<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>बड़ी खबर - Kalam ki Awaz Feed</title><link>https://kalamkiawaz.com</link><description>Kalam ki Awaz Feed Description</description><item><title>मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का 26 अगस्त को जशपुर दौरा, फरसाबहार में विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन, देखिए मिनट टू मिनट दौरा कार्यक्रम</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5782/chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-to-visit-jashpur-on-august-26-will-inaugurate-and-lay-foundation-stones-for-development-works-in-farsabahar-view-the-minute-by-minute-tour-schedule-</link><description>जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 26 अगस्त 2026, बुधवार को जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 3:20 बजे फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी स्थित हाई स्कूल मैदान पहुंचेंगे। यहां उनका स्थानीय कार्यक्रम प्रस्तावित है।मुख्यमंत्री दोपहर 3:30 बजे महतारी सदन, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:10 बजे तक विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, साथ ही विभागीय स्टॉलों का अवलोकन एवं बहनों से संवाद करेंगे।कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय शाम 4:10 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 4:15 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 4:45 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 5:05 बजे अपने निवास बगिया पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5782/chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-to-visit-jashpur-on-august-26-will-inaugurate-and-lay-foundation-stones-for-development-works-in-farsabahar-view-the-minute-by-minute-tour-schedule-</guid><pubDate>26-Aug-2026 6:47:57 am</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगी नई रफ्तार; रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग-कोरबा में आधुनिक परिवहन नेटवर्क की तैयारी तेज</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5781/240-e-buses-to-ply-across-four-major-cities-of-chhattisgarh-giving-a-boost-to-public-transport-preparations-for-a-modern-transport-network-in-raipur-bilaspur-durg-and-korba-gain-momentum-</link><description>
रायपुर. 25 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, विस्तार, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके संचालन से इन चारों शहरों में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।
उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट-टर्म एवं लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारियों को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट के स्टॉपेज कौन-कौन से हैं। उन्होंने इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि योजना के सभी घटकोंरूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चारों शहरों में ई-बस के संचालन के लिए शहरवार जरूरत एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया गया।
श्री बोरा ने ई-बसों के संचालन में समय-सीमा के साथ गुणवत्ता और व्यवहारिकता का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट एवं संचालन से संबंधित संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित प्रगति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने योजना की मॉनिटरिंग के उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने डिपो के निर्माण एवं विकास में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने बैठक में डिपो, चार्जिंग स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी विषयों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही डिपो, सिविल वर्क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, एवं अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि ई-बस संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार रहें।
श्री भदौरिया ने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस संचालन की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।
बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन एवं संचालन मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। श्री बोरा और श्री भदौरिया ने योजना के संचालन में तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल, सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा, कोरबा नगर निगम के आयुक्त श्री आशुतोष पांडे, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, एनएचएआई (NHAI) के उप महाप्रबंधक श्री नितिन कुमार गुप्ता और शहरी कार्य मंत्रालय, दिल्ली के एएसओ श्री हिमांशु जैन भी बैठक में मौजूद थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5781/240-e-buses-to-ply-across-four-major-cities-of-chhattisgarh-giving-a-boost-to-public-transport-preparations-for-a-modern-transport-network-in-raipur-bilaspur-durg-and-korba-gain-momentum-</guid><pubDate>25-Aug-2026 8:37:50 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में गूंजेगी हॉकी की नई हुंकार, देश की पहली राज्य स्तरीय प्रोफेशनल हॉकी लीग का आगाज</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5780/a-new-clarion-call-for-hockey-to-resound-in-chhattisgarh-the-country-s-first-state-level-professional-hockey-league-kicks-off-</link><description>
रायपुर. 25 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।
लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"
लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।
प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5780/a-new-clarion-call-for-hockey-to-resound-in-chhattisgarh-the-country-s-first-state-level-professional-hockey-league-kicks-off-</guid><pubDate>25-Aug-2026 8:35:24 pm</pubDate></item><item><title>उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से कोरबा की सड़कों के लिए साढ़े 17 करोड़ स्वीकृत,डीएमएफ मद से 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण को मिली हरी झंडी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5779/rs-17-5-crore-sanctioned-for-korba-s-roads-through-the-initiative-of-industries-minister-lakhan-lal-dewangan-green-signal-given-for-the-asphalt-surfacing-of-13-major-roads-using-dmf-funds-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के आधारभूत ढांचे को बड़ा मजबूती मिलने जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों के नए सिरे से डामरीकरण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 17.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है।
*स्वीकृत प्रमुख डामरीकरण कार्य एवं लागत*
    सोनालिया ब्रिज से तुलसी नगर बायपास 1.99 करोड़ रुपये, रिश्दा चौक से गायत्री मंदिर मुख्य मार्ग (जीटी रोड) 1.80 करोड़ रुपये, इमली डुग्गू बस्ती से खदान रोड तक (सीसी रोड व डिवाइडर) 1.74 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। इसी प्रकार पोड़ीबहार चर्च से लकी बिग बास्केट मोड़ तक 1.65 करोड़ रुपये, डीडीएम रोड से लालू राम कॉलोनी होते हुए बस स्टैंड 1.64 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (आवासीय क्षेत्र) 1.50 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (व्यावसायिक क्षेत्र) 1.45 करोड़ रुपये, प्रेम नगर मुख्य मार्ग से कपटमुड़ा डीपरा बस्ती 1.38 करोड़ रुपये, लालघाट बालको चेक पोस्ट से रिश्दा चौक (बीटी रोड) 1.20 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। सुभाष चौक से सब-स्टेशन तक 97.80 लाख रुपये, सोनालिया ब्रिज नहर से सीतामणि मुख्य मार्ग तक 87.75 लाख रुपये, कलेक्ट्रेट एटीएम से बैगिनडभार आंगनबाड़ी तक 66.18 लाख रुपये, नेहरू नगर (वार्ड-24) एवं शारदा विहार से टीपी नगर फाटक क्रमशः 55 लाख व 40 लाख रुपये सड़क डामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है।
*टेंडर प्रक्रिया पूर्ण, बारिश के बाद शुरू होंगे काम*
    मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि इसके अलावा शहर के अन्य 6 प्रमुख मार्गों के लिए पूर्व में स्वीकृत 7.12 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें जैन चौक से घंटाघर चौक, घंटाघर चौक से कोसाबाड़ी चौक, सुनालिया ब्रिज से पावर हाउस रोड तथा पुराने बस स्टैंड अंडरब्रिज रोड जैसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं। बारिश का मौसम समाप्त होते ही इन सभी सड़कों पर डामरीकरण का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
   श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्गाे एवं उप नगरीय क्षेत्र को जोड़ने वाले सड़कों के साथ-साथ वार्डों की आंतरिक सड़कों के डामरीकरण के लिए जिला खनिज न्यास मद से राशि की स्वीकृति आदेश जारी हो चुकी है, कुछ और सड़कों के लिए राशि कुछ दिनों में प्राप्त हो जाएगी। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सभी स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5779/rs-17-5-crore-sanctioned-for-korba-s-roads-through-the-initiative-of-industries-minister-lakhan-lal-dewangan-green-signal-given-for-the-asphalt-surfacing-of-13-major-roads-using-dmf-funds-</guid><pubDate>25-Aug-2026 8:12:20 pm</pubDate></item><item><title>आदिवासी कन्या छात्रावास में मंत्री रामविचार नेताम का औचक निरीक्षण, चबूतरे पर बैठकर छात्राओं से की आत्मीय बातचीत; स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर और सुविधाओं का लिया फीडबैक</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5778/minister-ramvichar-netam-conducted-a-surprise-inspection-of-the-tribal-girls-hostel-sitting-on-the-platform-he-engaged-in-a-cordial-conversation-with-the-students-and-sought-feedback-regarding-their-health-studies-career-prospects-and-facilities-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने महासमुंद जिला में आदिवासी छात्रावासों और कन्या आश्रमों का औचक निरीक्षण किया है। उन्होंने छात्रावास परिसरों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की जाँच की। मंत्री श्री नेताम ने आज शाम महासमुंद स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर, रहन-सहन तथा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा भी मौजूद थे।
   निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास प्रांगण में चबूतरे पर बैठकर छात्राओं के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों, परीक्षा की तैयारी, भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और करियर को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। छात्राएं अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करें।
*स्वास्थ्य और रहन-सहन की ली जानकारी*
   मंत्री श्री नेताम ने छात्राओं से उनके स्वास्थ्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है या नहीं, किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपचार की व्यवस्था कैसी है तथा भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने की स्थिति क्या है। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, अध्ययन कक्ष, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए।
*छात्राओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश*
   मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां छात्राएं सुरक्षित महसूस करते हुए मन लगाकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि छात्रावास से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता को अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष खुलकर रखें। उन्होंने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा छात्राओं से समय-समय पर संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
   निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं से बातचीत के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त खंड प्रभारी तथा छात्रावास अधीक्षक सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5778/minister-ramvichar-netam-conducted-a-surprise-inspection-of-the-tribal-girls-hostel-sitting-on-the-platform-he-engaged-in-a-cordial-conversation-with-the-students-and-sought-feedback-regarding-their-health-studies-career-prospects-and-facilities-</guid><pubDate>25-Aug-2026 8:11:24 pm</pubDate></item><item><title>बहनों की आत्मनिर्भरता और चेहरे की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी खुशी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया ने बहनों को दिया स्नेह और सम्मान का उपहार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5777/-quot-the-self-reliance-of-sisters-and-the-smiles-on-their-faces-are-our-greatest-joy-quot-chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-ahead-of-raksha-bandhan-vishnu-bhaiya-presented-sisters-with-a-gift-of-affection-and-respect-</link><description>
रायपुर 25 अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से पहले आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक आत्मीय और भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। प्रदेश की लाखों बहनों के विष्णु भैया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी बहनों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव सुने। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की गई।
*बहनों के लिए विष्णु भैया का रक्षाबंधन उपहार*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।
*बहनों ने विष्णु भैया को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी*
समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।
*लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक - महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।
*डौंडीलोहारा और बालोद को मिली विकास की बड़ी सौगात*
महतारी वंदन सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बालोद जिले को विकास कार्यों की अनेक सौगातें भी दीं। उन्होंने लगभग ₹102 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन की स्वीकृति, खरखरा जलाशय की पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर ₹5 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौंडीलोहारा विकासखंड में लगभग ₹19 करोड़ की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण की भी घोषणा की।
समारोह में 3.2 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग तथा 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।
*मोदी की गारंटी से हर वर्ग के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी की गारंटी के प्रमुख वादों को तेजी से पूरा करते हुए जनकल्याण और विकास को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा किया जा रहा है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर उनके परिश्रम को सम्मान दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदा जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का पुण्य अवसर मिला है।
*नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई रोशनी में बस्तर*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दशकों तक बस्तर नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से आज बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां आज सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ ही विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। आने वाले समय में बस्तर छत्तीसगढ़ के विकास की नई पहचान बनेगा।
*विकसित भारत के साथ बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए नए अवसर, जनजातीय अंचलों का विकास और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली - इन्हीं मजबूत आधारों पर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।
समारोह को संबोधित करते हुए कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन से पूर्व माताओं-बहनों के सम्मान में आयोजित समारोह की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति दे रही है।
पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के अंतरण को मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया।
