दो महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई है। वीआईपी रोड के फुण्डहर चौक पर ओव्हरपास निर्माण के लिए 29 करोड़ 80 लाख 12 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। वहीं रिंग रोड नंबर-1 (एनएच-30) पर रायपुरा चौक फ्लाईओवर के दोनों ओर 3.66 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के चौड़ीकरण के लिए 14 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। इन कार्यों से राजधानी के महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
*इन्द्रावती नदी पर 36.06 करोड़ रुपए से बनेगा उच्च स्तरीय पुल*
बस्तर अंचल में संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कई महत्वपूर्ण पुलों की निविदाओं को स्वीकृति मिली है। बीजापुर जिले में कुटरू से गुटमांगी मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 36 करोड़ 5 लाख 75 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।
बस्तर जिले में चंदेला-धर्माबेड़ा से अमलीधारा मार्ग पर भंवरडीह नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 12 करोड़ 74 लाख 95 हजार रुपए तथा बारसूर-लोहंडीगुड़ा-जगदलपुर मार्ग पर मांढेर नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 98 लाख 39 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृत छिन्दनार-कौरगांव मार्ग पर हान्दावाड़ा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 73 लाख एक हजार रुपए की निविदा को भी मंजूरी दी गई है। इन पुलों के निर्माण से वनांचल के अनेक गांवों की बारहमासी कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों का आवागमन अधिक सुगम होगा।
*राजनांदगांव, कोंडागांव, केसीजी और कांकेर में भी बनेंगे नए पुल*
राजनांदगांव जिले में महाराजपुर से बरटोला मार्ग पर सूखा नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। कोंडागांव जिले में माकड़ी-हीरापुर मार्ग पर कलीबेड़ा नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 35 लाख 45 हजार रुपए तथा परेदा-कोंगुड मार्ग पर परौदा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 8 करोड़ 84 लाख 65 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़-अकरजन मार्ग पर मोती नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 77 लाख 12 हजार रुपए की निविदा मंजूर हुई है। कांकेर जिले में राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग पर निब्रा (मेढकी) नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 96 लाख 55 हजार रुपए तथा भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग पर पासंगी नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 50 लाख 30 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है।
सरगुजा जिले में दाहीडांड से सोनवरसा मार्ग पर मछली नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 93 लाख 17 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी अधोसंरचनाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में भी मजबूत कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। नई सड़कें और पुल बनने से लोगों का सफर आसान होने के साथ कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने, बच्चों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने, मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर भी बढ़ेंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6650/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-road-connectivity-in-chhattisgarh-will-be-strengthened-18-projects-worth-243-81-crore-have-been-approved-which-will-facilitate-easier-travel-in-remote-and-forest-covered-regions-</guid><pubDate>16-Oct-2026 6:17:02 pm</pubDate></item><item><title>धान खरीदी की तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों को टोकन से लेकर धान बेचने तक मिलेगी सुगम सुविधा, खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6649/negligence-in-preparations-for-paddy-procurement-will-not-be-tolerated-farmers-will-be-provided-with-seamless-service-from-obtaining-tokens-to-the-actual-sale-of-their-paddy-the-food-minister-stated-issuing-strict-instructions-to-officials-</link><description>रायपुर 16 अक्टूबर 2026/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा है कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर खरीदी केंद्र में धान विक्रय तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली, पेयजल सहित किसानों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खाद्य मंत्री श्री बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों, कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण एवं परिवहन सहित विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण कर कमियों को दूर किया जाए।
*धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान*
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि खरीदी केंद्र तक पहुंचने वाले किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा अथवा असुविधा का सामना न करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखी जाए और किसानों को प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी से जुड़े अधिकारी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने खरीदी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें।
खाद्य मंत्री ने कस्टम मिलिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों अथवा केंद्रों में धान के उठाव या कस्टम मिलिंग से संबंधित समस्या सामने आ रही है, वहां वास्तविक स्थिति का आकलन कर समयबद्ध समाधान किया जाए। धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए, जिससे पूरी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
*प्रदेश के 2.74 करोड़ लोगों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा*
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 83.33 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 274.04 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत है।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की समयबद्ध आपूर्ति और हितग्राहियों को उनकी पात्रता के अनुरूप निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर खाद्यान्न की उपलब्धता अथवा वितरण में व्यवधान नहीं आना चाहिए।
उन्होंने सभी उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खाद्य मंत्री ने पीडीएस के लिए चावल का परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टरों द्वारा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न तौलकर सौंपने की व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए, ताकि उचित मूल्य दुकानों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिले और पात्र हितग्राहियों तक पूरा राशन पहुंचे।
*एनएफएसए के तहत 57.16 लाख राशन कार्ड*
विभागीय आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत प्रदेश में 57.16 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनसे 198.16 लाख सदस्य जुड़े हुए हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 26.17 लाख राशन कार्डों में 75.87 लाख सदस्य पंजीकृत हैं।
प्रदेश में श्रेणीवार 15.80 लाख अंत्योदय राशन कार्ड, 58.65 लाख प्राथमिकता राशन कार्ड, 8.43 लाख सामान्य राशन कार्ड, 0.28 लाख निराश्रित राशन कार्ड तथा 0.17 लाख निःशक्तजन राशन कार्ड प्रचलित हैं। सभी श्रेणियों को मिलाकर राज्य में कुल 83.33 लाख राशन कार्डों के माध्यम से 2.74 करोड़ से अधिक लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जोड़ा गया है।
खाद्य मंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों से कहा कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पूरी पारदर्शिता और सुगमता से पहुंचना चाहिए। धान खरीदी से लेकर राशन वितरण तक विभाग की व्यवस्थाओं में किसानों और आम नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर कार्य किया जाए। उन्होंने मैदानी स्तर पर सतत निगरानी और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया।
बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक श्रीमती फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस के संचालक श्री आशीष टिकरीहा, संचालक माप-तौल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6649/negligence-in-preparations-for-paddy-procurement-will-not-be-tolerated-farmers-will-be-provided-with-seamless-service-from-obtaining-tokens-to-the-actual-sale-of-their-paddy-the-food-minister-stated-issuing-strict-instructions-to-officials-</guid><pubDate>16-Oct-2026 6:13:12 pm</pubDate></item><item><title>किसानों की शिकायत पर कृषि मंत्री नेताम ने लिया तत्काल संज्ञान, अधिकारियों को तीन दिन में लंबित फसल बीमा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6648/following-complaints-from-farmers-agriculture-minister-netam-took-immediate-cognizance-and-directed-officials-to-ensure-the-disbursement-of-pending-crop-insurance-payments-within-three-days-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026 / कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के सख्त निर्देश पर रबी सीजन 2025 के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के लंबित प्रधानमंत्री फसल बीमा क्लेम का भुगतान आगामी तीन कार्य दिवस के भीतर किया जाएगा। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्री नेताम ने 16 अक्टूबर 2026 को विभागीय अधिकारियों और बीमा अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की तथा पात्र किसानों के बैंक खातों में बीमा राशि का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निर्णय से प्रदेश के 8 हजार 444 किसानों को लगभग 3.8 करोड़ रुपये की बीमा राशि का लाभ मिलेगा।
*किसानों के लंबित स्वीकृत क्लेम का भुगतान आगामी तीन दिवस के भीतर सुनिश्चित करें*
   उल्लेखनीय है कि 15 अक्टूबर 2026 को राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिद्दों के भ्रमण के दौरान किसानों ने मंत्री श्री नेताम से चर्चा करते हुए उद्यानिकी फसलों के बीमा क्लेम का भुगतान नहीं होने की शिकायत की थी। किसानों ने अपनी समस्या से मंत्री को अवगत कराते हुए लंबित बीमा राशि का भुगतान कराने का आग्रह किया। इस पर मंत्री श्री नेताम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पहल की और अगले ही दिन संबंधित विभागीय एवं बीमा अधिकारियों की बैठक लेकर भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के लंबित स्वीकृत क्लेम का भुगतान आगामी तीन कार्य दिवस के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक राहत मिल सके।
*किसानों को लगभग 3.8 करोड़ रुपये की बीमा राशि का किया जाना है भुगतान*
   गौरतलब है कि पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के किसानों ने टमाटर, बैंगन, गोभी, प्याज और आलू सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों का बीमा कराया है। विभागीय एवं बीमा अधिकारियों के अनुसार, रबी सीजन 2025 के लिए कुल 10 हजार 514 किसानों ने 15 हजार 298 आवेदन प्रस्तुत किए थे। परीक्षण के उपरांत इनमें से 8 हजार 444 किसानों के 14 हजार 344 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इन स्वीकृत प्रकरणों के अंतर्गत किसानों को लगभग 3.8 करोड़ रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया जाना है।
*लंबित बीमा क्लेम के निराकरण त्वरित गति से करें*
   मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर पात्र किसानों के खातों में राशि अंतरित की जाए। किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। किसानों द्वारा अपनी समस्या सामने रखे जाने पर मंत्री द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध भुगतान के निर्देश दिए जाने से लंबित बीमा क्लेम के निराकरण की प्रक्रिया को गति मिलेगी और संबंधित किसानों को आर्थिक राहत प्राप्त होगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6648/following-complaints-from-farmers-agriculture-minister-netam-took-immediate-cognizance-and-directed-officials-to-ensure-the-disbursement-of-pending-crop-insurance-payments-within-three-days-</guid><pubDate>16-Oct-2026 6:07:36 pm</pubDate></item><item><title>प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, गरीबों की राशि में गड़बड़ी पर होगी कठोर कार्रवाई : विजय शर्मा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6647/irregularities-in-the-pradhan-mantri-janman-awas-yojana-will-not-be-tolerated-strict-action-will-be-taken-against-any-misappropriation-of-funds-meant-for-the-poor-vijay-sharma</link><description>रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही और हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी को लेकर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या हितग्राहियों के हक की राशि का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवास निर्माण में कोताही बरतने और गरीबों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
   उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास मिले। विशेष रूप से दूरस्थ वनांचलों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गरीबों के आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर केवल हितग्राहियों का अधिकार है। इस राशि का दुरुपयोग करने अथवा आवास निर्माण के नाम पर हितग्राहियों को परेशान करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
*कबीरधाम में बड़ी कार्रवाई, दो ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज*   कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर राशि लेकर निर्माण कार्य नहीं करने की शिकायतों पर दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों मामलों में कुल 9 हितग्राहियों से 5 लाख 9 हजार रुपए लेने की शिकायत सामने आई है। शिकायतों के आधार पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध थाना चिल्फी एवं थाना तरेगांव जंगल में अपराध दर्ज किया गया है।   ग्राम पंचायत राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर कुल 3 लाख 20 हजार रुपए लेने और निर्माण कार्य नहीं करने के मामले में ठेकेदार कुमार मेरावी के विरुद्ध 14 अक्टूबर को थाना चिल्फी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
   ग्राम राजाढ़ार निवासी श्री देवसिंह से 60 हजार रुपए, श्रीमती मंधोर बाई से 60 हजार रुपए, श्रीमती पुसीया बाई से 60 हजार रुपए, श्रीमती कौशिल्या बाई से 80 हजार रुपए तथा श्रीमती ननकी बाई से 60 हजार रुपए आवास निर्माण के नाम पर लिए गए थे। शिकायत के अनुसार लगभग डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी न तो आवास निर्माण किया गया और न ही हितग्राहियों की राशि वापस की गई। इसके बाद हितग्राहियों की लिखित शिकायत पर ठेकेदार के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया।
*ग्राम पंचायत आमानारा में भी कार्रवाई*   इसी प्रकार विकासखंड बोड़ला की ग्राम पंचायत आमानारा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के चार हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर राशि लेने की शिकायत पर ठेकेदार तुमेश गोड़ के विरुद्ध 13 अक्टूबर को थाना तरेगांव जंगल में एफआईआर दर्ज की गई है।
   प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपए, श्रीमती सुकोर बाई से 60 हजार रुपए, श्रीमती सोनिया बाई से 45 हजार रुपये तथा श्रीमती रनो बाई से 20 हजार रुपये सहित कुल 1 लाख 89 हजार रुपए लेने की शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
*गरीबों के आवास निर्माण में लापरवाही करने वालों को नहीं मिलेगी कोई रियायत  श्री विजय शर्मा*   उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व लाने का माध्यम है। विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत आवास निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को बहला-फुसलाकर उनकी आवास राशि का दुरुपयोग करता है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है।
   उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करना और हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसमें किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6647/irregularities-in-the-pradhan-mantri-janman-awas-yojana-will-not-be-tolerated-strict-action-will-be-taken-against-any-misappropriation-of-funds-meant-for-the-poor-vijay-sharma</guid><pubDate>16-Oct-2026 6:05:51 pm</pubDate></item><item><title>विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में साय सरकार का बड़ा कदम, नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन, साढ़े तीन हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार देने का लक्ष्य</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6646/a-major-step-by-the-sai-government-towards-building-a-developed-chhattisgarh-groundbreaking-ceremony-held-for-a-new-industrial-unit-of-yash-fans-and-appliances-in-naya-raipur-with-a-target-to-provide-direct-employment-to-over-3-500-youths-</link><description>