इस अवसर पर कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5777/-quot-the-self-reliance-of-sisters-and-the-smiles-on-their-faces-are-our-greatest-joy-quot-chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-ahead-of-raksha-bandhan-vishnu-bhaiya-presented-sisters-with-a-gift-of-affection-and-respect-</guid><pubDate>25-Aug-2026 8:08:17 pm</pubDate></item><item><title>नगरीय निकायों के पेंशनरों को साय सरकार की बड़ी सौगात, 7वें वेतनमान के पेंशनरों को 58% और 6वें वेतनमान के पेंशनरों को 257% महंगाई राहत, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभ</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5776/a-major-gift-from-the-sai-government-for-urban-body-pensioners-58-dearness-relief-for-those-on-the-7th-pay-scale-and-257-for-those-on-the-6th-pay-scale-benefits-to-be-effective-from-january-1-2026-</link><description>
रायपुर. 25 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5776/a-major-gift-from-the-sai-government-for-urban-body-pensioners-58-dearness-relief-for-those-on-the-7th-pay-scale-and-257-for-those-on-the-6th-pay-scale-benefits-to-be-effective-from-january-1-2026-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:13:06 pm</pubDate></item><item><title>कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं,समयबद्ध, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5775/collector-shri-rohit-vyas-heard-the-grievances-of-the-general-public-during-the-jan-darshan-public-hearing-and-issued-instructions-to-ensure-their-time-bound-prompt-and-quality-resolution-</link><description>
जशपुरनगर 25 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।  कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5775/collector-shri-rohit-vyas-heard-the-grievances-of-the-general-public-during-the-jan-darshan-public-hearing-and-issued-instructions-to-ensure-their-time-bound-prompt-and-quality-resolution-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:08:28 pm</pubDate></item><item><title>राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को देशभर में आयोजित होगा खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5774/the-khelo-india-samvad-program-will-be-organized-across-the-country-on-august-27-on-the-occasion-of-national-sports-day-</link><description>
जशपुर 25 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन 27 अगस्त को देशभर में व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
इसी क्रम में देशभर में खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं, खिलाड़ियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को एक साझा मंच पर जोड़ना है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के दो शैक्षणिक संस्थानों में युवा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जशपुर जिले में यह कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, मनोरा एवं श्री रामेश्वर गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय, समरवार में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में सुबह 10 बजे तक अतिथियों एवं युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके पश्चात माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वर्चुअल माध्यम से देशभर के लगभग 1600 स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री जी के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर MY Bharat Volunteers एवं खिलाड़ियों के बीच युवा संवाद आयोजित होगा। इसमें पिछले 12 वर्षों में खेल बुनियादी ढांचे में हुए विकास, खेल पारिस्थितिकी तंत्र तथा युवाओं की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
संवाद के प्रमुख विषयों में जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, युवा नेतृत्व एवं शासन में भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण शामिल हैं। युवाओं से उनके सुझाव एवं विचार QR Code के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे तथा उन्हें VBYLD Quiz Round में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
यह पहल युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5774/the-khelo-india-samvad-program-will-be-organized-across-the-country-on-august-27-on-the-occasion-of-national-sports-day-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:07:23 pm</pubDate></item><item><title>कलेक्टर ने सिकल सेल के दो साल के कार्यों की समीक्षा ,मरीजों को बेहतर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5773/the-collector-reviewed-the-work-done-regarding-sickle-cell-disease-over-the-past-two-years-and-issued-instructions-to-ensure-better-treatment-facilities-for-patients-</link><description>
जशपुर 25 अगस्त 2026/ जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के सहयोग से संगवारी संस्था के द्वारा आज 25 अगस्त 2026 को कलेक्टर सभा कक्ष में सिकल सेल संगवारी संस्था के सिकल सेल रोग के क्षेत्र में दो वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सिकल सेल के कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि जिले में सिकल सेल में अच्छा काम हो रहा है।
छुटे हुए मरीजों का चिन्हांकन करके निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर जिला चिकित्सालय से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.के. इंदवार, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. ममता सिंह एवं सहायक नोडल अधिकारी श्री देवेंद्र कुमार राठौर उपस्थित रहे।
मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एच ओ डी डॉ. आभा इक्का, डॉ. अमोश किंडो एवं डॉ. शुभम यादव ने बैठक में सहभागिता की।
वहीं यूनिसेफ की ओर से स्टेट हेड डॉ. गजेंद्र सिंह ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
सिकल सेल संगवारी संस्था की ओर से डॉ. योगेश्वर कालकोंडे एवं डॉ. बैद्यनाथ देवनाथ तथा जिला संगवारी टीम से जान्हवी ठाकुर, विक्रम प्रामाणिक एवं रीतू मंडल उपस्थित रहे।दो वर्षों के कार्यों एवं उपलब्धियों की प्रस्तुतिबैठक के दौरान सिकल सेल संगवारी टीम द्वारा विगत दो वर्षों में सिकल सेल रोग के क्षेत्र में किए गए कार्यों, प्रमुख उपलब्धियों एवं जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
जिला स्तर पर पंजीकृत सिकल सेल मरीजों के नियमित मासिक फॉलोअप, उपचार एवं दवा की उपलब्धता, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, मरीजों एवं उनके परिवारों में जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं से निरंतर जोड़ने सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।
इसके साथ ही अनट्रैक एवं फॉलोअप से छूटे मरीजों की पहचान कर उन्हें पुनः स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, नियमित उपचार सुनिश्चित करने तथा सिकल सेल मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं अन्य पात्र शासकीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में सिकल सेल मरीजों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने, मरीजों के नियमित उपचार एवं फॉलोअप को बेहतर करने तथा आगामी समय में सिकल सेल रोग के नियंत्रण एवं उन्मूलन की दिशा में किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा सिकल सेल के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान किए गए।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5773/the-collector-reviewed-the-work-done-regarding-sickle-cell-disease-over-the-past-two-years-and-issued-instructions-to-ensure-better-treatment-facilities-for-patients-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:06:12 pm</pubDate></item><item><title>आईसीएआर-एनआईबीएसएम द्वारा पोषण वाटिका पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित,62 किसान हुए लाभान्वित, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5772/icar-nibsm-organized-a-training-program-on-nutrition-gardens-62-farmers-including-10-women-farmers-benefited-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा किसानों के बीच घरेलू पोषण सुरक्षा, आहार विविधता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "पोषण वाटिका" पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बरोंदा, मुर्रा, बेलटुकरी, देवगांव, कुर्रा और कथुरड गांवों के 62 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल थीं।
*संतुलित आहार स्वास्थ्य के लिए जरूरी: डॉ. पी. के. राय*
     कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किया। उन्होंने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घर पर ताजी, पौष्टिक और रसायन मुक्त सब्जियों व फलों की उपलब्धता परिवार की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास पर्याप्त भूमि नहीं है, वे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण वाटिका विकसित कर सकते हैं, जिससे समुदाय स्तर पर कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी।
*उन्नत तकनीकों और जैविक खेती पर जोर*
      संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को स्थानीय जलवायु के अनुसार पोषण वाटिका प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव दिए । बारिश कम होने पर सही आकार के गड्ढे बनाकर, उनमें गोबर की सड़ी खाद मिलाकर फलदार पौधे लगाएं। जलभराव से बचाव के लिए उचित जल निकासी का प्रबंध करें और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में सब्जियों के लिए ऊंची उठी हुई (रेज़्ड) क्यारियां तैयार करें। अनावश्यक रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से बचकर पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल जैविक उपायों को अपनाएं।
*सब्जियों के बीज और पौधों का वितरण*
       कार्यक्रम के अंत में किसानों को पोषण वाटिका स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्नत किस्म के अमरूद और नींबू के पौधों के साथ-साथ 18 प्रकार की सब्जियों (पालक, धनिया, मेथी, भिंडी, लौकी, तोरी, मूली आदि) के बीज निशुल्क वितरित किए गए।
       इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्रीमती कंचन गायकवाड़ एवं श्री संतोष कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा द्वारा किया गया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5772/icar-nibsm-organized-a-training-program-on-nutrition-gardens-62-farmers-including-10-women-farmers-benefited-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:03:21 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान,मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गिनाईं उपलब्धियां</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5771/chhattisgarh-tourism-set-for-a-global-boost-culture-and-heritage-to-gain-new-recognition-minister-shri-rajesh-agrawal-highlights-achievements-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। श्री अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
     प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है।
*पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन*
     मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है।
*61 ट्रेनों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या-काशी के दर्शन*
    श्री अग्रवाल ने बताया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
*होमस्टे और स्थानीय रोजगार पर विशेष जोर*
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
*चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी*
     मंत्री ने बताया कि बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक बताते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटक सुविधाओं एवं अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।
*भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ स्वीकृत*
     धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 145 करोड़ 99 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए भी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।
*डिजिटल पर्यटन को मिल रहा विस्तार*
     मंत्री ने बताया कि आज का पर्यटक अपनी यात्रा की शुरुआत मोबाइल फोन से करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल सूचना और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग ₹6 करोड़ 48 लाख तथा पर्यटन इकाइयों से लगभग ₹31 करोड़ 75 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।
*2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य*
    मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
*18 पर्यटन संपत्तियों के विकास में निजी भागीदारी*
    मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे लगभग 500 करोड़ का निवेश आकर्षित होने तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
*अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग*
     पर्यटन मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे ले जाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच तथा अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं।
*कलाकारों के कल्याण और संस्कृति संरक्षण पर विशेष जोर*
     पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण को प्रमुखता देते हुए कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान योजना के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को लगभग 30 लाख 3 हजार की सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार की सहायता दी जा चुकी है।
     इसी तरह मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन तथा अन्य शिल्प एवं लोककलाओं से जुड़े कलाकारों और लेखकों को संरक्षण एवं आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख 8 हजार की राशि प्रदान की गई है।
*407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन*
    संस्कृति मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को ₹82 लाख 12 हजार की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
*संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल*
    संस्कृति श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 विशिष्ट मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोहों का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे वर्ष किया जा रहा है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए आदि पर्व पंचांग तैयार किया जा रहा है।
    संस्कृति श्री अग्रवाल ने बताया कि बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आत्मीय भेंट एवं सम्मान का अवसर मिला।
*लोककलाओं और लोकवाद्यों के संरक्षण के लिए नए आयोजन*
    संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि पावस प्रसंग, रंगतरंग, रंगपरब और लोकरंग पर्व जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य तथा पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत और देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।
*संस्कृति का डिजिटल आर्काइव तैयार*
    संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विस्तृत डिजिटल आर्काइव तैयार किया जा रहा है। यह प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों, लोक परंपराओं और विरासत को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल है।
*सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ से अधिक की सहायता*
    संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अशासकीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ₹7 करोड़ 85 लाख 3 हजार की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
*नई फिल्म नीति की तैयारी*
     पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। संशोधनों के साथ नवीन फिल्म नीति तैयार की जाएगी, जिससे प्रदेश के प्राकृतिक एवं खूबसूरत स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।
*सिरपुर को विश्व धरोहर की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल*
     पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग की उपलब्धियों में सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल प्रमुख है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है।
*63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर कार्य*
     पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों में संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का दृष्टिकोण है कि धरोहर संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिले।
*रायपुर संग्रहालय में नई गैलरी, पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो*
     संस्कृति मंत्री ने बताया कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई रियासत गैलरी की स्थापना तथा वर्तमान गैलरियों के उन्नयन एवं विकास का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो तथा संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों के साथ छत्तीसगढ़ की मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को केंद्र में रखकर स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है।
*12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण*
    संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ से संबंधित लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कैटलॉग एवं मेटाडेटा तैयार किया जा रहा है।
*2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण*
     संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले के आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 साल पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष तथा विभिन्न राजवंशों के सोने, चांदी और तांबे के सिक्के मिले हैं।
    मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संस्कृति का विकास केवल नए पर्यटन स्थलों और आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, कलाकारों के कल्याण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रही है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5771/chhattisgarh-tourism-set-for-a-global-boost-culture-and-heritage-to-gain-new-recognition-minister-shri-rajesh-agrawal-highlights-achievements-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:02:22 pm</pubDate></item><item><title>नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5770/emphasis-on-developing-naya-raipur-as-the-country-s-leading-greenfield-city-housing-and-environment-minister-shri-o-p-choudhary</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा।
*बिना मांग के नहीं होगी नई आवासीय परियोजना : मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी*
      मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल को लगभग 700 करोड़ रुपए का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया। इसके बाद मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए यह नीति निर्धारित की गई कि बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा प्रथम तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित और व्यावहारिक आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा बिना मांग के निर्मित होकर लंबे समय तक खाली रहने वाले भवनों की समस्या से भी निजात मिलेगी।
*गुणवत्ता के नए मानदंड स्थापित करे हाउसिंग बोर्ड*
     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करनी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर कार्य करने के बजाय आवश्यकतानुसार उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक एवं आधुनिक रंगों का उपयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां सरकारी परियोजनाओं की पारंपरिक छवि से अलग दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए यदि परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता का नया मानदंड स्थापित किया जाना चाहिए।
*आरडब्ल्यूए को मजबूत कर समय पर कॉलोनियां हैंडओवर करने पर जोर*
     आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी भी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
*नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहा विस्तार*
   मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर के लगभग एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है। उन्होंने नवा रायपुर में तेजी से विकसित हो रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर जी का केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी नवा रायपुर के विकास को नई गति दे रही हैं।
    आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
*नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी संभावनाएं*
     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही अनेक परियोजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने सेक्टर-12 फेस-2 के नए हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नवा रायपुर में आवास लेने का सही निर्णय किया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो और हितग्राहियों को बेहतर सुविधाओं के साथ समय पर आवास उपलब्ध कराए जाएं।
*हाउसिंग बोर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास : मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव*
      कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने मंडल की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा मांग आधारित परियोजनाओं, बेहतर आवासीय सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में मंडल की गतिविधियों में तेजी आई है और नए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया है।
*सेक्टर-12 फेस-2 में 348 भवन, 704 नए फ्लैट का भी होगा निर्माण*
     मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 रुपए लाख तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए सेक्टर-12 फेस-2 में ही आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG एवं 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपए से 40.47 लाख रुपए तक प्रस्तावित है।
*परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन प्राथमिकता : सचिव श्री अंकित आनंद*
      कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर हितग्राहियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में बढ़ती आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए मंडल भविष्य में भी मांग आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देगा।
*नवा रायपुर में मंडल की आवासीय परियोजनाओं का विस्तार*
      मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर अपनी प्रथम आवासीय कॉलोनी का शुभारंभ किया था। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपा गया। इसी प्रकार वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर द्वितीय आवासीय कॉलोनी प्रारंभ की गई, जहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूर्ण कर आबंटियों को प्रदान किया गया।
     आयुक्त श्री शरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेक्टर-16, 30 एवं 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। यहां कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS एवं 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है और हितग्राही निवासरत हैं। वहीं, सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में आवासीय परियोजना प्रारंभ की गई थी। यहां HIG एवं MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण कर आबंटियों को भवन सौंपे जा चुके हैं।
*एक पेड़ मां के नाम के तहत पीपल का पौधा रोपा*
      कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पौधों के संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, , सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5770/emphasis-on-developing-naya-raipur-as-the-country-s-leading-greenfield-city-housing-and-environment-minister-shri-o-p-choudhary</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:01:11 pm</pubDate></item><item><title>पशुओं को बंधक बनाने पर टूटा प्रशासन का शिकंजा, पिता-पुत्र गिरफ्तार और सरकारी जमीन से कब्जा हटाया</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5769/administration-cracks-down-on-illegal-confinement-of-cattle-father-and-son-arrested-and-encroachment-on-government-land-removed-</link><description>
रायपुर 25 अगस्त 2026/बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
*शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया*
प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।
*126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया*
मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
*मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच*
जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।
*पंचायत सचिव निलंबित*
मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5769/administration-cracks-down-on-illegal-confinement-of-cattle-father-and-son-arrested-and-encroachment-on-government-land-removed-</guid><pubDate>25-Aug-2026 7:00:02 pm</pubDate></item><item><title>राखी का बंधन, खुशियों का संसारमहतारी वंदन से बहनों को संबल अपार,31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहाविष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5768/the-bond-of-rakhi-a-world-of-happiness-immense-support-for-sisters-through-the-mahtari-vandan-scheme-the-31st-installment-has-heightened-the-excitement-of-raksha-bandhan-mamata-rajwade-remarked-this-gift-from-vishnu-bhaiya-has-become-a-source-of-strength-for-sisters-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।
ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।
*महिलाओं की जरूरतों का बन रहा नियमित सहारा*
ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।
*विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं*
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना विष्णु भैया बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।
ममता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5768/the-bond-of-rakhi-a-world-of-happiness-immense-support-for-sisters-through-the-mahtari-vandan-scheme-the-31st-installment-has-heightened-the-excitement-of-raksha-bandhan-mamata-rajwade-remarked-this-gift-from-vishnu-bhaiya-has-become-a-source-of-strength-for-sisters-</guid><pubDate>25-Aug-2026 6:57:15 pm</pubDate></item><item><title>विष्णु भैया के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5767/-vishnu-bhaiya-s-gift-gives-wings-to-sisters-dreams-premlata-becomes-self-reliant-through-mahtari-vandan-</link><description>*
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि ने बहनों की खुशियों को और बढ़ाया है।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती प्रेमलता राठौर के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह लेकर आई है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे परिवार की दैनिक जरूरतों, राशन और घरेलू खर्चों को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे पा रही हैं।
*बिहान से जुड़कर बढ़ाया आजीविका का दायरा*
श्रीमती प्रेमलता राठौर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर आटा चक्की का संचालन भी कर रही हैं। मेहनत, लगन और अपने हुनर के जरिए उन्होंने स्वरोजगार को अपनी आय का जरिया बनाया है। आटा चक्की से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक बन रही है।
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके इस छोटे व्यवसाय को भी मजबूती दे रही है। वे जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग आटा चक्की की मरम्मत और आवश्यक कार्यों में करती हैं। इस तरह योजना की सहायता उनके लिए केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि आजीविका को निरंतर बनाए रखने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो रही है।
*रक्षाबंधन से पहले मिली राशि, चेहरे पर आई खुशी*
रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि मिलने से श्रीमती प्रेमलता के परिवार में भी खुशी का माहौल है। वे इसे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार और अपने काम के लिए उपयोगी आर्थिक सहयोग मानती हैं। उनके लिए यह राशि आर्थिक सहायता के साथ सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव भी लेकर आई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता राठौर कहती हैं, हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों की जरूरत को समझते हैं। रक्षाबंधन के उपहार के रूप में त्योहार से पहले ही पैसे मिल गए। इससे हम अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार और अपने काम में भी सहयोग कर पा रहे हैं।
महतारी वंदन योजना से जुड़ी प्रेमलता राठौर की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग, आजीविका के अवसर और आत्मनिर्भर बनने का भरोसा मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत होकर आगे बढ़ने का रास्ता भी स्वयं तैयार करती हैं। राखी के इस पर्व पर महतारी वंदन की सहायता उनके लिए आर्थिक संबल के साथ विष्णु भैया की सरकार के महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प का भरोसा भी बन रही है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5767/-vishnu-bhaiya-s-gift-gives-wings-to-sisters-dreams-premlata-becomes-self-reliant-through-mahtari-vandan-</guid><pubDate>25-Aug-2026 6:55:55 pm</pubDate></item><item><title>ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, विष्णु भैया की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी,आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5766/soaring-towards-self-reliance-on-the-wings-of-drones-hemlata-became-a-drone-didi-through-vishnu-bhaiya-s-initiatives-and-is-transforming-the-village-landscape-with-modern-agricultural-technology-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ड्रोन दीदी के नाम से पहचानी जाती हैं।
*नमो ड्रोन दीदी योजना ने दिखाई नई राह*
श्रीमती हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।
तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
*सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय*
ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर श्रीमती हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।
हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
*महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल*
श्रीमती हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।
वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
*विष्णु भैया की योजनाओं से बहनों को मिल रहा सम्मान और अवसर*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।
हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5766/soaring-towards-self-reliance-on-the-wings-of-drones-hemlata-became-a-drone-didi-through-vishnu-bhaiya-s-initiatives-and-is-transforming-the-village-landscape-with-modern-agricultural-technology-</guid><pubDate>25-Aug-2026 6:55:08 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5765/the-chief-minister-released-a-book-based-on-the-minvakhad-parliamentary-complex-development-project-</link><description>
रायपुर, 25 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को निवास कार्यालय में संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।
इस अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री प्रबोध मिंज उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5765/the-chief-minister-released-a-book-based-on-the-minvakhad-parliamentary-complex-development-project-</guid><pubDate>25-Aug-2026 4:22:19 pm</pubDate></item><item><title>स्नेह की डोर में दिखा भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा का भावपूर्ण संगम, शहीद की धर्मपत्नी ने मुख्यमंत्री साय की कलाई पर बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोलेशहीद परिवार हमारे अपने, हर सुख-दुःख में साथ खड़ी रहेगी सरकार</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5764/a-poignant-blend-of-sibling-affection-and-the-spirit-of-national-defense-was-witnessed-in-the-sneh-ki-dor-event-chief-minister-sai-was-moved-to-emotion-as-the-wife-of-a-martyr-tied-a-rakhi-on-his-wrist-</link><description>
रायपुर 25 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित स्नेह की डोर कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।
*नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।
*जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी*
स्नेह की डोर कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।
इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।
*बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।
*रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
*देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, स्नेह की डोर जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
*रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स*
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्सहरित पोषणम्, प्रोजेक्ट निरामय, तिरंगा शक्ति फेस्ट, प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः और रायपुर अनफिल्टर्ड का शुभारंभ किया।