रायपुर 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के युवाओं तक रोजगार और आर्थिक अवसरों के रूप में पहुंचे, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से नई औद्योगिक विकास नीति में ऐसे श्रम आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश के साथ बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करने की क्षमता है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और प्रदेश की समृद्धि का माध्यम बनाना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई इकाई छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ में ऐसे उद्योग अधिक से अधिक स्थापित हों, जो प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं। जब युवाओं को अपने ही प्रदेश में कौशल और क्षमता के अनुरूप रोजगार मिलेगा तो उनके परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में नियुक्ति पत्र देना किसी भी औद्योगिक निवेश की सबसे सार्थक उपलब्धि है। एक रोजगार केवल एक व्यक्ति को आत्मनिर्भर नहीं बनाता, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की पहल के लिए यश ग्रुप की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार पर एक साथ काम किया जा रहा है। प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति 20242030 में रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। नीति तैयार करते समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करे। टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और अन्य श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही उद्योग लगाने और संचालित करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और जटिलताओं से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार सुधार किए गए हैं। जन विश्वास से जुड़े सुधारों के अंतर्गत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की विशेष पहल की गई है। विभिन्न अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतरें और उत्पादन तथा रोजगार सृजन शीघ्र प्रारंभ हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति को देश-विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। प्रदेश को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब सरकार का विशेष जोर इन निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने पर है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना से लेकर संचालन तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि औद्योगिकीकरण का विस्तार केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग अंचलों तक पहुंचे। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के विकास से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यश ग्रुप की यह नई इकाई नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि परियोजना समयबद्ध रूप से पूर्ण हो और शीघ्र उत्पादन प्रारंभ करे, इसके लिए संबंधित विभाग आवश्यक समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करेंगे।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति की सोच में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब निवेश का मूल्यांकन केवल निवेश की राशि से नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों के आधार पर भी किया जा रहा है। प्रदेश में लंबे समय तक अधिक पूंजी निवेश और अपेक्षाकृत कम रोजगार देने वाले उद्योगों की प्रधानता रही है। इस स्थिति को बदलते हुए नई औद्योगिक नीति में श्रम आधारित और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की प्रस्तावित इकाई इसी सोच का उदाहरण है। लगभग 150 करोड़ रुपए के निवेश से साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होना प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा को दर्शाता है। हमारा प्रयास है कि औद्योगिक निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं तक पहुंचे।
श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर वित्त एवं उद्योग विभाग ने समन्वित रूप से औद्योगिक विकास नीति 20242030 तैयार की है। इसमें रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने के साथ केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं से भी समन्वय किया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग 200 करोड़ रुपए से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपए से अधिक किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पहला बजट ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण को समर्पित था, जबकि दूसरे बजट में गति के माध्यम से सुशासन, अधोसंरचना, तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया। आर्थिक विकास से प्राप्त संसाधनों का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को और सशक्त बनाने में किया जाएगा। औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के माध्यम से जनकल्याण को स्थायी आधार देना सरकार का लक्ष्य है।
*प्रदेश में तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित, 50 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार : उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन*
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और सरकार की निवेश हितैषी नीतियों के कारण निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर काम किया जा रहा है।
उन्होंने यश ग्रुप की नई औद्योगिक इकाई को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कंपनी प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि इकाई जल्द उत्पादन प्रारंभ करे और प्रदेश के युवाओं को रोजगार का लाभ मिल सके।
यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ श्री ए.एन. रविचंद्रन ने प्रस्तावित औद्योगिक इकाई की गतिविधियों, उत्पादन योजनाओं और रोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण और राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन श्री रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि, कंपनी प्रबंधन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6646/a-major-step-by-the-sai-government-towards-building-a-developed-chhattisgarh-groundbreaking-ceremony-held-for-a-new-industrial-unit-of-yash-fans-and-appliances-in-naya-raipur-with-a-target-to-provide-direct-employment-to-over-3-500-youths-</guid><pubDate>16-Oct-2026 6:02:23 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर दौरा, मुरिया दरबार में होंगी शामिल; पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच की मेजबानी करेगा प्रदेश : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6645/president-droupadi-murmu-s-visit-to-bastar-will-be-historic-for-chhattisgarh-she-will-participate-in-the-muria-darbar-the-state-will-also-host-an-international-women-s-cricket-match-for-the-first-time-chief-minister-vishnu-deo-sai</link><description>रायपुर 16 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास के संबंध में हमने राष्ट्रपति महोदया को बस्तर आने का आमंत्रण दिया था। पूर्व में बस्तर के मांझी-चालकी प्रतिनिधियों से भेंट के दौरान भी उनसे बस्तर आने का आग्रह किया गया था, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया था। उनका 22 एवं 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। 23 अक्टूबर को वे जगदलपुर जाएंगी और वहां मुरिया दरबार में शामिल होंगी। राष्ट्रपति महोदया का बस्तर आगमन हम सभी के लिए प्रसन्नता और गौरव का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सली हिंसा से प्रभावित एवं अन्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दंतेवाड़ा में आयोजित शिविर को संबोधित किया है। सरकार का प्रयास है कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता मिले और वे सम्मान एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच के संबंध में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए प्रसन्नता का विषय है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले इस मैच में महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। इससे प्रदेश की माताओं-बहनों और बेटियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6645/president-droupadi-murmu-s-visit-to-bastar-will-be-historic-for-chhattisgarh-she-will-participate-in-the-muria-darbar-the-state-will-also-host-an-international-women-s-cricket-match-for-the-first-time-chief-minister-vishnu-deo-sai</guid><pubDate>16-Oct-2026 3:42:14 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान, आईआईएम रायपुर में पंजीयन विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6644/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-and-the-guidance-of-minister-o-p-choudhary-administrative-innovations-in-chhattisgarh-are-set-to-gain-national-and-international-recognition-a-two-day-workshop-for-the-registration-department-has-concluded-at-iim-raipur-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में किए जा रहे नवाचारों को अब राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक पहचान दिलाने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय 'वर्कशॉप ऑन केस राइटिंग एंड कोलैबोरेटिव पब्लिकेशन' 15 अक्टूबर को संपन्न हुई। 14 एवं 15 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यशाला में विभागीय सुधारों, महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों, उनके क्रियान्वयन में आई चुनौतियों तथा अधिकारियों द्वारा विकसित व्यावहारिक समाधानों को केस स्टडी के रूप में तैयार कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार एवं जनहितकारी पहल की गई हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक श्री पुष्पेंद्र मीणा के नेतृत्व में विभाग द्वारा पंजीयन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन सुधारों के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों को अब व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकृत कर शोध, अध्ययन और प्रशासनिक प्रशिक्षण का हिस्सा बनाने की पहल की गई है।
*छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक नवाचारों से सीख सकेंगे देश-दुनिया के नीति-निर्माता*
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य पंजीयन विभाग में हुए सुधारों को केवल प्रशासनिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर उन्हें अध्ययन और शोध के उपयोगी उदाहरणों के रूप में विकसित करना है। विभागीय सुधारों को लागू करते समय अधिकारियों के सामने अनेक व्यावहारिक चुनौतियां आईं, जिनका समाधान स्थानीय परिस्थितियों, प्रशासनिक अनुभवों और नवाचारों के माध्यम से किया गया। इन अनुभवों को केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत करने से देश-दुनिया के शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, प्रशासकों और नीति-निर्माताओं को छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से सीखने का अवसर मिलेगा।
यह पहल प्रशासनिक सुधारों के अनुभवों को संस्थागत ज्ञान में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सफल कार्यप्रणालियों, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान को अन्य विभागों एवं संस्थानों के साथ साझा करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
*दो दिनों तक केस स्टडी लेखन, शोध और प्रकाशन की बारीकियों पर प्रशिक्षण*
कार्यशाला के प्रथम दिन विशेषज्ञों ने केस स्टडी लेखन की आवश्यकता, उसकी संरचना, उपयुक्त विषयों के चयन, समस्याओं की पहचान तथा प्रशासनिक अनुभवों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि विभागीय कामकाज के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, उनके पीछे की परिस्थितियां, क्रियान्वयन में आई कठिनाइयां और उनके समाधान किस प्रकार एक उपयोगी एवं प्रभावशाली केस स्टडी का आधार बन सकते हैं।
दूसरे दिन केस स्टडी तैयार करने की व्यावहारिक प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। इसमें आवश्यक सूचनाओं का संकलन, तथ्यों का सत्यापन, संबंधित व्यक्तियों के साक्षात्कार, केस की रूपरेखा तैयार करने और विश्लेषणात्मक लेखन की विधियों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही टीचिंग नोट तैयार करने, उपयुक्त अकादमिक जर्नल एवं प्रकाशन मंच के चयन, समीक्षा तथा प्रकाशन की प्रक्रिया के संबंध में भी विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
*आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव*
कार्यशाला में पंजीयन विभाग के डीआईजी श्री मदन लाल कोर्पे एवं डीआईजी श्रीमती उषा साहू सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पाराशर, कार्यक्रम निदेशक प्रो. प्रणित कुमार रॉय, प्रो. सत्यसिबा दास, प्रो. मनोजीत चट्टोपाध्याय, प्रो. अर्चना पाराशर तथा प्रो. आर.के. जना सहित अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
विशेषज्ञों ने प्रशासनिक अनुभवों को शोधपरक एवं तथ्यात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अच्छी केस स्टडी न केवल किसी समस्या और उसके समाधान को सामने लाती है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया, उपलब्ध विकल्पों और उनसे प्राप्त सीख को भी स्पष्ट करती है।
*प्रशासनिक सुधारों के दस्तावेजीकरण से सुशासन को मिलेगी मजबूती*
पंजीयन विभाग की यह पहल छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रशासनिक नवाचारों को व्यवस्थित रूप से संकलित करने और उन्हें व्यापक अध्ययन का विषय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभागीय अनुभवों पर आधारित केस स्टडी तैयार होने से भविष्य में अधिकारियों के प्रशिक्षण, नीति निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
कार्यशाला के समापन अवसर पर पंजीयन विभाग के डीआईजी श्री मदन लाल कोर्पे, आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पाराशर तथा कार्यक्रम निदेशक प्रो. प्रणित कुमार रॉय ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। यह आयोजन पंजीयन विभाग और प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान के बीच ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6644/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-and-the-guidance-of-minister-o-p-choudhary-administrative-innovations-in-chhattisgarh-are-set-to-gain-national-and-international-recognition-a-two-day-workshop-for-the-registration-department-has-concluded-at-iim-raipur-</guid><pubDate>16-Oct-2026 3:37:03 pm</pubDate></item><item><title>क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत को दें प्राथमिकता, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के दिए निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6643/prioritize-the-repair-of-damaged-roads-bridges-and-culverts-the-secretary-of-the-public-works-department-has-directed-officials-to-ensure-high-quality-construction-is-completed-within-the-stipulated-timeframe-</link><description>रायपुर. 16 अक्टूबर 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने कोरबा जिले में निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कोरबा में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने और उनकी कड़ी व नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोरबा के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे।
श्री बंसल ने अधिकारियों को सड़कों के बीटी पैच मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की मरम्मत प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो तथा उन्हें सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। श्री बंसल ने निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा, जिससे कि निर्माण कार्यों की प्रगति प्रभावित न हो। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्यों को पूर्ण कराकर लोगों को विकास कार्यों का लाभ जल्द दिलाएं।
*इन कार्यों का किया निरीक्षण*
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कोरबा जिले में कटघोराहरदीबाजारबलौदाअकलतरा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा हरदीबाजारतरदासर्वमंगलाइमलीछापर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक मार्ग तक निर्माणाधीन सीमेंट-कांक्रीट सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने 2.84 किलोमीटर लंबे इस सड़क के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को इसे शीघ्र पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, अधीक्षण अभियंता (वि/यां) श्री सुरेश भूपल और कोरबा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जी.आर. जांगड़े सहित विभागीय अनुविभागीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6643/prioritize-the-repair-of-damaged-roads-bridges-and-culverts-the-secretary-of-the-public-works-department-has-directed-officials-to-ensure-high-quality-construction-is-completed-within-the-stipulated-timeframe-</guid><pubDate>16-Oct-2026 3:33:01 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं ने पेश की जीवन रक्षा की मिसाल, 900 ग्राम के नवजात को दो माह के अथक उपचार से मिला नया जीवन</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6642/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-chhattisgarh-s-healthcare-services-have-set-an-example-of-life-saving-care-a-900-gram-newborn-has-been-given-a-new-lease-on-life-following-two-months-of-tireless-treatment-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों के बीच गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय से एक सुखद और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे महज 900 ग्राम वजन के एक नवजात शिशु को चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने लगभग दो माह तक लगातार उपचार एवं विशेष देखभाल प्रदान कर नया जीवन दिया है। अत्यंत कम वजन, समय से पूर्व जन्म, सांस लेने में परेशानी और गंभीर एनीमिया जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे इस नवजात की सफल चिकित्सा ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की उपयोगिता और चिकित्सकीय टीम के समर्पण को रेखांकित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय में गंभीर अवस्था में भर्ती नवजात का सफल उपचार इसका एक उल्लेखनीय उदाहरण है।