हरित पोषणम् के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।
प्रोजेक्ट निरामय के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
तिरंगा शक्ति फेस्ट के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।
रायपुर अनफिल्टर्ड के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5764/a-poignant-blend-of-sibling-affection-and-the-spirit-of-national-defense-was-witnessed-in-the-sneh-ki-dor-event-chief-minister-sai-was-moved-to-emotion-as-the-wife-of-a-martyr-tied-a-rakhi-on-his-wrist-</guid><pubDate>25-Aug-2026 3:53:28 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर में पहली बार राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता की तैयारी तेज, सीईओ अभिषेक कुमार ने आश्रम-छात्रावासों के निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा के दिए निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5763/preparations-for-the-first-ever-national-chess-tournament-in-jashpur-are-intensifying-ceo-abhishek-kumar-has-issued-instructions-to-inspect-ashram-hostels-and-review-development-works-</link><description>जशपुर 23 अगस्त 2026/ जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन सहित सभी लंबित आवेदनों गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवेदन का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सभी एसडीएम ,जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
जिला पंचायत सीईओ ने जिले के आश्रम छात्रावास के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।और आनलाईन प्रतिवेदन जमा करने के लिए कहा।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आगामी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली स्थिति कम्युनिटी हॉल में चेकमेट एट जशपुर 2026 प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं खेल विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है।प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी शामिल होंगे।प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रूपए की पुरस्कार राशि रखी गई है।मुख्य श्रेणी में विजेता को 50 हजार रुपए एवं ट्रॉफी उप विजेता को 30 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपए एवं ट्रॉफी मिलेगा।
इसके अलावा विभिन्न रेटिंग, महिला, वरिष्ठ, आयु वर्ग तथा जशपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं।जिला पंचायत सीईओ ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5763/preparations-for-the-first-ever-national-chess-tournament-in-jashpur-are-intensifying-ceo-abhishek-kumar-has-issued-instructions-to-inspect-ashram-hostels-and-review-development-works-</guid><pubDate>25-Aug-2026 3:36:31 pm</pubDate></item><item><title>राशन दुकान में अनियमितता की शिकायत पर खाद्य निरीक्षक ने की जांच, 627 हितग्राहियों को अब तक बांटा गया खाद्यान्न</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5762/food-inspector-conducts-inquiry-following-complaints-of-irregularities-at-a-ration-shop-food-grains-have-been-distributed-to-627-beneficiaries-so-far-</link><description>
जशपुरनगर, 25 अगस्त 2026/ जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकियाखार स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में एक माह का चावल रोकने तथा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शक्कर विक्रय किए जाने की शिकायत पर के खाद्य विभाग द्वारा जांच की गई। खाद्य निरीक्षक, पत्थलगांव द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण एवं जांच कर संचालन में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पत्थलगांव को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।  खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत कोकियाखार में कुल 787 राशनकार्डधारी हितग्राही हैं, जिनमें से आज दिनांक तक 627 राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। दुकान संचालक द्वारा बताया गया कि माह जुलाई एवं अगस्त 2026 का खाद्यान्न हितग्राहियों को वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5762/food-inspector-conducts-inquiry-following-complaints-of-irregularities-at-a-ration-shop-food-grains-have-been-distributed-to-627-beneficiaries-so-far-</guid><pubDate>25-Aug-2026 2:01:32 pm</pubDate></item><item><title>सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं भूले सहकर्मी,  ग्रामीण सड़कों के विकास में अहम योगदान देने वाले हरिओम शर्मा का जशपुर में आत्मीय सम्मान, भावुक हुआ मिलन समारोह</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5761/colleagues-remember-him-even-after-retirement-hariom-sharma-who-played-a-pivotal-role-in-the-development-of-rural-roads-receives-a-heartfelt-felicitation-in-jashpur-a-moving-reunion-</link><description>सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा के सम्मान में जशपुर में हुआ आत्मीय मिलन समारोह
जशपुर । सरगुजा संभाग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ग्रामीण सड़क विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री हरिओम शर्मा के सम्मान में जशपुरनगर में आत्मीय मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे अधिकारियों, अभियंताओं और विभागीय सहकर्मियों ने श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत कर उनका सम्मान किया।
इस दौरान श्री हरिओम शर्मा को शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके लंबे शासकीय सेवाकाल को याद करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, गुणवत्ता और विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनके योगदान को सराहा।
समारोह में अधिकारियों ने कहा कि श्री शर्मा की कार्यशैली, अनुभव और मार्गदर्शन से विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। ग्रामीण सड़कों के विकास को गति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस अवसर पर श्री हरिओम शर्मा ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा के दौरान मिला सहयोग, स्नेह और अपनापन उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
समारोह का माहौल आत्मीय और भावुक रहा। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री शर्मा के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सरगुजा संभाग की ओर से आयोजित यह मिलन समारोह उनके प्रति सम्मान और स्नेह की यादगार अभिव्यक्ति बन गया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5761/colleagues-remember-him-even-after-retirement-hariom-sharma-who-played-a-pivotal-role-in-the-development-of-rural-roads-receives-a-heartfelt-felicitation-in-jashpur-a-moving-reunion-</guid><pubDate>24-Aug-2026 9:15:25 pm</pubDate></item><item><title>नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5760/mr-sonmani-borah-principal-secretary-of-the-urban-administration-department-reviewed-the-e-bus-scheme-pm-awas-and-the-waste-to-energy-project-</link><description>

रायपुर. 24 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।
प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।
प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे।
श्री बोरा ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की योजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों, उनकी व्यवहार्यता तथा वित्तीय पक्षों का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का स्पष्ट आकलन भी आवश्यक है। उन्होंने वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधनों का यथार्थपरक अनुमान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय राज्य सरकार पर पड़ने वाले संभावित दीर्घकालिक वित्तीय भार का स्पष्ट आकलन किया जाए, ताकि परियोजनाओं की वित्तीय संरचना व्यवहारिक एवं टिकाऊ हो।
बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सक्षम एवं अनुभवी निजी भागीदारों की उपलब्धता, परियोजना में निवेश के प्रति उनकी रुचि तथा उनकी अपेक्षाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार, नगरीय निकायों एवं निजी क्षेत्र के बीच उत्तरदायित्वों और वित्तीय सहभागिता का संतुलित निर्धारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। उन्होंने प्रस्ताव को यथाशीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग और गैप एनालिसिस पर जोर*
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग समुचित एवं दीर्घकालिक योजनाओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की योजना तैयार की जाए, जिससे सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को अलग-अलग एवं बिखरे हुए रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। सड़कों से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता, यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए उन्होंने गैप एनालिसिस तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक शहरी अधोसंरचना से संबंधित कमियों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा सके। गैप एनालिसिस के आधार पर कार्यों का चयन होने से विकास कार्य अधिक लक्षित, प्रभावी और परिणामोन्मुख होंगे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5760/mr-sonmani-borah-principal-secretary-of-the-urban-administration-department-reviewed-the-e-bus-scheme-pm-awas-and-the-waste-to-energy-project-</guid><pubDate>24-Aug-2026 9:09:51 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में UCC के प्रारूप पर मंथन की बड़ी तैयारी, 27 अगस्त को रायपुर में जुटेंगे 200 से अधिक प्रतिनिधि; ऑनलाइन भी दिए जा सकेंगे सुझाव</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5759/major-preparations-are-underway-in-chhattisgarh-to-deliberate-on-the-draft-of-the-uniform-civil-code-ucc-over-200-delegates-will-gather-in-raipur-on-august-27-and-suggestions-can-also-be-submitted-online-</link><description>
​रायपुर, 21 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की उपस्थिति में आगामी 27 अगस्त 2026 को राजधानी के कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।
      ​इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 जिनमें आयेाग, निगम, मंडल, विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, विकास प्राधिकरणों के प्रदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के विचार, अनुभव और सुझाव कानून के भावी स्वरूप को गढ़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।​       ​बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, सामाजिक प्रभावों और व्यावहारिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा की जाएगी। राज्य शासन का उद्देश्य एक ऐसा समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना है जो राज्य के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख सके। विस्तृत चर्चा/सुझाव हेतु विभिन्न समूह को पृथक से भी आमंत्रित किया जाएगा, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) का online सुझाव इस पर भी दिया जा सकता है</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5759/major-preparations-are-underway-in-chhattisgarh-to-deliberate-on-the-draft-of-the-uniform-civil-code-ucc-over-200-delegates-will-gather-in-raipur-on-august-27-and-suggestions-can-also-be-submitted-online-</guid><pubDate>24-Aug-2026 8:42:58 pm</pubDate></item><item><title>जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार, PHED में 111 युवा उप अभियंताओं की एक साथ नियुक्ति; सुप्रीम कोर्ट से स्थगन हटते ही 2 दिन में जारी हुए पदस्थापना आदेश, 15 दिनों में ज्वाइनिंग अनिवार्य</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5758/jal-jeevan-mission-to-gain-momentum-with-the-simultaneous-appointment-of-111-young-assistant-engineers-in-the-phed-posting-orders-issued-within-two-days-of-the-supreme-court-lifting-the-stay-with-joining-mandatory-within-15-days-</link><description>
रायपुर. 24 अगस्त 2026. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
देंखे सूची : पीडीएफ 1
        पीडीएफ 2</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5758/jal-jeevan-mission-to-gain-momentum-with-the-simultaneous-appointment-of-111-young-assistant-engineers-in-the-phed-posting-orders-issued-within-two-days-of-the-supreme-court-lifting-the-stay-with-joining-mandatory-within-15-days-</guid><pubDate>24-Aug-2026 8:35:32 pm</pubDate></item><item><title>मेहनत करने वाले श्रमिकों के बच्चों को अब सपनों की उड़ान, मुख्यमंत्री साय ने कहाआर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा के रास्ते में नहीं बनेंगी बाधा, शिक्षा से तय होगा सुनहरा भविष्य</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5757/children-of-hardworking-laborers-can-now-let-their-dreams-take-flight-chief-minister-sai-stated-that-financial-circumstances-will-not-stand-in-the-way-of-talent-and-a-bright-future-will-be-shaped-through-education-</link><description>
रायपुर 24 अगस्त 2026/ श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए कठिन सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के लिए समान अवसर देने की पहल है।
*श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद*
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश और देश के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों तक और बड़े पुलों से लेकर विकास की अनेक अधोसंरचनाओं के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। सरकार का दायित्व है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास सहित जीवन के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इन योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
*शिक्षा विकास का मूलमंत्र, परिस्थितियां नहीं रोक सकतीं आगे बढ़ने का रास्ता*
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अभी से बड़े सपने देखें और तय करें कि भविष्य में किस क्षेत्र में जाकर देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी, तो कोई व्यवसाय, समाजसेवा अथवा अन्य क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा ही है। इसलिए बच्चों को मिले इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु ऋण तथा विदेश में अध्ययन के लिए सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सरकार चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी खुल रहे शिक्षा और विकास के नए द्वार*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद प्रदेश के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी शिक्षा और विकास की पहुंच कठिन थी, वहां अब नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें, जो बड़े शहरों के बच्चों को उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना आवश्यक है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*ढाई वर्षों में श्रमिकों के खातों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता*
श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक का बच्चा परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करे।
श्रम मंत्री ने बताया कि बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने के लिए सहायता तथा चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
*किसी का सपना आईएएस बनना, किसी को मिला अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास*
समारोह में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों की बातों में नए अवसर मिलने की खुशी के साथ भविष्य के बड़े सपनों का आत्मविश्वास भी दिखाई दिया।
राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना भी साझा किया।
रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें विश्वास नहीं था कि वे अंग्रेजी में सहजता से बात कर पाएंगी। नए विद्यालय में मिले वातावरण और अवसरों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना उनके लिए कठिन था, लेकिन इस योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को साकार किया है।
*बच्चों के बीच सहज हुए मुख्यमंत्री, साथ बैठकर किया भोजन*
समारोह का सबसे आत्मीय दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन करने बैठे। मुख्यमंत्री बच्चों के बीच सहजता से बैठे और परिवार के सदस्य की तरह उनसे बातचीत करते रहे। औपचारिक कार्यक्रम से अलग इस संवाद में बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए।
किसी ने मुख्यमंत्री के बचपन के बारे में पूछा, तो किसी ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया और अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीयता ने बच्चों को खासा प्रभावित किया। एक बच्चे ने उत्साह के साथ कहा - मुख्यमंत्री जी हमारे अच्छे टीचर जैसे हैं। उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे परेशान नहीं होते और हर सवाल का जवाब देते हैं। बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठकर भोजन करना, उनसे खुलकर बातें करना और अपने सपने साझा करना उनके लिए ऐसा अनुभव है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से कहा कि उनकी सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी। वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और जब जीवन में सफल हों तो समाज तथा अपने प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को भी हमेशा याद रखें।
उल्लेखनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5757/children-of-hardworking-laborers-can-now-let-their-dreams-take-flight-chief-minister-sai-stated-that-financial-circumstances-will-not-stand-in-the-way-of-talent-and-a-bright-future-will-be-shaped-through-education-</guid><pubDate>24-Aug-2026 8:17:59 pm</pubDate></item><item><title>राखी के त्योहार से पहले बहनों के खातों में पहुंचेगी महतारी वंदन की सौगात, मुख्यमंत्री साय 25 अगस्त को डौण्डीलोहारा में आयोजित समारोह से 67 लाख से अधिक हितग्राहियों को 631 करोड़ 38 लाख रुपये से ज्यादा की 31वीं किस्त करेंगे जारी</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5756/the-gift-of-mahatari-vandan-will-reach-the-accounts-of-sisters-before-the-festival-of-rakhi-chief-minister-will-release-the-31st-installment-of-more-than-rs-631-crore-38-lakh-to-over-67-lakh-beneficiaries-at-a-function-to-be-organised-in-dundilohara-on-august-25-</link><description>
रायपुर, 24 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 25 अगस्त को बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूह के सम्मान समारोह के अवसर पर महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैय्या के द्वारा रक्षाबंधन के ठीक पूर्व महतारी वंदन योजना की राशि बहनों के खातें में सीधे अंतरण कर लाभान्वित करेंगे। राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा सुपोषण के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहा है। इसके अलावा इस राशि का उपयोग राज्य की महिलाओं के द्वारा बेटियों की सुरक्षित एवं सुखद भविष्य हेतु सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने के साथ-साथ विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के निष्पादन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। महतारी वंदन योजना से अब तक 30 किस्तों में 19 हजार 444 करोड़ की सहायता राशि बहनों को प्रदान की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि सितंबर 2026 की 31वीं किस्त की सहायता राशि का भुगतान सितंबर माह में किया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बहनों को सौगात के तौर पर सितंबर माह की राशि को राखी त्योहार के पूर्व बहनोें के खातें में अंतरित किया जाएगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5756/the-gift-of-mahatari-vandan-will-reach-the-accounts-of-sisters-before-the-festival-of-rakhi-chief-minister-will-release-the-31st-installment-of-more-than-rs-631-crore-38-lakh-to-over-67-lakh-beneficiaries-at-a-function-to-be-organised-in-dundilohara-on-august-25-</guid><pubDate>24-Aug-2026 8:15:33 pm</pubDate></item><item><title>नारियल लेकर पहुंचे ग्राहक, हाथों में थामी बाइक की चाबी और चेहरों पर छाई खुशी, देवनारायण होंडा की अनूठी पहल से 11 मेहनतकश परिवारों का पूरा हुआ बाइक का सपना</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5755/customers-arrived-carrying-coconuts-bike-keys-in-hand-and-smiles-on-their-faces-thanks-to-a-unique-initiative-by-devnarayan-honda-the-dream-of-owning-a-bike-came-true-for-11-hardworking-families-</link><description>
जशपुर। श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी के शुभ अवसर पर देवनारायण होंडा, जशपुर में नारियल उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Honda Shine 100 DX की ग्यारह गाड़ी की शानदार डिलीवरी हुई। ग्राहकों ने एक-एक नारियल लेकर उत्सव में हिस्सा लिया और उन्हें उनकी नई मोटरसाइकिल की चाबी सौंपी गई। चाबी मिलते ही ग्राहकों की खुशी देखते ही बनी और उन्होंने देवनारायण होंडा टीम के साथ नारियल उत्सव का आनंद लिया।
यह नारियल उत्सव केवल डिलीवरी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देवनारायण होंडा की उस पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण, हर मेहनतकश और गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले जरूरतमंद व्यक्ति तक  मोटरसाइकिल पहुंचाना है। ऐसे लोग जिन्हें रोजगार के लिए दूर जाना पड़ता है, बच्चों को स्कूल छोड़ना होता है और जिनकी सीमित आमदनी के कारण नई बाइक के लिए मार्जिन मनी जुटाना मुश्किल होता है।
इन्हीं जरूरतमंद ग्राहकों के लिए देवनारायण होंडा ने एक नारियल में Honda Shine 100 DX की चाबी की अनूठी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत ग्राहक एक नारियल लेकर देवनारायण होंडा पहुंच सकते हैं और फाइनेंस की पात्रता एवं लागू नियम-शर्तों के अनुसार आसान किस्तों में अपनी नई Honda Shine 100 DX खरीदने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
देवनारायण होंडा का मानना है कि मोटरसाइकिल केवल आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि रोजगार, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का माध्यम है। अपनी बाइक होने से मेहनतकश व्यक्ति समय पर काम पर पहुंच सकता है, बच्चों को स्कूल ले जा सकता है और परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा सकता है।
Honda Shine 100 DX पर विशेष एक नारियल में बाइक अभियान 31 अगस्त तक जारी है। देवनारायण होंडा का प्रयास है कि इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक मेहनतकश परिवार अपनी खुद की मोटरसाइकिल के सपने को साकार कर सकें।
हर मेहनतकश परिवार के हाथ में Honda Shine 100 DX की चाबी  इसी उद्देश्य के साथ देवनारायण होंडा, जशपुर अपनी इस विशेष पहल को आगे बढ़ा रहा है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5755/customers-arrived-carrying-coconuts-bike-keys-in-hand-and-smiles-on-their-faces-thanks-to-a-unique-initiative-by-devnarayan-honda-the-dream-of-owning-a-bike-came-true-for-11-hardworking-families-</guid><pubDate>24-Aug-2026 5:32:32 pm</pubDate></item><item><title>कलेक्टर रोहित व्यास का शिक्षा पर बड़ा फोकस: हर कक्षा में आईटी मॉनिटर, स्मार्ट क्लास में इंटरनेट और बच्चों को तकनीकी प्रशिक्षण के निर्देश</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5754/collector-rohit-vyas-places-strong-emphasis-on-education-directives-issued-for-it-monitors-in-every-classroom-internet-access-in-smart-classrooms-and-technical-training-for-students-</link><description>
जशपुरनगर, 24 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित नवाचारों एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लासेस, संपर्क स्मार्ट शाला, संपर्क क्लासेस, अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, नन्हे सितारे और विद्याधन छात्रवृत्ति सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में आयोजित सरगुजा ओलंपिक को खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए इसके बेहतर एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी तथा विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।
*स्मार्ट क्लास में छात्रों को भी किया जाए प्रशिक्षित*
कलेक्टर श्री व्यास ने स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लासेस के तहत डैशबोर्ड के बेहतर संचालन के लिए विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में एक विद्यार्थी को आईटी मॉनिटर के रूप में पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करें, ताकि वह आवश्यकता पड़ने पर अन्य विद्यार्थियों को भी तकनीकी जानकारी दे सके। उन्होंने स्मार्ट क्लास के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों में आवश्यक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
*जश लर्न के दूसरे चरण और जश क्वेस्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर*
कलेक्टर ने जश लर्न कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि विद्यालय समय के पश्चात शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन के माध्यम से संपर्क कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर के अनुरूप जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी आधारभूत गणितीय संक्रियाओं का उपचारात्मक शिक्षण किया जा रहा है। प्रथम चरण के सफल संचालन के बाद उन्होंने दूसरे चरण के कार्यक्रम को भी प्रभावी एवं उत्कृष्ट तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इसी तरह कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को गणित एवं विज्ञान विषयों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुरू होने वाली जश क्वेस्ट की जानकारी ली और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान के विषयों को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से अधिक बेहतर ढंग से समझते हैं। व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक और रिसर्चर के रूप में आगे बढ़ सकते हैं तथा नई खोजों में योगदान दे सकते हैं।
*एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो जाएंगे 50 प्रतिभावान विद्यार्थी*
बैठक में कलेक्टर ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के अंतर्गत 27 अगस्त से शुरू होने वाले एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो भेजे जाने वाले 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों के चयन की तैयारियों की भी जानकारी ली। एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए विद्यार्थियों का चयन विभिन्न चरणों में आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
*नन्हे सितारे से विद्यार्थियों में विकसित होंगे जीवन कौशल*
कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों में भाषा कौशल, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जशपुर एवं ओपन लिंक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित नन्हे सितारे जीवन कौशल आधारित कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा इसकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विनोबा एप में रचनात्मक शैक्षणिक गतिविधियों की एंट्री समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है।
*विद्याधन छात्रवृत्ति से प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ*
कलेक्टर ने विद्याधन छात्रवृत्ति के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। योजना के तहत कक्षा 11वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों तथा उनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं एवं 12 वीं में 10-10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होगी। कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस अवसर से वंचित न रहे।
*संपर्क स्मार्ट शाला से प्राथमिक कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा*
कलेक्टर ने जिले में संचालित संपर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते दिए। कार्यक्रम के तहत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में गणित एवं अंग्रेजी की बुनियादी समझ को मजबूत करने के लिए साथ-साथ रोचक तरीके से सिखाया जाता है। वर्तमान में यह कार्यक्रम जिले के 5 विकासखंडों के 71 प्राथमिक विद्यालयों में संचालित है। योजना के तहत 160 नए विद्यालयों को भी जोड़ने की तैयारी है। कार्यक्रम में संपर्क स्मार्ट टीवी एवं डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाता है। साथ ही शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, सही क्रम एवं सही ढंग से अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है तथा विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम की नियमित निगरानी की जाती है। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा, समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5754/collector-rohit-vyas-places-strong-emphasis-on-education-directives-issued-for-it-monitors-in-every-classroom-internet-access-in-smart-classrooms-and-technical-training-for-students-</guid><pubDate>24-Aug-2026 5:23:31 pm</pubDate></item><item><title>सावन के अंतिम सोमवार पर बगिया में गूंजा हर-हर महादेव का जयघोष, ईब-मैनी संगम तट से श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कांवड़ में जल भरकर किया भगवान शिव का जलाभिषेक</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5753/on-the-last-monday-of-the-month-of-sawan-the-chant-of-quot-har-har-mahadev-quot-echoed-through-the-garden-a-grand-kanwar-yatra-was-taken-out-from-the-confluence-of-the-ib-and-maini-rivers-to-the-shri-phaleshwar-nath-mahadev-temple-</link><description>
जशपुरनगर। सावन मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर बगिया क्षेत्र में भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से सराबोर इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ ईब-मैनी नदी के संगम तट से हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कलश में पवित्र जल भरा और भगवान शिव के जयघोष के साथ पैदल श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर बगिया के लिए रवाना हुए।कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल हुईं। उन्होंने ईब-मैनी नदी संगम तट पर कलश में जल भरकर श्रद्धापूर्वक कांवड़ यात्रा में सहभागिता की। उनके साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु भी कांवड़ लेकर पैदल यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव, बोल बम और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा।श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में कांवड़ लेकर भक्ति और उत्साह के साथ आगे बढ़े। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए सिर पर कलश धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
*श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक*
पैदल कांवड़ यात्रा कर श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर बगिया पहुंचने के बाद श्रीमती कौशल्या साय ने कांवड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान श्री फलेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और धार्मिक वातावरण में श्रद्धा एवं भक्ति की विशेष छटा देखने को मिली।
*विशाल भंडारे का हुआ आयोजन*
कांवड़ यात्रा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। लोगों ने एक-दूसरे को प्रसाद वितरित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना का परिचय दिया।सावन के अंतिम सोमवार पर आयोजित इस भव्य कांवड़ यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भावना का संदेश दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा बगिया क्षेत्र भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5753/on-the-last-monday-of-the-month-of-sawan-the-chant-of-quot-har-har-mahadev-quot-echoed-through-the-garden-a-grand-kanwar-yatra-was-taken-out-from-the-confluence-of-the-ib-and-maini-rivers-to-the-shri-phaleshwar-nath-mahadev-temple-</guid><pubDate>24-Aug-2026 5:16:44 pm</pubDate></item><item><title>चक्रधर समारोह : रायगढ़ घराने की कथक परंपरा से पंडवानी और बस्तर की आदिवासी लोकधुनों तक, चक्रधर समारोह में दिखेंगे छत्तीसगढ़ के कला-संस्कृति के विविध रंग</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5752/chakradhar-samaroh-from-the-kathak-tradition-of-the-raigarh-gharana-to-pandwani-and-the-tribal-folk-melodies-of-bastar-the-diverse-hues-of-chhattisgarh-s-art-and-culture-will-be-showcased-at-the-chakradhar-samaroh-</link><description>
रायगढ़ : कला और संगीत की संस्कारधानी रायगढ़ में आगामी 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में विश्वप्रसिद्ध चक्रधर समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में छत्तीसगढ़ की लोक एवं शास्त्रीय कला के साथ देशभर की विविध सांस्कृतिक विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। समारोह में कुल 42 प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 प्रस्तुतियां रायगढ़ एवं छत्तीसगढ़ के कलाकारों की होंगी। इससे स्थानीय और प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