*महज 900 ग्राम वजन के साथ जिंदगी की जंग लड़ रहा था नवजात*
गौरेला विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम चुकतीपानी निवासी श्रीमती गोमती के नवजात शिशु का जन्म समय से पूर्व हुआ था। जन्म के बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उसका वजन मात्र 900 ग्राम था। इसके साथ ही उसे श्वसन संबंधी परेशानी और गंभीर एनीमिया की समस्या भी थी। इतनी कम उम्र और अत्यंत कम वजन के कारण शिशु को विशेष चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार की आवश्यकता थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिशु को जिला चिकित्सालय की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू किया। नवजात के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की गई और उसकी चिकित्सकीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपचार एवं पोषण संबंधी देखभाल सुनिश्चित की गई।
*दो सप्ताह ऑक्सीजन सपोर्ट, दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया*
उपचार के दौरान नवजात को सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण लगभग दो सप्ताह तक ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया गया। गंभीर एनीमिया की स्थिति में दो यूनिट रक्त ट्रांसफ्यूजन भी किया गया। इसके अतिरिक्त शिशु के शारीरिक तापमान को संतुलित रखने, पोषण सुनिश्चित करने और वजन बढ़ाने के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी), नियमित फीडिंग तथा अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी एवं लगभग दो माह के उपचार से शिशु के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उपचार के सकारात्मक परिणाम सामने आए और शिशु का वजन 900 ग्राम से बढ़कर 1.35 किलोग्राम हो गया। स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार होने पर 8 अक्टूबर 2026 को शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
*दूरस्थ वनांचल के परिवार के लिए जिला अस्पताल बना जीवनरक्षक सहारा*
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे वनांचल बहुल जिले में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशु का जिला स्तर पर सफल उपचार होना विशेष महत्व रखता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।
जिला चिकित्सालय में उपलब्ध विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों की निरंतर निगरानी, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं और आवश्यक उपचार सुविधाओं के माध्यम से नवजात के स्वास्थ्य में सुधार संभव हो सका। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिला स्तर पर नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल सुविधाएं गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे परिवारों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर*
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और शासकीय अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा जरूरतमंद नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेष रूप से नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए जिला चिकित्सालयों में संचालित एसएनसीयू जैसी इकाइयां समय से पूर्व जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय में नवजात शिशु का सफल उपचार शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं का एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह घटना स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्व को भी रेखांकित करती है।
इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में गंभीर मरीजों एवं नवजात शिशुओं के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता, मरीजों की सतत निगरानी तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
*चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण से मिली सफलता*
नवजात शिशु के सफल उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र सिंह पैकरा के निर्देशन में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण त्रिपाठी, डॉ. अनिश ताम्रकार, डॉ. श्याम सहित एसएनसीयू के समस्त नर्सिंग स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लगभग दो माह तक शिशु के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी, आवश्यक उपचार, पोषण प्रबंधन और विशेष देखभाल सुनिश्चित की गई। चिकित्सकीय टीम के सामूहिक प्रयासों और समर्पित सेवाओं से गंभीर अवस्था में भर्ती नवजात के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार संभव हुआ।
*नवजात की मुस्कान बनी शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की सार्थकता का प्रतीक*
मात्र 900 ग्राम वजन के साथ गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे नवजात का स्वस्थ होकर घर लौटना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत है। यह सफलता न केवल चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण को दर्शाती है, बल्कि शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध नवजात देखभाल सुविधाओं के महत्व को भी सामने लाती है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रेरक उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में जारी प्रयासों के बीच इस नवजात को मिला नया जीवन शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था की सार्थकता और मानवीय संवेदनशीलता की एक उल्लेखनीय कहानी बनकर सामने आया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6642/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-chhattisgarh-s-healthcare-services-have-set-an-example-of-life-saving-care-a-900-gram-newborn-has-been-given-a-new-lease-on-life-following-two-months-of-tireless-treatment-</guid><pubDate>16-Oct-2026 3:30:06 pm</pubDate></item><item><title>हिन्दू धर्म, ब्राह्मण समाज और देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने जताई आपत्ति, कुनकुरी पुलिस से सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6641/the-vishva-hindu-parishad-vhp-has-raised-objections-regarding-allegedly-offensive-remarks-made-about-hinduism-the-brahmin-community-and-hindu-deities-the-organization-has-demanded-that-the-kunkuri-police-investigate-the-social-media-post-and-take-action-against-the-person-responsible-</link><description>
कुनकुरी, 16 अक्टूबर।सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और ब्राह्मण समाज के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जिला जशपुर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। विहिप जिलाध्यक्ष करनैल सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने कुनकुरी थाना प्रभारी को लिखित ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
विहिप की ओर से थाने में सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, हेमंत बेदी नामक व्यक्ति पर फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मण शास्त्र, ब्राह्मण समाज तथा हिंदू धर्म के पूज्य देवी-देवताओं एवं ऋषि-मुनियों के संबंध में कथित रूप से अशोभनीय और आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने का आरोप लगाया गया है। संगठन का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियों से हिंदू धर्मावलंबियों और ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। विहिप ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज में सकारात्मक संवाद और आपसी सद्भाव बढ़ाने के लिए होना चाहिए। किसी भी धर्म, धार्मिक आस्था, पूज्य देवी-देवताओं अथवा समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन को शिकायत की गंभीरता से जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द कायम रहे।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। विहिप ने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाले मामलों में प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए।
विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन हिंदू समाज के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। फिलहाल, मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6641/the-vishva-hindu-parishad-vhp-has-raised-objections-regarding-allegedly-offensive-remarks-made-about-hinduism-the-brahmin-community-and-hindu-deities-the-organization-has-demanded-that-the-kunkuri-police-investigate-the-social-media-post-and-take-action-against-the-person-responsible-</guid><pubDate>16-Oct-2026 2:34:12 pm</pubDate></item><item><title>शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर तीन आश्रमों में दिखेगा मां भगवती की भक्ति का अद्भुत नजारा, सोगड़ा, नारायणपुर और गम्हरिया में निकलेगा भव्य डोला, दर्शन के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6640/on-the-seventh-day-of-sharadiya-navratri-a-remarkable-display-of-devotion-to-goddess-bhagwati-will-be-witnessed-across-three-ashrams-grand-processions-dolas-will-be-taken-out-in-sogda-narayanpur-and-gamharia-drawing-large-crowds-of-devotees-</link><description>
नारायणपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सप्तमी तिथि शनिवार, 17 अक्टूबर को सोगड़ा आश्रम एवं जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में मां भगवती का भव्य डोला निकाला जाएगा। मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विशेष श्रृंगार के पश्चात मां भगवती को सुसज्जित डोले में विराजमान कर पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। मां भगवती के डोले के दर्शन करने और उनकी आरती उतारकर स्वागत करने के लिए भक्त पूरे श्रद्धाभाव से इंतजार करते हैं।
सोगड़ा स्थित जनसेवा अभेद आश्रम में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी नवरात्र की सप्तमी पर विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। ब्रह्मनिष्ठालय, सोगड़ा आश्रम में मां कालरात्रि का विधिवत पूजन संपन्न होगा। इसके बाद मां भगवती को विशेष रूप से सजाए गए डोले में विराजमान किया जाएगा। शाम 6:30 बजे के बाद पारंपरिक वाद्ययंत्रों, भजन-कीर्तन और मां के जयकारों के साथ डोला निकलेगा। भगवती मंदिर से प्रारंभ होकर डोला आश्रम परिसर की परिक्रमा करते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती की आरती की जाएगी।
वहीं, नारायणपुर के जनसेवा अभेद आश्रम में भी सप्तमी के दिन मां भगवती का डोला पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला जाएगा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजन-कीर्तन और मां के जयकारों के बीच डोला आश्रम परिसर से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, नारायणपुर की नगर बस्ती और अटल चौक होते हुए पुनः आश्रम परिसर पहुंचेगा। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती की आरती की जाएगी। डोला उत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा और श्रद्धालु मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
नारायणपुर में जब मां का डोला नगर भ्रमण करते हुए लोगों के घरों के सामने पहुंचते ही मां भगवती की आरती उतारी जाती है और श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत किया जाता है। मां के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु अपने घरों के सामने एकत्रित होते हैं। भक्तों के लिए अपने घर और नगर बस्ती से मां भगवती का डोला गुजरना सौभाग्य का अवसर माना जाता है। इस दौरान मां के जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय हो उठता है।
शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इस दिन मां भगवती का विशेष श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजन किया जाता है। सोगड़ा आश्रम सहित जिले के ओघड़ आश्रमों में सप्तमी के अवसर पर होने वाले पूजन और डोला उत्सव को श्रद्धालु विशेष धार्मिक महत्व देते हैं। बड़ी संख्या में भक्त इस आयोजन में शामिल होकर मां भगवती के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा परिवार की मंगलकामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
सप्तमी के पावन अवसर पर सोगड़ा आश्रम और नारायणपुर में मां भगवती का डोला श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ निकलेगा। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच मां का नगर भ्रमण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। घर-घर आरती और भक्तों के स्वागत के साथ यह आयोजन नारायणपुर की धार्मिक आस्था और वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत करेगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6640/on-the-seventh-day-of-sharadiya-navratri-a-remarkable-display-of-devotion-to-goddess-bhagwati-will-be-witnessed-across-three-ashrams-grand-processions-dolas-will-be-taken-out-in-sogda-narayanpur-and-gamharia-drawing-large-crowds-of-devotees-</guid><pubDate>16-Oct-2026 2:20:41 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महतारी वंदन योजना से सशक्त बन रहीं महिलाएं, किसी पर निर्भर हुए बिना खुद उठा रहीं अपने खर्च और परिवार की जिम्मेदारियों में निभा रहीं अहम भूमिका</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6639/women-are-becoming-empowered-through-chief-minister-vishnu-deo-sai-s-mahtari-vandan-yojana-they-are-now-covering-their-own-expenses-without-depending-on-others-and-are-playing-a-significant-role-in-shouldering-family-responsibilities-</link><description>
जशपुर 16 अक्टूबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
अब वे अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग कर रही हैं।
कुनकुरी की महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। महिलाओं ने बताया कि प्रत्येक माह 10 से 12 तारीख के बीच उनके खाते में एक हजार रुपये की राशि जमा हो जाती है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत खर्चों में काफी सहूलियत मिलती है।
ज्योति पांडेय ने बताया कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से वे अपने दैनिक खर्च स्वयं पूरा कर लेती हैं।
रेहाना खातून ने बताया कि पहले वे मजदूरी करती थीं। महतारी वंदन योजना से मिली सहायता से उन्होंने अपना छोटा-सा घरेलू व्यवसाय शुरू किया। आज वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
कविता ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए बड़ी सहायता है। इससे वे अपनी आवश्यकताओं का खर्च आसानी से उठा लेती हैं और आर्थिक रूप से अधिक आत्मविश्वासी महसूस करती हैं।
अंजू ने बताया कि अब उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
सभी महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6639/women-are-becoming-empowered-through-chief-minister-vishnu-deo-sai-s-mahtari-vandan-yojana-they-are-now-covering-their-own-expenses-without-depending-on-others-and-are-playing-a-significant-role-in-shouldering-family-responsibilities-</guid><pubDate>16-Oct-2026 1:34:01 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का हो रहा विस्तार, नारायणपुर के कपरी नाला में 2.97 करोड़ से बन रहा स्टॉप, 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा लाभ</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6638/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-irrigation-facilities-are-being-expanded-in-jashpur-a-check-dam-is-being-constructed-on-the-kapri-nala-in-narayanpur-at-a-cost-of-2-97-crore-which-will-benefit-150-hectares-of-agricultural-land-</link><description>
जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कुनकुरी तहसील के नारायणपुर स्थित कपरी नाला में 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से बन रहे प्रेमबंद (नगर बंद) स्टॉप का निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। इसके पूरा होने से क्षेत्र की करीब 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
*150 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा*