पद्मश्री विभूतियों की प्रस्तुतियां रहेंगी विशेष आकर्षण
चक्रधर समारोह 2026 के प्रमुख आकर्षणों में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। रायगढ़ कथक घराने की गौरवशाली परंपरा के ध्वजवाहक पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंडवानी को पहचान दिलाने वाली पद्मश्री डॉ. उषा बारले अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा सूफी एवं कबीर गायन के चर्चित हस्ताक्षर पद्मश्री भारती बंधु तथा छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति के लोकप्रिय कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा भी समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विशेष काव्य संध्या में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा सहित देश के वरिष्ठ कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। इन दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी समारोह को राष्ट्रीय स्तर की विशेष पहचान प्रदान करेगी।
रायगढ़ के कलाकारों की 7 प्रस्तुतियों से दिखेगी घराने की समृद्ध परंपरा
समारोह में रायगढ़ की स्थानीय प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन की शुरुआत श्री वेदमणि महाराज के शिष्यों द्वारा पारंपरिक गणेश वंदना से होगी। इसके बाद रायगढ़ की कथक परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को गौरवान्वित करेंगे। पद्मश्री रामलाल बरेठ के मार्गदर्शन में भूपेंद्र बरेठ एवं समूह, सुश्री विभूति शर्मा, वासंती वैष्णव एवं समूह तथा नृत्यांजलि (कथक बनारस घराना) द्वारा शास्त्रीय कथक की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं राकेश शर्मा सूफी गायन से सुरों की आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे, जबकि सोनू गुप्ता एवं ग्रुप (लोक कला मंच) छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। इस तरह रायगढ़ की धरती पर विकसित कथक की विशिष्ट शैली, लोक संगीत और सूफी गायन की विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों की इन प्रस्तुतियों से समारोह में रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूती से उभरकर सामने आएगी।
बस्तर से सरगुजा और बिलासपुर तक, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग
चक्रधर समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला और संस्कृति को भी व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है। बस्तर अकैडमी ऑफ डांस, आर्ट्स एंड लिटरेचर (बादल) के कलाकार बस्तर की लोक धरोहर और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भूपेंद्र साहू (गरियाबंद) छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसी क्रम में तरुणा साहू (रायपुर) पंडवानी की प्रस्तुति देंगी। पायल साहू (दुर्ग), अनुराग शर्मा (रायपुर) और लहरगंगा पुनरिक साहू (बालोद) माटी की लोक संगीत परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रदेश की शास्त्रीय और समकालीन प्रतिभाओं में इंडियन आइडल फेम अमित साना (भिलाई) का सुगम गायन भी विशेष आकर्षण रहेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के विद्यार्थी सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। वहीं दीक्षा रथ (सारंगढ़) ओड़िसी, श्वेता नायक (बिलासपुर) कुचिपुड़ी तथा अनुष्का सुल्तानिया (रायपुर) और शिव शक्ति कला संस्थान (बिलासपुर) कथक की प्रस्तुतियां देंगे। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों की कला विधाएं समारोह के मंच पर एक साथ दिखाई देंगी।
देशभर की शास्त्रीय एवं लोक कलाओं का भी होगा भव्य समागम
चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ देश के विभिन्न राज्यों की कला परंपराओं को भी मंच मिलेगा। केरल के गुरु कोट्क्कल नंदकुमारन नायर कथकली की प्रस्तुति देंगे, जबकि मणिपुर की डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य से दर्शकों को परिचित कराएंगी। दिल्ली की टी. लक्ष्मी रेड्डी कुचिपुड़ी तथा चेन्नई की श्रीविद्या शैलेश और बेंगलुरु की शिवरंजनी हरीश भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगी। ओडिशा और दिल्ली से जान्हवी बेहरा, रीला होता एवं श्री गौरी शंकर दाश ओड़िसी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। भुवनेश्वर के श्री बी. साहू गोटीपुआ कला प्रस्तुत करेंगे। वहीं कोलकाता, दिल्ली और बनारस से आने वाले मौमाला नायक, सुब्रता पंडित एवं रुद्रशंकर मिश्रा कथक की प्रस्तुति देंगे। लोक संगीत और वादन की विविधता भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। राजस्थान के बाड़मेर की स्टार्क सोसाइटी राजस्थानी लोक संगीत प्रस्तुत करेगी। संस्कार कला संघ, जबलपुर नृत्य नाटिका पेश करेगा। दिल्ली के निशित गंगानी तबला वादन करेंगे, जबकि वृंदावन का माधवरस बैंड और बनारस का त्रिवेणी संगम संतूर, पखावज और तबले के दुर्लभ संगम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।
कला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का बनेगा राष्ट्रीय मंच
चक्रधर समारोह 2026 की प्रस्तुतियों में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के स्थापित कलाकारों तक को स्थान दिए जाने से यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करेगा। रायगढ़ घराने की कथक परंपरा, छत्तीसगढ़ी लोक संगीत, पंडवानी, बस्तर की लोक धरोहर और प्रदेश की नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत परंपराएं एक ही मंच पर दिखाई देंगी। आयोजन समिति ने देश-विदेश के कला प्रेमियों, कलाकारों, शोधार्थियों, संस्कृति अध्येताओं और नागरिकों से आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महापर्व चक्रधर समारोह में सहभागी बनने का आह्वान किया है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5752/chakradhar-samaroh-from-the-kathak-tradition-of-the-raigarh-gharana-to-pandwani-and-the-tribal-folk-melodies-of-bastar-the-diverse-hues-of-chhattisgarh-s-art-and-culture-will-be-showcased-at-the-chakradhar-samaroh-</guid><pubDate>24-Aug-2026 5:07:17 pm</pubDate></item><item><title>इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में 36 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा, प्रोफेसर सहित 6 आरोपी गिरफ्तार; सुई से प्रश्नपत्र के लिफाफे में छेद कर बनाया वीडियो, ₹11 हजार में बेचा था लीक पेपर</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5751/major-breakthrough-within-36-hours-in-the-indira-gandhi-agricultural-university-paper-leak-case-six-accused-including-a-professor-arrested-a-video-was-recorded-by-piercing-the-question-paper-envelope-with-a-needle-and-the-leaked-paper-was-sold-for-11-000-</link><description>
रायपुर, 24 अगस्त 2026/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)) की बी.एस.सी. (कृषि) द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र (एजीसीएच 221) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
*सुई और नुकीले औजार से छेदा लिफाफा, वीडियो बनाकर 11 हजार में बेचा*
    पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपये में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया।
*100 से अधिक पुलिस टीमों ने खंगाले डिजिटल साक्ष्य*
     20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) श्री तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के लिए 100 से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। साइबर विंग ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया टाइमलाइन का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
*जब्त सामग्री एवं कानूनी कार्यवाही*
     पुलिस ने आरोपियों के पास से नगद राशि 11 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 06 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर,अन्य सामग्रियों में सुई, सुजा और फेविकोल जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5, 10 तथा बीएनएस (BNS) की धारा 316 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। प्रकरण में 02 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
*गिरफ्तार आरोपियों की सूची*
    आरोपियों में योगेश सोनकेसरिया (मुख्य आरोपी - प्रोफेसर) निवासी सिवनी (म.प्र.), हाल पता - चंदखुरी, दुर्ग, अजय नायक (छात्र) निवासी बलौदा बाजार, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, त्रिदेव पटेल (छात्र) निवासी महासमुंद, हाल पता - आनंद विहार, दुर्ग, नितिन पाण्डेय (छात्र) निवासी बस्तर, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, अनुज मिंज (छात्र) निवासी जशपुर, हाल पता - पोटिया चौक, दुर्ग और आदित्य साहू (छात्र) निवासी बालोद, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग शामिल हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5751/major-breakthrough-within-36-hours-in-the-indira-gandhi-agricultural-university-paper-leak-case-six-accused-including-a-professor-arrested-a-video-was-recorded-by-piercing-the-question-paper-envelope-with-a-needle-and-the-leaked-paper-was-sold-for-11-000-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:40:05 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर : एक परिचय पुस्तक का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन, प्रशासन, सुशासन, संस्कृति और प्राकृतिक वैभव से लेकर विकास की संभावनाओं तक समेटा गया जिले का समग्र दस्तावेज</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5750/chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-released-the-book-jashpur-ek-parichay-jashpur-an-introduction-the-book-serves-as-a-comprehensive-document-on-the-district-covering-everything-from-administration-good-governance-culture-and-natural-splendor-to-the-potential-for-development-</link><description>
रायपुर 24 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान दिल्ली के द्वारा प्रकाशित पुस्तक जशपुर : एक परिचय का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन की व्यवस्थाओं, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं पर केंद्रित एक व्यापक अध्ययन है। पुस्तक में आजादी के बाद से जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलावों के साथ वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया है। इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन भूतपूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव तथा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई देते हुए कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जशपुर की पहचान उसके सुंदर पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों से तो है ही, यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर की इन विशेषताओं के साथ जिले की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में समेटना सराहनीय प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए वहां के इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समग्र अध्ययन आवश्यक है। जशपुर : एक परिचय इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक केवल जशपुर की वर्तमान तस्वीर प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि समय के साथ जिले की प्रशासनिक संरचना और विकास प्रक्रिया में आए परिवर्तनों को समझने का अवसर भी प्रदान करती है।
श्री साय ने कहा कि जशपुर का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप छत्तीसगढ़ के मैदानी और औद्योगिक क्षेत्रों से अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण यहां की भौगोलिक संरचना, जलवायु, वन संपदा और आजीविका के स्वरूप की अपनी विशिष्टताएं हैं। पीढ़ियों से यहां निवासरत जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, जीवन-पद्धति और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की संस्कृति को संरक्षित रखा है। यही विविधता जशपुर को अध्ययन और विकास, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते वर्षों में जशपुर ने अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। विकास की इस यात्रा में यह आवश्यक है कि स्थानीय विशेषताओं और जरूरतों को केंद्र में रखकर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएं। इस प्रकार के अध्ययन प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को गहराई से समझने और विकास की भावी प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार करते हुए स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जशपुर में विकास और प्रकृति के बीच संतुलन की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला तथा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जिले की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के सबसे समृद्ध अंचलों में से एक है। यहां के पहाड़, वन, नदियां, जलप्रपात और सुरम्य घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान जशपुर को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। जिले की इन खूबियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जशपुर को व्यापक पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।
श्री साय ने कहा कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने देश में लोक प्रशासन के अध्ययन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन और नीतिगत विमर्श के माध्यम से संस्थान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में निरंतर योगदान दिया है। जिला स्तर पर प्रशासन और विकास के अध्ययन की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की विकास यात्रा को सही मायने में समझने के लिए जिलों और स्थानीय प्रशासन के अनुभवों को समझना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शासन और नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सेवा प्रदाय और स्थानीय समस्याओं के समाधान तक जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका होती है। ऐसे में किसी जिले की प्रशासनिक यात्रा, सफल प्रयोगों और चुनौतियों का दस्तावेजीकरण अन्य क्षेत्रों के लिए भी सीख और नवाचार का आधार बन सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जशपुर : एक परिचय प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और जशपुर के सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को समझने की रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री सिद्ध होगी। यह पुस्तक जशपुर की विशिष्टताओं को व्यापक मंच पर सामने लाने के साथ जिले पर आगे होने वाले शोध और विकासपरक अध्ययनों को भी प्रेरित करेगी।
*भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत हुआ जशपुर का अध्ययन*
उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली द्वारा अपनी क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसका उद्देश्य आजादी के बाद जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और कार्यप्रणाली में आए बदलावों के साथ उनकी विकास यात्रा का अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना है।
इस अध्ययन में वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का आकलन करने के साथ भविष्य में बेहतर प्रशासन और विकास के लिए संभावित दिशा की पहचान पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में भारतीय लोक प्रबंधन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।
जशपुर को अध्ययन के लिए चुने जाने के पीछे जिले की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित जशपुर एक प्रमुख जनजातीय बहुल जिला है। इसकी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संरचना प्रदेश के मैदानी कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों से काफी अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण जशपुर में ऊंचे भू-भाग, वन आधारित आजीविका और समृद्ध जनजातीय परंपराओं का अनूठा संगम दिखाई देता है।
*जशपुर पर अपनी तरह का महत्वपूर्ण समग्र अध्ययन*
पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि यह परंपरागत जिला गजेटियर नहीं, बल्कि जशपुर के विविध पक्षों को समेटने वाला संक्षिप्त समग्र दस्तावेज है। वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले जशपुर, रायगढ़ जिले की एक तहसील था। जशपुर का पृथक जिला गजेटियर उपलब्ध नहीं होने के कारण अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रकाशनों, जनगणना 2011, शासकीय विभागों की रिपोर्ट और जिले से संबंधित प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है।