कपरी नाला में स्टॉप निर्माण का उद्देश्य वर्षा जल का संचयन कर उसका बेहतर उपयोग करना तथा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है। इस परियोजना से लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने की संभावना है। विभागीय जानकारी के अनुसार, परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 प्रतिशत तक पहुंचने में मदद मिलेगी। किसानों को आगामी सत्र 2027-28 से इस सुविधा का लाभ मिलने की संभावना है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने से किसानों को खेती-किसानी में सहूलियत मिलेगी और कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
*जल संरक्षण के साथ भू-जल संवर्धन और निस्तारी को मिलेगा बढ़ावा*
कपरी नाला में स्टॉप निर्माण से वर्षा जल का संचयन होगा, जिससे भू-जल स्तर के संवर्धन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को निस्तारी और पेयजल की उपलब्धता में भी लाभ मिलने की उम्मीद है। जल संरक्षण की यह व्यवस्था क्षेत्र में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण जनजीवन को सुविधाजनक बनाने में सहायक होगी। स्टॉप निर्माण से आसपास के क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह परियोजना सिंचाई के साथ-साथ जल संरक्षण और स्थानीय जनसुविधाओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
*किसानों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार*
कपरी नाला में स्टॉप निर्माण कार्य से क्षेत्र के किसानों में उत्साह है। सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से उन्हें कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे खेती को बेहतर बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के अवसर मजबूत होंगे। क्षेत्र के किसानों ने इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6638/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-irrigation-facilities-are-being-expanded-in-jashpur-a-check-dam-is-being-constructed-on-the-kapri-nala-in-narayanpur-at-a-cost-of-2-97-crore-which-will-benefit-150-hectares-of-agricultural-land-</guid><pubDate>16-Oct-2026 1:27:03 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर विधायक रायमुनि भगत का हाल जानने अस्पताल पहुंचे पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, शीघ्र स्वस्थ होकर जनसेवा में लौटने की कामना की</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6637/tourism-minister-rajesh-agrawal-visited-the-hospital-to-check-on-jashpur-mla-raimuni-bhagat-he-wished-her-a-speedy-recovery-and-a-quick-return-to-public-service-</link><description>
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचकर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
मंत्री श्री अग्रवाल ने विधायक श्रीमती भगत से संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य के प्रति अपनी चिंता और संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्रीमती भगत जल्द से जल्द पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्र की जनता के बीच लौटें तथा पूर्व की भांति जनसेवा एवं क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्री अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच आत्मीयता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है। विधायक श्रीमती रायमुनि भगत जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने जशपुर क्षेत्र की जनता के प्रति उनके समर्पण और सक्रियता का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि माता रानी की असीम कृपा और आशीर्वाद से श्रीमती भगत को उत्तम स्वास्थ्य, नई ऊर्जा एवं दीर्घायु प्राप्त हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी। उन्होंने विधायक श्रीमती भगत के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6637/tourism-minister-rajesh-agrawal-visited-the-hospital-to-check-on-jashpur-mla-raimuni-bhagat-he-wished-her-a-speedy-recovery-and-a-quick-return-to-public-service-</guid><pubDate>16-Oct-2026 1:20:05 pm</pubDate></item><item><title>कर्मा पूजा महोत्सव के दौरान जनजातीय संस्कृति में रंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भगवान करम देव की पूजा-अर्चना कर मांदर की थाप पर किया कर्मा नृत्य, समाज की सुख-समृद्धि की कामना की</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6636/immersed-in-tribal-culture-during-the-karma-puja-festival-the-chief-minister-offered-prayers-to-lord-karam-dev-and-performed-the-karma-dance-to-the-beat-of-the-mandar-traditional-drum-while-wishing-for-the-well-being-and-prosperity-of-the-community-</link><description>
रायगढ़, 16 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का गौरवशाली इतिहास है। हमारी जनजातीय संस्कृति में प्रकृति केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि आराध्य है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की जो सीख आदिवासी समाज ने सदियों से अपने जीवन और परंपराओं के माध्यम से दी है, वह आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है। कर्मा पर्व इसी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना, सामूहिकता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम सारसमाल स्थित माध्यमिक शाला के खेल मैदान में उरांव समाज विकास समिति, छत्तीसगढ़-ओडिशा हिमगिर क्षेत्र द्वारा आयोजित कर्मा पूजा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भगवान करम देव तथा आराध्य देव भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की।
कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा उस समय और मनोहारी हो उठी, जब कर्मा दलों के आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं मांदर लेकर समाजजनों के बीच पहुंचे। मांदर की थाप और पारंपरिक लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री ने महिला-पुरुषों के साथ कर्मा नृत्य किया। मुख्यमंत्री की आत्मीय और सहज सहभागिता से समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाज के पदाधिकारियों ने गजमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
*जनजातीय महापुरुषों का संघर्ष हमारी अमूल्य विरासत*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कर्मा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने देश की संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर सहित अनेक जनजातीय महानायकों ने मातृभूमि, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनके त्याग, तपस्या और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के कल्याण और विकास को विशेष प्राथमिकता देते हुए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। इससे जनजातीय समाज के विकास के प्रयासों को संस्थागत आधार और नई गति मिली। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु विराजमान हैं। छत्तीसगढ़ में भी जनजातीय समाज के एक बेटे को मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। यह जनजातीय समाज के बढ़ते सम्मान और भागीदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय हमारी समृद्ध जनजातीय विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यहां जनजातीय समाज के इतिहास, जीवनशैली, परंपराओं, संस्कृति और वीर महापुरुषों के योगदान को जानने-समझने का अवसर मिलता है। हमारी सरकार जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए समाज को विकास के आधुनिक अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
*कर्मा पर्व हमारी जड़ों और प्रकृति से जुड़ाव का उत्सव*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज मूल रूप से प्रकृति का उपासक है। प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और पर्यावरण संरक्षण हमारी परंपराओं में रचा-बसा है। कर्मा पर्व नई फसल की खुशी, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन की भावना को अभिव्यक्त करता है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हैं।
उन्होंने समाजजनों से अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए शिक्षा और आधुनिक अवसरों को अपनाकर समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है। संस्कृति हमारी पहचान है और शिक्षा हमारे उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
*शिक्षा से खुलेगा प्रगति का मार्ग, युवा ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करें*
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। आज हमारे युवाओं के सामने अवसरों की कमी नहीं है। आवश्यकता है कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित करें, परिश्रम करें और उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रयास आवासीय विद्यालयों के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। नालंदा परिसर जैसी आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक संसाधन मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए भी प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है, जिससे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि समाज तभी तेजी से आगे बढ़ेगा, जब हमारी नई पीढ़ी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, तकनीक, उद्योग, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
*युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार खुल रहे नए अवसर*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। शासकीय विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं के साथ रोजगार मेलों और उद्योगों के माध्यम से युवाओं के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का उद्देश्य भी स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों, रोजगार मेलों और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी रखें तथा इनका अधिकतम लाभ उठाएं। शिक्षा और रोजगार के माध्यम से आगे बढ़ने वाला प्रत्येक युवा अपने परिवार के साथ पूरे समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है।
*जनजातीय अंचलों में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही विकास की योजनाएं*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय बहुल क्षेत्रों में विकास की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक आवास, सड़क, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ जनजातीय अंचलों में रहने वाला कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखा है। समाज के वीर महापुरुषों और उनके योगदान को व्यापक पहचान दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की प्रगति का आधार है और सांस्कृतिक एकता उसकी पहचान को सुदृढ़ करती है।
उरांव समाज विकास समिति के अध्यक्ष श्री पनत राम भगत ने स्वागत उद्बोधन में कर्मा पर्व की प्राचीन परंपरा, उरांव समाज की भाषा, संस्कृति, लोककला तथा प्रकृति से जुड़े गोत्रों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
*मांदर की थाप पर जीवंत हुई जनजातीय लोक संस्कृति*
कर्मा पूजा महोत्सव में आदिवासी समाज की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की मनोहारी झलक देखने को मिली। मांदर, मृदंग और ढोल की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों ने सामूहिक कर्मा नृत्य प्रस्तुत किया। लयबद्ध नृत्य के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम, सामूहिकता, उल्लास और आराध्य देवों के प्रति आस्था की सुंदर अभिव्यक्ति हुई।
कर्मा पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह नई फसल की खुशी, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक एकजुटता और लोक परंपराओं से गहरे जुड़ाव की भावना को अभिव्यक्त करता है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6636/immersed-in-tribal-culture-during-the-karma-puja-festival-the-chief-minister-offered-prayers-to-lord-karam-dev-and-performed-the-karma-dance-to-the-beat-of-the-mandar-traditional-drum-while-wishing-for-the-well-being-and-prosperity-of-the-community-</guid><pubDate>16-Oct-2026 8:21:19 am</pubDate></item><item><title>बिजली संकट से परेशान बघीयालोंगरी बरपारा के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विद्युत विभाग ने की त्वरित कार्रवाई, ट्रांसफार्मर बदलते ही बहाल हुई बिजली आपूर्ति</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6635/following-the-application-at-the-cm-camp-office-bagiya-the-electricity-department-took-prompt-action-on-the-instructions-of-chief-minister-vishnudev-sai-</link><description>
जशपुरनगर।जिले के तरेकेला क्षेत्र के बघीयालोंगरी बरपारा में खराब ट्रांसफार्मर के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति की समस्या का समाधान हो गया है। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर बदलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था।मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए, जिसके बाद विद्युत विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदल दिया। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद गांव में विद्युत आपूर्ति पुनः शुरू हो गई है। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से बनी बिजली की समस्या दूर हो गई है।
*समस्या के त्वरित समाधान से ग्रामीणों में खुशी*
बघीयालोंगरी बरपारा के ग्रामीणों ने बिजली की समस्या का शीघ्र समाधान होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या पर त्वरित कार्रवाई हुई और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।यह पहल दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6635/following-the-application-at-the-cm-camp-office-bagiya-the-electricity-department-took-prompt-action-on-the-instructions-of-chief-minister-vishnudev-sai-</guid><pubDate>16-Oct-2026 8:13:09 am</pubDate></item><item><title>धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय, बोलेइससे अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने में मिलेगी मदद</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6634/chief-minister-vishnu-deo-sai-has-described-the-supreme-court-s-ruling-against-granting-reservation-benefits-based-on-religion-as-a-significant-decision-with-far-reaching-implications-stating-that-it-will-help-in-curbing-illegal-religious-conversions-</link><description>
रायपुर 15 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ में पत्रकारों के सवालों के जवाब में धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। रायगढ़ में मीडिया से चर्चा के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है। धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलने को लेकर यह निर्णय दूरगामी महत्व रखता है और इससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर भी रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ में कोलता समाज द्वारा आयोजित नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने आमंत्रण के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी समाजजनों को नुआखाई और शारदीय नवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलता समाज शिक्षित, संगठित और प्रगतिशील समाज है। समाज के लोग शिक्षा, कृषि और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भी कोलता समाज की महत्वपूर्ण भागीदारी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के लिए नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के भवन हेतु 50 लाख रुपए तथा ग्राम कोतरलिया चंडी डोंगरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच के आयोजन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से प्रदेश में महिला क्रिकेट को प्रोत्साहन मिलेगा और हमारी बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इन मुकाबलों में पहुंचकर महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6634/chief-minister-vishnu-deo-sai-has-described-the-supreme-court-s-ruling-against-granting-reservation-benefits-based-on-religion-as-a-significant-decision-with-far-reaching-implications-stating-that-it-will-help-in-curbing-illegal-religious-conversions-</guid><pubDate>15-Oct-2026 9:24:27 pm</pubDate></item><item><title>उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मिलीं माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की सदस्य, उप मुख्यमंत्री ने एनपीओपी प्रमाणन मिलने पर दी बधाई</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6633/members-of-the-maa-danteshwari-mahila-kisan-utpadak-company-met-with-deputy-chief-minister-shri-vijay-sharma-the-deputy-chief-minister-congratulated-them-on-receiving-npop-certification-</link><description>
*रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/* उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा से आज दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की पदाधिकारियों एवं महिला सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कंपनी को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त होने पर महिलाओं को बधाई दी। मुलाकात के दौरान महिला सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा को अपनी कंपनी के दण्डक ब्रांड का चावल का पैकेट भेंट किया। श्री शर्मा ने महिलाओं से कंपनी की गतिविधियों, उत्पादों की बिक्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
   उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद अब दण्डक ब्रांड के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के छत्तीसकला ब्रांड के साथ जोड़कर व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों तक पहुंचना चाहिए।
   श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास के लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा दे रही है। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की उपलब्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
*प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी*
   उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा जिले में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। कंपनी को हाल ही में वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज उत्पादन के लिए यह प्रमाणन मिला है। इससे कंपनी के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
   वर्तमान में कंपनी से 1080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध 2100 वनोपज संग्राहक दीदियां भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी के माध्यम से महिलाओं को वनोपज संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन से संबंधित आजीविका के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है।
*दण्डक ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान*
   माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा स्थानीय उत्पादों को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए दण्डक ब्रांड की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी प्रारंभ किया गया है, जहां स्थानीय उत्पादों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया जा रहा है।
   कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और अब एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत प्राप्त करने की उम्मीद बढ़ी है।
   इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. भार्गव सहित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती विमला ठाकुर, कोषाध्यक्ष श्रीमती सरिता ठाकुर, सचिव श्रीमती मीना ठाकुर तथा अन्य सदस्य उपस्थित रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6633/members-of-the-maa-danteshwari-mahila-kisan-utpadak-company-met-with-deputy-chief-minister-shri-vijay-sharma-the-deputy-chief-minister-congratulated-them-on-receiving-npop-certification-</guid><pubDate>15-Oct-2026 9:03:51 pm</pubDate></item><item><title>नक्सलवाद के घावों पर मरहम लगाकर पीड़ितों को सम्मानपूर्ण जीवन देना हमारा संकल्प, नक्सलमुक्त बस्तर को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाएंगे : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6632/it-is-our-resolve-to-heal-the-wounds-inflicted-by-naxalism-and-provide-a-life-of-dignity-to-the-victims-we-will-transform-a-naxal-free-bastar-into-the-country-s-most-developed-tribal-region-union-home-minister-amit-shah</link><description>
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब उससे मिले घावों पर मरहम लगाना, पीड़ितों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नक्सलवाद ने पाँच दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को गहरी पीड़ा दी है। अब हमें नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हँसता-खेलता, खुशहाल और समृद्ध बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रत्येक दिव्यांगजन और नक्सली हिंसा से प्रभावित व्यक्ति के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस संकल्प को पूरा करने में भारत सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दंतेवाड़ा में आयोजित निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरणों से लाभान्वित किया जाएगा। इनमें दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।
*नक्सलवाद समाप्त हुआ, अब उसकी पीड़ा और निशानियों को भी मिटाना है : श्री अमित शाह*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांग आदिवासी भाई-बहनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 के दौरान जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे। इनमें अकेले बस्तर के 1,570 से अधिक लाभार्थी थे। यह संख्या बस्तर की उस पीड़ा का परिचय देती है, जिसे यहाँ के गरीब और आदिवासी परिवारों ने दशकों तक सहन किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि नक्सलियों ने आईईडी विस्फोटों के माध्यम से निर्दोष नागरिकों को दिव्यांग बनाया। इससे बड़ा मानवाधिकारों का हनन कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था और आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल नक्सलवाद समाप्त कर देने से पाँच दशकों की पीड़ा समाप्त नहीं होगी। हमें इन घावों पर मरहम लगाना होगा। नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना होगा और उनके सम्मानपूर्वक जीवनयापन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई खुशियाँ लाई जा सकती हैं। इस सेवा कार्य में छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित अनेक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के सहयोग की भी सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और बस्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों में स्थानीय जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
*बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर की तस्वीर*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर में शांति और विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्ला नार और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना जैसी पहलों के माध्यम से बस्तर को फिर से हँसता-खेलता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी गोलियों और बम धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं तथा भय का वातावरण रहता था, वहाँ आज हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी परंपराओं को जीवित रख रहे हैं। बस्तर ओलंपिक ने युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। वहीं बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का बड़ा प्रयास हुआ है।
श्री शाह ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। पाँच दशकों तक जिन क्षेत्रों तक आवश्यक सुविधाएँ नहीं पहुँच सकीं, वहाँ अब आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हो रहा है।
*आत्मसमर्पण करने वाले 8,526 नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों के बैंक खाते नहीं थे, ऐसे 7,328 लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं। 1,620 लोगों को इनामी राशि और 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार 455 लोगों को नौकरी दी गई है और 129 लोगों को भूमि का आवंटन किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4,014 आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही 2,308 आदिवासियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि 6,763 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं और 2,808 परिवारों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई गई है। क्षेत्र में आवागमन और संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए 372 नई सड़क परियोजनाएँ प्रारंभ की गई हैं तथा 670 पुलियों का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 48,526 लोगों के आधार कार्ड बनाए गए हैं और इलवाद पंचायत पुरस्कार के अंतर्गत 44 पंचायतों को पुरस्कृत किया गया है।
श्री शाह ने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
*200 से अधिक सुरक्षा शिविर बनेंगे शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान के दौरान 500 से अधिक सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए थे। इनमें से 200 से अधिक सुरक्षा शिविरों को अब शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन शिविरों में कभी सुरक्षा बलों के जवान बैठकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते थे, उन्हीं स्थानों पर अब भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी बैठकर विकसित बस्तर की नींव रखेंगे।
श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सार्वजनिक सेवा केंद्रों के माध्यम से बस्तर में विकास और जनकल्याण के कार्यों को नई गति मिलेगी तथा विकसित बस्तर के निर्माण का संकल्प साकार होगा।
*नक्सलमुक्त बस्तर को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद की दशकों पुरानी चुनौती से मुक्ति मिली है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारे वीर सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान तथा बस्तर की जनता के सहयोग से संभव हुई है।
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों तथा नक्सली हिंसा में जान गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब यह विश्वास करना कठिन लगता था कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो पाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से आज हमने यह लक्ष्य प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और विशेष रूप से बस्तरवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई में बस्तर की जनता ने सुरक्षा बलों का भरपूर सहयोग किया। यहाँ के लोग भय और हिंसा से मुक्ति चाहते थे। वे शांति, सुरक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते थे। जनता के इसी विश्वास और सहयोग ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में पीछे रह गया। अब समय आ गया है कि इस क्षेत्र को तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जाए। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर को देश के सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्रों में अग्रणी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का भरोसा दिलाया है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
*जहाँ कभी भय और हिंसा थी, वहाँ अब पहुँच रही शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की सुविधाएँ*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के उन दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचा रही है, जो दशकों तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे।
उन्होंने बताया कि आज 500 से अधिक गाँवों में सड़क और बिजली की सुविधाएँ पहुँची हैं। घरों तक नल से जल पहुँचाने और दूरसंचार सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में 431 स्कूल खोले गए हैं तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अस्पतालों की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ अंचलों के बच्चों, महिलाओं और परिवारों को बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले अनेक गाँवों के लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बन पाते थे। राशन प्राप्त करने के लिए उन्हें कई दिनों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब गाँवों में ही राशन दुकानों की व्यवस्था कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि बस्तर के अंतिम गाँव और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
*सुरक्षा शिविरों से सेवा केंद्रों तक, बस्तर में परिवर्तन का नया अध्याय*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान के दौरान स्थापित सुरक्षा शिविरों ने शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब इन शिविरों को सेवा और विकास के केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खाली हो रहे सुरक्षा शिविरों को सेवा डेरा के रूप में परिवर्तित करना राज्य सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है। इन केंद्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण और आजीविका संबंधी गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी, ताकि युवाओं और ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महान जननायक शहीद वीर गुंडाधुर के गाँव नेतानार में पहला सेवा डेरा प्रारंभ किया गया है। यहाँ स्थानीय लोगों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बस्तर के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध इमली की पैकेजिंग और पारंपरिक ढेंकी पद्धति से चावल तैयार करने जैसी आजीविका गतिविधियाँ भी प्रारंभ की गई हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य सेवा डेरों में भी स्थानीय संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा आजीविका गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बस्तर में हो रहे परिवर्तन की नई तस्वीर है। जिन स्थानों पर कभी सुरक्षा बलों की तैनाती आवश्यक थी, अब वहीं से जनसेवा, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित होंगे।
*खेती, पशुपालन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगी बस्तर के परिवारों की आय*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और स्थानीय आजीविका को भी विशेष प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए परिवारों को दो-दो गायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। डेयरी विकास के लिए भी समझौता किया गया है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़े और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगाँव और मटनार में बड़ी सिंचाई परियोजनाओं हेतु लगभग दो हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से लगभग 80 हजार एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों की खेती अधिक लाभकारी बनेगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों और केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
*दिव्यांग भाई-बहनों के जीवन में आत्मविश्वास लौटाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री साय*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण बस्तर के अनेक निर्दोष ग्रामीणों ने अपने हाथ-पैर खोए हैं। आईईडी विस्फोटों ने अनेक परिवारों को जीवनभर की पीड़ा दी है। ऐसे प्रभावित भाई-बहनों के जीवन को सुगम बनाना, उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाना और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर सहित सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा में आयोजित शिविर के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 दिव्यांगजनों सहित कुल 768 लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में अपने अंग खो चुके भाई-बहनों को कृत्रिम अंग मिलने से उनके जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार होगा। जो लोग वर्षों से चलने-फिरने या दैनिक कार्य करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, उनके लिए ये उपकरण बड़ी सहायता सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाली भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और अन्य संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए माँ दंतेश्वरी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
*नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों की पीड़ा को दूर करने का अभियान निरंतर जारी रहेगा : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम में नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोटों ने अनेक निर्दोष ग्रामीणों का जीवन प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि कोई बच्चा अपने गाँव में खेलते हुए, कोई किसान अपने खेत की मेड़ पर चलते हुए और कोई ग्रामीण दैनिक कार्यों के दौरान आईईडी विस्फोट का शिकार हुआ। किसी ने अपना हाथ खोया, किसी ने पैर और किसी की आँखों की रोशनी चली गई। नक्सली हिंसा ने बस्तर के निर्दोष लोगों को ऐसी पीड़ा दी, जिसकी कल्पना करना भी कठिन है।
श्री शर्मा ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद बस्तर की जनता ने नक्सलवाद से मुक्ति का संकल्प नहीं छोड़ा। जनता के इसी विश्वास और सुरक्षा बलों के साहस के कारण आज बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सहायता का यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और बस्तर के जनप्रतिनिधि प्रत्येक जरूरतमंद और प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित कोई भी व्यक्ति पुनर्वास और आवश्यक सहायता से वंचित न रहे।
*कृत्रिम अंग मिलने से दिव्यांगजनों के जीवन में लौटी नई उम्मीद*
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दिव्यांगजनों से संवाद किया और उनके अनुभव जाने।
सुकमा जिले के दिव्यांग पुलिस जवान मड़काम मुन्ना ने बताया कि वर्ष 2013 में गश्त के दौरान आईईडी विस्फोट में उनका बायाँ पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण पैर काटना पड़ा। अब कृत्रिम पैर मिलने से वे दोबारा चलने लगे हैं और देशसेवा के लिए फिर से तैयार हैं।
बीजापुर जिले के धर्मारम निवासी चंद्रैया सपका ने स्थानीय गोंडी बोली में अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में चिंतावागु नदी में मछली पकड़ने जाते समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में उन्होंने अपना दायाँ पैर खो दिया था। शिविर में कृत्रिम पैर मिलने के बाद वे फिर से चल पा रहे हैं। यह उनके जीवन का अत्यंत भावुक और यादगार क्षण है।