इस अध्ययन की एक विशेषता यह भी है कि इसे किसी एक व्यक्ति द्वारा तैयार नहीं किया गया है, बल्कि जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारियों और सामूहिक सहयोग के आधार पर इसे स्वरूप दिया गया है। जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं को संकलित कर जशपुर की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक जशपुर के प्रशासन और विकास की यात्रा के साथ उसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को भी सामने लाती है।भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने विश्वास व्यक्त किया है कि जशपुर के विविध पहलुओं पर केंद्रित यह प्रारंभिक समग्र अध्ययन भविष्य में जिले के इतिहास, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर और अधिक विस्तृत शोध के लिए आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 'जशपुर :एक परिचय' के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह अध्ययन जशपुर के अतीत और वर्तमान को समझने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5750/chief-minister-shri-vishnu-deo-sai-released-the-book-jashpur-ek-parichay-jashpur-an-introduction-the-book-serves-as-a-comprehensive-document-on-the-district-covering-everything-from-administration-good-governance-culture-and-natural-splendor-to-the-potential-for-development-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:38:27 pm</pubDate></item><item><title>युवा साहित्यकार करुणा सागर पण्डा के उपन्यास कोहरा का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन, कहासाहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने की ताकत भी रखता है</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5749/chief-minister-vishnu-deo-sai-released-the-novel-kohra-by-young-author-karuna-sagar-panda-stating-that-literature-is-not-merely-a-mirror-of-society-but-also-possesses-the-power-to-awaken-it-and-guide-it-in-the-right-direction-</link><description>*
रायपुर 23 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास कोहरा का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने का भी सशक्त माध्यम है। कोहरा जैसे उपन्यास सामाजिक विषयों को विमर्श के केंद्र में लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा को उनके उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय पर लेखन के लिए साहस की आवश्यकता होती है। रचनाकार जब समाज की समस्याओं और वास्तविकताओं को अपनी लेखनी का विषय बनाते हैं, तो साहित्य सामाजिक चेतना का माध्यम बनता है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने देश को अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिए हैं। विनोद कुमार शुक्ल जैसे मूर्धन्य रचनाकार को साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ मुक्तिबोध की सृजनभूमि रही है और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के रचनाकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और समकालीन विषयों को साहित्य के माध्यम से समाज के सामने ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिनेमा और साहित्य ने समय-समय पर समाज के संवेदनशील विषयों को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने द केरल स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन और मार्मिक विषयों को उठाने पर मतभेद और विरोध के स्वर भी सामने आते हैं, लेकिन रचनाकार का दायित्व है कि वह अपनी दृष्टि और संवेदना के साथ समाज के सामने विषय रखे। उन्होंने कोहरा के लेखक के साहसिक प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छी पुस्तकें अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनती हैं। इसलिए हर परिवार को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह अवश्य रखना चाहिए।
*नक्सलवाद की अनकही पीड़ा को भी सामने लाएं रचनाकार*
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए साहित्यकारों और रचनाकारों से इससे प्रभावित लोगों की पीड़ा और संघर्ष को भी अपनी रचनाओं का विषय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और बस्तर शांति एवं विकास के नए दौर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की हिंसा में अनेक निर्दोष लोगों ने अपने परिजनों को खोया, बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हुआ तथा दशकों तक अनेक क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर रहे। नक्सलवाद की इस मानवीय त्रासदी और इसके कारण समाज पर पड़े प्रभावों को भी व्यापक रूप से सामने लाने की आवश्यकता है। साहित्यकार अपनी संवेदनशील लेखनी के माध्यम से उन परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और बदलते बस्तर की कहानी को देश-दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सुनील गंगाराम गर्ग ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता और विशिष्टता के साथ सहअस्तित्व को स्वीकार करती है। उन्होंने श्री करुणा सागर पण्डा की लेखनी की सराहना करते हुए कोहरा को समकालीन विषय पर लिखी गई प्रासंगिक कृति बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय विचारों के संवाद का समय है और साहित्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रश्नों पर सार्थक विमर्श पैदा करने वाली रचनाएं समाज को आत्ममंथन का अवसर देती हैं। कोहरा भी अपने विषय के माध्यम से पाठकों को विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने कहा कि कोहरा केवल समस्या को सामने नहीं रखता, बल्कि समाधान की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। बीबीजे के स्वतंत्र निदेशक श्री जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक वास्तविकताओं से परिचित कराने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने कोहरा को साहसिक लेखन का उदाहरण बताते हुए कहा कि रचनाकार को समाज के ज्वलंत प्रश्नों पर अपनी बात रखने का साहस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपन्यास में सामाजिक विषयों के साथ नक्सलवाद की समस्या को भी अभिव्यक्ति दी गई है। साहित्य समाज में वैचारिक चेतना और सकारात्मक प्रतिरोध का स्वर मजबूत करता है।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, श्री जलज कुमार अनुपम सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5749/chief-minister-vishnu-deo-sai-released-the-novel-kohra-by-young-author-karuna-sagar-panda-stating-that-literature-is-not-merely-a-mirror-of-society-but-also-possesses-the-power-to-awaken-it-and-guide-it-in-the-right-direction-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:36:28 pm</pubDate></item><item><title>तस्वीरों में फिर जी उठीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुरानी यादें, दृश्य संवाद में कभी विधायक बनने का सफर तो कभी खेत-खलिहान से जुड़ी स्मृतियां देख भावुक हुए मुख्यमंत्री</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5748/old-memories-came-alive-for-chief-minister-vishnu-deo-sai-through-the-photographs-he-was-moved-to-emotion-while-viewing-images-in-the-drishya-samvad-visual-dialogue-exhibition-ranging-from-his-journey-to-becoming-an-mla-to-memories-rooted-in-the-fields-and-farmlands-</link><description>
रायपुर 24 अगस्त 2026/ तस्वीरें बीते हुए समय को वर्तमान से जोड़ती हैं। कभी वे इतिहास का दस्तावेज बनती हैं तो कभी जीवन के भूले-बिसरे पलों को फिर से जीवंत कर देती हैं। राजधानी रायपुर में आज कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी वर्षों पुरानी तस्वीरों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर को एक बार फिर जिया। कहीं पहली बार विधायक बनने की स्मृतियां थीं, तो कहीं गांव, खेत और मिट्टी से जुड़े जीवन की झलक। इस दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने स्वयं कैमरा संभाला और एक फोटो पत्रकार की तस्वीर खींचकर इस अवसर को यादगार बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट दृश्य संवाद 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। 19 अगस्त से आयोजित इस फेस्ट में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों तथा ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की सराहना की।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने जब अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें देखीं तो उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां भी ताजा हो गईं। वर्षों पुराने चित्रों को देखते हुए उन्होंने अपने साथ मौजूद लोगों से कई रोचक संस्मरण साझा किए। अपनी पहली बार विधायक बनने के समय की एक तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था। इस छोटे से संस्मरण ने वहां मौजूद लोगों के बीच सहज और आत्मीय माहौल बना दिया।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय के ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर उन्होंने खेती के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांव और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी, खेत-खलिहान और पुराने दिनों की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।
प्रदर्शनी के दौरान एक दिलचस्प क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद कैमरा थाम लिया। उन्होंने फोटो पत्रकार की भूमिका निभाते हुए एक फोटो जर्नलिस्ट को कैमरे में कैद किया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों और भाव-भंगिमाओं को अपने कैमरे में दर्ज करने वाले फोटो पत्रकार के सामने इस बार स्वयं मुख्यमंत्री कैमरे के पीछे थे। यह सहज और आत्मीय पल दृश्य संवाद 2026 के खास आकर्षणों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो पत्रकारों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि तस्वीरें केवल किसी घटना या क्षण को दर्ज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समय, समाज और स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजती हैं। कई बार एक तस्वीर बिना शब्दों के पूरी कहानी कह देती है। फोटो पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाज और इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। उनका काम पत्रकारिता का महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दृश्य संवाद 2026 की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने, समझने और सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
*तस्वीरों में दिखे प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार के विविध रंग*
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पांच दिवसीय दृश्य संवाद 2026 में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी स्थान दिया गया। प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार सहित विभिन्न विषयों पर प्रदर्शित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के जीवन, समाज और परिवेश के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पांच दिनों के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव सुश्री निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक श्री दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट श्री गोकुल सोनी, श्री प्रदीप डडसेना, श्री राजकुमार चतुर्वेदी, श्री रुपेश यादव, श्री नरेंद्र बंगाले, श्री सुधीर सागर, श्री रमन हलवाई, श्री किशन लोखंडे, श्री मनोज देवांगन, श्री विजय देवांगन, श्री विनय घाड़गे, श्री पंकज चौहान, श्री हीरा मानिकपुरी, श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री हेमंत गोस्वामी, श्री जय गोस्वामी, श्री पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5748/old-memories-came-alive-for-chief-minister-vishnu-deo-sai-through-the-photographs-he-was-moved-to-emotion-while-viewing-images-in-the-drishya-samvad-visual-dialogue-exhibition-ranging-from-his-journey-to-becoming-an-mla-to-memories-rooted-in-the-fields-and-farmlands-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:33:33 pm</pubDate></item><item><title>सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, मार्च 2027 तक 5 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5747/chhattisgarh-will-become-the-leading-state-in-the-country-in-the-field-of-solar-energy-target-is-to-install-solar-panels-on-the-roofs-of-5-lakh-houses-by-march-2027-chief-minister-vishnu-dev-sai</link><description>
रायपुर 24 अगस्त 2026/ सौर ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा है और छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ भी सौर ऊर्जा की अपनी अपार संभावनाओं का उपयोग करते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूती दे रहा है। प्रदेश में मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, वेंडर्स, बैंकिंग संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाने वाला यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है। अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव और सुझावों का यह सार्थक संवाद छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार को नई गति देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऊर्जा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में पहले से ही मजबूत स्थिति में है और वर्तमान में प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में लगभग ₹3 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।
*स्वच्छ ऊर्जा से सुरक्षित होगा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सौर ऊर्जा के साथ ग्रीन एनर्जी के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दे रहे हैं। सूर्य हमें प्रकृति से प्राप्त स्वच्छ, अक्षय और प्रचुर ऊर्जा स्रोत प्रदान करता है। सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2070 तक भारत को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में आने वाले समय में 4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
*मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने सामान्य परिवारों को ऊर्जा उपभोक्ता के साथ ऊर्जा उत्पादक बनने का भी अवसर दिया है। छत्तीसगढ़ में योजना को उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक प्रदेश के 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सोलर उद्योगों, वेंडर्स, बैंकिंग संस्थाओं और नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग के लिए सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित करने पर केंद्र सरकार द्वारा ₹30 हजार और राज्य सरकार द्वारा ₹15 हजार का अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार 3 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर लगभग ₹1 लाख 8 हजार की सब्सिडी उपलब्ध है। डीएमएफ वाले क्षेत्रों में अनुदान की अंतर राशि डीएमएफ से उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है। इससे अधिक से अधिक परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा।
*सौर ऊर्जा से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही नारी शक्ति*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की बहनें अब सोलर वेंडर के रूप में आगे आ रही हैं और हितग्राहियों के घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने का कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला वेंडरों से संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि वे स्वयं हितग्राहियों के घर जाकर सोलर संयंत्र स्थापित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की प्रेरक तस्वीर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 82 हजार स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं और 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। हमारी माताएं-बहनें प्रतिभा और उद्यमशीलता से परिपूर्ण हैं। सौर ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों से उन्हें जोड़कर रोजगार, स्वरोजगार और आयवृद्धि के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाद कार्यक्रम अपने नाम के अनुरूप सार्थक सिद्ध हुआ है। सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के एक मंच पर आने, अनुभव साझा करने और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने से निश्चित रूप से प्रदेश में इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें सूर्य के रूप में ऊर्जा का असीम स्रोत दिया है। घरों, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सूर्य की ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करके परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सकती है। कोयले जैसे जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई के क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग हो रहा है और लगभग ढाई लाख सिंचाई पंप सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किए जा चुके हैं। आने वाले समय में कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग का और विस्तार किया जाना चाहिए। इससे ऊर्जा पर होने वाले व्यय में कमी के साथ किसानों को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उससे छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विकास की मजबूत नींव रखी गई है और अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसे नई गति मिल रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने और अपने परिवार तथा परिचितों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा ने कहा कि संवाद कार्यक्रम सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नए विचारों, संभावनाओं और संकल्पों को साझा करने का प्रभावी मंच बना है। प्रदेश में हरित एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उद्योगों, वेंडर्स, वित्तीय संस्थाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को एक मंच मिलने से इस क्षेत्र में निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि हर घर सोलर, हर घर ऊर्जा आत्मनिर्भर के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
*मुख्यमंत्री ने सोलर उद्योगों के स्टॉलों का किया अवलोकन*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में सोलर उद्योगों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने सोलर पैनल, उपकरणों, नवीन तकनीकों और हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली संस्थाओं, बैंकों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। डायरेक्टरी में प्रदेशभर के एसोसिएशन पदाधिकारियों और वेंडर्स के संपर्क विवरण के साथ शासन की ऊर्जा संबंधी योजनाओं की उपयोगी जानकारी संकलित की गई है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर, छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगपति एवं वेंडर्स, बैंक अधिकारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5747/chhattisgarh-will-become-the-leading-state-in-the-country-in-the-field-of-solar-energy-target-is-to-install-solar-panels-on-the-roofs-of-5-lakh-houses-by-march-2027-chief-minister-vishnu-dev-sai</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:32:00 pm</pubDate></item><item><title>विष्णु भैया के सुशासन में विष्णुभोग की महक से महक रहा जीपीएम, किसानों की मेहनत और बहनों की उद्यमशीलता ने सुगंधित चावल को दिलाई नई पहचान</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5746/under-vishnu-bhaiya-s-good-governance-gpm-is-fragrant-with-the-aroma-of-vishnubhog-the-hard-work-of-farmers-and-the-entrepreneurial-spirit-of-women-have-earned-this-aromatic-rice-a-new-identity-</link><description>
रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ का 25वां नवगठित जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ अब विशिष्ट कृषि उत्पाद सुगंधित विष्णुभोग चावल के कारण भी नई पहचान बना रहा है। भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत विष्णुभोग चावल को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में चुना गया है। मनमोहक सुगंध, उत्कृष्ट स्वाद और पारंपरिक खेती की विशेषताओं के कारण विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका है। विष्णुभोग की महक अब खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की सीमाओं को पार कर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रही है।
पेंड्रा क्षेत्र में लगभग 1,500 किसान करीब 600 एकड़ भूमि में विष्णुभोग धान की खेती कर रहे हैं। किसानों की मेहनत, सामूहिक प्रयास और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों ने इस विशिष्ट धान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विष्णुभोग की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
*विष्णु भैया सरकार में बहनों की मेहनत को मिल रहा बाजार*
विष्णुभोग चावल की खेती से लेकर उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी इसे आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी बना रही है। मलनिया महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, पेंड्रा द्वारा किसानों से विष्णुभोग धान की खरीदी की जाती है। इसके बाद मिनी राइस मिल में धान का प्रसंस्करण कर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस कार्य से समूह की 15 महिला सदस्यों को स्थायी रोजगार मिला है। महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा अब तक लगभग 2 टन विष्णुभोग चावल की सफलतापूर्वक बिक्री की जा चुकी है, जिससे उन्हें करीब 1 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।
*बहनों का सम्मान और आत्मनिर्भरता, विकास की मजबूत पहचान*
विष्णुभोग की सफलता यह बताती है कि जब स्थानीय संसाधनों को किसानों की मेहनत और महिला शक्ति का साथ मिलता है, तो पारंपरिक उत्पाद भी व्यापक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले के किसानों की समृद्धि, बहनों के स्वावलंबन और स्थानीय उद्यमिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।
*विष्णुभोग की सुगंध से राष्ट्रीय पहचान की ओर जीपीएम*
एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से विष्णुभोग चावल को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का बेहतर मंच मिल रहा है। इसकी बढ़ती मांग स्थानीय किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
आने वाले समय में विष्णुभोग के उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को और अधिक प्रोत्साहन मिलने से यह चावल छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है। जीपीएम की धरती पर उगने वाला विष्णुभोग आज किसानों की मेहनत, बहनों के स्वावलंबन और विष्णु भैया के सुशासन में आगे बढ़ते आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुगंध को दूर-दूर तक पहुंचा रहा है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5746/under-vishnu-bhaiya-s-good-governance-gpm-is-fragrant-with-the-aroma-of-vishnubhog-the-hard-work-of-farmers-and-the-entrepreneurial-spirit-of-women-have-earned-this-aromatic-rice-a-new-identity-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:30:07 pm</pubDate></item><item><title>विष्णु भैया की सरकार का आर्थिक संबल बना ज्ञानवती बैगा की ताकत, महतारी वंदन की राशि से छोटे व्यवसाय को मिली मजबूती</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5745/financial-support-from-vishnu-bhaiya-s-government-became-a-source-of-strength-for-gyanvati-baiga-funds-from-the-mahtari-vandan-scheme-bolstered-her-small-business-</link><description>
रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का नया संबल बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम तवाडबरा की श्रीमती ज्ञानवती बैगा के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वे अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। अपने छोटे से व्यवसाय के माध्यम से वे परिवार की आवश्यकताओं में योगदान देने के साथ स्वयं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा बताती हैं कि विष्णु भैया की सरकार की महतारी वंदन योजना उनके परिवार के लिए नियमित आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के तहत उन्हें 30वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में किया। इससे उनके छोटे व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिली और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी सहूलियत हुई।
*महतारी वंदन से मिला आत्मनिर्भरता का भरोसा*
श्रीमती ज्ञानवती बैगा कहती हैं कि पहले छोटे व्यवसाय को चलाने के लिए आवश्यक सामग्री जुटाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता था। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने व्यवसाय में जरूरत के अनुसार राशि लगाने का अवसर दिया। इससे न केवल उनके काम को निरंतरता मिली, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने का विश्वास भी मजबूत हुआ।
आज वे अपने व्यवसाय के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से संभाल रही हैं। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान देने का माध्यम बन गई है।
*छोटे व्यवसाय को मिला सहारा, बढ़ा आत्मविश्वास*
ज्ञानवती बैगा का कहना है कि नारियल की दुकान उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। मंदिर के सामने दुकान होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं और लोगों को नारियल उपलब्ध कराने से उन्हें आय प्राप्त होती है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि का उपयोग उन्होंने व्यवसाय से संबंधित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था में किया, जिससे दुकान को लगातार संचालित करने में मदद मिली।
इस तरह महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने से वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के साथ-साथ आय के साधनों को भी मजबूत कर सकती हैं। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है और उनमें निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी विकसित होता है।
*बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में विष्णु भैया सरकार*
महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने का अवसर प्रदान कर रही है।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा जैसी महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का उदाहरण हैं कि जब महिलाओं को आर्थिक संबल और अवसर मिलता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ स्वयं के भविष्य को भी बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।
*बहनों को खुशहाली का उपहार, विष्णु भैया की सरकार*
श्रीमती ज्ञानवती बैगा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित सहायता से उन्हें अपने व्यवसाय और परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल रही है। उनके अनुसार, महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5745/financial-support-from-vishnu-bhaiya-s-government-became-a-source-of-strength-for-gyanvati-baiga-funds-from-the-mahtari-vandan-scheme-bolstered-her-small-business-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:28:53 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ पर्यटन बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े से सावधान,पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपीलफर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्क</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5744/beware-of-fraud-involving-chhattisgarh-tourism-bookings-tourism-board-appeals-to-tourists-stay-vigilant-against-fake-websites-booking-links-mobile-numbers-and-social-media-</link><description>
रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड को ऐसी अनधिकृत वेबसाइटों और माध्यमों की जानकारी मिली है, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम पर फर्जी बुकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे माध्यमों के जरिए पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी किए जाने की आशंका है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पर्यटक पर्यटन स्थलों, आवासीय सुविधाओं तथा अन्य पर्यटन सेवाओं की बुकिंग के लिए केवल छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in का ही उपयोग करें। किसी अन्य वेबसाइट, अनधिकृत बुकिंग लिंक, संदिग्ध मोबाइल नंबर, विज्ञापन अथवा सोशल मीडिया के ऐसे पेज पर भरोसा नहीं करें, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन की बुकिंग उपलब्ध कराने का दावा करते हों।
बोर्ड के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले तत्व छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम, प्रतीक चिन्ह, पर्यटन स्थलों की तस्वीरों और अन्य प्रचार सामग्री का दुरुपयोग कर पर्यटकों को भ्रमित कर सकते हैं। ऐसे तत्व आकर्षक दरों पर कमरे, पर्यटन आवास, भ्रमण पैकेज अथवा अन्य सुविधाओं की बुकिंग का झांसा देकर पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित वेबसाइट और बुकिंग प्रक्रिया की प्रामाणिकता की जांच करना आवश्यक है।
पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि बुकिंग के लिए केवल अधिकृत पर्यटन प्रक्रिया का पालन करें और भुगतान भी उसी अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी व्यक्ति के निजी खाते, संदिग्ध भुगतान माध्यम अथवा अनजान मोबाइल नंबर पर राशि भेजने से बचें। विशेष रूप से कम कीमत में बुकिंग, तत्काल भुगतान का दबाव या आकर्षक पर्यटन पैकेज का प्रस्ताव मिलने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
आधिकारिक माध्यम से ही करें बुकिंग
पर्यटक छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in के माध्यम से ही बुकिंग करें। पर्यटन संबंधी जानकारी और बुकिंग के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के गढ़ कलेवा, रायपुर स्थित सूचना केंद्र तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित सूचना केंद्रों से भी संपर्क किया जा सकता है। इन अधिकृत केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी के साथ उपलब्धता के अनुसार पर्यटन आवासों की बुकिंग की सुविधा भी प्राप्त की जा सकती है।
संदेह होने पर हेल्पलाइन से करें पुष्टि
पर्यटकों को किसी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया के पेज की प्रामाणिकता को लेकर संदेह होने पर भुगतान करने से पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन हेल्पलाइन नंबर:+91-771422460018001026415
बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइटों, संदिग्ध बुकिंग प्रस्तावों और अनधिकृत भुगतान माध्यमों से सतर्क रहकर पर्यटक अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5744/beware-of-fraud-involving-chhattisgarh-tourism-bookings-tourism-board-appeals-to-tourists-stay-vigilant-against-fake-websites-booking-links-mobile-numbers-and-social-media-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:27:32 pm</pubDate></item><item><title>गांव में गौवंश की हत्या से मचा हड़कंप, शिकायत पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस, जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में भेजा</title><link>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5743/the-slaughter-of-cattle-in-the-village-caused-a-stir-the-police-arrived-at-the-scene-immediately-following-a-complaint-and-after-an-investigation-arrested-two-accused-individuals-and-initiated-legal-proceedings-against-them-</link><description>
जशपुर। पंडरा पाठ चौकी क्षेत्र के ग्राम सोनगेरसा में गौवंश की हत्या कर उसका मांस काटने की तैयारी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से मृत गौवंश के साथ घटना में इस्तेमाल किए गए डंडे और छुरी भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सोनगेरसा निवासी 35 वर्षीय सुनीता यादव ने 23 अगस्त को पंडरा पाठ चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 22 अगस्त को गांव का ही विफा राम एक गौवंश पर लकड़ी के डंडे से हमला कर रहा था। गौवंश के जोर-जोर से आवाज करने पर महिला को घटना पर संदेह हुआ और उसने अपने पति धनुकधारी यादव को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद जब महिला के पति मौके पर पहुंचे तो वहां एक गौवंश मृत अवस्था में मिला। पुलिस के मुताबिक, मौके पर आरोपी मृत गौवंश की खाल निकाल रहे थे। उन्हें ऐसा करने से मना करने पर दोनों आरोपी वहां से भाग गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंडरा पाठ पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृत गौवंश का पंचनामा तैयार किया और उसे अपने कब्जे में लिया। इसके बाद घटना से जुड़े दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस ने मामले में विफा राम (55), निवासी ग्राम सोनगेरसा और उगीत रवि (56), निवासी ग्राम गायबूडा, दोनों चौकी पंडरा पाठ क्षेत्र, को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के खिलाफ चौकी पंडरा पाठ में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 तथा बीएनएस की धारा 325 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा और छुरी भी जब्त की है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सतीश कुमार सोनवानी, प्रधान आरक्षक आदित्य कुमार साय, आरक्षक बिलचुस लकड़ा और राम प्रसाद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</description><guid>https://kalamkiawaz.com/quicknews/5743/the-slaughter-of-cattle-in-the-village-caused-a-stir-the-police-arrived-at-the-scene-immediately-following-a-complaint-and-after-an-investigation-arrested-two-accused-individuals-and-initiated-legal-proceedings-against-them-</guid><pubDate>24-Aug-2026 4:25:49 pm</pubDate></item></channel></rss>