इसी प्रकार दंतेवाड़ा जिले के जावंगा एवं मेटापाल के जन्मजात अस्थिबाधित दिव्यांगजन अजय सोरी और कोसी पोडियाम ने ट्राइसाइकिल मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें दैनिक आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।
लाभार्थियों ने इस संवेदनशील पहल के लिए केंद्र और राज्य सरकार तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
*विकसित बस्तर के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध*
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलवाद से मुक्त बस्तर अब विकास और खुशहाली की नई दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, दिव्यांगजनों की सहायता और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा की स्थापना के बाद अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, पर्यटन, संस्कृति और अधोसंरचना के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि नक्सलवाद से मुक्त बस्तर का प्रत्येक गाँव विकास की मुख्यधारा से जुड़े, हर युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए। जिस बस्तर ने दशकों तक हिंसा और भय की पीड़ा सही है, वही बस्तर अब शांति, समृद्धि और विकास की नई पहचान बनेगा।
इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6632/it-is-our-resolve-to-heal-the-wounds-inflicted-by-naxalism-and-provide-a-life-of-dignity-to-the-victims-we-will-transform-a-naxal-free-bastar-into-the-country-s-most-developed-tribal-region-union-home-minister-amit-shah</guid><pubDate>15-Oct-2026 6:51:45 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को मिल रहे आजीविका के नए अवसर, बैंक सखी संज्योति चौहान बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6631/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-new-livelihood-opportunities-are-becoming-available-to-rural-women-bank-sakhi-sanjyoti-chauhan-has-emerged-as-an-example-of-self-reliance-</link><description>जशपुर, 15 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है। स्व सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आजीविका के नए अवसर अपना रही हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बनकर परिवार की खुशहाली में योगदान दे रही हैं।
इसी की प्रेरक मिसाल कांसाबेल विकासखंड के ग्राम टांगरगांव की श्रीमती संज्योति चौहान हैं, जो बैंक सखी के रूप में ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वयं भी आत्मनिर्भर बनी हैं। वे चांदनी स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला, जिससे उन्हें आजीविका के नए अवसर विकसित करने में मदद मिली।
बैंकिंग सेवाओं से मिल रही नियमित आय
श्रीमती संज्योति चौहान वर्ष 2019 से ग्रामीण बैंक से संबद्ध बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। वे किराना दुकान का संचालन करने के साथ ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान करती हैं।
उनके माध्यम से प्रतिमाह लगभग 8 से 9 लाख रुपये का लेन-देन होता है, जिससे उन्हें औसतन 5 हजार रुपये की मासिक आय प्राप्त होती है। इसके अलावा वे डिजिटल भुगतान, बीमा सहित अन्य वित्तीय सेवाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
समूह से मिले ऋण ने खोला आत्मनिर्भरता का रास्ता
बैंक सखी के रूप में कार्य शुरू करने के लिए श्रीमती चौहान ने स्व सहायता समूह के माध्यम से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें अपना काम शुरू करने में मदद मिली। आज वे बैंकिंग सेवाओं और किराना दुकान के माध्यम से आय अर्जित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रही हैं।
श्रीमती संज्योति चौहान की सफलता बताती है कि स्व सहायता समूहों और शासन की योजनाओं से मिलने वाला सहयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खोल सकता है। उनकी यह उपलब्धि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6631/under-the-leadership-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-new-livelihood-opportunities-are-becoming-available-to-rural-women-bank-sakhi-sanjyoti-chauhan-has-emerged-as-an-example-of-self-reliance-</guid><pubDate>15-Oct-2026 6:42:19 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नुआखाई भेंटघाट में कोलता समाज को दी विकास की सौगात, सामुदायिक भवनों के लिए 80 लाख रुपये देने की घोषणा, प्रतिभावान विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6630/chief-minister-vishnu-deo-sai-presented-development-initiatives-to-the-kolta-community-during-the-nuakhai-bhentghat-nuakhai-gathering-announced-a-grant-of-rs-80-lakh-for-the-construction-of-community-halls-and-encouraged-meritorious-students-</link><description>
रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026/ रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। समाज के लोगों ने गज माला पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मां रणेश्वरी रामचण्डी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए 30 लाख रुपये तथा नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के मंगल भवन के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।       मुख्यमंत्री श्री साय ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह किसानों की मेहनत, नई फसल और समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली के लिए निरंतर काम कर रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य प्रारंभ हुआ है, जो इस अंचल के लिए वरदान साबित होगी। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।      मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी पहल शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा किया है। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और प्रतिभा के बल पर युवा प्रदेश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर उन्होंने समाज प्रमुखों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ नुआखाई का पारंपरिक भोजन भी ग्रहण किया।
*कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार अनुकरणीय -वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी*
प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि पुसौर, सरिया से लेकर तमनार, लैलूंगा और धरमजयगढ़ तक कोलता समाज के लोग अपनी ईमानदारी, सज्जनता और संस्कारों के लिए पहचाने जाते हैं। समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराएं सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।     वित्त मंत्री श्री चौधरी ने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साकरा में लिफ्ट सिंचाई परियोजना, पुसौर एवं सरिया में रजिस्ट्री कार्यालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर जैसी सुविधाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने पुसौर की छात्रा गिरिजा प्रधान की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त करने पर उन्हें 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और लैपटॉप प्रदान किया गया है। उन्होंने समाज के युवाओं को आईआईटी, दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने तथा डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनकर समाज का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वित्त मंत्री ने बेलरिया में विधायक निधि से 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज और क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।
*शिक्षा और संस्कार से समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान*
लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोलता समाज सामाजिक उत्थान और सामुदायिक एकता के लिए हमेशा समर्पित रहा है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को महत्व देना आवश्यक है। अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दें तथा माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख दें। उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों को सहयोग देकर आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।     कोलता समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री रत्थु गुप्ता ने कहा कि नुआखाई केवल पर्व नहीं, बल्कि समाज की परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक एकजुटता और क्षेत्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।       इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सत्यानंद राठिया, श्री विकास केडिया सहित समाज के सर्वश्री गोपाल चन्द्र प्रधान, विष्णु सेवक गुप्ता, जगदीश प्रधान, गोविन्द देहरी, बीरबल गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, गिरधारी साहू, श्री रामचद्र सा, चंद्रशेखर भोई, श्रीमती संगीता गुप्ता, श्री व्यास देव भोई, हरीचरण प्रधान, श्री मनोरंजन नायक, जगन्नाथ प्रधान, कुरूपति प्रधान, विश्वेश्वर भोय, बोधराम भोय, निरंजन प्रसाद गुप्ता, रसिकलाल सा, डॉ.आशुतोष गुप्ता, मिनकेतन प्रधान, टीकाराम प्रधान, श्री शेषचरण गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं कोलता समाज के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंच संचालन श्री गुलशन खमारी ने किया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6630/chief-minister-vishnu-deo-sai-presented-development-initiatives-to-the-kolta-community-during-the-nuakhai-bhentghat-nuakhai-gathering-announced-a-grant-of-rs-80-lakh-for-the-construction-of-community-halls-and-encouraged-meritorious-students-</guid><pubDate>15-Oct-2026 6:29:19 pm</pubDate></item><item><title>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना कर जताया सम्मान</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6629/tourism-minister-rajesh-agrawal-visited-assembly-speaker-dr-raman-singh-to-wish-him-a-happy-birthday-expressing-his-respect-while-wishing-him-good-health-and-a-long-life-</link><description>
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आत्मीय भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने डॉ. रमन सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन की मंगलकामना की।
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने संस्कृत के मंगलवाक्य जीवेत शरदः शतम् के साथ डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन प्रदान करें। वे इसी प्रकार जनसेवा, समाज कल्याण और छत्तीसगढ़ की प्रगति के लिए निरंतर कार्य करते रहें तथा उनका स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हम सभी को मिलता रहे।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का लंबा राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, सुशासन और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को सदैव प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल में प्रदेश के विकास को नई दिशा मिली और विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए गए।
श्री अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का सरल, सहज एवं आत्मीय व्यक्तित्व तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उनका अनुभव, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में वे लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय मर्यादाओं एवं संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों को जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। डॉ. रमन सिंह का स्नेह और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।
श्री अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह के जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। वे स्वस्थ एवं दीर्घायु रहकर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करते रहें और प्रदेश को उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन का लाभ निरंतर मिलता रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6629/tourism-minister-rajesh-agrawal-visited-assembly-speaker-dr-raman-singh-to-wish-him-a-happy-birthday-expressing-his-respect-while-wishing-him-good-health-and-a-long-life-</guid><pubDate>15-Oct-2026 6:25:28 pm</pubDate></item><item><title>तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रशासन सख्त, स्कूलों के आसपास चल रही दुकानों पर संयुक्त कार्रवाई; छह मेडिकल स्टोर्स का भी हुआ निरीक्षण</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6628/administration-takes-a-strict-stance-on-the-sale-of-tobacco-products-joint-action-taken-against-shops-operating-near-schools-six-medical-stores-were-also-inspected-</link><description>
*जशपुर 15 अक्टूबर 2026/* नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में तहसील पत्थलगांव के बागबहार क्षेत्र में औषधि निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान स्कूलों के 100 गज के दायरे में स्थित पान ठेलों एवं किराना दुकानों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पाए जाने पर तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 6(ख) के अनुसार, किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। यह कार्यवाही COTPA अधिनियम के तहत की गई है।    इसके साथ ही पत्थलगांव स्थित छह मेडिकल स्टोर्स - बंसल मेडिकल, लक्ष्मी मेडिकल, गोयल मेडिकल एजेंसी, पटेल मेडिकल, अग्रोहा मेडिकल स्टोर्स, न्यू चंद्रहासिनी मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोर्स नियमानुसार संचालित पाए गए। इसके अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पत्थलगांव के ब्लड स्टोरेज सेंटर एवं औषधि भंडार गृह का भी निरीक्षण किया गया। औषधि भंडार गृह में सीजीएमएससी से प्राप्त एवं स्थानीय क्रय के माध्यम से खरीदी गई दवाइयों को अलग-अलग रैक में व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, एक्सपायरी दवाइयों को नियमानुसार पृथक रैक में रखने के लिए निर्देशित किया गया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6628/administration-takes-a-strict-stance-on-the-sale-of-tobacco-products-joint-action-taken-against-shops-operating-near-schools-six-medical-stores-were-also-inspected-</guid><pubDate>15-Oct-2026 5:21:56 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर समडमा में 2.91 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन, नागलोक क्षेत्र के 16 गांवों को लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6627/under-the-directives-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-a-33-11-kv-electrical-substation-is-being-constructed-in-samdama-at-a-cost-of-rs-2-91-crore-this-will-provide-relief-from-low-voltage-issues-to-16-villages-in-the-naglok-snake-land-region-</link><description>
जशपुरनगर, 15 अक्टूबर 2026/ जशपुर जिले के नागलोक क्षेत्र में लंबे समय से लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं से परेशान उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर फरसाबहार तहसील के समडमा में 2 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। सब स्टेशन के निर्माण और विद्युत आपूर्ति शुरू होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। क्षेत्र में लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को घरेलू कार्यों, कृषि गतिविधियों और विद्युत उपकरणों के संचालन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में समडमा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण क्षेत्र की बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके शुरू होने से स्थानीय विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
*16 गांवों के उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ*
समडमा में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन से समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा सहित आसपास के गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। सब स्टेशन चालू होने के बाद क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी और लो वोल्टेज की समस्या में कमी लाने में मदद मिलेगी।
*विद्युत अधोसंरचना मजबूत होने से बढ़ेंगी सुविधाएं*
विद्युत सब स्टेशन का निर्माण क्षेत्र में बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय स्तर पर विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही घरेलू जरूरतों, कृषि कार्यों और अन्य गतिविधियों के लिए गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। समडमा में सब स्टेशन का निर्माण शुरू होने से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में किए जा रहे इस कार्य के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6627/under-the-directives-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-a-33-11-kv-electrical-substation-is-being-constructed-in-samdama-at-a-cost-of-rs-2-91-crore-this-will-provide-relief-from-low-voltage-issues-to-16-villages-in-the-naglok-snake-land-region-</guid><pubDate>15-Oct-2026 5:18:27 pm</pubDate></item><item><title>प्राथमिक शाला पटिया के भाषा मेले में बच्चों की रचनात्मकता और प्रतिभा का अनूठा संगम, यूथ क्लब की युवतियों ने प्रेमचंद की पंच परमेश्वर कहानी का किया प्रभावशाली मंचन</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6626/a-unique-convergence-of-children-s-creativity-and-talent-was-on-display-at-the-language-fair-of-the-patiya-primary-school-where-young-women-from-the-youth-club-delivered-an-impressive-stage-performance-of-premchand-s-story-panch-parmeshwar-</link><description>
मनोराजशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के संकुल केंद्र ओरकेला के प्राथमिक शाला पटिया में भाषा मेला का आयोजन हुआ। मेले का आरंभ सामूहिक बालगीत से हुआ। इसके उपरांत विद्यालय के सभी बच्चों ने बारी-बारी से कहानी-कविता सुनाया। भाषा मेला में पहेली बूझो, कहानी आगे बढ़ाओ, तुकांत शब्द बनाओ, वाक्य निर्माण करो, शब्दों से कहानी-कविता बनाओ, पेंटिंग बनाओ, अभिनय/रोल प्ले आदि की गतिविधि के लिए दस से अधिक स्टॉल बनाए गए थे। जिसमें बच्चों ने पूरे उमंग के साथ उक्त सभी गतिविधियों में शिरकत की और आनंदमयी तरीके से भाषा की विभिन्न विधाओं को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में 120 से अधिक बच्चों एवं 10 शिक्षक-शिक्षिकाओं व इतने ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की सहभागिता हुई।प्राथमिक शाला पटिया के कक्षा चौथी के बच्चों ने आसमान गिरा पाठ की कहानी का नाट्यमंचन भी किया। वहीं प्राथमिक शाला रुकरूमा के बच्चों ने अंग्रेजी के कक्षा पाँचवीं के पाठ सत्तू गोज टू शॉपिंग का अंग्रेजी में नाट्य मंचन किया, जिसे समुदाय के सदस्यों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने काफी सराहा। कार्यक्रम में कन्या आश्रम शाला की बालिकाओं ने स्वागत गीत की बेहतरीन प्रस्तुति दी।यह पूरा कार्यक्रम ओरकेला संकुल समन्वयक कालेश्वर राम भगत एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। पंच परमेश्वर कहानी का नाट्यमंचन:यूथ क्लब पटिया की युवतियों ने महान साहित्यकार प्रेमचंद की सुप्रसिद्ध कहानी पंच परमेश्वर का नाट्यमंचन किया। जिसकी समुदाय के लोगों ने काफी सराहना की। नाट्यमंचन करने वाली युवतियों में शालिनी बाई, शोभा लकड़ा, अराधना बाई, अर्चना बाई, अनुरूपा कूजुर, रूपा एक्का, कोमल लकड़ा, बबीता बाई, अल्पना देवी, देवेश प्रधान ने अहम किरदार अदा किए। इस नाट्यमंचन की खास बात यह रही कि पंच परमेश्वर के सभी किरदारों को युवतियों ने ही निभाया।मेले में पटिया पंचायत की सरपंच कौशल्या बाई, गाँव के ही सेवानिवृत्त शिक्षक बेनेडिक्ट लकड़ा, जागृति स्व-सहायता समूह एवं सखी-सहेली स्व-सहायता समूह की महिलाओं सहित बड़ी तादाद में ग्रामीण उपस्थित हुए। साथ ही पटिया पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी इसमें शिरकत की। इन सभी ने बच्चों को खुद भी कविता-कहानी एवं गीत सुनाया। कार्यक्रम में प्राथमिक शाला रुकरूमा के शिक्षक देवेश प्रधान, पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक बालेश्वर राम, शिक्षकगण- मुकेश सिंह, मूलो बाई, शासकीय कन्या आश्रम शाला पटिया की प्रधान पाठिका अल्पना लकड़ा, लिली टोप्पो, प्राथमिक शाला कुबड़ीबथान के प्रधान पाठक महेंद्र राम, प्राथमिक शाला अंगराकोना के प्रधान पाठक राम प्रसाद राम, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुकेश कुमार सहित कई गणमान्य उपस्थित हुए।कार्यक्रम का संचालन प्राथमिक शाला पटिया के शिक्षक बरजेश राम एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्रधान पाठक अल्पना देवी ने किया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6626/a-unique-convergence-of-children-s-creativity-and-talent-was-on-display-at-the-language-fair-of-the-patiya-primary-school-where-young-women-from-the-youth-club-delivered-an-impressive-stage-performance-of-premchand-s-story-panch-parmeshwar-</guid><pubDate>15-Oct-2026 4:44:02 pm</pubDate></item><item><title>मनोरा के मूटू जकबा जंगल में गौ तस्करी का मामला, पुलिस ने 10 गौवंशों को कराया मुक्त; अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर तस्कर फरार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6625/case-of-cattle-smuggling-in-the-mootu-jakba-forest-of-manora-police-rescue-10-head-of-cattle-smugglers-escape-by-taking-advantage-of-the-darkness-and-the-forest-terrain-</link><description>
जशपुर। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। मामला मनोरा चौकी क्षेत्र के ग्राम मूटू जकबा के जंगल का है, जहां कुछ लोग गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे थे। पुलिस की टीम को देखकर संदिग्ध तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मूटू जकबा के जंगल के रास्ते कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना में गौवंशों के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मनोरा पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना किया।
ग्राम मूटू जकबा के जंगल में पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति गौवंशों को तेजी से पैदल हांककर ले जा रहे थे। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखकर संदिग्ध गौ तस्कर गौवंशों को मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। अंधेरा होने और जंगल का फायदा उठाने के कारण आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। बरामद गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पतासाजी कर रही है।
गौ तस्करी के मामले में अपराध दर्ज
मामले में चौकी मनोरा पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) एवं (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन शंखनाद के तहत जारी रहेगी कार्रवाई
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि मनोरा क्षेत्र से 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। मामले में आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी के मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन शंखनाद के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनोरा उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा तथा आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और सुधीर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6625/case-of-cattle-smuggling-in-the-mootu-jakba-forest-of-manora-police-rescue-10-head-of-cattle-smugglers-escape-by-taking-advantage-of-the-darkness-and-the-forest-terrain-</guid><pubDate>15-Oct-2026 4:32:36 pm</pubDate></item><item><title>बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पालकों और शिक्षकों के बीच समन्वय जरूरी, सेजस हिंदी माध्यमिक शाला जशपुर में आयोजित बैठक में पढ़ाई, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मोबाइल के सीमित उपयोग पर हुई चर्चा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6624/coordination-between-parents-and-teachers-is-essential-for-the-better-future-of-children-a-meeting-held-at-sejas-hindi-medium-school-jashpur-included-discussions-on-academics-health-hygiene-and-the-limited-use-of-mobile-phones-</link><description>
​जशपुर। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम (सेजस) माध्यमिक शाला जशपुर में प्रधान पाठक बर्नार्ड केरकेट्टा के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण पालक-शिक्षक बैठक (PTM) का आयोजन किया गया।​बैठक के दौरान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में छात्रों के शैक्षणिक स्तर में सुधार, समय पर शाला आगमन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए अभिभावकों को विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया गया। घर पर बच्चों द्वारा टेलीविजन और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने तथा उनका केवल शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यों के लिए सदुपयोग कराने हेतु पालकों को प्रेरित किया गया।साथ ही​राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृति परीक्षा पालकों को बताया गया कि छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 है तथा इसकी परीक्षा 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होगी।​गौ विज्ञान परीक्षा इसके अतिरिक्त आगामी गौ विज्ञान परीक्षा के आयोजन और इसमें विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।​प्रधान पाठक बर्नार्ड केरकेट्टा ने पालकों से अपील की बच्चों का मार्गदर्शन उनका भविष्य और सुधार करेगा कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में सेजश जशपुर के सभी स्टाफ का सहयोग रहा पालकों की सक्रिय सहभागिता और सुझावों के साथ बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6624/coordination-between-parents-and-teachers-is-essential-for-the-better-future-of-children-a-meeting-held-at-sejas-hindi-medium-school-jashpur-included-discussions-on-academics-health-hygiene-and-the-limited-use-of-mobile-phones-</guid><pubDate>15-Oct-2026 4:29:17 pm</pubDate></item><item><title>शादी का झांसा देकर नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप,  पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6623/accused-of-sexually-exploiting-a-minor-under-the-pretext-of-marriage-the-suspect-was-promptly-arrested-by-the-police-and-sent-to-jail-on-judicial-remand-</link><description>
रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026। अभियान संवेदना के तहत महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी खरसिया पुलिस ने नाबालिग अवस्था में शारीरिक शोषण किए जाने की शिकायत पर आरोपी युवक छोटू राजपूत को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई है।
  मामले में दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को पीड़िता ने पुलिस चौकी खरसिया में आवेदन देकर खरसिया निवासी छोटू राजपूत के विरुद्ध शादी का प्रलोभन देकर पिछले करीब दो वर्षों से शारीरिक शोषण करने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में तत्काल कार्रवाई शुरू की। महिला विवेचक के माध्यम से पीड़िता के कथन दर्ज कराए गए तथा पीड़िता के अभिमत के अनुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया।
   पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि सितंबर 2024 में खरसिया के अटल आवास क्षेत्र में रहने वाले छोटू राजपूत से उसका परिचय हुआ था। आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर देकर उससे बातचीत शुरू की। पीड़िता के अनुसार, 22 सितंबर 2024 को आरोपी उसे घुमाने के बहाने खरसिया के जंगल की ओर ले गया और शादी करने का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी आरोपी ने कई बार उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने बताया कि वह करीब चार माह की गर्भवती है और अब आरोपी शादी करने से इनकार कर रहा है।
   पीड़िता के आवेदन पर चौकी खरसिया, थाना खरसिया में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 528/2026, धारा 64(2)(m) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 4 एवं 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल *आरोपी छोटू राजपूत पिता शौकी लाल राजपूत उम्र 30 साल निवासी वार्ड नं0 8 अटल आवास खरसिया* के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाना लाया। आवश्यक वैधानिक एवं मेडिकल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
  इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज तथा आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह और गोविन्द बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  अभियान संवेदना के तहत रायगढ़ पुलिस महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6623/accused-of-sexually-exploiting-a-minor-under-the-pretext-of-marriage-the-suspect-was-promptly-arrested-by-the-police-and-sent-to-jail-on-judicial-remand-</guid><pubDate>15-Oct-2026 3:19:14 pm</pubDate></item><item><title>राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार कृष्ण अग्रवाल का कमाल, बच्चों को गर्म प्रेस से बचाने वाला अनूठा मॉडल बनाकर हासिल किया तीसरा राष्ट्रीय पुरस्कार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6622/chhattisgarh-s-promising-talent-krishn-agrawal-shines-on-the-national-stage-winning-his-third-national-award-for-creating-a-unique-model-designed-to-protect-children-from-hot-irons-</link><description>
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। रायगढ़ जिले के जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण अग्रवाल को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में उनके अभिनव प्रोजेक्ट फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी (Flip Electric Iron For Child Safety) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने छात्र कृष्ण अग्रवाल की इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की अपार संभावनाएं हैं। कृष्ण अग्रवाल ने अपने उपयोगी नवाचार के माध्यम से यह साबित किया है कि हमारे विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कृष्ण के साथ उनके अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कृष्ण अग्रवाल की सफलता छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
*बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से जलने से बचाएगा नवाचार*
छात्र कृष्ण अग्रवाल ने Flip Electric Iron For Child Safety नामक अभिनव मॉडल विकसित किया है। इसका उद्देश्य घरों में उपयोग होने वाली गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से छोटे बच्चों को जलने की दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है। इस मॉडल में ऑटो-फ्लिप तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता है। इसके साथ ही 30 सेकंड में स्वचालित रूप से बंद होने की सुविधा और चाइल्ड लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं। कम लागत में तैयार यह मॉडल घरेलू सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी साबित हो सकता है।
*80 हजार नवाचार विचारों में से शीर्ष 62 में बनाई जगह*
छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में कृष्ण अग्रवाल के मॉडल का चयन शीर्ष 62 नवाचारों में हुआ। उनके प्रोजेक्ट को इंस्पायर मानक -2026 के संकलन में भी स्थान मिला है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत से जुड़ी इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जाता है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6622/chhattisgarh-s-promising-talent-krishn-agrawal-shines-on-the-national-stage-winning-his-third-national-award-for-creating-a-unique-model-designed-to-protect-children-from-hot-irons-</guid><pubDate>15-Oct-2026 3:09:17 pm</pubDate></item><item><title>छोटे से गांव बायंग से आईएएस और वित्त मंत्री बनने तक का सफर शिक्षा की ताकत से हुआ संभव : ओ.पी. चौधरी ने विद्यार्थियों से साझा की संघर्ष की कहानी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6621/the-journey-from-the-small-village-of-bayang-to-becoming-an-ias-officer-and-finance-minister-was-made-possible-by-the-power-of-education-o-p-choudhary-shares-his-story-of-struggle-with-students-</link><description>रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामभांठा में 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन हाई स्कूल भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हर बच्चे को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। नया स्कूल भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सपनों को साकार करने की मजबूत नींव बनेगा।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय के शाला नायक सुमन के हाथों नवीन भवन का भूमिपूजन कराया। उन्होंने सुमन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में इतनी ऊंचाई हासिल करें कि भविष्य में आप हमसे भी बड़े विकास कार्यों का भूमिपूजन करें। वित्त मंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा।
*शिक्षा ने बदली मेरी जिंदगी, यही हर बच्चे की सफलता का आधार : वित्त मंत्री श्री चौधरी*
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों और शिक्षा के महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति, समाज, प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। किसी भी देश के भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मेरा जन्म रायगढ़ से लगभग 17 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव बायंग में हुआ था। जब मैं आठ वर्ष का था, तब मेरे पिता का निधन हो गया। मेरी माताजी केवल चौथी कक्षा तक पढ़ी हैं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा ने मेरे जीवन को नई दिशा दी। शिक्षा की बदौलत मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचा और आज रायगढ़ के विधायक तथा छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
*रामभांठा विद्यालय का 12वीं तक उन्नयन, अब बच्चों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा*
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2025 में रामभांठा विद्यालय को हाई स्कूल से उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रूप में उन्नत किया गया। पहले यहां केवल दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की सुविधा थी, लेकिन अब बारहवीं कक्षा तक शिक्षा की व्यवस्था होने से रामभांठा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ी सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नया भवन विद्यालय की अधोसंरचना को मजबूत करेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी बच्चों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
*शिक्षक ही गढ़ते हैं समाज और राष्ट्र का भविष्य*
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय के शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों के हाथों में होती है। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण भी करते हैं।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रतिभा सम्मान समारोह के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने तथा जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में रायगढ़ नगर निगम के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नरेंद्र पटेल, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6621/the-journey-from-the-small-village-of-bayang-to-becoming-an-ias-officer-and-finance-minister-was-made-possible-by-the-power-of-education-o-p-choudhary-shares-his-story-of-struggle-with-students-</guid><pubDate>15-Oct-2026 3:08:02 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की शक्तिपीठ परियोजना से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम,उत्तराखंड के चारधाम की तर्ज पर विकसित होंगे पांच प्रमुख शक्तिपीठ,डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया,मां चंद्रहासिनी ,  दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी सहित प्रमुख देवी धामों में बढ़ेंगी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6620/the-shaktipeeth-project-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-s-government-will-give-a-new-dimension-to-religious-tourism-five-major-shaktipeeths-will-be-developed-along-the-lines-of-the-char-dham-in-uttarakhand-</link><description>
            धनंजय राठौर       संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर
पर्यटन एक ऐसी यात्रा या भ्रमण है, जो मनोरंजन या फुर्सत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्य से किया जाता है। अतिथि देवो भवः भारतीय परंपरा प्राचीन काल से रही है। छत्तीसगढ़ में लगभग 138 स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के आधार पर पर्यटन स्थल के रूप में प्राथमिकता दी गई है, जिसमें 58 स्मारकों को 11 अभ्यारण 03 राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित घोषित किया गया है। पर्यटन मानव की प्राचीन एवं मौलिक प्रवृत्ति है। पर्यटन धरातलीय तथा मानवीय विभिन्नताओं विविधताओं का अवलोकन कर ज्ञान की बढ़ोतरी एवं मनोरंजन करता है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक प्रमुख गंतव्य है। यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर ने इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तराखंड के चार धाम की तर्ज पर राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए शक्तिपीठ परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत लगभग 1,000 किलोमीटर लंबे आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों एवं महत्वपूर्ण पूजा स्थलों का विकास, सौंदर्याकरण तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच मार्ग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, विश्राम स्थल एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसमें पांचों शक्तिपीठों का भ्रमण एवं दर्शन कराया जाएगा, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों कुदरगढ़, डोगरगढ़, रतनपुर, चन्द्रपुर एवं दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान किया है। इस परियोजना के तहत रतनपुर स्थित मां महामाया, चंद्रपुर की मां चंद्रहासनी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और सूरजपुर के कुदरगढ़ मंदिर को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाना था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार गठन के बाद बजट में इसके लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद थी। इन पाँचों शक्तिपीठों को बेहतर सड़कों, यात्री सुविधाओं, विश्राम स्थलों और सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और जिला प्रशासन द्वारा इन मंदिरों में सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का काम तेजी से किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASHAD)योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित माँ महामाया मंदिर, रतनपुर के समग्र विकास के लिए 200 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रेषित की गई है। उक्त कार्य योजना को स्वीकृति मिलते ही एंजेसी तय कर कार्य प्रारंभ की जाएगी। यह मंदिर 11वीं-12वीं शताब्दी के दौरान कलचुरी राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा बनवाया गया था और यह माँ महालक्ष्मी एवं माँ महासरस्वती को समर्पित है। यह दक्षिण कोशल क्षेत्र की आराध्य देवी और रतनपुर राज्य की कुलदेवी के रूप में पूजी जाती हैं। इसके अलावा डोंगरगढ़, कुदरगढ़, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा की शक्तिपीठों के लिए सीपीआर तैयार करने प्रक्रियाधीन है।
प्रसाद योजना के तहत केंद्र सरकार ने प्रथम चरण में देश के 26 धार्मिक तीर्थ स्थलों का चयन किया है। इन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां पहुंच सकें। पर्यटन को बढ़ावा मिले। इन स्थलों की प्रसिद्धी का विस्तार हो। हमारे प्रमुख देवी तीर्थ स्थल महामाया मंदिर और दंतेश्वरी मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है।
*यह सुविधाएं की जानी है विकसित*
पांचों शक्तिपीठों में गार्डन, ठहने की व्यवस्था, लाइटिंग, हवन-पूजन स्थल, रेलिंग, पानी, सामुदायिक शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोप-वे, पर्यटन मंडल का केंद्र, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा व्यवस्था और होम स्टे आदि की सुविधाएं विकसित की जानी है। इन स्थलों में बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुव्यवस्थित पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। इन पर्यटन स्थलों की विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए उनके विकास में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
1. *मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़*
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित डोंगरगढ़ की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में विराजी माँ बम्लेश्वरी देवी इस क्षेत्र की ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का मुख्य केंद्र हैं। समुद्र तल से लगभग 1600 फीट की ऊँचाई पर पहाड़ी पर स्थित यह पवित्र मंदिर माँ शक्ति के पावन रूपों में विशेष स्थान रखता है। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास लगभग 2200 वर्ष पुराना है। यह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 2200 वर्ष पहले यहाँ कामाख्या नगरी (वर्तमान डोंगरगढ़) थी, जहाँ राजा वीरसेन का शासन था। निःसंतान होने पर उन्होंने शिव और दुर्गा की आराधना की। देवी की कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसके बाद उन्होंने इस मंदिर की स्थापना करवाई। 11वीं शताब्दी में कलचुरी राजा कर्णदेव ने इस मंदिर को पुनर्विकसित किया। बाद में 15वीं-16वीं शताब्दी में गोंड राजाओं ने इस क्षेत्र और मंदिर का विस्तार किया। मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेशों में भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास 2500 वर्ष से भी प्राचीन बताया जाता है। केंद्र सरकार ने यहां प्रसाद योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजना की घोषणा की है।
2. *मां महामाया मंदिर रतनपुर*
रतनपुर महामाया मंदिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सिद्ध शक्तिपीठ है। बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर महामाया देवी का यह मंदिर 1050 ईसवी में बना बताया जाता है। राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित मंदिर क्षेत्र को कलचुरियों की राजधानी माना जाता है। यह कलचुरी राजाओं की कुलदेवी का ऐतिहासिक मंदिर है, जहाँ माता का कंधा गिरने की मान्यता है।इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी (लगभग 12-13वीं शताब्दी) में कलचुरी वंश के राजा रतनदेव प्रथम द्वारा कराया गया था। बाद में 1492 ईस्वी (विक्रम संवत 1552) में राजा बहार साईं ने वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार व निर्माण कराया। गर्भगृह में माँ महामाया की दुर्लभ दोहरी (ड्यूअल) प्रतिमा है - आगे महिषासुरमर्दिनी और पीछे देवी सरस्वती की आकृति विराजमान है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ माता सती का दाहिना हाथ गिरा था।
3. *मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा*
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में स्थित माँ दंतेश्वरी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था के अद्भुत मिलन का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह मंदिर दंतेवाड़ा में शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम तट पर स्थित है, जो सदियों से आदिवासियों और आम लोगों की अगाध श्रद्धा का केंद्र रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ माता सती के दाँत गिरे थे, जिसके कारण इस पावन स्थल का नाम दंतेवाड़ा और माता का नाम दंतेश्वरी पड़ा। 14वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर की अधिष्ठात्री देवी को बस्तर के काकतीय राजा अपनी कुलदेवी मानते थे। मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर से निर्मित छह भुजाओं वाली महिषासुरमर्दिनी की भव्य मूर्ति स्थापित है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान इस मंदिर का महत्व सबसे चरम पर होता है। उत्सव के दौरान माता के छत्र और डोली को दंतेवाड़ा से जगदलपुर ले जाया जाता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से हजारों आदिवासी और आम श्रद्धालु पैदल पहुँचते हैं। यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और आपसी भाईचारे को दर्शाता है।4. *मां बागेश्वरी कुदरगढ़ धाम*
सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड स्थित बागेश्वरी माता को राक्षसों के संहार के लिए जाना जाता है। यह शक्ति एवं साहस का प्रतीक माना जाता है। 1500 फीट ऊंचे पहाड़ों पर स्थित यह मंदिर चारों ओर घने जंगलों से घिरा है। मान्यता के अनुसार कुदरगढ़ क्षेत्र मां भगवती पार्वती की तपोस्थली रही हैं। जहां माता भगवती ने शक्ति का रूप धारण कर राक्षसों का संहार किया था। बाद में इसी जगह पर लगभग चार सौ साल पहले राजा बालंद ने माता बागेश्वरी को स्थापित किया, वे माता के भक्त थे। बाद में चौहान वंश के राजा ने बालंद को युद्ध में पराजित कर दिया था, जिसके बाद उसी वंश ने माता के मंदिर की देख रेख की। तब से हर साल नवरात्र में सुबह की पहली आरती चौहान वंश के वंशज ही यहां करते हैं। 18वीं सदी में चौहान राजाओं ने छत्तीसगढ़ के मूल आदिवासी बैगा जनजाति को माता के देख-रेख और पूजा की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब से आज तक बैगा समुदाय के लोग ही माता कि पूजा करते है।
5. *मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर*
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले (पूर्व में जांजगीर-चांपा) के चंद्रपुर में महानदी के तट पर स्थित मां चंद्रहासिनी देवी का मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ है। यह मंदिर महानदी और मांड नदी के संगम के पास चंद्रपुर में स्थित है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, संबलपुर के राजा चंद्रहास ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम 'चंद्रपुर' और देवी का नाम 'चंद्रहासिनी' पड़ा। वर्ष 1522 में चांद्रपुर के गोंड राजा धुंध्या राम साह अत्राम ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। गोंड राजाओं ने मां को अपनी कुलदेवी माना और शक्ति पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाया।
     सक्ती जिला स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है। यह चंद्रपुर की पहाड़ी पर स्थित हैं। मंदिर की सुंदर कलाकृति प्राचीनता का अनुभव कराती है। लोगों की माता को लेकर बड़ी आस्था है। इसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और ऐसी मान्यता है कि यहां माता सती का बायां कान गिरा था। वर्ष 1935 में महानदी में भीषण बाढ़ आई थी। तब राजा चंद्रहास के वंशज ठाकुर शशिभूषण ने माता को बकरा बलि अर्पित कर प्रार्थना की, जिसके बाद नदी का जलस्तर कम हो गया और लोगों की जान बची। आज भी नदी के पास पत्थर पर माता के पद-चिह्न मौजूद हैं, जिनकी पूजा की जाती है।
राज्य के आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पारिस्थितिकी दृष्टि से संवहनीय पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन, अनुभव की गुणवत्ता एवं आकर्षण को सुदृढ़ करना, छत्तीसगढ़ की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना, आर्थिक विकास एवं संबन्धित क्षेत्रों में पर्यटन के योगदान में वृद्धि करना। पर्यटन से संबन्धित अधोसंरचना के विकास में निजी निवेशकों के प्रयत्नों को प्रोत्साहित करना। शासन की भूमिका को सुविधापरक बनाना, पर्यटन के क्षेत्र में नई अवधारणाएं जैसे- टाइम शेयर, पारिस्थितिकी पर्यटन, साहसिक पर्यटन, इत्यादि को बढ़ावा देना। स्थानीय समुदाय की बौद्धिक सम्पदा एवं अधिकारों का सम्मान करना। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना, जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संम्भावना होगी।          </description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6620/the-shaktipeeth-project-of-chief-minister-vishnu-deo-sai-s-government-will-give-a-new-dimension-to-religious-tourism-five-major-shaktipeeths-will-be-developed-along-the-lines-of-the-char-dham-in-uttarakhand-</guid><pubDate>15-Oct-2026 3:00:02 pm</pubDate></item><item><title>निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्ती, कहीं हाट बाजार शेड निरस्त तो कहीं अधिकारी से मांगा जवाब, एक सप्ताह में मंडी परिसर व्यवस्थित करने के निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6619/collector-takes-strict-action-against-negligence-in-construction-projects-orders-cancellation-of-a-haat-bazaar-weekly-market-shed-in-one-instance-seeks-an-explanation-from-an-official-in-another-and-issues-directives-to-organize-the-mandi-market-yard-premises-within-a-week-</link><description>
*जशपुरनगर 15 अक्टूबर 2026:-* कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विकासखंड दुलदुला के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर हाट बाजार शेड, कृषि उपज मंडी, पंचायत भवन, मिनी स्टेडियम एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कार्य अपूर्ण पाए जाने तथा कुछ कार्यों में निर्माण प्रारंभ नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कलेक्टर ने संबंधित निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कार्य निरस्त करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम बंगूरकेला में हाट बाजार के लिए बनाए जा रहे शेड का निरीक्षण किया। कार्य अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्य निरस्त करने के निर्देश दिए। इसी दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से ग्रामीण सचिवालय की बैठकों के आयोजन एवं संचालन की जानकारी भी ली। साथ ही, नवनिर्मित पंचायत भवन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
इसके पश्चात ग्राम चटकपुर में हाट बाजार के लिए प्रस्तावित शेड निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यहां निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य को तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कस्तूरा में कृषि उपज मंडी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी परिसर की सुरक्षा के लिए शीघ्र घेराव कराने, भूमि का सीमांकन करने तथा अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के लिए कहा, ताकि मंडी परिसर का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
ग्राम पंचायत कादोपानी में शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, कदोपानी से जामटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपूर्ण कार्यों और लापरवाही के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/6619/collector-takes-strict-action-against-negligence-in-construction-projects-orders-cancellation-of-a-haat-bazaar-weekly-market-shed-in-one-instance-seeks-an-explanation-from-an-official-in-another-and-issues-directives-to-organize-the-mandi-market-yard-premises-within-a-week-</guid><pubDate>15-Oct-2026 12:43:51 pm</pubDate></item></channel></rss>